मलयालम सिनेमा के सदाबहार नायक प्रेम नजीर के नाम है ऐसा रिकॉर्ड, जिसके आगे अमिताभ और शाहरुख भी फीके मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता प्रेम नजीर ने अपने करियर में 400 से अधिक हिट और 50 ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। उनके इस रिकॉर्ड के आसपास भी देश का कोई अन्य सुपरस्टार नहीं पहुंच पाया है। भारतीय फिल्म जगत में अमिताभ बच्चन, दिलीप कुमार, चिरंजीवी, रजनीकांत और शाहरुख खान को सबसे बड़े और महान सितारों के तौर पर देखा जाता है। हालांकि, सिनेमा इतिहास के पन्नों को पलटने पर एक ऐसा नाम सामने आता है जिसके आंकड़ों के आगे इन सभी सुपरस्टार्स की सफलता भी काफी पीछे छूट जाती है। हम बात कर रहे हैं सदाबहार नायक प्रेम नजीर की, जिन्होंने अपनी फिल्मों की रिकॉर्ड तोड़ संख्या से सिनेमा जगत में एक ऐसा मुकाम हासिल किया जिसे आज तक कोई दूसरा अभिनेता नहीं छू सका है। मलयालम सिनेमा पर तीन दशकों तक राज प्रेम नजीर को उनके चाहने वाले प्यार से नित्याहरित नायकन यानी सदाबहार हीरो कहा करते थे। उन्होंने मलयालम फिल्म इंडस्ट्री पर तीन दशक से भी अधिक समय तक एकछत्र राज किया। पचास के दशक से शुरू हुआ उनका सफर अस्सी के दशक तक पूरी शान से जारी रहा। इस लंबे और शानदार सफर के दौरान उन्होंने करीब एक हजार फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें से सात सौ फिल्मों में उन्होंने मुख्य नायक की भूमिका निभाई थी। अतुल्य हिट और ब्लॉकबस्टर फिल्मों का अंबार इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक, प्रेम नजीर ने अपने पूरे करियर में चार सौ से अधिक हिट और पचास ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। इस रिकॉर्ड के विशाल आकार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के खाते में साठ हिट और ग्यारह ब्लॉकबस्टर फिल्में दर्ज हैं। वहीं, दक्षिण भारत के सुपरस्टार रजनीकांत ने अपने करियर में सत्तर हिट और करीब एक दर्जन ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। आज के दौर के लोकप्रिय सितारे जैसे शाहरुख खान, अक्षय कुमार और सलमान खान के पास पैंतीस से अड़तीस हिट फिल्मों का हिसाब-किताब है। हालांकि सलमान खान ने अपने करियर में पंद्रह ब्लॉकबस्टर फिल्में देने का एक ऐसा कीर्तिमान जरूर बनाया है जो हिंदी सिनेमा में अन्य किसी नायक के नाम नहीं है। सुपरस्टार्स का कुल योग भी प्रेम नजीर के सामने कम प्रेम नजीर के स्टारडम और उनकी फिल्मों की सफलता का पैमाना इस बात से समझा जा सकता है कि अगर अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और रजनीकांत जैसे दिग्गज सितारों की कुल हिट फिल्मों को भी आपस में जोड़ लिया जाए, तो वह संख्या डेढ़ सौ के आसपास ही पहुंचती है। वहीं इन सबकी कुल ब्लॉकबस्टर फिल्मों की संख्या पच्चीस तक ही सिमट जाती है। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि बॉक्स ऑफिस पर सफलता के मामले में प्रेम नजीर का मुकाम कितना ऊंचा और बेजोड़ रहा है। अब्दुल खादर से प्रेम नजीर बनने का सफर प्रेम नजीर का शुरुआती जीवन फिल्मी दुनिया से कोसों दूर था। उनका जन्म साल 1929 में अब्दुल खादर के रूप में हुआ था। इसके बाद साल 1952 में उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। फिल्म विसाप्पिन्टे विली (1952) ने उनकी जिंदगी की दिशा पूरी तरह बदल दी और इसी फिल्म से उन्हें अपना नया स्टेज नाम प्रेम नजीर मिला। एक बार सिनेमा के पर्दे पर आने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ते चले