# मंच पर शाहरुख खान संग शुरुआती दिनों का किस्सा, जब किंग खान ने खुद पर चुटकुले बनवाकर मनीष पॉल को चौंका दिया

> अवॉर्ड शोज़ और टीवी मंचों के लोकप्रिय प्रस्तोता मनीष पॉल ने बॉलीवुड के बड़े सितारों संग काम करने का किस्सा साझा किया है, जिसमें शाहरुख खान और करण जौहर के सहज व्यवहार का उल्लेख है।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-10-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/mncha-para-shah-rukh-khan-snga-shuruati-dinon-ka-kissa-jaba-king-khan-ne-khuda-para-chutakule-banavakara-manish-paul-ko-chaunka-di-46172 · **Language:** Hindi
**Tags:** मनीष पॉल, शाहरुख खान, करण जौहर, सलमान खान, बॉलीवुड, अवॉर्ड शो

टेलीविजन से अपने सफर की शुरुआत कर फिल्मों और बड़े अवॉर्ड समारोहों में खास जगह बनाने वाले मनीष पॉल मनोरंजन जगत में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी दिखाई है, लेकिन दर्शकों के बीच उनकी पहचान आज भी एक जिंदादिल और हाजिरजवाब एंकर के तौर पर बेहद मजबूत है। अपने करियर के शुरुआती दौर को याद करते हुए इस जाने-माने प्रस्तोता ने फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े दिग्गजों के साथ काम करने के अपने अनुभवों को सामने रखा है। उन्होंने बताया कि शाहरुख खान, सलमान खान और करण जौहर जैसे स्थापित सितारों ने उनके साथ काम करते हुए कभी भी अपने रसूख या स्टारडम का अहसास नहीं होने दिया।

## करण जौहर के साथ मंच साझा करने की सहजता
मनीष पॉल के अनुसार फिल्म निर्माता करण जौहर के साथ किसी भी कार्यक्रम को संचालित करना हमेशा बेहद खुशनुमा और आसान अनुभव साबित हुआ। उनका मानना है कि करण जौहर एक मंच संचालक के तौर पर भी बेहद शानदार हैं। जब भी वे करण जौहर के साथ मंच पर आते हैं, तो किसी भी किस्म की घबराहट या हिचकिचाहट पास नहीं फटकती। मनीष ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान वे अक्सर करण जौहर पर खुलकर मज़ाकिया तंज कसते रहे हैं, लेकिन फिल्ममेकर ने कभी भी इन बातों को व्यक्तिगत तौर पर नहीं लिया और हमेशा हल्के-फुल्के अंदाज़ में स्वीकार किया।

## शुरुआती दौर में शाहरुख खान के सामने घबराहट
शाहरुख खान के साथ मंच पर उतरने के दिनों को याद करते हुए मनीष पॉल ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में वे काफी नर्वस महसूस करते थे। उन्होंने मुंबई पुलिस से जुड़े कई बड़े आयोजनों में किंग खान के साथ मिलकर एंकरिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। उस दौर में मनीष मंच संचालन की दुनिया में अपेक्षाकृत नए कलाकार थे, इसलिए इतने बड़े वैश्विक सितारे के साथ एक ही मंच पर खड़े होने को लेकर उनके मन में स्वाभाविक झिझक बनी रहती थी। इसके बावजूद शाहरुख खान ने हर बार यह सुनिश्चित किया कि नया कलाकार पूरी तरह सहज महसूस करे।

## वैनिटी वैन में स्क्रिप्ट और शाहरुख का चौंकाने वाला रुख
एक घटना का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए मनीष पॉल ने बताया कि एक कार्यक्रम से ठीक पहले शाहरुख खान ने उन्हें अपनी वैनिटी वैन में आमंत्रित किया। वहां अभिनेता ने उनका स्वागत बेहद गर्मजोशी के साथ किया और दोनों ने मिलकर कार्यक्रम की तय स्क्रिप्ट को पढ़ना शुरू किया। पटकथा देखते ही शाहरुख खान का ध्यान इस बात पर गया कि मंच के ज्यादातर मजेदार संवाद, चुटकुले और पंचलाइन केवल उनके हिस्से में ही रखी गई थीं।

स्क्रिप्ट की इस बनावट को देखते हुए शाहरुख खान ने तुरंत सवाल उठाया कि अगर सारे दिलचस्प और गुदगुदाने वाले डायलॉग वही बोलेंगे, तो मंच पर मनीष पॉल की मौजूदगी का क्या औचित्य रह जाएगा। उन्होंने सीधे तौर पर स्क्रिप्ट में बदलाव करने और नए कलाकार को भी बराबर का मौका देने की पैरवी की। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद पर भी चुटकुले गढ़े जाने की छूट दी ताकि नए होस्ट की मौजूदगी मंच पर असरदार दिखे। एक स्थापित सुपरस्टार द्वारा एक नए चेहरे को ऐसी बराबरी और सम्मान देने का यह अंदाज मनीष पॉल के दिल को गहराई से छू गया।

