मुंबई के प्रसिद्ध पंडाल में बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचीं शिल्पा शेट्टी, पहनावे में आकर्षण का केंद्र रहे सौ साल पुराने झुमके शिल्पा शेट्टी अपनी बहन शमिता शेट्टी के साथ मुंबई के लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचीं, जहां उनके पारंपरिक पहनावे और 100 साल पुराने ऐतिहासिक झुमकों ने सबका ध्यान आकर्षित किया। शिल्पा शेट्टी अपने परिवार और छोटी बहन शमिता शेट्टी के साथ गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर मुंबई के मशहूर लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचीं। बॉलीवुड अभिनेत्री हर साल इस त्योहार को बेहद उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाती हैं। इस खास मौके पर उनके पारंपरिक पहनावे और उनके विशेष विंटेज गहनों ने सोशल मीडिया पर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। भीड़ और सुरक्षा के चलते नहीं पूरी हो सकी मन्नत की परंपरा सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शिल्पा शेट्टी और शमिता शेट्टी पूरी तरह से बप्पा की भक्ति के रंग में डूबी नजर आ रही हैं। बप्पा के दर्शन करने के बाद शिल्पा शेट्टी की इच्छा थी कि वह वहां मौजूद मूषक महाराज के कान में अपनी मन्नत कहें। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मूषक के कान में कही गई कोई भी बात सीधे भगवान गणेश तक पहुंचती है। हालांकि, पंडाल में भक्तों की अत्यधिक भीड़ और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रबंधन ने उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी, जिसके चलते वह इस परंपरा को पूरा नहीं कर सकीं। चर्चा में रहे सौ साल पुराने झुमके लालबागचा राजा के दरबार में शिल्पा शेट्टी का बेहद खूबसूरत पारंपरिक अवतार देखने को मिला। उन्होंने एक शानदार साड़ी पहनी थी, जिसे उन्होंने मरून रंग के स्लीवलेस हाई-नेक ब्लाउज के साथ मैच किया था। अपने इस एथनिक लुक को पूरा करने के लिए उन्होंने विंटेज ज्वेलरी, चूड़ियों और अंगूठियों का इस्तेमाल किया। वीडियो में शिल्पा यह खुलासा करती हुई भी दिखीं कि जो झुमके उन्होंने पहने हैं, वे लगभग 100 साल पुराने हैं। वहीं उनकी बहन शमिता शेट्टी भी रॉयल ब्लू रंग के एथनिक परिधान में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। घर पर की डेढ़ दिन के पर्यावरण-अनुकूल बप्पा की पूजा शिल्पा शेट्टी हर साल अपने घर पर भी भगवान गणेश का स्वागत बेहद धूमधाम से करती हैं। इस साल उन्होंने अपने घर में कागज की लुगदी यानी पेपर माशे से बनी पूरी तरह से इको-फ्रेंडली गणेश जी की मूर्ति स्थापित की थी, जिसकी उन्होंने डेढ़ दिन तक पूजा-अर्चुना की। शिल्पा ने साझा किया कि पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए उनका परिवार पिछले कई वर्षों से लगातार केवल इको-फ्रेंडली बप्पा की ही स्थापना कर रहा है। डेढ़ दिन की पूजा पूरी होने के बाद, शिल्पा शेट्टी ने अपने पूरे परिवार और बॉलीवुड जगत के दोस्तों के साथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर डांस करते हुए बप्पा को विदाई दी। इसका आप पर असर शिल्पा शेट्टी द्वारा बप्पा के उत्सव को मनाने का तरीका प्रशंसकों और आम जनता को पारंपरिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण दोनों के प्रति जागरूक करता है। • पर्यावरण के प्रति जागरूकता: शिल्पा शेट्टी का पेपर माशे के इको-फ्रेंडली बप्पा को घर लाना पाठकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करता है। त्योहारों के दौरान मिट्टी या रिसाइकिल होने वाली सामग्री से बनी मूर्तियों का उपयोग करने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को काफी कम किया जा सकता है। • विरासत फैशन का चलन: पुराने और ऐतिहासिक गहनों को आधुनिक पारंपरिक परिधानों के साथ जोड़ना आजकल एक बड़ा फैशन ट्रेंड बन चुका है। आप भी अपने परिवार के पुराने गहनों को सहेजकर खास अवसरों पर एक बेहतरीन विंटेज लुक हासिल कर सकते हैं। • भीड़ प्रबंधन के नियम: त्योहारों के दौरान प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर भारी सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कड़े नियम लागू रहते हैं। ऐसे में आम जनता को दर्शन के लिए जाते समय सुरक्षा नियमों और समय का विशेष ध्यान रखना चाहिए। • घरेलू उत्सव की सादगी: कम समय जैसे डेढ़ दिन के लिए बप्पा की स्थापना करने से कामकाजी लोगों को भी व्यस्त दिनचर्या के बीच त्योहार मनाने का अवसर मिलता है। इससे समय की बचत के साथ-साथ त्योहार की पवित्रता और श्रद्धा भी बनी रहती है। ऐसा क्यों हुआ शिल्पा शेट्टी का लालबागचा राजा पंडाल का दौरा और उनका खास एथनिक लुक एक सुनियोजित पारंपरिक और पारिवारिक उत्सव का हिस्सा था। • सांस्कृतिक श्रद्धा: यह दौरा महाराष्ट्र में व्यापक रूप से मनाए जाने वाले वार्षिक गणेश चतुर्थी उत्सव का एक मुख्य हिस्सा था। शिल्पा शेट्टी के लिए हर साल लालबागचा राजा के दर्शन करना एक महत्वपूर्ण पारिवारिक परंपरा रही है। • सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण: प्रसिद्ध पंडालों में भक्तों की भारी आमद को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों को कड़े नियमों का पालन करना पड़ता है। मूषक के कान में मन्नत मांगने जैसी प्रथाओं पर रोक लगाना भीड़ को लगातार आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक था। • विंटेज फैशन प्राथमिकता: अपनी सार्वजनिक उपस्थिति को खास बनाने के लिए अभिनेत्री ने अपनी विरासत से जुड़े सौ साल पुराने झुमके पहने। सेलिब्रिटी फैशन में आजकल प्राचीन आभूषणों को आधुनिक पहनावे के साथ मिलाकर पेश करने की लोकप्रियता बढ़ रही है। सवाल-जवाब 1. शिल्पा शेट्टी लालबागचा राजा के दर्शन के लिए किसके साथ गई थीं? शिल्पा शेट्टी अपने पूरे परिवार और अपनी छोटी बहन शमिता शेट्टी के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने गई थीं। 2. शिल्पा शेट्टी के झुमके इतने विशेष क्यों थे? शिल्पा शेट्टी ने जो पारंपरिक झुमके पहने थे, वे लगभग 100 साल पुराने विंटेज आभूषण थे जो उनके लुक का मुख्य आकर्षण बने। 3. क्या शिल्पा शेट्टी मूषक महाराज के कान में अपनी मन्नत कह पाईं? नहीं, पंडाल में भारी भीड़ और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के कारण उन्हें मूषक महाराज के कान में मन्नत बोलने की अनुमति नहीं मिल सकी। 4. शिल्पा शेट्टी ने इस साल अपने घर में किस तरह की गणेश प्रतिमा स्थापित की थी? उन्होंने अपने घर पर पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए कागज की लुगदी (पेपर माशे) से बनी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा स्थापित की थी। https://trendkia.com/entertainment/munbai-ke-prasiddha-pndala-men-bappa-ka-ashirvada-lene-pahunchin-shilpa-shetty-pahanave-men-akarshana-ka-kendra-rahe-sau-sala-pura-32983 TrendKia — Har trend, sabse pehle.