हॉलीवुड के 'अवतार' और 'एवेंजर्स' जैसा भव्य सिनेमाई अनुभव देने के लिए बनाई जा रही है नई 'रामायण', निर्माता नमित मल्होत्रा ने बताई वजह निर्माता नमित मल्होत्रा ने बताया कि भारतीय दर्शकों को वाल्मीकि के महाकाव्य का अभूतपूर्व विजुअल अनुभव देने के लिए इस दो भाग वाली भव्य फिल्म का निर्माण किया जा रहा है। भारतीय जनमानस में रची-बसी कथा पर दोबारा सिनेमा बनाने को लेकर उठने वाली शंकाओं पर विराम लगाते हुए फिल्म निर्माता नमित मल्होत्रा ने अपना दृष्टिकोण साझा किया है। उनका कहना है कि दर्शकों के सामने इस महाकाव्य को उस अभूतपूर्व तकनीकी भव्यता और कैनवास पर पेश करना ही उनका मुख्य लक्ष्य है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। इस परियोजना के जरिए वे भारतीय पौराणिक गाथा को वैश्विक स्तर पर पहचानी जाने वाली सबसे विशाल हॉलीवुड प्रस्तुतियों की बराबरी पर खड़ा करना चाहते हैं। ग्लोबल सिनेमाई मानकों पर महाकाव्य का निर्माण इस बड़े प्रोजेक्ट को दो भागों में तैयार किया जा रहा है, जिसे लेकर चर्चा है कि इसका बजट 4,000 करोड़ रुपये के स्तर का है, यद्यपि निर्माता ने इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। योजना के अनुसार, इस बहुप्रतीक्षित रूपांतरण की पहली कड़ी गुरुवार को सिनेमाघरों में उतारी जा रही है, जो कि रविवार को पड़ने वाले दिवाली पर्व से ठीक तीन दिन पहले का समय है। निर्माण पक्ष का मुख्य ध्यान दर्शकों को थिएटर के भीतर पूरी तरह डूब जाने वाला विजुअल अहसास देना है। इसके लिए फिल्म को थ्रीडी और आईमैक्स तकनीकों से लैस किया जा रहा है। विजुअल स्केल और निवेश के मामले में इसकी तुलना 'द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' जैसी पश्चिमी सिनेमा की ऐतिहासिक फैंटेसी फिल्मों के साथ की जा रही है, ताकि भगवान राम की यात्रा को बेहद प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जा सके। कहानी पहले से मालूम होने पर भी नए रूपांतरण की आवश्यकता बार-बार दोहराई जा चुकी कथा को दोबारा पर्दे पर उतारने के तर्क पर बात करते हुए नमित मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि भारत में यह सवाल स्वाभाविक है कि जब हर कोई कहानी से वाकिफ है, तो नई प्रस्तुति की क्या जरूरत है। उनके अनुसार, निर्माण टीम का उद्देश्य दर्शकों को एक ऐसा विजुअल संसार दिखाना है जिसकी उन्होंने पहले कभी कल्पना भी नहीं की होगी। "किसी भी टीवी शो, नुक्कड़ नाटक या रामलीला में आपने ‘रामायण’ को कभी इतने बड़े पैमाने और भव्यता के साथ नहीं देखा होगा, जैसा कि हम इसे बना रहे हैं… बिल्कुल ‘अवतार’ या ‘एवेंजर्स’ जैसी फिल्मों की तरह, या फिर ‘स्पाइडर-मैन’ या ‘द ओडिसी’ के बारे में सोचिए… हम रामायण को उन्हीं बड़ी और भव्य प्रस्तुतियों के स्तर पर ला रहे हैं." निर्माता का मानना है कि पारंपरिक प्रस्तुतियों की अपनी महत्ता रही है, लेकिन आधुनिक सिनेमाई तकनीक के जरिए इसे 'अवतार', 'एवेंजर्स', 'स्पाइडर-मैन' या 'द ओडिसी' जैसी हॉलीवुड की दिग्गज फ्रैंचाइजी की विजुअल क्षमता के बराबर लाया जा सकता है। दिग्गज तकनीकी टीम और कलाकारों का संयोजन नमित मल्होत्रा इससे पहले निर्देशक अयान मुखर्जी की फिल्म 'ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन – शिवा' और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'द गारफील्ड मूवी' के निर्माण से जुड़े रहे हैं। इस बार वह अपने बैनर प्राइम फोकस स्टूडियोज के जरिए वाल्मीकि रचित इस अमर कृति को साकार कर रहे हैं। इस विशाल उपक्रम में ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित वीएफएक्स स्टूडियो डीएनईजी और अभिनेता यश की प्रोडक्शन कंपनी मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स की भी अहम भागीदारी है। इस सिनेमाई गाथा का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं। फिल्म में प्रमुख किरदारों के चयन को लेकर भी खास तैयारी की गई है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के अवतार में नजर आएंगे, जबकि साई पल्लवी सीता की भूमिका निभा रही हैं। वहीं रावण के शक्तिशाली चरित्र को यश रूपहले पर्दे पर जीवंत करेंगे और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में दिखाई देंगे। इस पूरी कवायद के माध्यम से नमित मल्होत्रा का