अनुप्रिया नागर ने साझा की हनुमान अंश की सफलता और यूके से जुड़ी खास यादें फिल्म हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है और इसकी प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर इसकी सफलता से बेहद खुश हैं। यूके में नीम करोली बाबा पर रिसर्च करने के बाद उनके मन में इस कहानी को आगे बढ़ाने का विचार आया था। कम बजट में तैयार हुई फिल्म हनुमान अंश इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही है। फिल्म के शानदार प्रदर्शन ने इसके निर्माताओं को भी चौंका दिया है। इस सफलता को लेकर फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर का कहना है कि उन्होंने कभी यह कल्पना नहीं की थी कि यह फिल्म उनकी उम्मीदों से कहीं अधिक कारोबार करेगी। अनुप्रिया का इस प्रोजेक्ट से जुड़ने का सफर काफी दिलचस्प रहा है। यूनाइटेड किंगडम में अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने नीम करोली बाबा पर रिसर्च की थी और यहीं से उनके मन में इस अनूठी कहानी को देश-विदेश की नई पीढ़ी तक पहुंचाने का विचार आया था। आज जिस तरह से दर्शक इस फिल्म को अपना प्यार दे रहे हैं और इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है, उससे वह बेहद अभिभूत हैं। नीम करोली बाबा से जुड़ा है फिल्म का गहरा नाता अनुप्रिया नागर इस फिल्म की ब्लॉकबस्टर सफलता को किसी चमत्कार से कम नहीं मानती हैं। उनके लिए हनुमान अंश केवल एक कमर्शियल प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन के एक खास अनुभव से जुड़ा हुआ है। यूके में शिक्षा प्राप्त करते समय उन्होंने नीम करोली बाबा के जीवन और दर्शन के बारे में गहरी रिसर्च की थी। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली थी कि एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स सहित कई विदेशी हस्तियां भी बाबा की शिक्षाओं और विचारधारा से काफी प्रभावित थीं। इस बात ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था कि एक भारतीय नागरिक होने के बावजूद उन्हें अपनी संस्कृति के इस महान संत के बारे में विदेशियों के माध्यम से क्यों पता चला। इसी सवाल ने उनके भीतर इस बात की प्रेरणा जगाई कि इस प्रेरणादायक कहानी को देश के युवाओं और नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए। स्क्रिप्ट पढ़ते ही भावुक हो गई थीं प्रोड्यूसर शुरुआत में उनके मन में इस विषय पर कोई किताब या कॉमिक बुक तैयार करने के कई विचार आए थे। हालांकि, समय के साथ उनकी मुलाकात प्रोड्यूसर रागिनी सोना से हुई, जिन्होंने उन्हें बताया कि वह हनुमान अंश शीर्षक से पहले ही एक फिल्म बना चुकी हैं और इसकी शूटिंग भी पूरी हो चुकी है। इसके बाद अनुप्रिया ने तुरंत फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ने की इच्छा जताई और करीब 120 पन्नों की पूरी स्क्रिप्ट को एक ही बैठक में पूरा पढ़ डाला। उनके अनुसार, स्क्रिप्ट के कई हिस्से इतने प्रभावशाली थे कि उन्हें पढ़ते हुए उनकी आंखें नम हो गईं और कई दृश्यों ने उन्हें अंदर तक हिला दिया। उन्हें यह महसूस हुआ कि यदि केवल कागज पर लिखे शब्द इतने गहरे भाव पैदा कर सकते हैं, तो बड़े पर्दे पर इसे देखकर दर्शकों पर इसका कितना व्यापक असर होगा। आज फिल्म के आंकड़े उनकी हर उम्मीद को पार कर चुके हैं। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की धमाकेदार रफ्तार महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनाई गई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में अपनी शुरुआत काफी धीमी गति से की थी और रिलीज के पहले दिन इसका नेट कलेक्शन केवल 10 लाख रुपये रहा था। हालांकि, माउथ पब्लिसिटी और दर्शकों के बीच बढ़ती सकारात्मक चर्चा के कारण फिल्म की रफ्तार में जबरदस्त तेजी आई। रिलीज के 37वें दिन यानी शनिवार को इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 18.