मेघना गुलजार की फिल्म 'दायरा' से जुड़े विवाद पर आया जवाब, क्या पिता गुलजार के नक्शेकदम पर चल पड़ीं डायरेक्टर? मेघना गुलजार की नई फिल्म 'दायरा' में गानों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह फिल्म एक संवेदनशील क्राइम ड्रामा है, जो 53 साल पहले उनके पिता गुलजार द्वारा बनाई गई फिल्म 'अचानक' की याद दिलाती है। हाल ही में मेघना गुलजार की आने वाली फिल्म दायरा का ट्रेलर रिलीज किया गया था। इस फिल्म में करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। यह कहानी एक ऐसे गंभीर मामले पर आधारित है जहां एक महिला के साथ भारी प्रताड़ना की घटना को दिखाया गया है। ट्रेलर सामने आने के बाद से ही फिल्म को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि इस पूरी फिल्म में एक भी गाना शामिल नहीं किया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेघना गुलजार ने दी सफाई इन तमाम खबरों और चर्चाओं पर विराम लगाते हुए डायरेक्टर मेघना गुलजार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी इस फिल्म में गानों की पूरी तरह से अनुपस्थिति नहीं है। मेघना ने बताया कि फिल्म में एक गाना जरूर रखा गया है, लेकिन उसे बीच में डालने के बजाय सीधे फिल्म के अंत में ही जोड़ा जाएगा। उन्होंने इसके पीछे की वजह समझाते हुए कहा कि कहानी के नैरेटिव के बीच में गानों के लिए कोई स्वाभाविक जगह नहीं बन रही थी, इसी वजह से निर्माताओं ने केवल एक ही गीत को चुना और उसे अंतिम क्रेडिट्स या समापन के समय रखा है। पिता गुलजार के पुराने फॉर्मूले की याद आपको बता दें कि मेघना गुलजार मशहूर हस्ती, प्रसिद्ध उर्दू कवि, गीतकार, लेखक, स्क्रीनराइटर और निर्देशक गुलजार की बेटी हैं। ठीक 53 साल पहले, गुलजार ने भी एक बेहद संवेदनशील क्राइम ड्रामा फिल्म बनाई थी, जिसे दर्शकों और समीक्षकों द्वारा काफी सराहा गया था। उस प्रोजेक्ट में विनोद खन्ना जैसे दिग्गज सितारे मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। वह साल 1973 का दौर था जब गुलजार ने अचानक नामक फिल्म का निर्देशन किया था। इस फिल्म की कहानी को ख्वाजा अहमद ने लिखा था और इस काम के लिए गुलजार को बेस्ट डायरेक्टर के फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन भी मिला था। खास बात यह है कि खुद एक लीजेंड्री गीतकार होने के बावजूद गुलजार ने अपने निर्देशन में बनी उस फिल्म में एक भी गाना नहीं रखा था। केएम नानावटी केस से जुड़ा था इतिहास साल 1973 में आई फिल्म अचानक असल में साल 1958 के चर्चित केएम नानावटी बनाम महाराष्ट्र सरकार मर्डर केस से प्रेरित थी। उस क्लासिक फिल्म में कोई पारंपरिक गाने नहीं थे, बल्कि कहानी के माहौल को बांधने के लिए केवल बैकग्राउंड स्कोर का इस्तेमाल किया गया था जिसे संगीतकार वसंत देसाई ने तैयार किया था। अब ठीक 53 साल बीत जाने के बाद, गुलजार की बेटी मेघना गुलजार अपनी नई फिल्म दायरा के जरिए एक बार फिर उसी जॉनर में लौटती दिख रही हैं। यह भी एक संवेदनशील क्राइम ड्रामा है जिसमें गानों की संख्या न के बराबर है और केवल अंत में एक ही गाना सुनाई देगा। क्या है 'दायरा' की कहानी और कलाकार? फिल्म दायरा की बात की जाए तो इसमें करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन दोनों ही पुलिस अधिकारियों के किरदार में नजर आने वाले हैं। फिल्म की कहानी