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  "type": "article",
  "title": "नितेश तिवारी की रामायण में प्रभु राम का किरदार निभा रहे रणबीर कपूर के सामने क्यों है अरुण गोविल की चार दशक पुरानी विरासत की चुनौती",
  "summary": "नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रामायण में प्रभु राम का किरदार निभा रहे रणबीर कपूर की सीधी तुलना रामानंद सागर के धारावाहिक में अमर हो चुके अरुण गोविल से हो रही है। ट्रेलर और गानों में अपने सौम्य अंदाज से ध्यान खींचने वाले रणबीर के काम को खुद अरुण गोविल भी सराह चुके हैं।",
  "content": "भारतीय सिनेमा के दर्शक इस वक्त निर्देशक नितेश तिवारी की बहुचर्चित फिल्म रामायण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस भव्य परियोजना में सबसे ज्यादा चर्चा अभिनेता रणबीर कपूर के भगवान राम वाले अवतार को लेकर हो रही है। हर कोई यह देखना चाहता है कि बड़े पर्दे पर मर्यादा पुरुषोत्तम की गरिमा, भाव और सौम्यता को वह कितनी गहराई के साथ प्रस्तुत करते हैं। नमित मल्होत्रा और यश की इस बड़े बजट वाली फिल्म को लेकर उत्साह चरम पर है, लेकिन इसके साथ ही मुख्य अभिनेता के कंधों पर एक भारी जिम्मेदारी भी आ गई है।\n\nअरुण गोविल की चार दशक पुरानी अमिट छाप\nइस पूरी परियोजना का सबसे रोचक पहलू यह है कि रामानंद सागर के पौराणिक धारावाहिक में भगवान राम का अमर किरदार निभाने वाले वरिष्ठ अभिनेता अरुण गोविल भी इस नई फिल्म का हिस्सा बने हैं। यही बात अभिनेता रणबीर कपूर के सामने एक अभूतपूर्व कसौटी खड़ी करती है। पिछले चार दशकों से अरुण गोविल द्वारा पर्दे पर गढ़ी गई छवि भारतीय जनमानस के दिलों में गहराई से बसी हुई है। उस छवि को आज तक कोई अन्य कलाकार धुंधला नहीं कर पाया है। जब सिनेमाघरों में आदिपुरुष रिलीज हुई थी, तब भी दर्शकों को अरुण गोविल का सहज और शांत अभिनय शिद्दत से याद आया था। इसके अलावा कोरोना काल के कठिन दिनों में जब टेलीविजन पर उस धारावाहिक का पुनः प्रसारण हुआ, तब भी वह घर-घर में उसी आदर और श्रद्धा के साथ देखे गए थे।\n\nटेलीविजन और सिनेमाई प्रस्तुति में जमीन-आसमान का फासला\nअरुण गोविल का प्रभाव इस कदर था कि वास्तविक जीवन में भी आम लोग उन्हें साक्षात प्रभु का रूप मानकर उनके पैर छूने लगते थे। यही कारण है कि रणबीर कपूर की तुलना उनसे होना पूरी तरह स्वाभाविक है। हालांकि रामानंद सागर के उस दौर और आज की आधुनिक सिनेमैटिक प्रस्तुति में जमीन-आसमान का स्पष्ट अंतर मौजूद है। तकनीक, निर्माण का पैमाना, संवाद अदायगी और दर्शकों का नजरिया पूरी तरह बदल चुका है। ऐसे में रणबीर कपूर के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह साबित होने जा रही है कि वह नई पीढ़ी के दर्शकों तक प्रभु राम के मानवीय और दैवीय गुणों को किस संवेदनशीलता के साथ पहुंचा पाते हैं।\n\nपर्दे पर राम बनने वाले कलाकारों की फेहरिस्त\nभारतीय मनोरंजन जगत में प्रभु राम का चरित्र कई प्रतिभाशाली अभिनेताओं ने निभाया है। आधुनिक दौर में प्रभास के अलावा छोटे पर्दे पर गुरमीत चौधरी और आशीष शर्मा जैसे कलाकारों ने भी इस पावन भूमिका को साकार करने का प्रयास किया। इन तमाम प्रस्तुतियों के बावजूद अरुण गोविल की लोकप्रियता और श्रद्धा का मुकाबला कोई नहीं कर सका। अब यही कठिन पैमाना रणबीर कपूर के अभिनय की असल परीक्षा लेने जा रहा है।\n\nनकल से परे सौम्य और मौलिक अंदाज\nफिल्म के टीजर, ट्रेलर, गीतों और अब तक सामने आई झलकियों से यह साफ संकेत मिला है कि रणबीर कपूर ने किसी पुराने अभिनय की नकल करने की कोशिश नहीं की है। उन्होंने अपने हाव-भाव और शारीरिक भाषा में एक शांत, सहज और सौम्य शैली को बनाए रखा है। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि खुद अरुण गोविल ने रणबीर कपूर के चयन पर अपनी मुहर लगाई थी। उन्होंने कहा था कि आज के दौर के सभी कलाकारों के बीच रणबीर कपूर ही वह अभिनेता हैं जो इस पवित्र भूमिका के साथ पूरा न्याय करने का सामर्थ्य रखते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nइस बहुप्रतीक्षित पौराणिक फिल्म और उसके मुख्य किरदार की तुलना सीधे तौर पर सिनेमा प्रेमियों और भारतीय दर्शकों की भावनाओं को प्रभावित करती है।