हॉलीवुड की चकाचौंध से दूर: उत्तर प्रदेश का यह शहर आज भी कैसे संजोए हुए है अपनी ग्लोबल सुपरस्टार की यादें वैश्विक मनोरंजन जगत में अपनी धाक जमाने से पहले, अंतरराष्ट्रीय आइकॉन प्रियंका चोपड़ा ने अपना बचपन बरेली में बिताया था। आज भी शहर के लोग, उनके पसंदीदा फूड स्टॉल से लेकर उनके पुराने स्कूल तक, अपनी इस होमटाउन स्टार की यादों को बहुत फख्र के साथ सहेज कर रखते हैं। हॉलीवुड और बॉलीवुड की दुनिया में आज प्रियंका चोपड़ा एक बहुत बड़ा नाम हैं, लेकिन उनके इस शानदार सफर की सुनहरी शुरुआत उत्तर प्रदेश के एक हलचल भरे शहर से हुई थी। बरेली शहर आज भी इस मशहूर अंतरराष्ट्रीय अभिनेत्री के साथ अपना बहुत ही गहरा और आत्मीय नाता बनाए हुए है और उनके बचपन की सुनहरी यादों को बड़े फख्र के साथ संजोकर रखा है। कुंवरपुर चौपला रोड के घनी आबादी वाले मोहल्ले में, बरेली सिटी रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर, उनका पुराना पुश्तैनी घर आज भी शान से खड़ा है। यहां के स्थानीय निवासियों के लिए यह विशाल मकान सिर्फ ईंट-पत्थर की कोई सामान्य इमारत नहीं है; यह उस सांस्कृतिक इतिहास का एक जीता-जागता हिस्सा है जहां एक भविष्य की अंतरराष्ट्रीय स्टार ने अपना शुरुआती बचपन बिताया था। इस घर के बाहरी हिस्से में एक बहुत ही सुंदर और अच्छी तरह से देखभाल की गई फुलवारी है, जो इस व्यस्त सड़क की प्राकृतिक रौनक को और बढ़ा देती है। इस घर के ठीक सामने वाले हिस्से में जैन नर्सिंग होम मौजूद है। इलाके के पुराने और बुजुर्ग लोग आज भी इस अस्पताल को इसके पुराने नाम, कस्तूरी हॉस्पिटल के नाम से ही पहचानते हैं। अतीत की धरोहर: कुंवरपुर चौपला रोड का पुश्तैनी घर जब आप चोपड़ा परिवार के इस ऐतिहासिक घर के अंदर कदम रखते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे यहां का समय पूरी तरह से रुक गया हो। अंदर की पुरानी चीजें आज भी बिल्कुल उसी तरह सुरक्षित रखी गई हैं, और उनके साथ किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। इन तमाम संरक्षित चीजों के बीच कला का एक बेहद खास और निजी नमूना मौजूद है। यह प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा की एक बेहद आकर्षक पेंटिंग है, जिसे खुद प्रियंका ने अपने बचपन के दिनों में अपने हाथों से बनाया और चुना था। यह पेंटिंग आज भी घर की भीतरी दीवारों की शोभा बढ़ा रही है और कैमरे की चमकदार दुनिया में कदम रखने से बहुत पहले ही उनके भीतर छिपी अद्भुत रचनात्मकता की गवाही देती है। इस ऐतिहासिक घर की देखभाल करने की पूरी जिम्मेदारी एक व्यक्ति पर है, जिन्हें स्थानीय लोग प्यार और सम्मान से पंडित जी कहकर बुलाते हैं। वह पिछले कई सालों से पूरी निष्ठा के साथ इस घर की रखवाली कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कमरा एकदम साफ रहे। इसके साथ ही, वह चोपड़ा परिवार से जुड़ी सभी पुरानी और कीमती चीजों को भी पूरी तरह से सुरक्षित रखते हैं। कई बार इस ग्लोबल सुपरस्टार के दीवाने प्रशंसक भी इस पुरानी गली में आ जाते हैं, सिर्फ यह देखने के लिए कि उनकी