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  "type": "article",
  "title": "परमीत सेठी और अर्चना पूरन सिंह के करियर की यात्रा, फिल्मों से लेकर डिजिटल दौर तक",
  "summary": "दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के अभिनेता परमीत सेठी और उनकी पत्नी अर्चना पूरन सिंह के मनोरंजन सफर, फिल्मों और कमाई से जुड़े पहलुओं पर एक विस्तृत नजर।",
  "content": "हिंदी सिनेमा के लंबे इतिहास में कई ऐसे प्रतिभाशाली चेहरे देखने को मिले हैं, जिन्होंने अपनी पहली ही उपस्थिति से बड़े पर्दे पर गहरी छाप छोड़ी। दर्शकों के जेहन में ऐसे कलाकारों की भूमिकाएं सालों बाद भी जीवंत रहती हैं, भले ही वक्त के साथ उनकी फिल्मों की संख्या सीमित हो गई हो। अभिनेता, लेखक और निर्देशक परमीत सेठी इसी श्रेणी में आते हैं। भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे चर्चित रोमांटिक फिल्मों में शुमार एक बड़ी परियोजना से अपने अभिनय का सफर शुरू करने वाले परमीत ने कई दशकों तक विभिन्न प्रोजेक्ट्स में काम किया। दूसरी ओर, उनकी जीवनसाथी और जानी-मानी अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह लगातार टेलीविजन की दुनिया में सक्रिय रहकर 64 वर्ष की उम्र में भी अपनी एक मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं।\n\nबड़े पर्दे पर धमाकेदार शुरुआत और यादगार किरदार\nपरमीत सेठी के पेशेवर सफर का सबसे निर्णायक मोड़ वर्ष 1995 में आया, जब उन्होंने आदित्य चोपड़ा के निर्देशन में बनी और यशराज फिल्म्स द्वारा निर्मित 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' में काम किया। शाहरुख खान और काजोल के मुख्य किरदारों के साथ सजी इस कहानी में परमीत ने कुलजीत सिंह की भूमिका निभाई थी, जो सिमरन यानी काजोल के मंगेतर का किरदार था। यशराज फिल्म्स के आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह बतौर अभिनेता उनकी पहली फीचर फिल्म थी। भले ही कुलजीत का चरित्र कहानी में ग्रे शेड या नकारात्मक झुकाव लिए हुए था, लेकिन उनके सधे हुए अंदाज और प्रभावी स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों का ध्यान खींचा और उन्हें रातोंरात एक जाना-पहचाना नाम बना दिया।\n\nशुरुआती दौर में कोरियोग्राफर और निर्देशक फराह खान ने भी उनके करियर को आगे बढ़ाने में काफी सहयोग किया। इसके बाद परमीत ने कई बड़ी और चर्चित फिल्मों में विविध किरदार निभाए। उन्होंने अजय देवगन, शाहरुख खान, काजोल और शिल्पा शेट्टी जैसे शीर्ष कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा की। उनकी प्रमुख फिल्मों की सूची में 'दिलजले', 'धड़कन', 'कच्चे धागे', 'लक्ष्य' और 'रुस्तम' शामिल हैं। इन फिल्मों में उन्होंने एक्शन, ड्रामा और संजीदा भूमिकाओं में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। यद्यपि हिंदी सिनेमा में हर कलाकार की अपनी एक यात्रा होती है और कई बार मुख्य धारा की वैसी निरंतर सफलता नहीं मिल पाती जिसकी उम्मीद की जाती है, फिर भी उन्होंने विभिन्न शैलियों में काम करके अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।