# फिल्म सेट पर माहवारी के दर्द और काम की चुनौतियों पर श्रुति हासन ने साझा किए अनुभव

> अभिनेत्री श्रुति हासन ने फिल्म सेट पर पीरियड्स के दर्द, पीसीओएस की दिक्कतों और कामकाजी माहौल में पुरुषों की समझ को लेकर अपने विचार रखे हैं।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/philma-seta-para-mahavari-ke-darda-aura-kama-ki-chunautiyon-para-shruti-haasan-ne-sajha-kie-anubhava-34262 · **Language:** Hindi
**Tags:** श्रुति हासन, सोहा अली खान, पीरियड्स, पीसीओएस, कूली, मनोरंजन

सिनेमा जगत में अक्सर कलाकारों को व्यस्त शेड्यूल और शारीरिक चुनौतियों के बीच लगातार काम करना पड़ता है, लेकिन महिलाओं से जुड़ी प्राकृतिक तकलीफों पर खुलकर चर्चा करने में अब भी झिझक देखी जाती है। अभिनेत्री श्रुति हासन ने हाल ही में महिलाओं की माहवारी, असहनीय शारीरिक दर्द और शूटिंग के दौरान पेश आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों पर बेहद संजीदगी के साथ अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यस्थल पर इस प्राकृतिक प्रक्रिया को लेकर सामान्य संवाद का अभाव किस तरह महिला कलाकारों और कर्मियों के लिए मानसिक व शारीरिक तनाव का कारण बनता है।

## कामकाजी माहौल और समझ का दायरा
सोहा अली खान के पॉडकास्ट 'ऑल अबाउट हर' में एक बातचीत के दौरान श्रुति हासन ने बताया कि समाज में पीरियड्स को लेकर बने संकोच की वजह से महिलाओं को काम के दौरान काफी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने कई दफा ऊपरवाले से यह विनती की है कि काश पुरुषों को भी पीरियड्स की तकलीफ से गुजरना पड़ता। उनका मानना है कि यदि पुरुषों को हर महीने इस तरह के असहनीय शारीरिक दर्द का अनुभव होता, तो शायद कार्य अनुबंधों और नियमों में पीरियड लीव को आधिकारिक रूप से शामिल कर दिया गया होता।

श्रुति हासन ने यह भी साझा किया कि वह स्वयं पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की समस्या का सामना कर रही हैं। इस चिकित्सकीय स्थिति के चलते उन्हें माहवारी के दिनों में सामान्य से कहीं ज्यादा तीव्र ऐंठन और शारीरिक दर्द से जूझना पड़ता है, जिससे सामान्य रूप से काम करना काफी कठिन हो जाता है।

## शुरुआती करियर की हिचकिचाहट और फिल्म सेट का माहौल
अपने फिल्मी करियर के शुरुआती दिनों का स्मरण करते हुए श्रुति हासन ने कहा कि पहले वह सेट पर किसी से इस विषय में चर्चा करने का साहस नहीं जुटा पाती थीं। यह सिर्फ एक सामाजिक संकोच तक सीमित नहीं था, बल्कि सेट पर लोग इस मुद्दे पर बातचीत करने से कतराते थे। जब अत्यधिक दर्द के कारण कैमरे के सामने उनकी ऊर्जा कम नजर आती थी या उनके चेहरे के भाव सामान्य से अलग दिखते थे, तो फिल्म निर्देशक असहज और परेशान हो जाते थे क्योंकि वे इसके पीछे की वास्तविक वजह से अनजान रहते थे।

## पुरुष सह-कलाकार की सर्जरी और संवेदनशीलता का अंतर
श्रुति हासन ने इस असमान संवेदनशीलता को समझाने के लिए एक व्यावहारिक अनुभव का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि एक बार उनके एक पुरुष सह-कलाकार के घुटने की सर्जरी हुई थी। जब उस अभिनेता ने अपनी सर्जरी की तकलीफ के बारे में बताया, तो फिल्म की पूरी क्रू ने तुरंत उनके आराम को प्राथमिकता दी और शूटिंग के पूरे शेड्यूल को उनके हिसाब से बदल दिया।

इस घटना ने श्रुति को सोचने पर मजबूर कर दिया। उनके मन में यह सवाल उठा कि जब किसी पुरुष सह-कलाकार की चोट या सर्जरी के दर्द पर पूरे शेड्यूल को दोबारा व्यवस्थित किया जा सकता है, तो फिर हर महीने होने वाले महिलाओं के प्राकृतिक पीरियड्स के दर्द को लेकर कार्यस्थल पर इतनी उदासीनता और अनदेखी क्यों बरती जाती है।

## सकारात्मक बदलाव और संवेदी दृष्टिकोण
समय के साथ बदलाव की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने आखिरकार एक निर्देशक को अपनी शारीरिक स्थिति के बारे में खुलकर बताने का फैसला किया। श्रुति ने बताया कि संयोग से उस निर्देशक की एक बेटी थी जो स्वयं पीरियड्स के दौरान गंभीर ऐंठन से जूझती थी। इस व्यक्तिगत समझ के कारण उस निर्देशक ने उनकी तकलीफ को तुरंत समझा और सम्मान दिया। इस खुली बातचीत के बाद उस दिन सेट का पूरा माहौल पूरी तरह बदल गया और काम अधिक सहज हो गया।

