मां कामाख्या के दर्शन के बाद चर्चा में संगीतकार सलीम मर्चेंट, सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया मशहूर संगीतकार और गायक सलीम मर्चेंट ने असम स्थित प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की, जिसकी तस्वीरें ऑनलाइन साझा करने के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। प्रसिद्ध संगीतकार और गायक सलीम मर्चेंट हाल ही में असम स्थित ऐतिहासिक मां कामाख्या देवी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने देवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस धार्मिक यात्रा की तस्वीरें जब उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा कीं, तो इंटरनेट यूजर्स के बीच एक नई बहस शुरू हो गई। सामने आई तस्वीरों में सलीम मर्चेंट सफेद टी-शर्ट और काली पैंट पहने नजर आ रहे हैं, साथ ही उनके गले में फूलों की माला और कंधे पर लाल गमछा दिखाई दे रहा है। वे अपने एक दोस्त के साथ मंदिर परिसर में हाथ जोड़कर प्रार्थना की मुद्रा में खड़े हैं। अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए सलीम मर्चेंट ने एक विशेष संदेश भी लिखा। उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘शक्ति के चरणों में, ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कामाख्या नमः.’ पवित्र शक्तिपीठ से साझा की गई यह पोस्ट सामने आते ही तेजी से फैल गई और लोगों ने इस पर तरह-तरह की टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। इंटरनेट पर दो धड़ों में बंटे लोग सलीम मर्चेंट की इस पोस्ट पर ऑनलाइन जगत से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक बड़े वर्ग ने दूसरे धर्म और उनकी परंपराओं के प्रति उनके इस आदर भाव की सराहना की और इसे आपसी सौहार्द का सुंदर उदाहरण बताया। वहीं दूसरी ओर, कुछ आलोचकों ने उनके इस कदम पर आपत्ति जताई और उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। आलोचना करने वालों का तर्क था कि उनकी व्यक्तिगत धार्मिक पहचान और मान्यताएं उन्हें दूसरे धर्म के अनुष्ठानों में इस तरह शामिल होने की अनुमति नहीं देती हैं। दोनों धर्मों में गहरी आस्था रखते हैं सलीम सलीम मर्चेंट के लिए सर्वधर्म समभाव कोई नई बात नहीं है। वे पहले भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे हिंदू देवी-देवताओं में गहरी आस्था रखते हैं और नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। उन्होंने पूर्व में साझा किया था कि वे भगवान शिव के प्रति अटूट निष्ठा रखते हैं और हर सोमवार को विधिवत पूजा करते हैं, जबकि शुक्रवार को जुम्मे की नमाज भी अदा करते हैं। उनका मानना रहा है कि वे दोनों धर्मों का हृदय से सम्मान करते हैं, और ईश्वर तथा संगीत के साथ उनके आध्यात्मिक रिश्ते को केवल शब्दों में बांधना बेहद कठिन है। सलीम-सुलेमान की जोड़ी और संगीत का सफर भारतीय संगीत जगत में सलीम मर्चेंट का योगदान बेहद खास रहा है। वे अपने छोटे भाई सुलेमान मर्चेंट के साथ मिलकर मशहूर संगीतकार जोड़ी 'सलीम-सुलेमान' के तौर पर काम करते हैं। इस जोड़ी ने हिंदी सिनेमा की 40 से अधिक फिल्मों में यादगार गीत और दमदार बैकग्राउंड स्कोर तैयार किए हैं। उनकी लोकप्रिय फिल्मों में ‘चक दे! इंडिया’, ‘बैंड बाजा बारात’, ‘फैशन’, ‘रब ने बना दी जोड़ी’ और ‘कुर्बान’ जैसे बड़े नाम शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर की फिल्मों के अलावा इस जोड़ी ने फीफा विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और वैश्विक मंचों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है। इसका आप पर असर सेलिब्रिटीज की धार्मिक यात्राओं पर होने