# लता मंगेशकर की याद में सजा टैगोर थिएटर, पूनम ढिल्लों ने सुरीली शाम में साझा कीं पुरानी बातें

> मुंबई के टैगोर थिएटर में आयोजित 'सुरीला सफर-30' कार्यक्रम में अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने महान गायिका लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दी और अपने करियर से जुड़े संस्मरण साझा किए।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-09-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/poonam-dhillon-pays-tribute-to-lata-mangeshkar-at-tagore-theatre-melody-evening-39484 · **Language:** Hindi
**Tags:** लता मंगेशकर, पूनम ढिल्लों, टैगोर थिएटर, सुरीला सफर 30, बॉलीवुड संगीत

मुंबई के टैगोर थिएटर में हाल ही में सुरीला सफर-30: एन इवनिंग ऑफ बॉलीवुड मेलोडीज नाम के विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संगीत संध्या का मुख्य उद्देश्य बॉलीवुड की सदाबहार धुनों के बीच महान गायिका लता मंगेशकर की समृद्ध संगीत विरासत को याद करना था। इस खास आयोजन में मशहूर अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने भी शिरकत की और स्वर कोकिला के साथ जुड़ी अपनी पुरानी यादों को बड़े ही भावनात्मक अंदाज में साझा किया। उन्होंने खुलकर इस बात पर चर्चा की कि उनके फिल्मी करियर को संवारने में लता मंगेशकर की जादुई आवाज का कितना बड़ा और अहम योगदान रहा है।

## सिनेमाई सफर और लता मंगेशकर की आवाज का जादू
पूनम ढिल्लों ने कार्यक्रम के दौरान बातचीत करते हुए बताया कि उन्होंने अपने अभिनय करियर में जितनी भी फिल्मों में काम किया, उनमें से अधिकांश फिल्मों के लोकप्रिय गानों को लता जी ने ही अपनी आवाज से सजाया था। यही वजह है कि अभिनेत्री के लिए लता मंगेशकर की यादें केवल कुछ चुनिंदा गानों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके पूरे लंबे फिल्मी सफर का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी सिनेमा और उसके संगीत के साथ लता जी का रिश्ता हमेशा से बेहद खास और अनूठा रहा है।

## टैगोर थिएटर से पुराना नाता और भावुक पल
पूनम ढिल्लों ने इस बात पर भी बेहद खुशी जताई कि इस तरह के शानदार आयोजनों के माध्यम से आज भी दिग्गज गायिका की कला और संगीत को जीवंत रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर जैसी महान शख्सियत को उनके अपने पसंदीदा टैगोर थिएटर में याद किया जाना उनके लिए किसी भावुक और बेहद खुशी के पल से कम नहीं था। इसके साथ ही अभिनेत्री ने इस थिएटर के साथ अपने पुराने और गहरे जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने याद करते हुए बताया कि वह बचपन से ही इस जगह पर आयोजित होने वाले विभिन्न संगीत कार्यक्रमों और कॉन्सर्ट में हिस्सा लेती आई हैं। ऐसे में, अपने बचपन की इस खास जगह पर लता जी की सुरीली यात्रा को समर्पित इस आयोजन में शामिल होना उनके लिए एक अत्यंत अनूठा अनुभव रहा।

## पीढ़ियों को जोड़ने वाली आवाज और संगीत का सफर
पूनम के मुताबिक, लता मंगेशकर के साथ काम करने और उनके दौर की यादें उनके दिल के बेहद करीब बसी हुई हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लता जी की आवाज में रिकॉर्ड किए गए गीत आज भी उतने ही तरोताजा और खूबसूरत महसूस होते हैं। उनकी आवाज की सबसे बड़ी खूबी यही है कि वह पीढ़ियों की सीमाओं को पार करते हुए हर उम्र के लोगों को आपस में जोड़ती है। सुरीला सफर-30 के आयोजन का मुख्य उद्देश्य भी हिंदी सिनेमा की उन कालजयी धुनों को श्रोताओं के सामने लाना था, जो समय की लंबी दौड़ और बदलाव के बाद भी लोगों के दिलों में अपनी गहरी लोकप्रियता बनाए हुए हैं। इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने हिंदी फिल्म संगीत में लता मंगेशकर के अतुलनीय योगदान और उनकी पूरी संगीत यात्रा को बड़े सम्मान के साथ याद किया।

## लता मंगेशकर का जीवन और निधन
गौरतलब है कि महान गायिका लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी 2022 को हुआ था और उस समय उनकी उम्र 92 वर्ष थी। अपने अंतिम दिनों में कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आने और स्वास्थ्य अधिक बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के मशहूर ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली थी। उनकी कमी आज भी भारतीय संगीत जगत में खलती है, लेकिन उनकी यादें ऐसे आयोजनों के जरिए हमेशा अमर रहेंगी।

## इसका आप पर असर
संगीत प्रेमियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए ऐसे आयोजनों का गहरा महत्व होता है जो पुरानी पीढ़ियों की कला को जीवित रखते हैं।

- **भारत में:** लता मंगेशकर जैसे दिग्गजों को समर्पित ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम देश भर के कला प्रेमियों को एकजुट करते हैं और नई पीढ़ी को पुरानी संगीत विरासत से परिचित कराते हैं।
- **मुंबई में:** स्थानीय निवासियों और कलाकारों के लिए टैगोर थिएटर जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर होने वाले ऐसे विशेष संगीत आयोजनों से शहर की सांस्कृतिक रौनक बढ़ती है।

## ऐसा क्यों हुआ
महान कलाकारों की याद में इस तरह के आयोजनों के पीछे उनका ऐतिहासिक योगदान और सांस्कृतिक जुड़ाव मुख्य वजह होते हैं।

- **सांस्कृतिक विरासत:** हिंदी सिनेमा में लता मंगेशकर के अमूल्य योगदान और उनकी सदाबहार धुनों की लोकप्रियता ही ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की मुख्य प्रेरणा बनती है।
- **कलाकारों का जुड़ाव:** पूनम ढिल्लों जैसी अभिनेत्रियों का अपने करियर के शुरुआती दौर से इन धुनों और विशेष स्थानों से गहरा नाता रहा है।
- **पीढ़ियों का सेतु:** लता जी की आवाज का बहुआयामी प्रभाव विभिन्न पीढ़ियों के दर्शकों और कलाकारों को संगीत के मंच पर एक साथ लाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. टैगोर थिएटर में कौन सा कार्यक्रम आयोजित किया गया था?
टैगोर थिएटर में 'सुरीला सफर-30: एन इवनिंग ऑफ बॉलीवुड मेलोडीज' कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

### 2. इस कार्यक्रम में किस अभिनेत्री ने शिरकत की?
इस कार्यक्रम में मशहूर अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने शिरकत की।

### 3. पूनम ढिल्लों ने लता मंगेशकर के बारे में क्या कहा?
पूनम ढिल्लों ने बताया कि उनके फिल्मी करियर की ज्यादातर फिल्मों में लता जी की आवाज शामिल रही है।

### 4. लता मंगेशकर का निधन कब हुआ था?
लता मंगेशकर का निधन 6 फरवरी 2022 को 92 वर्ष की उम्र में हुआ था।

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