## आगामी फिल्में और अभिनय यात्रा
अभिनय के मोर्चे पर श्रुति हासन को इससे पूर्व रजनीकांत की मुख्य भूमिका वाली फिल्म 'कूली' में देखा गया था, जिसका निर्देशन लोकेश कनगराज ने किया था। इस भव्य फिल्म में नागार्जुन, उपेंद्र, सत्यराज और अन्य प्रमुख कलाकार शामिल थे, जिसने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर करीब 518 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। इसके अलावा वह विजय सेतुपति के साथ तमिल फिल्म 'ट्रेन' और अभिनेता दुलकर सलमान के साथ तेलुगु फिल्म 'आकासमलो ओका तारा' में दिखाई देने वाली हैं।

## इसका आप पर असर
यह बातचीत कार्यस्थलों पर महिला स्वास्थ्य और कामकाजी संवेदनशीलता के जरूरी मुद्दों को केंद्र में लाती है।

- **माहवारी की संवेदनशीलता:** कार्यालयों और कार्यस्थलों पर महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुली चर्चा को बढ़ावा मिलता है। इससे महिला कर्मचारियों को अपनी तकलीफ छिपाने के बजाय काम के दौरान जरूरी आराम मांगने में संकोच नहीं होगा।
- **पीरियड लीव की बहस:** कंपनियों और नीति निर्माताओं के बीच कार्य अनुबंधों में मेंस्ट्रुअल लीव शामिल करने पर विमर्श तेज होता है। यह कदम कामकाजी महिलाओं की उत्पादकता और स्वास्थ्य संतुलन को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।
- **स्वास्थ्य जागरूकता:** पीसीओएस जैसी आम समस्याओं के लक्षणों और जटिलताओं को लेकर लोगों में सही समझ बढ़ती है। इसके जरिए महिलाएं समय पर डॉक्टरी सलाह लेने और अपनी दिनचर्या में सुधार करने के प्रति सचेत होती हैं।
- **समान व्यवहार:** चोट या बीमारी की तरह प्राकृतिक शारीरिक समस्याओं को भी कार्यस्थल पर गंभीरता से देखने की जरूरत रेखांकित होती है। इससे टीमों के भीतर महिला सहकर्मियों के प्रति सहानुभूति और सहयोग का माहौल विकसित होता है।

## ऐसा क्यों हुआ
श्रुति हासन ने यह अनुभव कार्यस्थल पर शारीरिक तकलीफों को लेकर दोहरे नजरिए और महिलाओं की प्राकृतिक समस्याओं पर बनी चुप्पी को उजागर करने के लिए साझा किया।

- **पॉडकास्ट में चर्चा:** सोहा अली खान के पॉडकास्ट में महिला स्वास्थ्य पर केंद्रित बातचीत के दौरान यह विषय सामने आया। वहां उन्होंने फिल्म सेट के अपने शुरुआती संघर्षों और काम के दबाव को बयां किया।
- **दोहरे मानकों का अहसास:** घुटने की सर्जरी वाले पुरुष सह-कलाकार के लिए शेड्यूल बदलने की घटना ने उन्हें व्यवस्थागत अंतर का अहसास कराया। इस अंतर ने उन्हें पीरियड्स के असहनीय दर्द पर समान संवेदनशीलता की मांग उठाने को प्रेरित किया।
- **व्यक्तिगत स्वास्थ्य चुनौती:** पीसीओएस की वजह से उन्हें हर महीने सामान्य से बहुत ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ता है। इसी निरंतर शारीरिक संघर्ष ने उन्हें इस वर्जित माने जाने वाले विषय पर सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए तैयार किया।

## सवाल-जवाब

### 1. श्रुति हासन ने पीरियड्स को लेकर पुरुषों के बारे में क्या कहा?
श्रुति ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने भगवान से कई बार पुरुषों को भी पीरियड्स देने की प्रार्थना की, ताकि वर्क कॉन्ट्रैक्ट में पीरियड लीव आधिकारिक रूप से शामिल हो सके।

### 2. श्रुति हासन किस स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही हैं?
वह पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से पीड़ित हैं, जिसकी वजह से उन्हें पीरियड्स के दौरान अत्यधिक दर्द सहना पड़ता है।

### 3. फिल्म सेट पर पुरुष सह-कलाकार के साथ कौन सा वाकया हुआ था?
एक मेल को-स्टार की घुटने की सर्जरी के बाद पूरी क्रू ने उनकी सहूलियत के हिसाब से शूटिंग शेड्यूल बदल दिया था, जिससे श्रुति को दोनों स्थितियों के अंतर का अहसास हुआ।

### 4. निर्देशक ने श्रुति की तकलीफ को कैसे समझा?
निर्देशक की अपनी बेटी भी पीरियड्स क्रैम्प्स से जूझती थी, इसलिए उन्होंने श्रुति की स्थिति को तुरंत समझकर सेट का माहौल सहयोगी बना दिया।

### 5. फिल्म 'कूली' में श्रुति हासन के अलावा कौन से कलाकार थे और फिल्म ने कितनी कमाई की थी?
रजनीकांत अभिनीत और लोकेश कनगराज निर्देशित इस फिल्म में नागार्जुन, उपेंद्र और सत्यराज भी थे, जिसने विश्वभर में करीब 518 करोड़ रुपये कमाए।

### 6. श्रुति हासन की आने वाली फिल्में कौन सी हैं?
वह जल्द ही विजय सेतुपति के साथ तमिल फिल्म 'ट्रेन' और दुलकर सलमान के साथ तेलुगु फिल्म 'आकासमलो ओका तारा' में नजर आएंगी।

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