# ओटीटी ने बदली सिनेमा की तस्वीर, सोनाली बेंद्रे बोलीं- अब कलाकारों को मिल रही है खुली छूट

> अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे का कहना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म और मल्टीप्लेक्स संस्कृति ने फिल्म निर्माण का पूरा परिदृश्य बदल दिया है। अब निर्माताओं और कलाकारों के सामने कहानियों की कोई पाबंदी नहीं है।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/ott-has-completely-transformed-cinema-says-sonali-bendre-on-creative-freedom-47144 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोनाली बेंद्रे, ओटीटी, मनोरंजन, वेब सीरीज, सिनेमा, बॉलीवुड

सिनेमा जगत की जानी-मानी अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे का मानना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ने कलाकारों के लिए नए और अनछुए रास्ते खोल दिए हैं। अब कलाकारों को लीक से हटकर अलग-अलग प्रकार की कहानियों का हिस्सा बनने और अपने अभिनय के नए आयाम दिखाने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है। सोनाली के अनुसार, पहले के समय में मुख्यधारा की फिल्में बनाते वक्त समाज के हर वर्ग के दर्शकों की पसंद का विशेष ध्यान रखना पड़ता था, लेकिन अब ओटीटी और मल्टीप्लेक्स के आने से फिल्म निर्माताओं के पास विभिन्न विषयों पर खुलकर कहानियां गढ़ने की पूरी आजादी है।

## रंगा-बिल्ला मामले से प्रेरित सीरीज में निभाया किरदार
सोनाली बेंद्रे ने हाल ही में प्राइम वीडियो की सीरीज ‘राख’ में एक ऐसी मां की भूमिका अदा की है, जो अपने बच्चे को खोने के असहनीय दर्द से जूझ रही है। इस सीरीज की पूरी पटकथा 1970 के दशक में हुए कुख्यात रंगा-बिल्ला मामले से प्रेरित थी। अपने इस चुनौतीपूर्ण किरदार के जरिए सोनाली ने एक बार फिर अपनी अभिनय क्षमता का एक अलग ही रूप दर्शकों के सामने पेश किया, जिसे काफी सराहा गया।

## कहानियों की दुनिया में आया बड़ा बदलाव
एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान सोनाली ने इस बात पर जोर दिया कि हर दौर का अपना एक समय और दायरा होता है। ओटीटी और मल्टीप्लेक्स के दौर के आने से अब अलग-अलग और लीक से हटकर कहानियां बनाने के अवसर काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। उन्होंने याद किया कि 1990 के दशक के दौर में मुख्यधारा की फिल्मों को बनाते समय एक तयशुदा फॉर्मेट का ही पालन करना पड़ता था। उस समय फिल्म निर्माताओं को व्यावसायिक मजबूरियों के चलते समाज के हर तबके के दर्शकों की पसंद और नापसंद का कड़ाई से ख्याल रखना पड़ता था।

## कलाकारों के सामने अब हैं विविधतापूर्ण किरदार
सोनाली ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मल्टीप्लेक्स संस्कृति के प्रसार के बाद फिल्मों के प्रति दर्शकों और निर्माताओं की सोच में क्रांतिकारी बदलाव आया है। अब किसी एक खास या चुनिंदा दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर भी बेहिचक फिल्में बनाई जा सकती हैं। इससे फिल्ममेकर्स को नए और संवेदनशील विषयों पर काम करने का मौका मिला है, जिससे वे अभिनव कहानियां दर्शकों तक पहुंचा पा रहे हैं। उनके मुताबिक, जब फिल्मों की कहानियों में विविधता आती है, तो उसका सीधा फायदा कलाकारों को मिलता है, जिन्हें लीक से हटकर किरदार निभाने का अवसर प्राप्त होता है। सोनाली का मानना है कि आज के दौर में कलाकारों के पास अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए पहले की तुलना में कहीं अधिक और बेहतर मौके मौजूद हैं।

