राज कौशल के निधन के बाद मंदिरा बेदी ने कैसे संभाला खुद को, थेरेपी को बताया अपना सहारा मंदिरा बेदी ने खुलासा किया है कि पति राज कौशल के आकस्मिक निधन के बाद उपजे गहरे दुख से बाहर आने में प्रोफेशनल थेरेपी ने उनकी मदद की। उन्होंने बताया कि वह पिछले दो दशकों से मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलर्स की सहायता लेती रही हैं। मशहूर अभिनेत्री मंदिरा बेदी ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर और उससे उबरने के तरीकों पर खुलकर बात की है। साल 2021 में अपने पति और फिल्म निर्देशक राज कौशल को खोने के बाद मंदिरा गहरे सदमे और व्यक्तिगत दुखों से घिर गई थीं। हालांकि, अब उन्होंने साझा किया है कि इस कठिन परिस्थिति में प्रोफेशनल थेरेपी और काउंसलिंग ने उनके लिए मरहम का काम किया और उन्हें संभलने में बड़ी भूमिका निभाई। थेरेपी का पुराना नाता अपनी आने वाली फिल्म ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान मंदिरा ने बताया कि थेरेपी लेना उनके लिए कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। अभिनेत्री ने खुलासा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से निरंतर थेरेपिस्ट और काउंसलर्स की मदद ले रही हैं। उनके अनुसार, जब भी उन्हें मानसिक अस्थिरता महसूस होती है या ऐसा लगता है कि उनका भावनात्मक संतुलन बिगड़ रहा है, तो वह बिना किसी संकोच के एक्सपर्ट्स से सलाह लेना उचित समझती हैं। मां का था हैरान करने वाला रिएक्शन अपने अनुभवों को याद करते हुए मंदिरा ने बताया कि जब उन्होंने दो दशक पहले पहली बार थेरेपी लेना शुरू किया था, तब लोगों की सोच आज से काफी अलग थी। उन्होंने कहा, ‘खुद को समझने और काउंसलिंग का सहारा लेना मेरी जिंदगी का लंबे समय से हिस्सा रहा है। लगभग 20 साल पहले, जब मैंने अपनी मां को बताया कि मैं एक थेरेपी सेशन से आ रही हूं, तो उनका पहला रिएक्शन था कि तुम्हें आखिर हुआ क्या है? जब मैंने उन्हें स्पष्ट किया कि मेरे मन में चल रही उलझनों को बाहर निकालना जरूरी था, तो उन्होंने कहा कि तुम यह बातें मुझसे साझा कर सकती थीं। हालांकि, मैंने उन्हें समझाया कि प्रोफेशनल मदद और निजी बातचीत में काफी अंतर होता है।’ दुख की घड़ी में थेरेपी का साथ पति राज कौशल को खोने के बाद के भावनात्मक संघर्ष को याद करते हुए मंदिरा काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने बताया कि इस बड़े झटके के बाद उनके लिए सामान्य जीवन की ओर लौटना बहुत मुश्किल था। मंदिरा ने कहा, ‘जब भी मुझे लगा कि मेरी जिंदगी का बैलेंस बिगड़ रहा है, मैंने काउंसलर की मदद ली। राज के निधन के बाद तो थेरेपी मेरे लिए किसी मरहम से कम नहीं थी। उसी प्रोफेशनल मार्गदर्शन के कारण मैं उस दौर से बाहर निकल सकी।’ राज कौशल के साथ का सफर गौरतलब है कि मंदिरा बेदी और राज कौशल का विवाह 1999 में हुआ था। इस दंपत्ति का एक बेटा वीर है, और साल 2020 में उन्होंने एक बेटी को गोद लेकर अपने परिवार को पूर्ण किया था। जून 2021 में राज कौशल का मात्र 50 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से अचानक निधन हो गया था, जिसने पूरे फिल्म जगत को स्तब्ध कर दिया था। आज मंदिरा अपनी पेशेवर जिंदगी और बच्चों की परवरिश के साथ आगे बढ़ रही हैं, जिसमें उनकी मानसिक स्पष्टता और थेरेपी का बड़ा योगदान है। इसका आप पर असर भारत में: मानसिक स्वास्थ्य के प्रति पेशेवर मदद लेने को लेकर समाज में अब पहले से अधिक जागरूकता है, जो किसी भी बड़े व्यक्तिगत नुकसान से उबरने में सहायक हो सकती है। सवाल-जवाब 1. मंदिरा बेदी ने थेरेपी का सहारा कब से लेना शुरू किया था? मंदिरा बेदी ने बताया कि वह लगभग 20 साल पहले से थेरेपी और काउंसलिंग की मदद ले रही हैं। 2. राज कौशल का निधन कब और कैसे हुआ था? राज कौशल का निधन जून 2021 में महज 50 साल की उम्र में हार्ट अटैक के कारण अचानक हो गया था। 3. मंदिरा बेदी थेरेपी का उपयोग कब करती हैं? वह तब थेरेपी की मदद लेती हैं जब उन्हें लगता है कि उनकी जिंदगी में चीजें संतुलित नहीं हैं या वह मानसिक रूप से परेशान महसूस करती हैं। 4. क्या मंदिरा बेदी के परिवार में बच्चे हैं? हां, मंदिरा और राज कौशल का एक बेटा वीर है और उन्होंने 2020 में एक बेटी को गोद लिया था। https://trendkia.com/entertainment/raja-kaushala-ke-nidhana-ke-bada-mandira-bedi-ne-kaise-snbhala-khuda-ko-therepi-ko-bataya-apana-sahara-7327 TrendKia — Har trend, sabse pehle.