# जावेद अख्तर और एआर रहमान का वह खास भजन, जिसे लिखने में छूट गए थे पसीने

> फिल्म लगान का मशहूर कृष्ण भजन 'ओ पालन हारे' अपनी खास कलात्मकता और सुरीले संगीत के कारण आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। इस गाने से जुड़े कई दिलचस्प किस्से खुद गीतकार ने साझा किए थे।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-08-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/javeda-akhtara-aura-ar-rahamana-ka-vaha-khasa-bhajana-jise-likhane-men-chhuta-gae-the-pasine-25077 · **Language:** Hindi
**Tags:** जावेद अख्तर, एआर रहमान, लगान, ओ पालन हारे, जन्माष्टमी

बॉलीवुड में अपनी बेहतरीन लेखनी के लिए पहचाने जाने वाले जावेद अख्तर ने अपने करियर में अनगिनत यादगार और सदाबहार गीत रचे हैं। संगीतकार एआर रहमान के साथ उनकी जोड़ी को भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे कामयाब जोड़ियों में गिना जाता है। दोनों ने मिलकर कई ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम किया है जो आज भी संगीत प्रेमियों की जुबान पर रहते हैं। आमतौर पर दिग्गज गीतकार कुछ ही मिनटों में किसी भी गाने के बोल आसानी से लिख लेते हैं, लेकिन एक खास भजन ऐसा भी रहा जिसे कागज पर उतारने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस बात का खुलासा खुद उन्होंने एक पुराने साक्षात्कार में किया था, जहां उन्होंने बताया था कि उस भजन को तैयार करने के दौरान उन्हें खासी मानसिक उलझन का सामना करना पड़ा था। हैरानी की बात यह है कि ढाई दशक बीत जाने के बाद भी इस गीत का जादू कम नहीं हुआ है और यह आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है।

## लगान फिल्म और कृष्ण भक्ति के गीत
साल 2001 में निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की बहुचर्चित फिल्म लगन सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस पीरियड ड्रामा फिल्म में भगवान कृष्ण की भक्ति से ओतप्रोत दो शानदार गीत शामिल किए गए थे। इन दोनों ही भक्ति गीतों के पीछे एआर रहमान का संगीत और जावेद अख्तर के शब्द थे। हालांकि, जिस भजन की चर्चा आज सबसे ज्यादा होती है, वह 'ओ पालन हारे, निर्गुण और न्यारे' है। इस बेहद लोकप्रिय और भावुक कर देने वाले भजन के बोल जावेद अख्तर की कलम से ही निकले थे और इसे अपने संगीत से सजाने का काम एआर रहमान ने किया था। फिल्म की कहानी और उसकी पृष्ठभूमि के अनुसार इस गीत ने पर्दे पर एक खास माहौल तैयार कर दिया था, जो आज भी दर्शकों के जेहन में ताजा है।

## नास्तिक होने के बावजूद लिखा था भजन
यह गाना महज एक सामान्य गीत न होकर एक गहरा आध्यात्मिक भजन है, जिसे रचते वक्त गीतकार के सामने बड़ी चुनौती थी। उन्होंने एक बार बातचीत में स्वीकार किया था कि वह खुद को एक नास्तिक व्यक्ति मानते हैं। ऐसे में जब निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने उनसे फिल्म की मांग के मुताबिक एक भक्ति भजन लिखने की गुजारिश की, तो वह गहरी दुविधा में पड़ गए थे। उन्होंने बताया था कि शुरुआती कुछ मिनटों तक उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि वह इस तरह के विषय पर शुरुआत कैसे करें और शब्दों को कैसे पिरोएं। उनके लिए यह एक ऐसा अनुभव था जिसने उन्हें सामान्य लेखन प्रक्रिया से हटकर सोचने पर मजबूर कर दिया था।

## दो कलाकारों की अनूठी साझेदारी
इस गीत के निर्माण को लेकर उन्होंने यह भी साझा किया था कि 'ओ पालन हारे' के जरिए उन्हें उन तमाम साधारण लोगों की भावनाओं को शब्दों में पिरोना था, जो हर मुश्किल घड़ी में भगवान की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देखते हैं। इस रचना की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इस बेहद लोकप्रिय कृष्ण भजन को दो मुस्लिम कलाकारों ने मिलकर तैयार किया था, जिसे बाद में परदे पर आमिर खान पर फिल्माया गया था। आज के समय में यह गीत जन्माष्टमी के अवसर पर बजाए जाने वाले बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन और लोकप्रिय भजनों में शीर्ष स्थान रखता है।

## लता मंगेशकर और उदित नारायण की आवाज का जादू
इस अद्भुत भजन 'ओ पालन हारे' को अपनी जादुई और सुरीली आवाजों से सजाने का काम स्वर कोकिला लता मंगेशकर और प्रख्यात गायक उदित नारायण ने किया था। इन दोनों दिग्गज गायकों ने अपने गायन कौशल से इस गीत को हमेशा के लिए अमर बना दिया। आज भी जब देश में जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जाता है, तो इस गीत के बिना वह उत्सव कुछ अधूरा सा महसूस होता है। शिक्षण संस्थानों से लेकर सांस्कृतिक मंचों तक, आज भी लोग इस खूबसूरत धुन और शब्दों पर अपनी प्रस्तुतियां देते नजर आते हैं।

## इसका आप पर असर
इस लोकप्रिय रचना से जुड़े प्रसंग का पाठकों के सांस्कृतिक जीवन और संगीत प्रेम पर सीधा प्रभाव पड़ता है, जो हमें यह याद दिलाता है कि कला और भावनाओं की कोई निश्चित सीमा नहीं होती।

- **भारत में:** यह गीत हर साल जन्माष्टमी के पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजनों का एक अनिवार्य हिस्सा बना रहता है।
- **दैनिक जीवन पर असर:** संगीत प्रेमी और छात्र आज भी इस तरह के शास्त्रीय और पारंपरिक गीतों से अपनी कलात्मक प्रेरणा प्राप्त करते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. ओ पालन हारे भजन किस फिल्म का है?
यह भजन साल 2001 में आई फिल्म लगान का है।

### 2. ओ पालन हारे के बोल किसने लिखे थे?
इस भजन के बोल जावेद अख्तर ने लिखे थे।

### 3. ओ पालन हारे में संगीत किसने दिया था?
इस गीत को एआर रहमान ने संगीतबद्ध किया था।

### 4. इस भजन को किन गायकों ने गाया था?
इसे लता मंगेशकर और उदित नारायण ने अपनी आवाज दी थी।

### 5. यह गीत किस अभिनेता पर फिल्माया गया था?
यह भजन अभिनेता आमिर खान पर फिल्माया गया था।

## प्रेरणा और सबक
इस प्रसिद्ध गीत के निर्माण और उसके सफर से कुछ महत्वपूर्ण प्रेरणाएं मिलती हैं जो हर रचनाकार या पेशेवर के लिए उपयोगी हो सकती हैं।

- **व्यक्तिगत मान्यताओं से परे काम:** एक पेशेवर कलाकार के रूप में अपनी वैचारिक मान्यताओं से हटकर केवल काम और कला की मांग के अनुसार सर्वश्रेष्ठ परिणाम देना सीखना चाहिए।
- **चुनौतियों को स्वीकार करना:** शुरुआत में आने वाली दुविधाओं से घबराने के बजाय उन्हें रचनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा मानकर आगे बढ़ना चाहिए।
- **सहयोग की ताकत:** अलग-अलग पृष्ठभूमियों के कलाकारों का साथ आना हमेशा सबसे बेहतरीन और ऐतिहासिक परिणाम दे सकता है।

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