\n\nनिर्देशन की दुनिया में कदम और हालिया काम\nअभिनय के दायरे से आगे बढ़कर परमीत सेठी ने अपनी रचनात्मक दृष्टि को पर्दे के पीछे भी आजमाया। वर्ष 2010 में उन्होंने फिल्म निर्माण और निर्देशन की कमान संभाली और 'बदमाश कंपनी' के जरिए निर्देशक के रूप में अपनी शुरुआत की। शाहिद कपूर और अनुष्का शर्मा के अभिनय से सजी इस कहानी को दर्शकों ने खूब सराहा। इस फिल्म के जरिए उन्होंने साबित किया कि वे सिर्फ संवाद बोलने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी कहानी को गढ़ने और प्रस्तुत करने की क्षमता भी रखते हैं।\n\nहाल के वर्षों में उनके काम को लेकर अक्सर यह चर्चा उठती रही है कि वे बड़े पर्दे से पूरी तरह गायब हो गए हैं। हालांकि, यदि उनके हालिया प्रोजेक्ट्स को देखा जाए, तो वे पूरी तरह निष्क्रिय नहीं रहे हैं। वर्ष 2023 में रिलीज हुई सिद्धार्थ मल्होत्रा अभिनीत फिल्म 'मिशन मजनू' में वे आरएन काव के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक किरदार में नजर आए थे। इसके अलावा, उनकी फिल्मोग्राफी में वर्ष 2025 की फिल्म 'आबीर गुलाल' का नाम भी दर्ज है। ऐसे में यह धारणा पूरी तरह सही नहीं बैठती कि उन्हें पिछले तीन वर्षों से बिल्कुल काम नहीं मिला है, हालांकि पहले के मुकाबले उनके प्रोजेक्ट्स की संख्या जरूर कम हुई है।\n\nअर्चना पूरन सिंह का टेलीविजन पर प्रभाव और व्लॉगिंग से कमाई की चर्चा\nपरमीत सेठी के साथ ही उनकी पत्नी अर्चना पूरन सिंह का करियर भी मनोरंजन जगत में एक मिसाल के तौर पर देखा जाता है। अर्चना ने जहां हिंदी फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से पहचान बनाई, वहीं टेलीविजन के पर्दे पर उन्होंने एक अलग ही मुकाम हासिल किया। विभिन्न कॉमेडी रियलिटी शोज में बतौर जज उनकी उपस्थिति को दर्शकों ने बेहद पसंद किया है। खासकर कपिल शर्मा के कॉमेडी शो में उनकी सहज हंसी, गर्मजोशी और लगातार मौजूदगी ने उन्हें घर-घर का पसंदीदा नाम बना दिया।\n\n64 साल की उम्र में भी अर्चना पूरन सिंह मनोरंजन उद्योग में निरंतर सक्रिय हैं और उनकी कमाई को लेकर अक्सर मीडिया में खबरें आती रहती हैं। हालांकि, इंटरनेट पर उनकी कुल संपत्ति और सालाना आय से जुड़े जितने भी आंकड़े मौजूद हैं, वे आधिकारिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं। इसलिए ऐसे दावों को पूरी तरह तथ्य मान लेना सही नहीं होगा। वहीं, दूसरी ओर डिजिटल माध्यमों के उभार पर बात करते हुए परमीत सेठी ने परिवार के व्लॉगिंग प्रोजेक्ट्स से होने वाली आमदनी पर भी अपने विचार साझा किए हैं। उनका मानना है कि यदि कोई व्लॉगिंग को पूर्णकालिक पेशे के रूप में अपनाए, तो यह माध्यम फिल्मों और टेलीविजन की तुलना में तीन गुना तक अधिक कमाई देने की क्षमता रखता है।\n\nइसका आप पर असर\nमनोरंजन उद्योग में करियर के उतार-चढ़ाव और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव को समझने के लिए यह खबर सामान्य पाठकों और मीडिया प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि देती है।\n\n• करियर निरंतरता: पारंपरिक सिनेमा में काम के सीमित होने पर भी रचनात्मक लोग निर्देशन या डिजिटल मीडिया में नए रास्ते तलाश सकते हैं। यह पेशेवरों को सिखाता है कि उद्योग में बने रहने के लिए अपनी कला का विविधीकरण जरूरी है।\n• पारिवारिक वित्तीय संतुलन: जहां एक साथी का सिनेमाई काम धीमा हो सकता है, वहीं दूसरा साथी टीवी या अन्य माध्यमों से परिवार की स्थिरता बनाए रख सकता है। यह आधुनिक कामकाजी दंपतियों के लिए वित्तीय और पेशेवर सहयोग का एक उदाहरण पेश करता है।