## ओटीटी डेब्यू और मौजूदा प्रोजेक्ट्स
गौरतलब है कि सोनाली बेंद्रे ने साल 2022 में चर्चित सीरीज ‘द ब्रोकन न्यूज’ के जरिए डिजिटल दुनिया यानी ओटीटी में अपना शानदार कदम रखा था। इस सीरीज में उन्होंने अमीना कुरैशी नाम का किरदार निभाया था, जो एक बेहद मजबूत इरादों वाली और अपने उसूलों तथा सिद्धांतों पर दृढ़ता से चलने वाली महिला थी। उनके उस काम को भी दर्शकों और समीक्षकों द्वारा काफी सराहा गया था। बात करें उनके मौजूदा प्रोजेक्ट्स की, तो इन दिनों सोनाली रियलिटी शो ‘पति पत्नी और पंगा’ की मेजबानी करती हुई नजर आ रही हैं। यह खास शो कलर्स टीवी के साथ-साथ जियोहॉटस्टार पर भी प्रसारित किया जा रहा है, जहाँ दर्शक इसे पसंद कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के विस्तार और मल्टीप्लेक्स संस्कृति के बढ़ने का सीधा असर दर्शकों और मनोरंजन उद्योग से जुड़े कलाकारों पर पड़ रहा है।

- **दर्शकों के लिए:** दर्शकों को अब सिनेमाघरों और ओटीटी पर एक ही तरह की घिसी-पिटी कहानियों के बजाय लीक से हटकर नए विषयों और प्रयोगधर्मी कंटेंट देखने को मिल रहा है। इससे दर्शकों के पास मनोरंजन के विकल्पों का दायरा काफी बढ़ गया है।
- **कलाकारों के लिए:** कलाकारों के पास अब केवल पारंपरिक व्यावसायिक फिल्मों तक सीमित रहने की मजबूरी नहीं है, बल्कि वे चुनौतीपूर्ण और विविधतापूर्ण किरदार निभाकर अपनी अभिनय प्रतिभा को निखार सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
पारंपरिक मुख्यधारा के सिनेमा में लंबे समय तक व्यावसायिक दबाव और एक तयशुदा फॉर्मूले के तहत फिल्में बनाने की मजबूरी रही थी। तकनीक के प्रसार और नए माध्यमों के आने से इस सोच में बदलाव आया है।

- **व्यावसायिक मजबूरियां:** नब्बे के दशक और उससे पहले सिनेमाघरों में लागत निकालने के लिए हर वर्ग के दर्शक को ध्यान में रखना अनिवार्य माना जाता था।
- **मल्टीप्लेक्स और ओटीटी का प्रसार:** मल्टीप्लेक्स संस्कृति और डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स ने एक निश्चित दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर प्रोजेक्ट तैयार करने की स्वतंत्रता दी।
- **कंटेंट में विविधता:** नए विषयों और संवेदनशील कहानियों की मांग बढ़ने के कारण फिल्म निर्माताओं को अलग जॉनर पर काम करने का अवसर मिला।

## सवाल-जवाब

### 1. सोनाली बेंद्रे ने किस ओटीटी सीरीज से अपना डिजिटल डेब्यू किया था?
सोनाली बेंद्रे ने साल 2022 में आई सीरीज ‘द ब्रोकन न्यूज’ से अपना ओटीटी डेब्यू किया था।

### 2. सोनाली बेंद्रे ने प्राइम वीडियो की किस सीरीज में अभिनय किया है?
सोनाली बेंद्रे ने प्राइम वीडियो की सीरीज ‘राख’ में काम किया है।

### 3. सीरीज ‘राख’ की कहानी किस घटना पर आधारित थी?
यह सीरीज 1970 के दशक में हुए चर्चित रंगा-बिल्ला मामले से प्रेरित थी।

### 4. सोनाली बेंद्रे इन दिनों किस रियलिटी शो की मेजबानी कर रही हैं?
वह इन दिनों रियलिटी शो ‘पति पत्नी और पंगा’ की मेजबानी कर रही हैं।

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