वाली सार्वजनिक बहसें यह दर्शाती हैं कि सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत आस्था और सामाजिक धारणाओं को किस तरह आंका जाता है। • आम पाठकों के लिए: यह मामला दिखाता है कि निजी आस्था और धार्मिक सद्भाव पर इंटरनेट पर तुरंत ध्रुवीकरण देखने को मिलता है। इससे स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक मंचों पर व्यक्तिगत आध्यात्मिक पसंद अक्सर व्यापक विमर्श का विषय बन जाती है। • कला और संस्कृति पर प्रभाव: सांस्कृतिक हस्तियों के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर जाने से परंपराओं के प्रति सम्मान का संदेश भी जाता है। इससे यह समझ मिलती है कि संगीत और कला के क्षेत्र में काम करने वाले लोग अक्सर सीमाओं से परे जाकर आस्था को देखते हैं। • सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए: यह घटना ऑनलाइन चर्चाओं में शालीनता बनाए रखने की जरूरत को रेखांकित करती है। किसी कलाकार की निजी आस्था पर टिप्पणी करते समय लोगों को उनकी स्वतंत्रता का ध्यान रखना चाहिए। • संगीत प्रेमियों के नजरिए से: सलीम-सुलेमान के प्रशंसक संगीतकार के इस कदम को उनके खुले विचारों और कलात्मक संवेदनशीलता से जोड़कर देख रहे हैं। इससे श्रोताओं के बीच उनके काम और दृष्टिकोण की सराहना बढ़ती है। ऐसा क्यों हुआ सलीम मर्चेंट द्वारा कामाख्या मंदिर की तस्वीरें साझा किए जाने के बाद यह विवाद उनकी व्यक्तिगत धार्मिक पहचान और मंदिर दर्शन के बीच तुलना किए जाने के कारण उत्पन्न हुआ। • सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करना: संगीतकार ने असम स्थित मां कामाख्या देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक वेशभूषा में तस्वीरें पोस्ट कीं। उनके द्वारा लिखे गए शक्ति मंत्र के कैप्शन ने कई उपयोगकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। • धार्मिक सीमाओं पर रूढ़िवादी विचार: कुछ ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं ने तर्क दिया कि एक मुस्लिम पहचान वाले व्यक्ति को हिंदू देवी मंदिर में पूजा नहीं करनी चाहिए। इसी असहमति के कारण आलोचनात्मक टिप्पणियों और ट्रोलिंग की शुरुआत हुई। • कलाकार का सर्वधर्म समभाव का इतिहास: सलीम मर्चेंट लंबे समय से भगवान शिव की पूजा और शुक्रवार की नमाज दोनों का पालन करते रहे हैं। उनका यह दृष्टिकोण उदार सोच वाले प्रशंसकों को पसंद आता है, लेकिन संकीर्ण दृष्टिकोण रखने वाले लोग इसे स्वीकार नहीं कर पाते। सवाल-जवाब 1. सलीम मर्चेंट किस मंदिर के दर्शन करने पहुंचे थे? सलीम मर्चेंट असम में स्थित प्रसिद्ध मां कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन करने गए थे। 2. तस्वीरों में सलीम मर्चेंट का पहनावा कैसा था? वे सफेद टी-शर्ट और काली पैंट में थे, और उनके गले में माला व कंधे पर लाल गमछा था। 3. सोशल मीडिया पर सलीम मर्चेंट को क्यों ट्रोल किया गया? कुछ उपयोगकर्ताओं ने उनकी धार्मिक पहचान का हवाला देते हुए दूसरे धर्म के मंदिर में पूजा करने पर आपत्ति जताई। 4. सलीम मर्चेंट ने अपनी आस्था को लेकर पहले क्या कहा था? उन्होंने बताया था कि वे भगवान शिव में आस्था रखते हैं, हर सोमवार पूजा करते हैं और शुक्रवार को नमाज भी पढ़ते हैं। 5. सलीम-सुलेमान ने किन प्रमुख फिल्मों में संगीत दिया है? उन्होंने ‘चक दे! इंडिया’, ‘फैशन’, ‘बैंड बाजा बारात’, ‘रब ने बना दी जोड़ी’ और ‘कुर्बान’ जैसी 40 से अधिक फिल्मों में संगीत दिया है। https://trendkia.com/entertainment/man-kamakhya-ke-darshana-ke-bada-charcha-men-sngitakara-salim-merchant-soshala-midiya-para-mili-juli-pratikriya-33639 TrendKia — Har trend, sabse pehle.