# कृति सेनन पहुंचीं दिल्ली हाईकोर्ट, पर्सनैलिटी राइट्स मामले में कोर्ट ने मांगा रिसर्च पेपर

> अभिनेत्री कृति सेनन ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने इस मामले में कानूनी पहलुओं और पिछले फैसलों का अध्ययन करने के लिए एक रिसर्च पेपर पेश करने का निर्देश दिया है।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-10-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/kriti-sanon-approaches-delhi-high-court-seeking-protection-for-personality-rights-49218 · **Language:** Hindi
**Tags:** कृति सेनन, दिल्ली हाईकोर्ट, पर्सनैलिटी राइट्स, मनोरंजन कानूनी समाचार, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी

बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स यानी व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। इस तरह के कानूनी मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अदालत ने इस विषय से जुड़े कानूनी प्रावधानों और दायरे की गहराई से जांच करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया है। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस पुरषेंद्र कुमार कौरव ने अभिनेत्री के वकील प्रवीण आनंद को निर्देश दिया है कि वे इस क्षेत्र से जुड़े पूर्व फैसलों और प्रासंगिक शोध सामग्री को एक जगह संकलित करके अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। अदालत यह समझना चाहती है कि इन अधिकारों के तहत किसी व्यक्ति को कानूनी रूप से किस सीमा तक सुरक्षा प्रदान की जा सकती है और क्या हाईकोर्ट की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डिवीजन ऐसे विवादों की सुनवाई करने के लिए अधिकार क्षेत्र में आती है या नहीं।

 

## कानूनी दायरे और अधिकार क्षेत्र पर अदालत की नजर
 सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मुकदमे लगातार सामने आ रहे हैं, इसलिए इन विधिक मुद्दों का परीक्षण केवल वर्तमान मामले तक सीमित न रखकर व्यापक स्तर पर किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति ने वकील से कहा कि वे यह स्पष्ट करें कि किसी इंसान के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताएं कानूनी संरक्षण के दायरे में आती हैं। इसके जवाब में वकील प्रवीण आनंद ने अदालत को जानकारी दी कि पर्सनैलिटी राइट्स के अंतर्गत किसी व्यक्ति का नाम, उसकी आवाज, चेहरा, छवि, तस्वीरें और वीडियो जैसे पहलू शामिल होते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे विवादों की मुख्य वजह अक्सर यह होती है कि संबंधित व्यक्ति की सहमति या पूर्व अनुमति के बिना उसकी पहचान का इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ कमाने के लिए किया जाने लगता है।

 

## अदालत ने मांगा फैसलों और शोध का संकलन
 जस्टिस पुरषेंद्र कुमार कौरव ने वकील से आग्रह किया कि वे इस विषय पर अब तक आए विभिन्न न्यायिक निर्णयों और शोध लेखों का एक पूरा सेट तैयार करें। अदालत ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या वे इस विषय पर कुछ शोध पत्र उपलब्ध करा सकते हैं और इस पर अपनी कानूनी समझ से अदालत को अवगत करा सकते हैं। अदालत इस पूरे संकलन का बारीकी से अध्ययन करने के बाद एक विस्तृत और महत्वपूर्ण फैसला देने पर विचार करेगी। इस पर वकील आनंद ने अदालत को आश्वस्त किया कि संबंधित दस्तावेजों का यह संग्रह उसी दिन अदालत में दाखिल कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी दलील दी कि अभिनेत्री कृति सेनन के इस विशिष्ट मामले में अधिकार क्षेत्र से जुड़ा कोई विवाद पैदा नहीं होता है। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर की तारीख तय की गई है।

## इसका आप पर असर
यह मामला देश भर में मशहूर हस्तियों और आम नागरिकों दोनों के लिए डिजिटल युग में निजता और पहचान के व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े नियमों को नया आकार दे सकता है।

- **भारत में:** यह मामला सेलिब्रिटी अधिकारों पर एक स्पष्ट कानूनी मिसाल कायम कर सकता है, जिससे भविष्य में बिना अनुमति किसी की पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर रोक लगेगी।

- **दिल्ली में:** दिल्ली हाईकोर्ट के इस कदम से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बौद्धिक संपदा और व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े मुकदमों की सुनवाई प्रक्रिया अधिक स्पष्ट होगी।

- **कानूनी दायरे में:** इस सुनवाई के बाद यह तय होगा कि बिना सहमति नाम या छवि के इस्तेमाल पर किस तरह के कड़े मुआवजे और कानूनी उपाय मिल सकते हैं।

- **व्यवसाय जगत पर:** विज्ञापन और मनोरंजन क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को अब किसी भी हस्ती की छवि या सामग्री का इस्तेमाल करने से पहले अधिक सतर्क रहना होगा।

- **आम जनता के लिए:** यह फैसला आने वाले समय में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हर नागरिक की डिजिटल पहचान और निजता की सुरक्षा को मजबूत कर सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कानूनी कदम हाल के वर्षों में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और विज्ञापनों में सेलिब्रिटीज की पहचान के बढ़ते बेजा इस्तेमाल की पृष्ठभूमि में उठाया गया है।

- **बढ़ते मामले:** अदालतों में बिना अनुमति के नाम, आवाज और तस्वीरों के व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े मुकदमों की संख्या में भारी उछाल आया है।

- **कानूनी अस्पष्टता:** पर्सनैलिटी राइट्स के सटीक दायरे और उनके इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डिवीजन के अधिकार क्षेत्र में आने को लेकर स्पष्ट कानूनी व्याख्या की आवश्यकता थी।

- **न्यायिक समीक्षा:** जस्टिस पुरषेंद्र कुमार कौरव ने यह महसूस किया कि इस तरह के मामलों से निपटने के लिए केवल व्यक्तिगत केस के बजाय व्यापक विधिक शोध की दरकार है।

## सवाल-जवाब

### 1. कृति सेनन ने दिल्ली हाईकोर्ट में कौन सी याचिका दायर की है?
कृति सेनन ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स यानी व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

### 2. इस मामले की सुनवाई कौन से जज कर रहे हैं?
इस मामले की सुनवाई जस्टिस पुरषेंद्र कुमार कौरव कर रहे हैं।

### 3. अदालत ने वकील से क्या दस्तावेज पेश करने को कहा है?
अदालत ने वकील प्रवीण आनंद से पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े पिछले फैसलों और रिसर्च पेपर का एक कलेक्शन पेश करने को कहा है।

### 4. पर्सनैलिटी राइट्स के अंतर्गत क्या-क्या चीजें शामिल होती हैं?
पर्सनैलिटी राइट्स में किसी व्यक्ति का नाम, आवाज, चेहरा, छवि, तस्वीरें और वीडियो शामिल होते हैं।

### 5. इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय की गई है।

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