कैंची धाम में उमड़ी भारी भीड़ पर विवेक अग्निहोत्री की दो टूक, बोले धर्म पर टैक्स लगता तो तेजी से आगे बढ़ता देश नैनीताल स्थित नीम करोली बाबा के कैंची धाम में जुटी रिकॉर्ड भीड़ का वीडियो साझा कर फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने धर्म और उत्पादकता पर तीखी टिप्पणी की है। उत्तराखंड के नैनीताल स्थित नीम करोली बाबा के प्रसिद्ध कैंची धाम आश्रम में हाल ही में श्रद्धालुओं का विशाल जमावड़ा देखने को मिला। शुक्रवार को गांधी जयंती के अवकाश के साथ शनिवार और रविवार के लंबे सप्ताहांत के दौरान पहाड़ों में पर्यटकों और भक्तों की भारी संख्या पहुंची, जिससे सड़कों और आश्रम परिसर में तिल धरने की जगह नहीं बची। इसी भीड़भाड़ से जुड़े एक दृश्य को साझा करते हुए फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने देश के विकास और धार्मिक आस्था को लेकर एक विवादास्पद विचार सामने रखा है, जिसके बाद इंटरनेट पर तीखी चर्चा छिड़ गई है। उत्पादकता और धर्म पर विवेक अग्निहोत्री की टिप्पणी द कश्मीर फाइल्स के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने आश्रम के बाहर उमड़ी भीड़ का वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि अगर भारत सरकार धर्म पर टैक्स लगा पाती, तो भारत बहुत जल्द दुनिया का सबसे संपन्न राष्ट्र बन सकता था। अपनी बात समझाते हुए उन्होंने तर्क दिया कि ऐसा इसलिए नहीं होता कि सरकार के खजाने में भारी टैक्स जमा हो जाता, बल्कि लोग टैक्स से बचने के लिए धर्म के रास्ते से हटकर उत्पादकता, नवाचार और विकास पर अपनी ऊर्जा लगाते। विवेक अग्निहोत्री के अनुसार, ऐसी व्यवस्था में लोग अपने जीवन को बेहतर और संपन्न बनाने के लिए किसी दैवीय चमत्कार या अलौकिक शक्ति के भरोसे बैठने के बजाय खुद की मेहनत और नए विचारों पर भरोसा करने लगते। उन्होंने सीधे तौर पर यह रेखांकित करने की कोशिश की कि केवल प्रार्थनाओं के सहारे रहने की तुलना में रचनात्मक काम और परिश्रम राष्ट्र को तेजी से आगे ले जा सकते हैं। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस और मिली-जुली प्रतिक्रियाएं फिल्म निर्देशक के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो गुटों में बंट गए। कुछ लोगों ने उनकी बात से पूरी तरह सहमति जताई और माना कि समाज को प्रगतिशील सोच और काम पर अधिक बल देना चाहिए। इसके विपरीत कई प्रशंसकों और फॉलोअर्स ने इस सोच पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। एक यूजर ने निराशा जताते हुए लिखा कि उनसे ऐसी राय की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी और वह उन्हें अनफॉलो कर रहे हैं, जिस पर निर्देशक ने महज धन्यवाद लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी। वहीं दीपक तिवारी नाम के एक यूजर ने तीखा पलटवार करते हुए लिखा कि अगर किसी को लगता है कि धार्मिक स्थलों पर जाना ही भारत के पिछड़ेपन की असली जड़ है, तो ऐसी समझ को तेज या समझदार नहीं कहा जा सकता। कई अन्य लोगों ने भी यह दलील दी कि आस्था और व्यक्तिगत परिश्रम दोनों एक साथ चल सकते हैं और तीर्थस्थलों पर जाने का यह अर्थ कतई नहीं है कि लोग मेहनत करना छोड़ चुके हैं। हनुमान अंश की सफलता और आश्रम में बढ़ता आकर्षण कैंची धाम में श्रद्धालुओं की आमद अचानक इतनी तेज होने के पीछे एक बड़ा कारण सिनेमाई सफलता भी मानी जा रही है। नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित फिल्म हनुमान अंश 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 419 करोड़ रुपये की जबरदस्त कमाई कर सबको चौंका दिया है। सिनेमाघरों में इस फिल्म को देखने के बाद आम जनता के साथ-साथ कई मशहूर हस्तियों में भी आश्रम जाने की होड़ देखी जा रही है। आजकल आम भक्तों के अलावा नामचीन क्रिकेट खिलाड़ी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और फिल्म जगत के कई सितारे भी आशीर्वाद लेने नैनीताल के इस पावन स्थल पर लगातार पहुंच रहे हैं। लंबी छुट्टी के दिनों में