\n• डिजिटल कमाई का विकल्प: व्लॉगिंग और सोशल मीडिया जैसे स्वतंत्र प्लेटफॉर्म पारंपरिक टीवी और फिल्मों से अधिक कमाई का अवसर दे रहे हैं। इच्छुक रचनाकार डिजिटल कंटेंट क्रिएशन को एक पूर्णकालिक और लाभदायक करियर के रूप में देख सकते हैं।\n• सटीक सूचना का महत्व: सोशल मीडिया पर सितारों की करोड़ों की संपत्ति और काम न मिलने से जुड़े दावों को हमेशा आधिकारिक स्रोतों से जांचना चाहिए। सामान्य पाठकों को इंटरनेट पर मौजूद असत्यापित आंकड़ों पर तुरंत विश्वास करने से बचना चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nफिल्म और मनोरंजन उद्योग में कलाकारों की उपस्थिति समय के साथ बदलती रहती है, जो व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और माध्यमों के विकास पर निर्भर करती है। यह घटनाक्रम पारंपरिक फिल्मों, टीवी शो और नए डिजिटल माध्यमों के बीच काम और आय के बदलते समीकरणों के कारण सामने आया है।\n\n• अभिनय से निर्देशन की ओर झुकाव: परमीत सेठी ने केवल अभिनय पर निर्भर रहने के बजाय 2010 में फिल्म निर्माण और निर्देशन की दिशा में कदम बढ़ाया था। इस रचनात्मक बदलाव के कारण बड़े पर्दे पर उनके ऑन-स्क्रीन किरदारों की संख्या स्वाभाविक रूप से कम हुई।\n• टेलीविजन और रियलिटी शोज की निरंतरता: अर्चना पूरन सिंह ने फिल्मों के साथ-साथ टीवी कॉमेडी शोज में एक स्थिर भूमिका बनाई, जहां लंबे समय तक चलने वाले शोज ने उन्हें निरंतर दृश्यता और वित्तीय लाभ दिया। इस माध्यम की निरंतरता ने उनके करियर को 64 वर्ष की उम्र में भी बेहद मजबूत रखा।\n• व्लॉगिंग और डिजिटल इकोसिस्टम का विस्तार: हाल के वर्षों में इंटरनेट आधारित कंटेंट क्रिएशन और पारिवारिक व्लॉगिंग एक बड़े राजस्व स्रोत के रूप में उभरे हैं। डिजिटल माध्यमों की व्यावसायिक क्षमता ने कलाकारों को मुख्यधारा के प्रोडक्शन हाउसों से इतर स्वतंत्र कमाई के अवसर दिए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. परमीत सेठी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत किस फिल्म से की थी?\nपरमीत सेठी ने बतौर अभिनेता अपनी पहली फिल्म 1995 में रिलीज हुई 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' की थी, जिसमें उन्होंने कुलजीत सिंह की भूमिका निभाई थी।\n\n2. परमीत सेठी ने किस फिल्म से बतौर निर्देशक शुरुआत की थी?\nउन्होंने वर्ष 2010 में रिलीज हुई शाहिद कपूर और अनुष्का शर्मा अभिनीत फिल्म 'बदमाश कंपनी' से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था।\n\n3. क्या परमीत सेठी को पिछले तीन वर्षों से बिल्कुल काम नहीं मिला है?\nयह दावा पूरी तरह सही नहीं है, क्योंकि वे वर्ष 2023 की फिल्म 'मिशन मजनू' में आरएन काव के किरदार में दिखे थे और उनकी फिल्मोग्राफी में 2025 की फिल्म 'आबीर गुलाल' भी शामिल है।\n\n4. व्लॉगिंग की कमाई को लेकर परमीत सेठी का क्या आकलन है?\nपरमीत सेठी के अनुसार, यदि व्लॉगिंग को पूर्णकालिक पेशे के रूप में किया जाए, तो यह टीवी और फिल्मों की तुलना में तीन गुना तक अधिक आमदनी दे सकती है।",
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  "category": "मनोरंजन",
  "publishedAt": "2026-10-14",
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