एक किशोर अपराध यानी जुवेनाइल क्राइम की गहरी दुनिया से जुड़ी है, जहां दोनों कॉप मिलकर एक उलझे हुए केस की गुत्थी सुलझाते दिखाई देते हैं। निर्माताओं ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि यह सिनेमाई कृति पूरी तरह से सच्ची घटनाओं पर आधारित है जो समाज की एक कड़वी सच्चाई को सामने लाती है। गुलजार परिवार का सिनेमाई सफर गुलजार और राखी की इकलौते संतान मेघना ने अपने माता-पिता की तरह ही फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई है। मेघना ने अपने अब तक के शानदार करियर में तलवार, सैम बहादुर और राजी जैसी कई समीक्षकों द्वारा सराही गई और व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों का निर्देशन किया है। खासकर फिल्म राजी ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के तमाम पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई थी। इसका आप पर असर फिल्म जगत और दर्शकों पर इस फैसले का सीधा असर यह होगा कि यथार्थवादी और कहानी-प्रधान सिनेमा को मुख्यधारा में और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। • फिल्म प्रेमियों के लिए: दर्शकों को बिना किसी व्यावसायिक गानों के व्यवधान के एक गंभीर और यथार्थवादी क्राइम थ्रिलर देखने का मौका मिलेगा। • उद्योग के जानकारों के लिए: यह ट्रेंड फिल्म निर्माताओं को पारंपरिक फॉर्मूलों से हटकर केवल कहानी की मांग के अनुसार प्रयोग करने का साहस देता है। सवाल-जवाब 1. मेघना गुलजार की फिल्म 'दायरा' में कुल कितने गाने हैं? फिल्म में केवल एक ही गाना है, जिसे फिल्म के अंत में रखा गया है। 2. फिल्म 'दायरा' में मुख्य भूमिकाओं में कौन नजर आ रहा है? इस फिल्म में करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में पुलिस अधिकारियों की भूमिका निभा रहे हैं। 3. गुलजार द्वारा निर्देशित किस पुरानी फिल्म से इसकी तुलना की जा रही है? इसकी तुलना साल 1973 में आई गुलजार की फिल्म 'अचानक' से की जा रही है जिसमें कोई गाना नहीं था। 4. क्या 'दायरा' सच्ची घटना पर आधारित है? हाँ, निर्माताओं ने बताया है कि यह फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित एक क्राइम ड्रामा है। 5. क्या 'दायरा' देखने लायक है? हाँ, यह एक गंभीर क्राइम ड्रामा है जो करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन के अभिनय के साथ यथार्थवादी सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। 6. कौन सी फिल्में 'दायरा' या 'अचानक' जैसी शैली की हैं? यह फिल्म गुलजार की 'अचानक' और मेघना गुलजार की ही 'तलवार' जैसी गंभीर और यथार्थवादी क्राइम थ्रिलर फिल्मों की श्रेणी में आती है। प्रेरणा और सबक मेघना गुलजार का यह सफर दिखाता है कि कैसे अपनी पैतृक विरासत के दबाव से बाहर निकलकर अपनी स्वतंत्र शैली और दृढ़ता के साथ काम किया जा सकता है। • मौलिक सोच बनाए रखें: भीड़ से अलग हटकर अपनी कहानी की जरूरत के अनुसार फैसले लें, भले ही वह इंडस्ट्री के पुराने नियमों के खिलाफ हो। • यथार्थवाद पर फोकस करें: दर्शकों को जोड़ने के लिए दिखावे के बजाय विषय की गहराई और प्रामाणिकता पर जोर देना चाहिए। https://trendkia.com/entertainment/meghana-gulajara-ki-philma-daayra-rivyu-2026-pita-gulajara-ke-nakshekadama-para-chalati-dayarektara-25902 TrendKia — Har trend, sabse pehle.