संकल्प यह साबित करने का है कि भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर पर दुनिया की किसी भी विशालतम फिल्म जैसी गुणवत्ता और पैमाना हासिल कर सकता है। इसका आप पर असर फिल्म उद्योग और सिनेमा प्रेमियों के लिए यह परियोजना बड़े बजट के तकनीकी मानकों को नई ऊंचाई पर ले जाने वाली साबित हो सकती है। • सिनेमा प्रेमियों के लिए: दर्शकों को 3D और IMAX फॉर्मेट में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विजुअल इफेक्ट्स देखने को मिलेंगे। इससे बड़े पर्दे पर महाकाव्य को बिल्कुल नए और भव्य रूप में अनुभव करने का अवसर मिलेगा। • भारतीय फिल्म उद्योग के लिए: अगर 4,000 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट वाली यह फिल्म सफल होती है, तो भारतीय स्टूडियोज के लिए वैश्विक स्तर पर बड़े बजट की फिल्में बनाने का रास्ता खुलेगा। इससे घरेलू तकनीकी प्रतिभा और वैश्विक स्टूडियोज के बीच तालमेल और मजबूत होगा। • त्योहारी रिलीज का समय: दिवाली से ठीक तीन दिन पहले गुरुवार को रिलीज होने से दर्शकों को लंबे त्योहारी सप्ताहांत का लाभ मिलेगा। फिल्म देखने की योजना बना रहे दर्शक एडवांस बुकिंग और स्पेशल स्क्रीनिंग पर नजर रख सकते हैं। • तकनीकी गुणवत्ता की उम्मीदें: ऑस्कर विजेता स्टूडियो DNEG के जुड़ने से भारतीय पौराणिक फिल्मों में VFX का नया बेंचमार्क स्थापित होने की संभावना है। यह स्थानीय सिनेमा को हॉलीवुड के प्रोडक्शन स्तर की बराबरी करने की दिशा में प्रेरित करेगा। ऐसा क्यों हुआ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल कि जब रामायण की कहानी सबको पता है तो नई फिल्म क्यों बनाई जा रही है, के पीछे निर्माता का मकसद भारतीय सिनेमा के तकनीकी स्तर को हॉलीवुड के समानांतर खड़ा करना है। • अभूतपूर्व विजुअल स्केल की चाह: पूर्ववर्ती टीवी धारावाहिकों और नाटकों की सीमाओं से आगे बढ़कर आधुनिक दर्शकों को वैश्विक स्तर का अनुभव देने की योजना बनाई गई। निर्माता भगवान राम की गाथा को 'अवतार' और 'एवेंजर्स' जैसी आधुनिक सिनेमाई भव्यता के साथ प्रस्तुत करना चाहते हैं। • उन्नत 3D और IMAX तकनीक की उपलब्धता: आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और प्रीमियम थिएटर प्रारूपों ने पौराणिक कहानियों को बड़े कैनवास पर जीवंत करना संभव बना दिया है। प्राइम फोकस और डीएनईजी जैसी ऑस्कर विजेता वीएफएक्स संस्थाओं की तकनीकी क्षमता ने इस विशाल प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा। • वैश्विक पहचान की महत्वाकांक्षा: भारतीय महाकाव्य को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने पेश करने और यह साबित करने की इच्छा रही है कि भारत भी 'द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' के स्तर का सिनेमा बना सकता है। दो भागों में इसे विभाजित कर विस्तृत और भव्य कथानक तैयार किया गया। सवाल-जवाब 1. फिल्म 'रामायण' का निर्देशन कौन कर रहे हैं? इस फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं। 2. फिल्म में मुख्य भूमिकाएं कौन से कलाकार निभा रहे हैं? रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। 3. फिल्म के निर्माता कौन हैं और किन स्टूडियोज का इसमें सहयोग है? नमित मल्होत्रा इसके निर्माता हैं, और इसमें प्राइम फोकस स्टूडियोज, डीएनईजी और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स शामिल हैं। 4. इस फिल्म का अनुमानित बजट कितना बताया जा रहा है? फिल्म का बजट 4,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, हालांकि निर्माता ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। 5. फिल्म का पहला भाग कब रिलीज होने वाला है? पहला भाग गुरुवार को रिलीज हो रहा है, जो रविवार को आने वाली दिवाली से तीन दिन पहले है। 6. निर्माता के अनुसार इस रामायण को बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है? उनका उद्देश्य दर्शकों को 'अवतार' और 'एवेंजर्स' जैसी हॉलीवुड फिल्मों के स्तर की तकनीकी भव्यता और अभूतपूर्व दृश्य अनुभव प्रदान करना है। https://trendkia.com/entertainment/hollywood-ke-avatar-aura-avengers-jaisa-bhavya-sinemai-anubhava-dene-ke-lie-banai-ja-rahi-hai-nai-ramayana-nirmata-namit-malhotra--56442 TrendKia — Har trend, sabse pehle.