पसंदीदा अदाकारा का बचपन आखिर किस तरह के माहौल में बीता था। पंडित जी ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रियंका के बचपन और उनकी जवानी के शुरुआती दिनों की पुरानी तस्वीरें ठीक उसी जगह टंगी रहें जहां उन्हें पहली बार परिवार द्वारा लगाया गया था। इन चीजों को बहुत ही सावधानी से सहेज कर पंडित जी उन सभी लोगों के लिए एक खूबसूरत याद को जिंदा रखे हुए हैं, जो इस शहर में इस मशहूर परिवार के बिताए गए समय को आज भी याद करते हैं। स्कूल का गौरव: 'मई क्वीन' से लेकर ग्लोबल आइकॉन तक का सफर जिस स्कूल में इस युवा अभिनेत्री ने अपनी शुरुआती पढ़ाई की थी, उसकी अंतरराष्ट्रीय साख में अचानक और बहुत बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। स्कूल को यह खास पहचान पूरी तरह से उनके नाम के साथ जुड़ने की वजह से मिली है। स्कूल का प्रबंधन उनकी इन शानदार वैश्विक उपलब्धियों पर बहुत अधिक गर्व करता है और उनके आधिकारिक एलुमनाई पेज पर उनका नाम सबसे ऊपर और बहुत ही प्रमुखता के साथ हमेशा दर्ज किया गया है। असल में यह इसी स्कूल के गलियारे और सांस्कृतिक मंच थे जहां से उनके इस चकाचौंध भरे शानदार करियर की पहली रचनात्मक चिंगारी भड़की थी। जब वह इस स्कूल की एक सामान्य छात्रा थीं, तब उन्होंने 'मई क्वीन' नाम की एक प्रसिद्ध स्थानीय सौंदर्य प्रतियोगिता में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया था और उसमें शानदार जीत भी हासिल की थी। यह स्थानीय जीत उनकी जिंदगी का एक बहुत बड़ा और अहम मोड़ साबित हुई, क्योंकि इसी सफलता की वजह से उनकी मां मधु चोपड़ा को उनका नाम भारत की मशहूर मिस इंडिया प्रतियोगिता के लिए भेजने का मजबूत हौसला मिला। आज भी इस स्कूल में पढ़ने वाले वर्तमान छात्र उन ऐतिहासिक गलियारों से गुजरते हुए बहुत गर्व महसूस करते हैं और बाहर वालों के सामने बड़े शान से यह बात बताते हैं कि वे एक ग्लोबल सुपरस्टार के स्कूल के जूनियर छात्र हैं। जब भी कभी मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर प्रियंका की शिक्षा को लेकर चर्चा होती है, तो इस स्कूल से जुड़ी पुरानी तस्वीरें और कहानियां सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर तेजी से वायरल होने लगती हैं। शहर के लोग इन्हें बहुत उत्साह और खुशी के साथ शेयर करते हैं क्योंकि वे उनकी इस बेमिसाल अंतरराष्ट्रीय सफलता के साथ अपना एक बहुत ही निजी जुड़ाव महसूस करते हैं। बचपन का स्वाद: मशहूर मिठाइयां और पसंदीदा चाट अपने घर और स्कूल की यादों के अलावा, इस अभिनेत्री को इस क्षेत्र के खास स्वाद और लजीज व्यंजनों से भी बहुत गहरा और अटूट लगाव था। शहर के इन अलग-अलग और चटपटे स्वादों के बीच पली-बढ़ी प्रियंका को यहां की कुछ खास पारंपरिक मिठाइयां बहुत पसंद थीं। इनमें विशेष रूप से बरेली की बर्फी, कोकोनट बर्फी और रस से भरी एक खास मिठाई रसभरी प्रमुख रूप से शामिल हैं। शहर की सबसे जानी-मानी मिठाई की दुकान किप्स स्वीट्स के संचालक आज भी बहुत अच्छी तरह से याद करते हैं कि जब प्रियंका इस शहर में रहती थीं, तो उनकी