नीम करोली बाबा के बाद बड़े पर्दे पर आ रही है रहस्यमयी संत देवराह बाबा की जीवन कथा हनुमान अंश की बंपर सफलता के बाद अब मेकर्स ने देवराह बाबा के जीवन पर आधारित नई फिल्म मचान बाबा का ऐलान कर दिया है, जिसे साल 2027 में सिनेमाघरों में उतारा जाएगा। नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित बायोपिक हनुमान अंश की बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई के बाद, अब देश के एक और रहस्यमयी संत देवराह बाबा के जीवन को सिल्वर स्क्रीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो चुकी है। महज 2 करोड़ के बजट में बनी डिवोशनल ड्रामा फिल्म हनुमान अंश साल 2026 की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फिल्म साबित हुई है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर अब तक कुल 451 करोड़ का शानदार कारोबार कर लिया है। इस बड़ी सफलता के बाद अब दर्शकों को देवराह बाबा के जीवन से रूबरू कराने के लिए मचान बाबा नामक नई फिल्म लाई जा रही है। इस आगामी फिल्म का आधिकारिक पोस्टर पहले ही जारी किया जा चुका है और इसे साल 2027 में रिलीज किए जाने की पूरी तैयारी चल रही है। भारतीय आध्यात्मिक इतिहास में कई ऐसे सिद्ध महापुरुष और योगी हुए हैं, जिन्होंने न केवल लंबी आयु प्राप्त की बल्कि अपने चमत्कारों से लोगों को हैरान भी किया। इन्हीं महान संतों में देवराह बाबा का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। देवराह बाबा की सबसे बड़ी और अनोखी पहचान उनके मचान से जुड़ी हुई थी। वे अमूमन किसी नदी के किनारे जमीन से कई फीट ऊपर लकड़ी और बांस से बने ऊंचे मचान पर ही निवास करते थे और वहीं से अपने भक्तों को दर्शन व आशीर्वाद देते थे। उनके भक्तों का मानना है कि बाबा के पास अनेक प्रकार की सिद्धियां थीं, जिनके प्रभाव से वे लंबे समय तक बिना अन्न-जल के रह सकते थे और तमाम लोगों के जीवन के संकटों व परेशानियों का निवारण करते थे। हालांकि, वे वास्तव में कितने वर्षों तक जीवित रहे, इस विषय को लेकर इतिहासकारों और कथाओं में अलग-अलग दावे किए जाते हैं। कुछ पुरानी कथाओं में उनकी उम्र 500 साल से भी अधिक बताई जाती है, जबकि अन्य कुछ स्रोत उनके 150 से ज्यादा वर्षों तक जीवित रहने का जिक्र करते हैं। फिर भी, ऐसा कोई ठोस और आधिकारिक प्रमाण मौजूद नहीं है जो सटीक रूप से यह बता सके कि बाबा की कुल आयु कितनी थी। देवराह बाबा हमेशा बांस और लकड़ी से तैयार एक ऊंची चौकी या मचान पर ही अपना समय बिताते थे, जिसकी ऊंचाई जमीन से लगभग 10 से 12 फीट हुआ करती थी। जब कभी उनसे इस अनूठी जीवनशैली का कारण पूछा जाता था, तो वे हमेशा यही उत्तर देते थे कि सच्चे योगियों को शिला, अग्नि और जल से हमेशा कम से कम चार हाथ की दूरी यानी ऊपर ही रहना चाहिए। इसके अलावा, प्राचीन योग शास्त्र में भी इस बात का उल्लेख मिलता है कि यदि कोई साधक निरंतर जमीन के संपर्क में रहता है, तो उसकी आध्यात्मिक ऊर्जा और साधना प्रभावित हो सकती है, और शायद यही मुख्य वजह थी कि बाबा हमेशा मचान पर ही वास करते थे। ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक देवराह बाबा के आध्यात्मिक प्रभाव का दायरा बहुत व्यापक था, और उनके दरबार में आम श्रद्धालुओं से लेकर देश-दुनिया की कई बड़ी और प्रतिष्ठित हस्तियां आशीर्वाद लेने पहुंचती थीं। उनके जीवनकाल के दौरान विभिन्न ऐतिहासिक दौर की कई राजनीतिक शख्सियतों के साथ उनकी मुलाकातों के कई चर्चित प्रसंग दर्ज हैं। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम ने भी साल 1911 में देवराह बाबा से मुलाकात की थी। इसके बाद के दशकों में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी बाबा के पास जाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया था। इतना ही नहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव गांधी भी साल 1989 में अयोध्या में होने वाले राम मंदिर शिलान्यास से ठीक पहले देवराह बाबा से मिलने पहुंचे थे और उनका मार्गदर्शन लिया था। कौन बना रहा है देवराह बाबा पर मचान बाबा फिल्म? रहस्यमयी संत देवराह बाबा के जीवन पर आधारित इस बहुप्रतीक्षित फिल्म मचान बाबा का निर्माण ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय मूल की मशहूर उद्यमी पूनम गुप्त OBE और अमेरिका में निवास करने वाले व्यवसायी विकल्प पालीवाल संयुक्त रूप से कर रहे हैं। इस पूरी परियोजना को ओजस फिल्म्स के बैनर तले आगे बढ़ाया जा रहा है। फिल्म के निर्माताओं ने स्पष्ट किया है कि मचान बाबा केवल देवराह बाबा के चमत्कारों और अलौकिक शक्तियों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इस फिल्म के माध्यम से पर्दे पर देवराह बाबा के जीवन से जुड़ी गहरी आस्था, तत्कालीन राजनीति, अनसुलझे रहस्य और उस दौर के इतिहास जैसे तमाम महत्वपूर्ण पहलुओं को भी विस्तार से दिखाया जाएगा। इसका आप पर असर फिल्म जगत और आध्यात्मिक विषयों में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण घोषणा है जो आने वाले समय में बॉक्स ऑफिस के रुझान को प्रभावित करेगी। • बॉक्स ऑफिस और मनोरंजन बाजार: हनुमान अंश की भारी सफलता के बाद मेकर्स ने देवराह बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म की घोषणा की है, जिससे साल 2027 में रिलीज होने वाली धार्मिक और बायोपिक फिल्मों के प्रति दर्शकों का उत्साह बढ़ेगा। • आध्यात्मिक पर्यटन और चर्चा: इस फिल्म के आने से देश भर में देवराह बाबा के जीवन, उनके मचान और उनके इतिहास को लेकर सार्वजनिक चर्चा तेज होगी, जिससे संबंधित स्थानों पर लोगों की रुचि बढ़ सकती है। ऐसा क्यों हुआ हनुमान अंश की अप्रत्याशित वित्तीय सफलता और रहस्यमयी संतों के प्रति दर्शकों के बढ़ते रुझान ने फिल्म निर्माताओं को देवराह बाबा के जीवन पर फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया है। • सफलता का प्रभाव: मात्र 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश के 451 करोड़ की भारी कमाई करने के बाद निर्माताओं को आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विषयों पर बड़े पैमाने पर निवेश करने का प्रोत्साहन मिला है। • रहस्य और जिज्ञासा: देवराह बाबा का मचान पर रहना, उनकी लंबी उम्र के दावे और ब्रिटिश राजा से लेकर भारतीय प्रधानमंत्री तक से उनकी मुलाकातें आम जनता के बीच हमेशा से कौतूहल का विषय रही हैं। सवाल-जवाब 1. देवराह बाबा पर बनने वाली फिल्म का नाम क्या है? देवराह बाबा के जीवन पर आधारित इस नई फिल्म का नाम मचान बाबा रखा गया है। 2. मचान बाबा फिल्म को कब रिलीज किया जाएगा? इस फिल्म को साल 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी की जा रही है। 3. फिल्म मचान बाबा के निर्माता कौन हैं? इस फिल्म को ब्रिटेन की उद्यमी पूनम गुप्त OBE और अमेरिका के व्यवसायी विकल्प पालीवाल द्वारा प्रोड्यूस किया जा रहा है। 4. देवराह बाबा हमेशा कहां निवास करते थे? देवराह बाबा नदी के किनारे जमीन से लगभग 10 से 12 फीट ऊंचे लकड़ी और बांस के मचान पर रहते थे। 5. कौन सी फिल्म की सफलता के बाद इस बायोपिक की घोषणा हुई है? नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश की बंपर सफलता के बाद इस फिल्म की घोषणा की गई है। https://trendkia.com/entertainment/rahasyamayi-snta-devraha-baba-ki-jivana-katha-50453 TrendKia — Har trend, sabse pehle.