## इसका आप पर असर
मनोरंजन उद्योग के अंदरूनी कामकाजी माहौल और सहकर्मियों के व्यवहार को समझने के लिहाज से यह किस्सा खास सीख देता है।

- **नए कलाकारों के लिए:** वरिष्ठ सहकर्मियों का सहयोगी रुख किसी भी नौसिखिए के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। कार्यक्षेत्र में सीनियर सहयोगियों से मिलने वाला सम्मान काम की गुणवत्ता को तुरंत निखार देता है।
- **टीम वर्क का महत्व:** मंच पर साझेदारी तभी सफल होती है जब दोनों प्रस्तुतकर्ताओं को अपनी बात रखने का समान मौका मिले। किसी भी सहयोगी प्रोजेक्ट में श्रेय और मौके बांटना पूरी प्रस्तुति को बेहतर बनाता है।
- **कामकाजी संस्कृति:** बड़े पदों पर बैठे लोगों की संवेदनशीलता पूरे माहौल को तनावमुक्त बना सकती है। अपने से कनिष्ठ लोगों को आगे बढ़ाना नेतृत्व की एक अहम पहचान है।
- **दर्शकों के नजरिए से:** स्क्रीन पर दिखने वाले हल्के-फुल्के पलों के पीछे कलाकारों का आपसी तालमेल और भरोसा काम करता है। मंच का हास्य तभी सहज लगता है जब कलाकार एक-दूसरे की सीमाओं का सम्मान करते हुए आजादी दें।

## ऐसा क्यों हुआ
मनीष पॉल ने अपने लंबे करियर और शुरुआती दिनों के संघर्ष को याद करते हुए यह किस्सा साझा किया। टीवी से मुख्यधारा के शोज़ तक पहुंचने के दौरान बड़े सितारों से मिले मार्गदर्शन ने उनके सफर को आसान बनाया था।

- **करियर के शुरुआती अनुभव:** नए होस्ट के तौर पर मंच संभालते वक्त बड़े सितारों का सामना करने पर स्वाभाविक घबराहट होती थी। ऐसे समय में साथी कलाकारों का व्यवहार निर्णायक साबित हुआ।
- **स्क्रिप्ट की बनावट:** कार्यक्रमों की पटकथा में अक्सर बड़े सितारों को ही सारी प्रमुख लाइनें देने का चलन रहा है। शाहरुख खान ने इसे देखकर तुरंत बदलाव की पहल की।
- **सहयोगियों की खेल भावना:** करण जौहर और शाहरुख खान दोनों ही मंच पर हास्य और मजाक को सहज रूप से स्वीकार करने के लिए जाने जाते हैं। इसी खुलेपन ने मनीष पॉल को खुलकर एंकरिंग करने की छूट दी।

## सवाल-जवाब

### 1. मनीष पॉल ने किन सितारों के साथ अपने काम का अनुभव साझा किया?
मनीष पॉल ने शाहरुख खान, सलमान खान और करण जौहर के साथ काम करने के अपने अनुभवों का जिक्र किया।

### 2. करण जौहर के साथ एंकरिंग करने को लेकर मनीष पॉल ने क्या कहा?
उन्होंने बताया कि करण जौहर के साथ काम करना बेहद सहज रहता है और उन पर किए गए मज़ाक को फिल्ममेकर कभी दिल पर नहीं लेते।

### 3. शाहरुख खान के साथ शुरुआती कार्यक्रमों में मनीष पॉल को क्या महसूस होता था?
मनीष पॉल उस समय नए थे, इसलिए मुंबई पुलिस के आयोजनों में शाहरुख खान के साथ मंच पर जाते हुए वे काफी नर्वस रहते थे।

### 4. शाहरुख खान ने वैनिटी वैन में स्क्रिप्ट देखकर क्या आपत्ति जताई?
उन्होंने देखा कि सारे चुटकुले उनके लिए ही लिखे गए थे, जिस पर उन्होंने कहा कि अगर सब वही बोलेंगे तो मनीष के मंच पर रहने का क्या मतलब होगा।

### 5. शाहरुख खान ने मंच पर मनीष पॉल को सहज करने के लिए क्या सुझाव दिया?
उन्होंने स्क्रिप्ट में बदलाव कराते हुए खुद पर भी चुटकुले बनाने की सलाह दी ताकि नए होस्ट को भी बराबरी का मौका मिले।

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