# फिल्म 'काला हिरण' विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खान से मांगा जवाब, निर्माता अमित जानी ने लगाई रोक की गुहार

> दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म निर्माता अमित जानी की याचिका पर अभिनेता सलमान खान से जवाब तलब किया है, जिसमें एक्टर के मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/philma-kala-hirana-vivada-men-delhi-high-court-ne-salman-khan-se-manga-javaba-nirmata-amit-jani-ne-lagai-roka-ki-guhara-44165 · **Language:** Hindi
**Tags:** सलमान खान, अमित जानी, दिल्ली हाईकोर्ट, काला हिरण, पर्सनैलिटी राइट्स, बॉलीवुड समाचार

फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ को लेकर छिड़ा कानूनी विवाद अब देश की राजधानी की अदालत में और गहरा गया है। इस पूरे मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह कानूनी खींचतान 1998 के बहुचर्चित काले हिरण प्रकरण से जुड़ी बताई जा रही फिल्म को लेकर शुरू हुई है, जिस पर अभिनेता और फिल्म निर्माता दोनों ही अपने-अपने कानूनी अधिकारों को लेकर आमने-सामने खड़े हैं।

## निर्माता अमित जानी की अर्जी और कोर्ट में रखी गई दलील
इस पूरे विवाद में फिल्म के निर्माता अमित जानी ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए एक विशेष आवेदन दायर किया है। उनकी मुख्य मांग यह है कि सलमान खान की ओर से दायर किए गए मूल मुकदमे की सुनवाई पर फिलहाल रोक लगा दी जाए। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की एकल पीठ के समक्ष हुई।

अदालत की कार्यवाही के दौरान निर्माता अमित जानी के कानूनी प्रतिनिधि ने अपनी दलीलें पेश करते हुए कहा कि ठीक इसी प्रकृति की मांग और विषय से जुड़ा एक अन्य मामला पहले से ही हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। वकील का कहना था कि जब तक उस पूर्व लंबित मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक सलमान खान से जुड़े इस मौजूदा दीवानी मुकदमे की कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि दोनों मामलों में उठाई गई मांगें आपस में जुड़ी हुई हैं, इसलिए मौजूदा कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाना न्यायहित में होगा।

## पर्सनैलिटी राइट्स और सलमान खान के वकील का पक्ष
अदालत में सुनवाई आगे बढ़ने पर पीठ ने सलमान खान के मुकदमे के मूल स्वरूप और उसमें मांगी गई राहत पर विस्तार से चर्चा की। अदालत ने यह जानने की कोशिश की कि क्या यह पूरा मुकदमा अभिनेता के पर्सनैलिटी राइट्स यानी उनके व्यक्तिगत अधिकारों के संरक्षण से संबंधित है।

इस बिंदु पर अभिनेता की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रवि प्रकाश ने अदालत को स्पष्ट किया कि उनका मूल वाद वास्तव में सलमान खान के पर्सनैलिटी राइट्स के संरक्षण के लिए ही दायर किया गया था। वरिष्ठ वकील ने पीठ को यह भी याद दिलाया कि इस मामले में पूर्व में अदालत अभिनेता के पक्ष में अनुकूल आदेश पारित कर चुकी है। उन्होंने बताया कि उस अदालती आदेश के बाद इस नई फिल्म की घोषणा सार्वजनिक रूप से की गई, जो अभिनेता के जीवन की एक पुरानी घटना पर आधारित प्रतीत होती है। इसी वजह से अभिनेता की कानूनी टीम को फिल्म के निर्माण और प्रदर्शन के खिलाफ अदालत से अतिरिक्त राहत मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा।

## निर्माता के साक्षात्कारों पर अभिनेता की आपत्ति
सलमान खान की कानूनी टीम ने अदालत में यह बिंदु भी पुरजोर तरीके से उठाया कि फिल्म को लेकर उठाई गई आपत्तियां केवल अनुमानों पर आधारित नहीं हैं। अभिनेता के वकीलों ने रेखांकित किया कि अदालत से राहत की मांग करते वक्त निर्माता द्वारा दिए गए विभिन्न सार्वजनिक बयानों और साक्षात्कारों को रिकॉर्ड पर रखा गया था। इन साक्षात्कारों और बयानों से यह स्पष्ट होता है कि परियोजना का सीधा संबंध अभिनेता के जीवन से जोड़ा जा रहा है, जिस पर अभिनेता की टीम ने गंभीर एतराज जताया है।

दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता रवि प्रकाश को निर्देश दिया कि वे निर्माता अमित जानी द्वारा दायर इस आवेदन पर औपचारिक उत्तर दाखिल करें। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की है, जहां दोनों पक्ष अपनी विस्तृत दलीलें पेश करेंगे।

## इसका आप पर असर
यह कानूनी विवाद बॉलीवुड में मशहूर हस्तियों के निजी अधिकारों और सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्मों के निर्माण के बीच कानूनी सीमाएं तय करता है।

- **सिनेमा दर्शकों के लिए:** विवादित फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी' के निर्माण और रिलीज में देरी हो सकती है। अगर कोर्ट ने रोक लगाई तो दर्शक इस फिल्म को तय समय पर सिनेमाघरों या प्लेटफॉर्म्स पर नहीं देख पाएंगे।
- **मनोरंजन उद्योग के लिए:** हस्तियों के जीवन पर बनने वाले प्रोजेक्ट्स को कानूनी मंजूरे लेना और ज्यादा अनिवार्य हो जाएगा। फिल्म निर्माताओं को किसी वास्तविक हस्ती के संदर्भ का इस्तेमाल करने से पहले पर्सनैलिटी राइट्स की कानूनी जटिलताओं का सामना करना पड़ेगा।
- **कानूनी नजीर:** दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला सेलिब्रिटी राइट्स पर नई कानूनी व्याख्या पेश कर सकता है। इससे यह साफ होगा कि पुराने आपराधिक मामलों या जीवन की घटनाओं पर बिना अनुमति फिल्म बनाई जा सकती है या नहीं।
- **आगामी अदालती कदम:** दोनों पक्षों को 16 दिसंबर तक अपनी दलीलें और जवाब तैयार करने होंगे। इस तारीख के बाद ही तय होगा कि फिल्म पर अंतरिम रोक लगेगी या उसका काम जारी रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कानूनी विवाद 1998 के काले हिरण मामले से जुड़ी एक नई फिल्म की घोषणा और अभिनेता के व्यक्तिगत अधिकारों के टकराव के कारण उत्पन्न हुआ है।

- **विवादित फिल्म का ऐलान:** निर्माता अमित जानी द्वारा 'काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी' की घोषणा के बाद विवाद ने तूल पकड़ा। इस फिल्म को सलमान खान के 1998 के पुराने मामले से सीधे तौर पर जोड़ा गया था।
- **पर्सनैलिटी राइट्स पर पूर्व आदेश:** सलमान खान ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कोर्ट का रुख किया था। अभिनेता की टीम का दावा है कि अदालत पहले ही उनके पक्ष में सुरक्षात्मक आदेश दे चुकी थी।
- **निर्माता के मीडिया बयान:** अभिनेता की टीम ने निर्माता के साक्षात्कारों और बयानों पर आपत्ति जताई। इन बयानों को आधार बनाकर अभिनेता ने फिल्म के खिलाफ अदालती राहत की मांग की।
- **समानांतर याचिका का तर्क:** निर्माता अमित जानी ने यह दलील दी कि इसी तरह की राहत से जुड़ा एक पुराना मामला पहले से हाईकोर्ट में लंबित है। इसी आधार पर उन्होंने सलमान खान के वर्तमान मुकदमे की सुनवाई टालने की अर्जी लगाई।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली हाईकोर्ट में किस फिल्म को लेकर विवाद चल रहा है?
यह कानूनी विवाद फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी' को लेकर चल रहा है, जिसका निर्माण अमित जानी कर रहे हैं।

### 2. फिल्म निर्माता अमित जानी ने अदालत से क्या मांग की है?
निर्माता ने सलमान खान द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई पर तब तक रोक लगाने की मांग की है जब तक हाईकोर्ट में लंबित ऐसा ही पुराना मामला सुलझ नहीं जाता।

### 3. सलमान खान की कानूनी टीम ने कोर्ट में क्या दलील दी?
सलमान खान के वकील ने कहा कि उनका मुकदमा पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर है और निर्माता के सार्वजनिक बयानों के आधार पर फिल्म के खिलाफ राहत मांगी गई है।

### 4. इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की गई है।

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