# फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी से हटाने पर सिख समुदाय का प्रदर्शन, दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी का बड़ा ऐलान

> दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' के ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 से अचानक हटने पर विवाद बढ़ गया है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अब इस फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग करेगी।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-07-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/philma-satluj-ko-otiti-se-hatane-para-sikha-samudaya-ka-pradarshana-delhi-sikh-gurdwara-committee-ka-bara-ailana-5688 · **Language:** Hindi
**Tags:** सतलुज फिल्म, दिलजीत दोसांझ, जसवंत सिंह खालड़ा, डीएसजीएमसी, ओटीटी विवाद, सिख समुदाय

हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 पर रिलीज हुई फिल्म 'सतलुज' का सफर विवादों के घेरे में आ गया है। 'पंजाब 95' के नाम से चर्चित रही इस फिल्म को रिलीज के महज 48 घंटे के भीतर ही प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। दिलजीत दोसांझ अभिनीत इस फिल्म के अचानक गायब होने से सिख समुदाय में भारी नाराजगी देखी जा रही है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (DSGMC) ने इस कदम को दबाने की साजिश करार दिया है और इसे लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कमेटी का मानना है कि यह सामाजिक कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित एक महत्वपूर्ण सच्चाई को दबाने का प्रयास है।

## फिल्म के साथ विवादों का पुराना नाता
इस फिल्म को लेकर संघर्ष की कहानी तीन से चार साल पुरानी है। फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है। शुरुआत में, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म में 127 कट्स लगाने की मांग रखी थी। इन कट्स में फिल्म के शीर्षक 'पंजाब' को हटाना, मुख्य अभिनेता के किरदार का नाम बदलना, भारतीय ध्वज से जुड़े दृश्यों को हटाना और पंजाब पुलिस का कोई भी उल्लेख न करना जैसी सख्त शर्तें शामिल थीं। निर्देशक हनी त्रेहान ने उस समय स्पष्ट किया था कि यदि इतनी भारी संख्या में कट्स लगाए गए, तो फिल्म का मूल सार खत्म हो जाएगा और केवल ट्रेलर जैसा हिस्सा ही बचेगा। उन्होंने इस स्थिति को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।

## सच्चाई का खुलासा और संघर्ष
डीएसजीएमसी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा ने उस दौर में अपनी जान जोखिम में डालकर सच का सामना किया था जब पंजाब में स्थिति बेहद नाजुक थी। खालड़ा ने गहन खोजबीन की थी और 25,000 ऐसे मामलों के सबूत जुटाए थे, जहां पुलिस ने कथित तौर पर लोगों को मारकर उन्हें लावारिस घोषित कर चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिया था। कालका का कहना है कि आज की पीढ़ी से इस इतिहास को छिपाना पूरी तरह से गलत है।

## सार्वजनिक स्क्रीनिंग का ऐलान
हरमीत सिंह कालका ने घोषणा की है कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अब इस फिल्म को लोगों तक ले जाने का काम करेगी। उन्होंने कमेटी के सभी सदस्यों को निर्देश दिए हैं कि वे फिल्म डाउनलोड करें और अपने-अपने क्षेत्रों में इसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग आयोजित करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सच्चाई से परिचित हो सकें। इसके अतिरिक्त, कमेटी जल्द ही अपने शैक्षणिक संस्थानों के चेयरपर्सन के साथ चर्चा करेगी और प्रत्येक कॉलेज में जसवंत सिंह खालड़ा के योगदान पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। उद्देश्य यह दिखाना है कि एक निडर सामाजिक कार्यकर्ता किस तरह समाज में बड़ा बदलाव लाने की ताकत रखता है।

## जसवंत सिंह खालड़ा का जीवन
फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाई है। खालड़ा पहले एक बैंक क्लर्क थे और बाद में मानवाधिकार कार्यकर्ता बने। उन्होंने 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में हुई अवैध हत्याओं और गुप्त दाह-संस्कारों को उजागर किया था। 1995 में वे लापता हो गए थे। एक दशक बाद, चार पुलिस अधिकारियों को उनके अपहरण और हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया था, हालांकि खालड़ा का शव कभी बरामद नहीं हुआ। फिल्म में अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्माण RSVP मूवीज और मैकगफिन पिक्चर्स के बैनर तले हुआ है।

## ओटीटी से हटाने की वजह
फिल्म को 'पंजाब 95' से बदलकर 'सतलुज' शीर्षक दिया गया था और इसे बिना किसी कट के ज़ी5 पर रिलीज किया गया था। हालांकि, दो दिन बाद ही इसे हटा दिया गया। ज़ी5 का कहना है कि मौजूदा स्थितियों के कारण यह फिल्म अभी उपलब्ध नहीं है, जबकि मीडिया रिपोर्ट्स में आईटी नियमों के उल्लंघन की बात कही जा रही है। फिलहाल निर्माता या प्लेटफॉर्म की तरफ से इसकी बहाली को लेकर कोई सूचना नहीं दी गई है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** ओटीटी कंटेंट सेंसरशिप पर चल रही बहस के कारण दर्शकों को भविष्य में कुछ विवादित विषयों पर आधारित फिल्मों तक पहुंच में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

**दिल्ली में:** डीएसजीएमसी द्वारा की जाने वाली सार्वजनिक स्क्रीनिंग के कारण स्थानीय स्तर पर कई गुरुद्वारों और शिक्षण संस्थानों में इस विषय पर चर्चा और भीड़ बढ़ने की संभावना है।

## सवाल-जवाब

### 1. फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी से क्यों हटाया गया?
जी5 ने आधिकारिक तौर पर केवल इतना कहा है कि मौजूदा घटनाक्रमों के चलते फिल्म फिलहाल उपलब्ध नहीं है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में आईटी नियमों के उल्लंघन का दावा किया गया है।

### 2. जसवंत सिंह खालड़ा कौन थे?
जसवंत सिंह खालड़ा एक बैंक क्लर्क थे जो बाद में मानवाधिकार कार्यकर्ता बने। उन्होंने पंजाब में पुलिस द्वारा 25,000 लावारिस शवों को गुप्त रूप से जलाने के मामलों का पर्दाफाश किया था।

### 3. दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी आगे क्या करेगी?
कमेटी इस फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग अपने क्षेत्रों में आयोजित करेगी और अपने कॉलेजों में जसवंत सिंह खालड़ा के योगदान पर सेमिनार करेगी।

### 4. फिल्म में मुख्य भूमिका में कौन है?
फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाई है।

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