क्रांतिवीर का डांडिया ट्रैक तीन दशक बाद भी गरबा पंडालों में भर रहा नया जोश फिल्म क्रांतिवीर का भक्ति गीत 'जय अम्बे जगदम्बे मां' 32 साल बाद भी नवरात्रि और गरबा आयोजनों में लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। नवरात्रि के पावन दिनों में भक्तिमय धुनों और गरबा उत्सव की गूंज चारों तरफ सुनाई दे रही है। इस माहौल में वर्ष 1994 की चर्चित फिल्म क्रांतिवीर का एक खास भक्ति गीत आज 32 साल का लंबा अरसा बीत जाने पर भी उतना ही लोकप्रिय बना हुआ है। गरबा और दांडिया पंडालों में इस ट्रैक की धुन आज भी श्रद्धालुओं और उत्सव प्रेमियों को थिरकने पर मजबूर कर देती है। क्रांतिवीर के इस भक्ति गीत की खास बातें यह लोकप्रिय प्रस्तुति कोई और नहीं बल्कि 'जय अम्बे जगदम्बे मां' है, जिसे फिल्म में बेहद सलीके से पेश किया गया था। पर्दे पर नाना पाटेकर और डिंपल कपाड़िया के प्रभावी किरदारों के साथ नवरात्रि, गरबा और दांडिया के खूबसूरत दृश्य इस गाने को आज भी जीवंत बनाए रखते हैं। इस बड़े पर्दे की कहानी में अतुल अग्निहोत्री, ममता कुलकर्णी और परेश रावल जैसे मंझे हुए कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। संगीत और गायकी का शानदार संगम इस अमर भक्ति रचना के बोल प्रख्यात गीतकार समीर की कलम से निकले थे, जबकि इसकी ऊर्जावान धुन को संगीतकार जोड़ी आनंद मिलिंद ने तैयार किया था। इस गीत को अपनी असरदार आवाजों से सजाने में गायक प्रफ्फुल दवे, सपना अवस्थी और सुदेश भोसले का मुख्य योगदान रहा। संगीत और शब्दों का यह तालमेल आज भी पारंपरिक गरबा नाइट्स की शान बना हुआ है। इसका आप पर असर त्योहारी सीजन में संगीत और संस्कृति से जुड़े लोगों के लिए इस पुराने गीत की मौजूदगी उत्सव का आनंद बढ़ाती है। • उत्सव प्रेमियों के लिए: पारंपरिक गरबा और दांडिया आयोजनों में 32 साल पुराना यह गीत ऊर्जा भरने का काम करता है। आयोजक अपनी आधिकारिक प्लेलिस्ट में इसे शामिल कर माहौल को भक्तिमय और जीवंत बना सकते हैं। • संगीत श्रोताओं के लिए: 90 के दशक के सुरीले भक्ति संगीत का यह ट्रैक पुरानी यादों को ताजा करता है। क्लासिक संगीत के शौकीन इसे किसी भी ऑनलाइन स्ट्रीमिंग मंच पर आसानी से सुन सकते हैं। • आयोजकों के लिए: पंडालों में भीड़ को आकर्षित करने के लिए ऐसे जाने-पहचाने ट्रैक आज भी बेहद असरदार साबित होते हैं। सही समय पर इसे बजाकर दर्शकों की भागीदारी को दोगुना किया जा सकता है। • कलाकारों के लिए: लोक संगीत और फिल्मी धुनों के इस बेहतरीन मिश्रण से नई पीढ़ी के गायक काफी कुछ सीख सकते हैं। इसे पारंपरिक कार्यक्रमों के लिए अभ्यास का हिस्सा बनाया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ फिल्म क्रांतिवीर के इस गीत की निरंतर प्रासंगिकता इसके मजबूत सांस्कृतिक तत्वों और संगीत रचना की गुणवत्ता के कारण है। • सांस्कृतिक जुड़ाव: गाने में पारंपरिक गरबा, दांडिया और नवरात्रि पूजा की भव्यता को बेहद स्वाभाविक अंदाज में दिखाया गया था। उत्सव के वास्तविक दृश्यों ने इसे केवल एक फिल्मी गाने के बजाय असली त्योहार का हिस्सा बना दिया। • मजबूत संगीत संयोजन: समीर के प्रभावशाली बोल और आनंद मिलिंद की जोशीली धुन ने इसे समय की सीमाओं से परे पहुंचा दिया। तीन दशक पहले तैयार हुई इस लय में आज के आधुनिक आयोजनों में भी फिट बैठने की क्षमता है। • दिग्गज गायकों की संगत: प्रफ्फुल दवे, सपना अवस्थी और सुदेश भोसले के स्वर ने इस प्रस्तुति में प्रामाणिक लोक गायकी का पुट जोड़ा। यही वजह है कि 32 साल बाद भी यह गीत अपनी ताजगी और पहचान बनाए रखने में सफल रहा है। सवाल-जवाब 1. फिल्म क्रांतिवीर का कौन सा भक्ति गीत नवरात्रि में बेहद लोकप्रिय है? फिल्म क्रांतिवीर का भक्ति गीत 'जय अम्बे जगदम्बे मां' नवरात्रि और गरबा उत्सवों में अत्यंत लोकप्रिय है। 2. यह गीत कितने साल पुराना है? यह गीत 32 साल पुराना है और आज भी अपनी पुरानी चमक के साथ बजाया जाता है। 3. इस गीत के बोल किसने लिखे थे और संगीत किसने दिया था? इसके बोल गीतकार समीर ने लिखे थे और इसका संगीत आनंद मिलिंद की जोड़ी ने तैयार किया था। 4. इस गाने को किन गायकों ने अपनी आवाज दी थी? इस गीत को प्रफ्फुल दवे, सपना अवस्थी और सुदेश भोसले ने गाया था। 5. फिल्म क्रांतिवीर में कौन-कौन से मुख्य कलाकार शामिल थे? फिल्म में नाना पाटेकर और डिंपल कपाड़िया के अलावा अतुल अग्निहोत्री, ममता कुलकर्णी और परेश रावल शामिल थे। https://trendkia.com/entertainment/krantiveer-ka-dandiya-traika-tina-dashaka-bada-bhi-garaba-pndalon-men-bhara-raha-naya-josha-47580 TrendKia — Har trend, sabse pehle.