# पद्मिनी कोल्हापुरे और मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म का वो विदाई गीत, जिसे रिकॉर्ड करते वक्त फफक कर रो पड़े थे किशोर कुमार

> साल 1989 की फिल्म ‘दाता’ का गाना ‘बाबुल का ये घर बहना’ अपनी भावुक विदाई के लिए मशहूर हुआ था। इसे रिकॉर्ड करते समय दिग्गज गायक किशोर कुमार स्टूडियो में फफक कर रो पड़े थे, और यह उनके करियर का अंतिम गाना साबित हुआ।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-08-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/padmini-kolhapure-aura-mithuna-chakravarti-ki-philma-ka-vo-vidai-gita-jise-rikorda-karate-vakta-phaphaka-kara-ro-pare-the-kishore--24471 · **Language:** Hindi
**Tags:** किशोर कुमार, पद्मिनी कोल्हापुरे, मिथुन चक्रवर्ती, दाता फिल्म, बाबुल का ये घर बहना, अल्का याज्ञनिक, बॉलीवुड विदाई गीत, सुल्तान अहमद

सिनेमा जगत में कई ऐसी पुरानी फिल्में मौजूद हैं जिनकी कहानी भले ही पुरानी हो जाए, लेकिन उनके गीत और किरदार हमेशा दर्शकों के जहन में ताजा रहते हैं। वर्ष 1989 में प्रदर्शित हुई एक ऐसी ही फिल्म ने उस समय बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की थी। इस फिल्म में रोमांस, एक्शन और भावनाओं का ऐसा अनूठा मिश्रण देखने को मिला था कि दर्शक सिनेमाघरों की ओर खिंचे चले आए थे। जब यह फिल्म पर्दे पर आई तो थिएटर्स दर्शकों से पूरी तरह भरे हुए थे, और यह फिल्म पद्मिनी कोल्हापुरे तथा मिथुन चक्रवर्ती की मुख्य भूमिका वाली ‘दाता’ थी।

 

## एक ऐसा विदाई गीत जिसने रुला दिया पूरा परिवार
 पद्मिनी कोल्हापुरे और मिथुन चक्रवर्ती अभिनीत फिल्म ‘दाता’ जब सिनेमाघरों में उतरी तब चारों तरफ इसकी चर्चा होने लगी थी। यह एक अत्यंत भावुक फिल्म है, जिसमें एक ऐसा विदाई गीत शामिल है जिसे आज भी सुनते ही किसी भी बेटी और उसके परिजनों का दिल पसीज जाता है। उस समय जब यह गीत किसी बेटी के विवाह के अवसर पर बजता था, तो उसका पूरा परिवार फफक-फफक कर रोने लगता था।

 

## स्टूडियो में फफक कर रो पड़े थे किशोर कुमार
 इस प्रसिद्ध गीत का नाम ‘बाबुल का ये घर बहना’ है, जिसे हिंदी सिनेमा के दो ऐसे महान गायकों ने अपनी आवाज दी थी जिनकी जादुई आवाज सीधे दिलों को छू जाती है। ये दोनों दिग्गज गायक किशोर कुमार और अल्का याज्ञनिक थे। इन दोनों की आवाज में सजा यह गाना उस कालखंड का सबसे लोकप्रिय विदाई गीत बन गया था, परंतु इसे गाना इन दिग्गजों के लिए भी बिल्कुल आसान नहीं रहा था। इस गीत को गाते हुए किशोर कुमार का गला रुंध जाता था और स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के दौरान वह फूट-फूटकर रो पड़े थे।

 

## गीतकार का अंतिम और अमर गीत
 गाना ‘बाबुल का ये घर बहना’ एक अन्य वजह से भी बेहद खास और ऐतिहासिक माना जाता है। यह भारतीय संगीत जगत के सबसे महान गायक किशोर कुमार द्वारा गाया गया अंतिम गीत था। अपने पूरे करियर में अनगिनत यादगार और अमर गाने देने वाले किशोर कुमार का यह अंतिम गीत ऐसा था जिसे सुनते ही आज भी हर किसी की आंखें नम हो जाती हैं।

 

## फिल्म ‘दाता’ की अन्य खास बातें
 यदि फिल्म ‘दाता’ के अन्य पहलुओं पर नजर डालें तो यह वर्ष 1989 में रिलीज हुई एक प्रमुख हिंदी एक्शन-ड्रामा फिल्म थी। इस फिल्म का निर्देशन और निर्माण सुल्तान अहमद ने किया था। इस प्रोजेक्ट में मिथुन चक्रवर्ती और पद्मिनी कोल्हापुरे के अलावा शम्मी कपूर, अमरीश पुरी, प्रेम चोपड़ा तथा सुरेश ओबेरॉय जैसे कई दिग्गज कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म की कहानी पारिवारिक रिश्तों, संघर्ष, अन्याय और बदले की भावना के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें मिथुन चक्रवर्ती ने कुंदन नाम का किरदार निभाया था। इस फिल्म का संगीत कल्याणजी-आनंदजी ने तैयार किया था, और इनमें से किशोर कुमार तथा अल्का याज्ञनिक का गाया हुआ यह गीत सबसे अधिक लोकप्रिय साबित हुआ था।

## सवाल-जवाब

### 1. फिल्म 'दाता' किस वर्ष रिलीज हुई थी?
फिल्म 'दाता' साल 1989 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।

### 2. गाना 'बाबुल का ये घर बहना' किसने गाया था?
इस प्रसिद्ध गीत को किशोर कुमार और अल्का याज्ञनिक ने अपनी आवाज दी थी।

### 3. फिल्म 'दाता' का निर्देशन किसने किया था?
फिल्म का निर्देशन और निर्माण सुल्तान अहमद ने किया था।

### 4. फिल्म 'दाता' में मुख्य कलाकार कौन थे?
फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, पद्मिनी कोल्हापुरे, शम्मी कपूर, अमरीश पुरी, प्रेम चोपड़ा और सुरेश ओबेरॉय मुख्य भूमिकाओं में थे।

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