खास कोकोनट बर्फी उनकी सबसे बड़ी और पहली पसंद हुआ करती थी। इस खास और अनोखी मिठाई को सबसे पहले किप्स स्वीट्स ने ही खुद ईजाद किया था और इसे बनाने में हमेशा मूंग की दाल और शुद्ध देसी घी का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है। अपनी बेहद मुलायम बनावट, हल्की सी मिठास और मुंह में जाते ही आसानी से घुल जाने की खासियत के कारण इस मिठाई ने कई बड़ी हस्तियों को अपना दीवाना बनाया है। दुकान के संचालकों ने बड़ी शान से यह भी बताया कि अभिनेत्री के अलावा, देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी उनके इस खास व्यंजन के बहुत बड़े प्रशंसक थे। शहर में प्रियंका की खाने-पीने की सुनहरी यादों में चमन चाट भंडार का नाम भी बहुत प्रमुखता से लिया जाता है। इस दुकान को पूरे इलाके में स्ट्रीट फूड के सबसे मशहूर और स्वादिष्ट ठिकानों में से एक माना जाता है। अपने बचपन के दिनों से ही वह इस प्रसिद्ध दुकान पर नियमित रूप से आया करती थीं और यहां के तीखे और चटपटे व्यंजनों का खूब स्वाद लिया करती थीं। मिस वर्ल्ड का अत्यंत प्रतिष्ठित ताज पहनने के बाद भी स्थानीय स्ट्रीट फूड के लिए उनका यह गहरा प्यार बिल्कुल भी कम नहीं हुआ। दुनिया भर में बड़ा नाम कमाने के बाद जब वह वापस आईं, तब भी वह अपनी पसंदीदा चाट का स्वाद चखने के लिए ठीक इसी दुकान पर पहुंची थीं। इन दुकानदारों और इस सुपरस्टार के बीच का यह भावनात्मक रिश्ता इतना गहरा और मजबूत है कि इसने एक बड़े सार्वजनिक जश्न का रूप ले लिया। जब प्रियंका ने अमेरिकी गायक निक जोनस के साथ आधिकारिक रूप से शादी के बंधन में बंधने का फैसला किया, तो चमन चाट भंडार के मालिकों ने इस विशाल खुशी के मौके पर पूरे शहर के लोगों को पूरी तरह से मुफ्त में चाट बांटकर अपना जश्न मनाया था। आज भी इस लोकप्रिय खाने के स्टॉल की लोकप्रियता बहुत ज्यादा है और हर शाम यहां भूखे लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है। ग्राहकों को अक्सर पर्ची या टोकन लेना पड़ता है और लंबी कतारों में काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है, सिर्फ उसी ऐतिहासिक स्वाद का अनुभव करने के लिए जिसने कभी युवा प्रियंका का दिल पूरी तरह से जीत लिया था। अनमोल यादें: शहर के लोगों का कभी न टूटने वाला रिश्ता शहर में बिताए गए उनके अनमोल समय की यादें सिर्फ इन खास जगहों तक ही सीमित नहीं हैं; वे स्थानीय लोगों और पुराने वरिष्ठ पत्रकारों के निजी एल्बम में आज भी पूरी तरह से जिंदा हैं। जब प्रियंका अपनी ऐतिहासिक मिस वर्ल्ड जीत के बाद पहली बार अपने पुराने गृह नगर लौटी थीं, तो वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व संपादक चंद्रकांत त्रिपाठी को उनका औपचारिक रूप से भव्य स्वागत करने का खास और यादगार मौका मिला था। हालांकि उस ऐतिहासिक स्वागत समारोह की तस्वीरें अब काफी पुरानी हो चुकी हैं, लेकिन वे सोशल मीडिया नेटवर्क पर अक्सर सामने आती रहती हैं। जो लोग उस शानदार वापसी के गवाह बने थे, उन सभी के लिए ये तस्वीरें पुरानी यादों को पूरी तरह से ताजा कर देती