नैनीताल और आसपास के इलाकों में यातायात और प्रबंधन को लेकर बनी गंभीर स्थिति ने ही अंततः इस पूरी राष्ट्रीय बहस को जन्म दिया। इसका आप पर असर धार्मिक पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भारी भीड़ और सार्वजनिक हस्तियों की टिप्पणियों से तीर्थयात्रियों के सफर और विचार विमर्श पर सीधा असर पड़ता है। • पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए: लंबे सप्ताहांत पर नैनीताल और कैंची धाम जैसे स्थलों पर गंभीर जाम और अत्यधिक भीड़ का सामना करना पड़ता है। अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और स्थानीय प्रशासनिक दिशानिर्देशों का पालन करें। • उत्तराखंड में: पहाड़ी मार्गों पर अचानक वाहनों की बाढ़ से यातायात प्रबंधन और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर गहरा दबाव बनता है। स्थानीय निवासियों और यात्रियों को छुट्टियों के दौरान अतिरिक्त समय लेकर चलना पड़ता है। • मनोरंजन और सिनेमा प्रेमियों के लिए: कम बजट वाली फिल्मों की ऐतिहासिक कमाई यह दर्शाती है कि विषय आधारित सिनेमा बड़े पर्दे पर कमाल कर सकता है। दर्शक अभी भी सिनेमाघरों में ऐसी प्रेरणादायी कहानियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। • सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए: प्रसिद्ध हस्तियों के विचारों पर ऑनलाइन बहस तेजी से ध्रुवीकृत हो जाती है। किसी भी सार्वजनिक विमर्श में शालीनता बनाए रखना और दोनों पक्षों के विचारों को समझना जरूरी है। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम लंबे सप्ताहांत पर उमड़ी अप्रत्याशित भीड़ और एक सफल फिल्म के बाद पैदा हुए भारी जनआकर्षण के चलते सामने आया। • लंबे सप्ताहांत का संयोग: शुक्रवार को गांधी जयंती की राष्ट्रीय छुट्टी और उसके बाद शनिवार व रविवार के अवकाश के कारण पर्यटकों की भारी भीड़ पहाड़ों की तरफ निकली। इस वजह से कई प्रसिद्ध पर्यटन और तीर्थ स्थलों पर अप्रत्याशित जाम लग गया। • सिनेमाई प्रभाव: नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म हनुमान अंश की अभूतपूर्व व्यावसायिक सफलता ने लोगों में कैंची धाम जाने की उत्सुकता कई गुना बढ़ा दी। 2 करोड़ में बनी इस फिल्म की 419 करोड़ रुपये की कमाई ने स्थल के प्रति गहरी लोक रुचि जगाई। • निर्देशक का दृष्टिकोण: भारी भीड़ के वीडियो को देखकर विवेक अग्निहोत्री ने आस्था पर निर्भरता के मुकाबले श्रम और नवाचार को प्राथमिकता देने की अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त की, जिसने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी। सवाल-जवाब 1. विवेक अग्निहोत्री ने कैंची धाम की भीड़ पर क्या टिप्पणी की? उन्होंने कहा कि यदि सरकार धर्म पर टैक्स लगाती तो लोग अंधविश्वास छोड़कर नवाचार, उत्पादकता और मेहनत पर ध्यान देते, जिससे देश तेजी से अमीर बनता। 2. कैंची धाम में इतनी भारी भीड़ क्यों इकट्ठा हुई थी? गांधी जयंती के साथ शनिवार और रविवार की लगातार छुट्टियों के कारण पर्यटकों और नीम करोली बाबा के भक्तों का बड़ा हुजूम वहां पहुंचा था। 3. फिल्म हनुमान अंश का बजट और कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कितना रहा? फिल्म महज 2 करोड़ रुपये के भीतर बनी थी और इसने दुनिया भर में 419 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। 4. फिल्म हनुमान अंश कब रिलीज हुई थी? यह फिल्म 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। 5. सोशल मीडिया पर विवेक अग्निहोत्री के बयान पर लोगों ने क्या प्रतिक्रिया दी? कुछ लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने नाराजगी जताई और एक यूजर ने लिखा कि धार्मिक स्थलों पर जाना देश के पिछड़े होने की वजह नहीं है। https://trendkia.com/entertainment/kainchi-dham-men-umari-bhari-bhira-para-vivek-agnihotri-ki-do-tuka-bole-dharma-para-taiksa-lagata-to-teji-se-age-barhata-desha-42832 TrendKia — Har trend, sabse pehle.