\n\n• सिनेमा दर्शकों पर असर: भारतीय दर्शकों को अत्याधुनिक वीएफएक्स और आधुनिक सिनेमैटिक तकनीक के जरिए एक भव्य पौराणिक अनुभव देखने को मिलेगा। इसके साथ ही दर्शक यह परख सकेंगे कि क्या आज का सिनेमा पुरानी सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रख पाता है या नहीं।\n• मनोरंजन उद्योग पर प्रभाव: बड़े बजट की इस फिल्म की सफलता भविष्य में बनने वाली पौराणिक और ऐतिहासिक कथाओं के पैमाने और बजट को तय करेगी। यदि यह प्रस्तुति सफल होती है, तो भारतीय निर्माताओं का क्लासिक महाकाव्यों पर निवेश करने का भरोसा और मजबूत होगा।\n• नई पीढ़ी के दर्शकों के लिए: युवा दर्शक जो अस्सी के दशक के धारावाहिक से परिचित नहीं हैं, उनके लिए यह फिल्म मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्शों को देखने का मुख्य माध्यम बनेगी। यह आधुनिक सिनेमाई भाषा के जरिए पुरानी गाथा से जुड़ने का नया अवसर प्रदान करेगी।\n• कलाकारों के चयन का मानक: संवेदनशील धार्मिक और सांस्कृतिक पात्रों के लिए बड़े सितारों के चुनाव और उनकी तैयारी का एक नया पैमाना तय होगा। इससे साबित होगा कि केवल स्टारडम नहीं, बल्कि भूमिका के प्रति समर्पण ही दर्शकों की कसौटी पर खरा उतरता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nनितेश तिवारी की फिल्म रामायण में रणबीर कपूर के प्रभु राम वाले अवतार को लेकर चर्चा और तुलना का मुख्य कारण चार दशकों से चली आ रही सांस्कृतिक स्मृति है।\n\n• सांस्कृतिक विरासत: रामानंद सागर के धारावाहिक में अरुण गोविल का अभिनय भारतीय जनमानस में प्रभु राम का पर्याय बन चुका है। इसी कारण जब भी कोई नया अभिनेता यह भूमिका अपनाता है, दर्शक तुरंत उसकी तुलना गोविल की शालीनता से करने लगते हैं।\n• वरिष्ठ अभिनेता की मौजूदगी: अरुण गोविल खुद नितेश तिवारी, नमित मल्होत्रा और यश की इस नई फिल्म का हिस्सा बने हैं। मूल धारावाहिक के नायक का इस परियोजना में शामिल होना दोनों प्रस्तुतियों के बीच की सीधी रचनात्मक तुलना को और हवा देता है।\n• पूर्व प्रयोगों से उपजी सतर्कता: अतीत में जब आदिपुरुष जैसी आधुनिक प्रस्तुतियां आईं, तो संवाद और चित्रण को लेकर दर्शकों में गहरी नाराजगी देखी गई थी। उसी पृष्ठभूमि के चलते दर्शक इस बार रणबीर कपूर के तौर-तरीकों, संवाद और विनम्रता पर पैनी नजर रख रहे हैं।\n• कलाकार की मौलिक शैली: प्रचार सामग्री में रणबीर कपूर ने पुरानी शैली की नकल करने के बजाय अपनी शांत प्रस्तुति दी है, जिसे खुद अरुण गोविल का आशीर्वाद और समर्थन हासिल हुआ है। इस सार्वजनिक समर्थन ने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. फिल्म रामायण का निर्देशन कौन कर रहे हैं और इसमें राम का किरदार कौन निभा रहा है?\nइस फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं और इसमें प्रभु राम का मुख्य किरदार अभिनेता रणबीर कपूर निभा रहे हैं।\n\n2. रणबीर कपूर की तुलना किस अभिनेता के काम से की जा रही है?\nरणबीर कपूर के अभिनय की तुलना रामानंद सागर के धारावाहिक में चार दशक से राम की अमिट छाप छोड़ने वाले अरुण गोविल से की जा रही है।\n\n3. फिल्म रामायण के निर्माता कौन हैं?\nइस भव्य फिल्म के निर्माण से नमित मल्होत्रा और यश जुड़े हुए हैं।\n\n4. क्या अरुण गोविल इस नई फिल्म रामायण का हिस्सा हैं?\nजी हां, वरिष्ठ अभिनेता अरुण गोविल भी नमित मल्होत्रा और यश की इस नई फिल्म का हिस्सा हैं।\n\n5. रणबीर कपूर के अलावा किन अन्य अभिनेताओं ने पर्दे पर राम की भूमिका निभाई है?\nअरुण गोविल और रणबीर कपूर के अलावा प्रभास, गुरमीत चौधरी और आशीष शर्मा जैसे कलाकारों ने भी प्रभु राम का किरदार निभाया है।\n\n6. रणबीर कपूर के अभिनय को लेकर अरुण गोविल ने क्या प्रतिक्रिया दी थी?\nअरुण गोविल ने कहा था कि आज के दौर के सभी 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