# हाथ की चोट ने छीना क्रिकेट का सपना, फिर गाने से बदली हार्डी संधू की तकदीर

> पंजाब के लिए रणजी ट्रॉफी खेल चुके हार्डी संधू ने 2007 में हाथ की गंभीर चोट के बाद क्रिकेट छोड़ दिया था, इसके बाद उन्होंने सिंगिंग और एक्टिंग में बड़ा नाम कमाया।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-09-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/hatha-ki-chota-ne-chhina-kriketa-ka-sapana-phira-gane-se-badali-hardy-sandhu-ki-takadira-28346 · **Language:** Hindi
**Tags:** हार्डी संधू, क्रिकेट से सिंगिंग, सोच गाना, तितलियां गाना, 83 फिल्म, पंजाबी सिंगर

पंजाबी और हिंदी दोनों इंडस्ट्री में अपनी आवाज़ और अदाकारी से पहचान बना चुके हार्डी संधू की कहानी असल में क्रिकेट के मैदान से निकली है। 6 सितंबर 1986 को पंजाब के पटियाला में एक सिख परिवार में जन्मे इस सिंगर का असली नाम हरदविंदर सिंह संधू है। उनके पिता जसवीर सिंह संधू और मां बलबीर कौर हैं, जबकि परिवार में एक बड़ा भाई भी है।

## गेंद फेंकते-फेंकते बदल गई राह
माइक थामने से पहले हार्डी संधू एक तेज गेंदबाज के तौर पर पहचाने जाते थे, यह बात शायद ही उनके ज्यादातर फैंस को मालूम हो। उन्होंने अंडर-17 और अंडर-19 स्तर पर टीम का प्रतिनिधित्व किया और बाद में पंजाब की ओर से रणजी ट्रॉफी में भी गेंदबाजी की। मगर 2007 में हाथ में आई एक गंभीर इंजरी ने उनका पूरा रास्ता ही बदल दिया। इस चोट के चलते उन्हें गेंदबाजी हमेशा के लिए अलविदा कहनी पड़ी और इसके बाद वे काफी वक्त तक मानसिक तनाव से जूझते रहे। बावजूद इसके उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और खुद को संभालते हुए बिल्कुल नए मैदान में उतरने का फैसला किया।

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## माइक पर मिली असली पहचान
क्रिकेट से नाता टूटने के बाद हार्डी संधू ने 2012 में गाना ‘टकीला शॉट’ लॉन्च करके म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा। गाना सुना तो गया, लेकिन इससे उन्हें बड़ी पहचान नहीं मिल पाई। असली टर्निंग पॉइंट 2013 में आया, जब उनका गाना ‘सोच’ रिलीज हुआ और ठीक एक साल बाद 2014 में ‘जोकर’ आया। इन दो गानों ने उन्हें अचानक स्टारडम दिला दिया और श्रोताओं का भारी प्यार मिला। इसके बाद सिंगर ने एक के बाद एक कई सुपरहिट ट्रैक दिए और अपने म्यूजिक वीडियोज में खुद एक्टिंग भी करने लगे, जिससे उनकी लोकप्रियता में और इजाफा हुआ। ‘बैकबोन’, ‘क्या बात है’, ‘बिजली बिजली’, ‘हॉर्न ब्लो’, ‘नाह’ और ‘तितलियां’ जैसे नंबर उनकी सबसे बड़ी हिट लिस्ट में शुमार हैं। साथ ही, बॉलीवुड की तमाम फिल्मों के ट्रैक्स में भी उनकी आवाज़ सुनाई देती रही है।

## बड़े पर्दे तक का सफर
एक्टिंग के मोर्चे पर हार्डी संधू ने 2014 में पंजाबी फिल्म ‘यारां दा कचप’ से शुरुआत की थी। इसके सात साल बाद, 2021 में आई फिल्म ’83’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा, जिसमें उन्होंने पूर्व क्रिकेटर मदन लाल की भूमिका निभाई, जिसे उनके अपने क्रिकेट बैकग्राउंड को देखते हुए एक दिलचस्प संयोग माना गया। इसके बाद उन्होंने ‘कोड नेम: तिरंगा’ और ‘माही एनआरआई’ जैसी हिंदी-पंजाबी फिल्मों में भी काम किया।

## निजी जिंदगी
करियर से इतर हार्डी संधू का पारिवारिक जीवन भी सुर्खियों में रहता है। उनकी पत्नी जेनिथ सिद्धू पेशे से मॉडल और एक्ट्रेस हैं, और दोनों के दो बच्चे हैं। क्रिकेट के मैदान से संगीत और फिर बड़े पर्दे तक का उनका यह सफर बताता है कि एक बड़े झटके के बाद भी सही दिशा और मेहनत से नई पहचान बनाई जा सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. हार्डी संधू का जन्म कब और कहां हुआ था?
उनका जन्म 6 सितंबर 1986 को पंजाब के पटियाला में एक सिख परिवार में हुआ था।

### 2. हार्डी संधू का असली नाम क्या है?
उनका पूरा नाम हरदविंदर सिंह संधू है।

### 3. हार्डी संधू पहले क्रिकेट में क्या करते थे?
वे तेज गेंदबाज थे और अंडर-17, अंडर-19 के अलावा पंजाब के लिए रणजी ट्रॉफी भी खेल चुके हैं।

### 4. उन्होंने क्रिकेट क्यों छोड़ा?
2007 में हाथ में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें क्रिकेट छोड़ना पड़ा।

### 5. हार्डी संधू का सिंगिंग करियर किस गाने से शुरू हुआ?
उन्होंने 2012 में ‘टकीला शॉट’ से सिंगिंग करियर शुरू किया था।

### 6. उन्हें बड़ी पहचान कब मिली?
2013 में ‘सोच’ और 2014 में ‘जोकर’ रिलीज होने के बाद उन्हें भारी लोकप्रियता मिली।

### 7. उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू कब किया?
उन्होंने 2021 में फिल्म ’83’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया, जिसमें उन्होंने पूर्व क्रिकेटर मदन लाल की भूमिका निभाई।

### 8. हार्डी संधू की पत्नी कौन हैं?
उनकी पत्नी जेनिथ सिद्धू मॉडल और एक्ट्रेस हैं, और दोनों के दो बच्चे हैं।

## प्रेरणा और सबक
हार्डी संधू की कहानी बताती है कि करियर खत्म होने जैसा झटका भी नई शुरुआत का रास्ता बन सकता है।

- **झटके को हार न मानने दें:** हाथ की गंभीर चोट से टूटने के बजाय उन्होंने खुद को संभाला और मानसिक तनाव से बाहर निकलकर नई राह चुनी।
- **पूरी तरह नए क्षेत्र में उतरने का साहस:** क्रिकेट से सीधे संगीत में कदम रखना आसान नहीं था, फिर भी उन्होंने 2012 में शुरुआत की, भले ही पहला गाना बड़ी पहचान न दिला सका।
- **पहली नाकामी के बाद डटे रहना:** ‘टकीला शॉट’ से खास पहचान न मिलने के बावजूद उन्होंने कोशिश जारी रखी, और अगले ही साल ‘सोच’ ने उन्हें स्टार बना दिया।
- **एक ही क्षेत्र तक सीमित न रहना:** सिंगिंग में नाम कमाने के बाद उन्होंने एक्टिंग में भी हाथ आजमाया और 2021 में बॉलीवुड तक पहुंचे।

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