रामायण में सीता बनने से पहले साई पल्लवी के मन में था संकोच, प्रार्थना कर खुद को पूरी तरह किरदार में झोंका नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण में माता सीता की भूमिका निभा रहीं साई पल्लवी ने अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि इस किरदार को निभाने के लिए उन्होंने अपनी पुरानी अभिनय शैली को छोड़कर पूरी तरह समर्पण का रास्ता चुना। फिल्मकार नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही भव्य फिल्म रामायण इन दिनों लगातार चर्चा के केंद्र में बनी हुई है। इस महाकाव्य पर आधारित सिनेमाई प्रोजेक्ट में माता सीता का पावन स्वरूप साकार कर रहीं अभिनेत्री साई पल्लवी की तैयारी और उनके दृष्टिकोण को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिल रही है। आमतौर पर किसी भी फिल्म में उतरने से पहले अभिनेता यह तय करते हैं कि वे अपने हुनर से उस चरित्र में क्या नया जोड़ सकते हैं, लेकिन साई पल्लवी के लिए यह सफर बिल्कुल अलग और व्यक्तिगत रूप से काफी गहरा साबित हुआ। अभिनय का नजरिया और माता सीता से प्रार्थना साई पल्लवी ने हाल ही में टेलीविजन के लोकप्रिय गेम शो कौन बनेगा करोड़पति के मंच पर अपनी इस अनोखी यात्रा के बारे में खुलकर बातचीत की। इस विशेष कार्यक्रम में उनके साथ फिल्म में भगवान राम का मुख्य किरदार निभा रहे रणबीर कपूर और लक्ष्मण की भूमिका में नजर आने वाले रवि दुबे भी मौजूद थे। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा संचालित इस शो में जब कलाकारों से उनके किरदारों को लेकर पहले विचार और मन की स्थिति के बारे में पूछा गया, तब साई पल्लवी ने अपने अंतर्मन की बात सबके सामने रखी। अभिनेत्री ने बताया कि जब उन्हें इस ऐतिहासिक और पूज्य किरदार की पेशकश मिली, तो उन्होंने दिमाग से सोचने के बजाय दिल और आस्था का सहारा लिया। उनका कहना था कि सामान्य प्रोजेक्ट्स में वह हमेशा यह सोचती हैं कि वह अपनी तरफ से क्या खास दे सकती हैं, मगर इस बार उनकी सोच पूरी तरह बदल गई थी। उन्होंने खुद से केवल यह सवाल किया कि माता सीता के दिव्य चरित्र से उन्हें अपने जीवन में क्या सीखने को मिल सकता है और वह उनके उच्च आदर्शों से किन नई बातों को समझ सकती हैं। अपनी तैयारी के बारे में आगे बात करते हुए उन्होंने साझा किया कि वह इस किरदार को लेकर अपने भीतर पहले से कोई धारणा या सीमित दायरा नहीं बनाना चाहती थीं। उनका उद्देश्य माता सीता के स्वरूप को पूरी सादगी, पवित्रता और खुले मन से महसूस करना था। साई पल्लवी ने स्वीकार किया कि यह सिर्फ अभिनय करने का एक अवसर नहीं था, बल्कि माता सीता के विराट व्यक्तित्व से बहुत कुछ सीखने का एक अनोखा अनुभव था। उन्होंने ज्यादा गुणा-गणित लगाने के बजाय केवल सच्ची प्रार्थना की। उन्होंने प्रार्थना की कि माता सीता स्वयं उनके माध्यम से इस किरदार को पर्दे पर जीवंत करवाएं, जिसके बाद उन्होंने बिना किसी संशय के खुद को पूरी तरह इस भूमिका के प्रति समर्पित कर दिया। कास्टिंग पर उठे सवाल और सह-कलाकारों का समर्थन जब रामायण के कलाकारों की सूची सार्वजनिक हुई थी और साई पल्लवी का नाम माता सीता के रोल के लिए सामने आया