# क्रांति प्रकाश झा ने खोले संघर्ष के राज, मुंबई की लोकल ट्रेन से लेकर रिजेक्शन तक की अनसुनी दास्तान

> अभिनेता क्रांति प्रकाश झा ने अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष को याद करते हुए बताया कि कैसे तंगी और लगातार मिल रहे रिजेक्शन के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-08-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/kranti-prakash-jha-opens-up-about-struggle-rejection-and-local-train-journeys-in-mumbai-13282 · **Language:** Hindi
**Tags:** क्रांति प्रकाश झा, रक्तांचल 3, बॉलीवुड स्ट्रगल, OTT अभिनेता, एम एस धोनी, मनोरंजन समाचार

अभिनय की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाने वाले कलाकार क्रांति प्रकाश झा ने हाल ही में अपने शुरुआती दौर के मुश्किल दिनों को याद किया है। उनका मानना है कि एक कलाकार के सफर में असफलता और नापसंद किया जाना बहुत आम बात है, लेकिन इनसे घबराने के बजाय इनसे सीख लेकर खुद को मजबूत बनाना ही सबसे जरूरी कदम होता है।

## मुंबई की लोकल ट्रेन और ऑडिशन का संघर्ष
अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को ताजा करते हुए क्रांति प्रकाश झा ने बताया कि मुंबई जैसे शहर में टिके रहने के लिए उन्हें किस हद तक मेहनत करनी पड़ी थी। काम की तलाश में उन्हें रोजाना गोरेगांव से लोकल ट्रेन पकड़कर महालक्ष्मी तक का सफर तय करना पड़ता था। उस समय ट्रेनों में इतनी अधिक भीड़ हुआ करती थी कि ऑडिशन की जगह पर पहुंचते-प पहुंचते उनके कपड़े पूरी तरह खराब हो जाते थे।

इस समस्या से निपटने के लिए वे अपने साथ हमेशा कपड़ों की तीन अतिरिक्त जोड़ियां लेकर चलते थे। प्रसिद्ध स्टूडियो तक पहुंचने के बाद वे खुद को संभालते, अपने कपड़े बदलते और फिर पूरी तैयारी के साथ ऑडिशन के लिए जाते थे। उनके मुताबिक यह प्रक्रिया आसान नहीं थी और हर कोने से नापसंद किए जाने का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया ने उन्हें अंदर से बहुत मजबूत बना दिया।

## एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी के बाद भी खाली हाथ
फिल्म ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ में अपने बेहतरीन काम से लोगों के बीच पहचान बनाने वाले इस अभिनेता ने साझा किया कि एक बड़ी सफलता मिलने के बावजूद उनकी मुश्किलें रातों-रात खत्म नहीं हुई थीं। उस चर्चित फिल्म के बाद भी उनके पास करीब दो साल तक कोई नया काम नहीं आया था।

सड़कों और कार्यक्रमों में लोग उन्हें पहचानने जरूर लगे थे, लेकिन उनके हाथ में कोई नया प्रोजेक्ट नहीं था। उस दौर में कई बार उनके मन में यह सवाल उठता था कि आखिरकार उन्हें काम क्यों नहीं मिल रहा है और वे आर्थिक तंगी से क्यों जूझ रहे हैं। हालांकि ऐसे कठिन समय में भी उन्होंने खुद को कभी किसी बड़े स्टार की तरह नहीं समझा और अपने माता-पिता से मिले संस्कारों के दम पर जमीन से जुड़े रहे।

## सफलता और विनम्रता का सफर
अपने पूरे सफर के दौरान उन्होंने कभी भी हार न मानने की ठानी और खुद पर भरोसा बनाए रखा। आज ‘रक्तांचल 3’ की शानदार सफलता के बाद वे मनोरंजन जगत और OTT के लोकप्रिय चेहरों में गिने जाते हैं। पैसों की तंगी, काम के लिए लंबा इंतजार, अनगिनत रिजेक्शन और आखिरकार विजय सिंह जैसे दमदार किरदारों को पर्दे पर जीवंत करने तक का उनका पूरा सफर इस बात का साफ प्रमाण है कि कड़ी मेहनत, अटूट धैर्य और विनम्रता ही इंसान को उसकी सही मंजिल तक पहुंचाती है।

## इसका आप पर असर
यह खबर मुख्य रूप से मनोरंजन जगत और कला क्षेत्र से जुड़ी है, इसलिए इसका कोई सीधा आर्थिक या नीतिगत असर आम नागरिकों पर नहीं पड़ता है:

- **कलाकारों के लिए:** यह संघर्ष और सफलता की कहानी उन सभी युवाओं को प्रेरणा देती है जो बिना फिल्मी बैकग्राउंड के अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. क्रांति प्रकाश झा मुख्य रूप से किस वेब सीरीज के लिए जाने जाते हैं?
उन्हें लोकप्रिय वेब सीरीज 'रक्तांचल' और इसके सीक्वल 'रक्तांचल 3' में शानदार अभिनय के लिए जाना जाता है।

### 2. फिल्म एमएस धोनी के बाद क्रांति प्रकाश झा के साथ क्या हुआ था?
'एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' से पहचान मिलने के बावजूद उन्हें करीब दो साल तक कोई नया काम नहीं मिला था।

### 3. मुंबई में ऑडिशन के दौरान उन्हें किस परेशानी का सामना करना पड़ता था?
गोरेगांव से महालक्ष्मी तक लोकल ट्रेन की भारी भीड़ के कारण उनके कपड़े खराब हो जाते थे, जिसके चलते उन्हें कपड़े बदलकर ऑडिशन देना पड़ता था।

### 4. सफलता मिलने पर उनका रवैया कैसा रहा?
माता-पिता के संस्कारों के कारण वे आज भी जमीन से जुड़े हुए हैं और खुद को कभी बड़ा अभिनेता नहीं मानते।

## प्रेरणा और सबक
क्रांति प्रकाश झा के इस सफर से कोई भी व्यक्ति अपने जीवन और करियर के लिए निम्नलिखित जरूरी सबक सीख सकता है:

- **रिजेक्शन को स्वीकार करें:** किसी भी क्षेत्र में असफलता या नापसंद किया जाना अंत नहीं है, बल्कि यह सीखने और खुद को बेहतर बनाने का एक अवसर है।
- **कड़ी मेहनत से पीछे न हटें:** कठिन परिस्थितियों में भी अपने काम के प्रति ईमानदारी बनाए रखें और लगातार प्रयास करते रहें।
- **जमीन से जुड़े रहें:** सफलता मिलने के बाद भी अपने संस्कारों और विनम्रता को कभी न छोड़ें, क्योंकि यही चीजें आपको मुश्किल समय में संभालती हैं।
- **धैर्य और भरोसा रखें:** सफलता मिलने में समय लग सकता है, इसलिए अपने ऊपर अटूट विश्वास रखना सबसे ज्यादा जरूरी है।

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