गए। सामाजिक सरोकार और पौराणिक किरदार पचास के दशक के अंत तक आते-आते प्रेम नजीर एक स्थापित और जाने-माने स्टार बन चुके थे। इसके बाद उन्होंने अपने अभिनय करियर में एक नया प्रयोग करने का फैसला किया। उन्होंने ज्यादातर ऐसी फिल्मों को चुना जिनमें सामाजिक अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाती थी। इस तरह के किरदारों ने उनकी लोकप्रियता को और अधिक बढ़ा दिया। इसके अलावा उन्होंने अपने करियर में कई पौराणिक फिल्मों में भी बेहतरीन काम किया। उन्होंने पर्दे पर भगवान राम, भगवान कृष्ण और अयप्पा जैसे कई प्रतिष्ठित पौराणिक किरदार निभाए। उन्नीस सौ सत्तर का दशक और विश्व रिकॉर्ड प्रेम नजीर के लिए साल 1970 का दशक सबसे अधिक व्यस्त रहने वाला समय साबित हुआ। वह उस दौर में एक ही समय पर एक साथ तीन से चार फिल्मों की शूटिंग किया करते थे। दिन-रात लगातार मेहनत करते हुए वह महज कुछ ही हफ्तों में पूरी फिल्म की शूटिंग समाप्त कर देते थे। उनकी इसी मेहनत का परिणाम था कि साल 1979 में उन्होंने एक साल के भीतर सबसे अधिक फिल्मों में काम करने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया और उस वर्ष उन्होंने कुल 39 फिल्मों में अभिनय किया। अंतिम वर्ष और विरासत अस्सी के दशक की शुरुआत तक आते-आते प्रेम नजीर का करियर ढलने लगा और उन्होंने चरित्र भूमिकाओं व सपोर्टिंग किरदारों में काम करना शुरू कर दिया। साल 1988 में उन्होंने अपनी एक अंतिम इच्छा जताई थी कि वह मोहनलाल और ममूटी को निर्देशित करना चाहते हैं, लेकिन किस्मत को यह मंजूर नहीं था। सोलह जनवरी 1989 को उनसठ वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनकी आखिरी फिल्म कदाथनादन अंबाडी साल 1990 में रिलीज हुई थी, जिसमें वह मोहनलाल के साथ सह-कलाकार के रूप में नजर आए थे। इसका आप पर असर फिल्म जगत के इतिहास और बॉक्स ऑफिस आंकड़ों में गहरी रुचि रखने वाले दर्शकों और सिनेमा प्रेमियों के लिए यह जानकारी भारतीय फिल्म इतिहास के एक बड़े और अनोखे अध्याय को सामने लाती है। • भारत में: यह जानकारी सामान्य पाठकों और सिनेमा प्रेमियों को यह समझाती है कि दक्षिण भारतीय सिनेमा ने इतिहास में ऐसे रिकॉर्ड रचे हैं जो कई मायनों में मुख्यधारा के राष्ट्रीय सितारों से भी आगे रहे हैं। • मनोरंजन जगत में: यह रिकॉर्ड फिल्म विश्लेषकों और निर्माताओं को यह याद दिलाता है कि निरंतरता और भारी संख्या में फिल्में करने की क्षमता किसी भी अभिनेता को अद्वितीय मुकाम दिला सकती है। सवाल-जवाब 1. प्रेम नजीर कौन थे? प्रेम नजीर मलयालम सिनेमा के एक दिग्गज और सदाबहार अभिनेता थे, जिन्हें उनके चाहने वाले नित्याहरित नायकन कहते थे। 2. प्रेम नजीर ने अपने करियर में कुल कितनी फिल्में कीं? उन्होंने अपने करियर में करीब 1000 फिल्मों में काम किया, जिनमें से 700 में उन्होंने मुख्य नायक की भूमिका निभाई। 3. प्रेम नजीर के नाम कौन सा रिकॉर्ड दर्ज है? इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक उन्होंने 400 से अधिक हिट और 50 ब्लॉकबस्टर फिल्में देने का रिकॉर्ड बनाया। 4. प्रेम नजीर का जन्म कब और कहां हुआ था? प्रेम नजीर का जन्म साल 1929 में अब्दुल खादर के रूप में हुआ था। 5. प्रेम नजीर का निधन कब हुआ था? 16 जनवरी 1989 को 59 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था। https://trendkia.com/entertainment/malayalama-sinema-ke-sadabahara-nayaka-prem-nazir-ke-nama-hai-aisa-rikorda-jisake-age-amitabh-aura-shah-rukh-bhi-phike-29151 TrendKia — Har trend, sabse pehle.