था, तब सोशल मीडिया पर दर्शकों के एक वर्ग ने इस चयन पर सवाल खड़े किए थे। लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं थीं कि क्या वह इस पौराणिक चरित्र के साथ पूरा न्याय कर पाएंगी। हालांकि, फिल्म से जुड़े अन्य बड़े सितारों ने उनके अभिनय और निष्ठा पर अटूट भरोसा जताया। फिल्म के अहम हिस्से और अभिनेता यश तथा मुख्य भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर ने अपने साक्षात्कारों में स्पष्ट किया था कि इस भूमिका के लिए साई पल्लवी से बेहतर कोई दूसरा विकल्प हो ही नहीं सकता था। दोनों अभिनेताओं का मानना था कि साई पल्लवी ने अपनी सादगी, समर्पण और संजीदा अभिनय के दम पर सीता के किरदार में वास्तव में नई जान फूंक दी है, जिससे उनके आलोचकों के मुंह भी बंद हो गए। फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और संगीत पर चर्चा नितेश तिवारी की इस भव्य फिल्म को लेकर हर दिन नई जानकारियां सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां फिल्म के गानों और संगीत को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं और कुछ लोग गानों की मौलिकता पर सवाल उठाते हुए उन्हें कॉपी बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों में इसे बड़े पर्दे पर देखने का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। फिल्म के निर्माण दल और प्रशंसकों दोनों के बीच इसकी आधिकारिक रिलीज को लेकर भारी उत्साह बना हुआ है और हर कोई इस महाकाव्य को आधुनिक तकनीकी स्वरूप में देखने के लिए बेताब है। इसका आप पर असर भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े महाकाव्य प्रोजेक्ट रामायण में माता सीता की भूमिका को लेकर हुआ यह भावनात्मक खुलासा दर्शकों और सिनेमा प्रेमियों की उत्सुकता को एक नई ऊंचाई पर ले जाता है। • सिनेमा दर्शकों के लिए: दर्शकों को इस बहुप्रतीक्षित फिल्म में किसी पारंपरिक ड्रामे के बजाय आस्था और भावनात्मक गहराई से ओतप्रोत अभिनय देखने को मिलेगा। इससे बड़े पर्दे पर महाकाव्य के दृश्यों में स्वाभाविकता और दिव्यता का गहरा प्रभाव महसूस होगा। • कलाकारों और छात्रों के लिए: कला के क्षेत्र से जुड़े युवाओं को यह सीख मिलती है कि किसी महान किरदार को जीने के लिए पूर्वग्रहों को त्यागना जरूरी होता है। अपने अहंकार और तकनीकी सोच को पीछे रखकर सीखने की भावना रखने से काम अधिक प्रभावी बनता है। • कास्टिंग बहस पर असर: साई पल्लवी की निष्ठा और सह-कलाकारों के बयानों से फिल्म की कास्टिंग को लेकर चल रहे संशय काफी हद तक शांत हो गए हैं। दर्शक अब फिल्म के टीज़र और ट्रेलर की आधिकारिक घोषणा का और अधिक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। • फिल्म उद्योग के लिए: ऐतिहासिक और धार्मिक विषयों पर काम करने वाले फिल्मकारों को यह संदेश मिलता है कि श्रद्धा और सादगी दर्शकों के दिलों को छूने का सबसे मजबूत माध्यम है। आगामी महीनों में इस फिल्म से संबंधित गानों और प्रचार सामग्री पर दर्शकों की गहरी नजर रहेगी। ऐसा क्यों हुआ यह बातचीत और खुलासा तब सामने आया जब नितेश तिवारी की फिल्म रामायण की प्रमुख कास्ट टेलीविजन के चर्चित गेम शो कौन बनेगा