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन अपने नाम किया और इस दौरान देश भर में इसके कुल 7,449 शो आयोजित किए गए थे। भारत के भीतर इस फिल्म का कुल नेट कलेक्शन अब बढ़कर 192.13 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। फिल्म की इस अभूतपूर्व सफलता ने पूरी टीम को बेहद उत्साहित कर दिया है। इसका आप पर असर फिल्म की यह ऐतिहासिक सफलता कम बजट में अच्छी सामग्री बनाने वाले फिल्म निर्माताओं के लिए नए रास्ते खोलती है। • भारत में: दर्शक अब पारंपरिक बड़े सितारों वाली फिल्मों के अलावा सार्थक और वैचारिक कहानियों को भी हाथों-हाथ ले रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय और स्वतंत्र सिनेमा को बढ़ावा मिल रहा है। • मनोरंजन उद्योग में: छोटे बजट की फिल्मों के लिए मजबूत माउथ पब्लिसिटी और लंबे थियेट्रिकल रन का महत्व बढ़ गया है, जिससे बॉक्स ऑफिस पर अप्रत्याशित सफलता के अवसर मजबूत हुए हैं। ऐसा क्यों हुआ फिल्म के अप्रत्याशित रूप से सफल होने के पीछे मजबूत विषय वस्तु और दर्शकों के बीच बढ़ती सकारात्मक चर्चा मुख्य कारण रहे हैं। • सीमित बजट और दमदार शुरुआत: फिल्म को महज 2 करोड़ रुपये के बजट में तैयार किया गया था और शुरुआती दिन में केवल 10 लाख रुपये की कमाई हुई थी। • माउथ पब्लिसिटी का असर: पहले दिन धीमी शुरुआत के बावजूद दर्शकों के बीच फिल्म की विषय वस्तु की सराहना हुई, जिससे सप्ताहांत और बाद के हफ्तों में इसके शो और कलेक्शन में भारी उछाल आया। • आध्यात्मिक जुड़ाव: नीम करोली बाबा और भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रसंगों ने नई पीढ़ी के दर्शकों को भावनात्मक रूप से थिएटर की ओर आकर्षित किया। सवाल-जवाब 1. फिल्म हनुमान अंश का कुल बजट कितना था? इस फिल्म को लगभग 2 करोड़ रुपये के बजट में तैयार किया गया था। 2. फिल्म हनुमान अंश की प्रोड्यूसर कौन हैं? इस फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर हैं। 3. फिल्म ने रिलीज के पहले दिन कितनी कमाई की थी? रिलीज के पहले दिन फिल्म ने सिर्फ 10 लाख रुपये की नेट कमाई की थी। 4. भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन कितना हो गया है? भारत में इस फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 192.13 करोड़ रुपये पहुंच गया है। 5. अनुप्रिया नागर को इस कहानी का विचार कहां से आया था? यूके में पढ़ाई के दौरान नीम करोली बाबा पर रिसर्च करते समय उनके मन में इस कहानी का विचार आया था। प्रेरणा और सबक अनुप्रिया नागर की यह यात्रा दिखाती है कि अपनी जड़ों से जुड़े विषयों पर काम करके कैसे बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। • जिज्ञासा और शोध: किसी भी अनछुए विषय पर गहरी रिसर्च करने से नए और अनूठे रचनात्मक विचार जन्म लेते हैं जो समाज को प्रभावित करते हैं। • दृढ़ विश्वास: अपने प्रोजेक्ट के शुरुआती संघर्षों से घबराए बिना यदि कहानी पर पूरा भरोसा हो, तो परिणाम उम्मीदों से कहीं बेहतर मिल सकते हैं। • धैर्य का फल: सीमित संसाधनों में शुरू हुआ काम भी यदि ईमानदारी से किया जाए तो समय के साथ ऐतिहासिक सफलता में बदल सकता है। https://trendkia.com/entertainment/producer-anupriya-nagar-opens-up-about-hanumaan-ansh-journey-and-box-office-success-32026 TrendKia — Har trend, sabse pehle.