हैं और शहर को एक साथ जोड़ती हैं। इसी तरह, शहर के एक और सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राजेश कुमार के पास एक निजी एल्बम है, जिसमें विश्व प्रसिद्ध अभिनेत्री और उनके रिश्तेदारों की कई दुर्लभ तस्वीरें सुरक्षित रखी गई हैं। उन्हें प्रियंका और उनकी मां मधु दोनों का वह बहुत ही गर्मजोशी से भरा और मिलनसार व्यवहार आज भी बहुत अच्छी तरह याद है। वह बड़े गर्व से बताते हैं कि कैसे वे दोनों शहर में मिलने वाले हर सामान्य व्यक्ति से बहुत ही सम्मान और विनम्रता के साथ बात करती थीं। लोगों के बीच साझा किए गए ये अनमोल पल आज भी समुदाय के दिलों में गहराई से बसे हुए हैं। यह बात इस चीज की साफ गवाही देती है कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर उन्हें चाहे कितनी भी दूर क्यों न ले जाए, यह मशहूर अभिनेत्री आज भी सांस्कृतिक रूप से बरेली के ताने-बाने के साथ बहुत मजबूती से जुड़ी हुई है। इसका आप पर असर • भारत में: यह कहानी इस बात की एक खूबसूरत याद दिलाती है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोहरत हासिल करने के बावजूद बड़े सितारे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहराई से जुड़े रहते हैं। • बरेली में: शहर के स्थानीय लोग और प्रशंसक आज भी अभिनेत्री के बचपन से जुड़ी इन खास जगहों, जैसे कि पुरानी दुकानों और उनके पुश्तैनी घर, पर जाकर पुरानी यादों को ताजा कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. प्रियंका चोपड़ा ने अपना बचपन कहां बिताया था? प्रियंका चोपड़ा ने अपने शुरुआती साल उत्तर प्रदेश के बरेली में बिताए थे, जहां सिटी रेलवे स्टेशन के पास उनका पुश्तैनी घर स्थित है। 2. बरेली में प्रियंका चोपड़ा के पुश्तैनी घर की देखभाल कौन करता है? पंडित जी नाम के एक समर्पित स्थानीय केयरटेकर इस संपत्ति की देखभाल करते हैं और चोपड़ा परिवार से जुड़ी पुरानी तस्वीरों और अन्य चीजों को सुरक्षित रखते हैं। 3. प्रियंका चोपड़ा ने स्कूल की कौन सी प्रतियोगिता जीती थी? बरेली में अपने स्थानीय स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्होंने 'मई क्वीन' नाम की एक ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लिया था और जीत हासिल की थी, जिसके बाद उनका मिस इंडिया का सफर शुरू हुआ था। 4. अपने गृह नगर में प्रियंका चोपड़ा की पसंदीदा मिठाइयां कौन सी थीं? वह स्थानीय मिठाइयों जैसे बरेली की बर्फी, किप्स स्वीट्स की कोकोनट बर्फी और रसभरी की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। 5. चमन चाट भंडार ने निक जोनस के साथ उनकी शादी का जश्न कैसे मनाया था? अमेरिकी गायक निक जोनस के साथ उनकी शादी की खुशी में, उनके बचपन के पसंदीदा स्ट्रीट फूड स्टॉल, चमन चाट भंडार के मालिकों ने पूरे शहर को मुफ्त में चाट बांटी थी। https://trendkia.com/entertainment/hollywood-ki-chakachaundha-se-dura-uttar-pradesh-ka-yaha-shahara-aja-bhi-kaise-snjoe-hue-hai-apani-globala-suparastara-ki-yaden-9682 TrendKia — Har trend, sabse pehle.