करोड़पति में शामिल हुई और उन्होंने फिल्म निर्माण के अपने अनुभवों को साझा किया। • केबीसी पर हुआ संवाद: शो के संचालक अमिताभ बच्चन ने कलाकारों से उनके किरदारों को स्वीकार करने के बाद की पहली प्रतिक्रिया पर सीधा सवाल पूछा था। इसी प्रश्न के उत्तर में साई पल्लवी ने अपने मानसिक द्वंद्व और समर्पण की प्रक्रिया का ब्योरा दिया। • कास्टिंग को लेकर उठे विवाद: जब साई पल्लवी को सीता के रोल के लिए चुना गया था, तब सोशल मीडिया पर उनके चयन को लेकर कई तरह के सवाल उठाए गए थे। इस पृष्ठभूमि के चलते कलाकारों ने मंच का उपयोग अपने अभिनय दृष्टिकोण और प्रामाणिकता को स्पष्ट करने के लिए किया। • सह-कलाकारों का समर्थन: रणबीर कपूर और यश जैसे शीर्ष कलाकारों ने साक्षात्कारों में साई पल्लवी की प्रतिभा की खुलकर सराहना की थी। इसी विश्वास ने अभिनेत्री को इस बात के लिए प्रेरित किया कि वह अभिनय के तकनीकी पहलुओं के बजाय भक्ति और सीखने की प्रक्रिया पर ध्यान दें। सवाल-जवाब 1. फिल्म रामायण में माता सीता की भूमिका कौन निभा रहा है? नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार अभिनेत्री साई पल्लवी निभा रही हैं। 2. साई पल्लवी ने इस किरदार की तैयारी के लिए क्या किया? उन्होंने ज्यादा दिमागी विचार करने के बजाय माता सीता से प्रार्थना की और खुद को पूरी तरह इस चरित्र के प्रति समर्पित कर दिया। 3. कौन बनेगा करोड़पति में साई पल्लवी के साथ कौन से सह-कलाकार पहुंचे थे? शो में साई पल्लवी के साथ अभिनेता रणबीर कपूर और रवि दुबे भी मौजूद थे। 4. साई पल्लवी की कास्टिंग पर रणबीर कपूर और यश की क्या राय थी? दोनों कलाकारों ने कहा था कि इस भूमिका के लिए साई पल्लवी से बेहतर कोई नहीं हो सकता था और उन्होंने इस किरदार में जान फूंक दी है। 5. फिल्म रामायण को लेकर इन दिनों क्या विवाद या चर्चा चल रही है? फिल्म को लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता है, हालांकि कुछ लोग इसके गानों की मौलिकता पर सवाल उठाते हुए उन्हें कॉपी बता रहे हैं। प्रेरणा और सबक साई पल्लवी का यह दृष्टिकोण सिखाता है कि किसी भी बड़ी जिम्मेदारी या चुनौती को अहंकार से नहीं, बल्कि समर्पण और सीखने की भावना से संभालना चाहिए। • सीखने की विनम्रता: किसी भी काम में यह सोचने के बजाय कि आप क्या दे सकते हैं, यह देखना चाहिए कि वह अवसर आपको क्या सिखा सकता है। यह सोच इंसान को अंदर से समृद्ध और खुला बनाती है। • आलोचना से बेअसर रहना: जब लोग आपकी क्षमताओं पर सवाल उठाएं, तो शब्दों से जवाब देने के बजाय अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित हो जाना चाहिए। सच्ची लगन अपने आप परिणाम के रूप में सामने आती है। • विश्वास और समर्पण: अधिक मानसिक तनाव या अति-विचार करने के बजाय विश्वास और प्रार्थना का सहारा लेना मानसिक शांति और स्पष्टता प्रदान करता है। किसी भी बड़े लक्ष्य को साधने के लिए आत्मसमर्पण बेहद आवश्यक है। https://trendkia.com/entertainment/ramayana-men-sita-banane-se-pahale-sai-pallavi-ke-mana-men-tha-snkocha-prarthana-kara-khuda-ko-puri-taraha-kiradara-men-jhonka-52919 TrendKia — Har trend, sabse pehle.