रणबीर कपूर की 'रामायण' पर सुभाष घई ने जताया भरोसा, बोले तकनीक चाहे जो आए असली राजा कंटेंट ही रहेगा दिग्गज फिल्ममेकर सुभाष घई ने नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ की सराहना करते हुए कहा कि इंसानी भावनाएं और उम्दा निर्देशन किसी भी नई तकनीक से हमेशा आगे रहेंगे। भारतीय सिनेमा के जाने-माने फिल्ममेकर सुभाष घई ने नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर अपना गहरा भरोसा जताया है। मुंबई में आयोजित एक परिचर्चा सत्र ‘एआई, ओटीटी एंड द न्यू रूल्स ऑफ स्टोरीटेलिंग’ में हिस्सा लेते हुए उन्होंने कहा कि इस भव्य पौराणिक फिल्म का भविष्य एक बेहद कुशल कहानीकार के सुरक्षित हाथों में है। सुभाष घई के अनुसार, फिल्म निर्माण की दुनिया में चाहे कितनी भी उन्नत तकनीक या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दाखिल हो जाए, सिनेमा के केंद्र में हमेशा इंसानी भावनाएं और एक मजबूत पटकथा ही राज करेगी। तकनीक के दौर में निर्देशक और मानवीय जज्बातों की अहमियत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक विजुअल टूल्स के तेजी से बढ़ते असर पर विस्तार से चर्चा करते हुए सुभाष घई ने स्पष्ट किया कि कोई भी सॉफ्टवेयर या डिजिटल मशीन एक संवेदनशील निर्देशक की जगह नहीं ले सकती। उनका मानना है कि पटकथा को विजुअल रूप में ढालने और दर्शकों के दिलों तक उसके जज्बातों को पहुंचाने का हुनर केवल एक सुलझे हुए कहानीकार के पास ही होता है। नई तकनीकों के आगमन से कहानी कहने की यह मानवीय कला कमजोर नहीं होगी, बल्कि उसका मूल्य और ज्यादा स्पष्ट होकर उभरेगा। इसी संदर्भ में अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए दिग्गज फिल्ममेकर ने रेखांकित किया कि आने वाले 200 वर्षों तक भी यह सच्चाई जस की तस बनी रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक कितनी भी आगे निकल जाए, उसे संचालित करने, सही दिशा देने और भावनात्मक गहराई भरने के लिए सदा एक उत्कृष्ट निर्देशक की अनिवार्य आवश्यकता बनी रहेगी। सिनेमाघरों में दर्शकों को बांधकर रखने की असली ताकत हमेशा विषय-वस्तु और उसके प्रभावी प्रस्तुतीकरण में ही निहित रहेगी। महाकाव्यों की अमरता और कहानी कहने का बुनियादी ढांचा पटकथा लेखन और निर्देशन के बुनियादी अंतर को समझाते हुए सुभाष घई ने बताया कि जहां एक लेखक अपनी कलम की ताकत से शब्दों के जरिए संसार रचता है, वहीं एक निर्देशक कैमरे की नजर से उन किरदारों और भावनाओं को पर्दे पर साकार करता है। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए उन्होंने सदियों पुरानी परंपरा वाले भारतीय महाकाव्यों ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ का ऐतिहासिक संदर्भ सामने रखा। उन्होंने कहा कि पीढ़ियां बीत जाने के बाद भी इन महागाथाओं का प्रभाव जनमानस में कभी कम नहीं हुआ। गांवों और शहरों के खुले मंचों पर होने वाली पारंपरिक रामलीलाओं से लेकर टेलीविजन धारावाहिकों और आज के आधुनिक डिजिटल सिनेमाई दौर तक, माध्यमों के प्रारूप अवश्य बदले हैं, परंतु इन कथाओं की मूल आत्मा और केंद्रीय संदेश यथावत रहे हैं। सुभाष घई के अनुसार, मूल भावनात्मक संरचना को तकनीक के सहारे बदला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि कोई भी कहानी की प्रकृति को उलट नहीं सकता, क्योंकि कथा का मूल ढांचा और उसके जज्बात हमेशा अमर रहते हैं। नमित मल्होत्रा का भव्य निर्माण और सितारों से सजी विशाल स्टारकास्ट नमित मल्होत्रा के निर्माण में आकार ले रही यह महाकाव्य फिल्म अपने भारी-भरकम बजट और भव्य कैनवास को लेकर लगातार चर्चा में है। सुभाष घई का कहना है कि इतने बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट को साधने के लिए नितेश तिवारी जैसे समझदार और मंझे हुए निर्देशक का होना इस बात की गारंटी है कि फिल्म में भव्यता के साथ-साथ कहानी की आत्मा भी पूरी शिद्दत से सुरक्षित रहेगी। बड़े बजट का असली लाभ तभी मिलता है जब उसके पीछे एक दूरदर्शी निर्देशक खड़ा हो। फिल्म के कलाकारों की बात करें तो इस सिनेमाई रूपांतरण में भगवान राम के मुख्य किरदार में रणबीर कपूर नजर आएंगे, जबकि माता सीता की भूमिका साई पल्लवी निभा रही हैं। लंकापति रावण के शक्तिशाली चरित्र को पर्दे पर जीवंत करने का जिम्मा यश को सौंपा गया है। इन प्रमुख भूमिकाओं के अतिरिक्त फिल्म में सनी देओल, लारा दत्ता, विवेक ओबेरॉय और काजल अग्रवाल जैसे जाने-माने कलाकारों का एक मजबूत समूह भी शामिल किया गया है। यह महत्वाकांक्षी सिनेमाई गाथा दो भागों में दर्शकों के सामने आएगी, जिसमें पहला भाग दिवाली 2026 के पावन अवसर पर रिलीज होगा और दूसरा भाग दिवाली 2027 में थिएटर्स में प्रस्तुत किया जाएगा। इसका आप पर असर सिनेमा प्रेमियों और दर्शकों के लिए इस बहुप्रतीक्षित पौराणिक प्रोजेक्ट से जुड़े मुख्य पहलू स्पष्ट हो गए हैं। • दर्शकों के लिए: दर्शकों को दो हिस्सों में एक भव्य और भावनात्मक सिनेमाई अनुभव देखने को मिलेगा। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तय किया गया है। • उद्योग और तकनीशियनों के लिए: एआई और नई तकनीक के दौर में भी मजबूत निर्देशन और वास्तविक कहानी कहने की कला सबसे अहम बनी रहेगी। इससे फिल्म जगत में तकनीकी औजारों के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता और पटकथा लेखन को प्राथमिकता मिलने का भरोसा मजबूत होता है। • कलाकारों के प्रशंसकों के लिए: रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश के प्रशंसक इन सितारों को बड़े पैमाने पर पौराणिक अवतार में देख सकेंगे। उनके साथ सनी देओल, लारा दत्ता और विवेक ओबेरॉय जैसे कलाकारों की मौजूदगी फिल्म के कैनवास को और अधिक विविधता प्रदान करती है। • धार्मिक और सांस्कृतिक रुचि रखने वालों के लिए: पारंपरिक महाकाव्य के मूल भाव और किरदारों की गरिमा को बिना किसी अनुचित छेड़छाड़ के प्रस्तुत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसका मतलब है कि तकनीक बदलने पर भी मूल कथा की श्रद्धा और भावना पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। ऐसा क्यों हुआ यह परिचर्चा आधुनिक सिनेमा में तेजी से पांव पसार रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई विजुअल तकनीकों के प्रभाव को समझने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। • सत्र की पृष्ठभूमि: मुंबई में 'एआई, ओटीटी एंड द न्यू रूल्स ऑफ स्टोरीटेलिंग' विषय पर आयोजित चर्चा में फिल्म निर्माण के बदलते तौर-तरीकों पर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान फिल्ममेकर सुभाष घई ने नए तकनीकी प्रयोगों के बीच निर्देशक और इंसानी जज्बातों की भूमिका पर अपना रुख स्पष्ट किया। • फिल्म का भारी पैमाना: नमित मल्होत्रा के विशाल बजट और नितेश तिवारी के निर्देशन के कारण इस मेगा-प्रोजेक्ट को लेकर फिल्म जगत में लंबे समय से गहन चर्चा बनी हुई है। इतने विशाल कैनवास को साधने के लिए निर्देशक की योग्यता और कहानी के मूल मर्म पर बात करना स्वाभाविक था। • तकनीक बनाम भावना का द्वंद्व: सिनेमाई दुनिया में तकनीक के बढ़ते दखल के चलते यह बहस छिड़ी हुई है कि क्या मशीनें रचनात्मक प्रक्रिया पर हावी हो जाएंगी। सुभाष घई ने 'रामायण' और 'महाभारत' का उदाहरण देकर यह समझाया कि मानवीय संवेदनशीलता और कथा का केंद्रीय तत्व कभी बदला नहीं जा सकता। सवाल-जवाब 1. सुभाष घई ने फिल्म 'रामायण' के निर्देशक नितेश तिवारी के बारे में क्या कहा? सुभाष घई ने नितेश तिवारी की कहानी कहने की क्षमता की जमकर तारीफ की और कहा कि यह बड़ी फिल्म एक बेहद सुलझे हुए निर्देशक के सुरक्षित हाथों में है। 2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक पर सुभाष घई का क्या दृष्टिकोण है? उनका मानना है कि तकनीक चाहे जितनी आगे बढ़ जाए, उसे संचालित करने के लिए हमेशा एक उम्दा निर्देशक की जरूरत रहेगी और असली राजा हमेशा कंटेंट ही रहेगा। 3. फिल्म 'रामायण' में प्रमुख किरदार कौन से कलाकार निभा रहे हैं? फिल्म में भगवान राम की भूमिका में रणबीर कपूर, सीता के रूप में साई पल्लवी और रावण के किरदार में यश दिखाई देंगे। 4. फिल्म 'रामायण' का निर्माण कौन कर रहा है और यह कब रिलीज होगी? इस फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा कर रहे हैं और यह दो भागों में आएगी, जिसका पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 पर रिलीज होगा। 5. सुभाष घई ने 'रामायण' और 'महाभारत' का उदाहरण किस संदर्भ में दिया? उन्होंने समझाया कि सदियों से माध्यम बदलते रहे हैं, लेकिन इन महाकाव्यों का मूल भाव और भावनाएं कभी नहीं बदलीं, क्योंकि मानवीय भावनाएं अमर होती हैं। https://trendkia.com/entertainment/ranbir-kapoor-ki-ramayana-para-subhash-ghai-ne-jataya-bharosa-bole-takanika-chahe-jo-ae-asali-raja-kntenta-hi-rahega-46036 TrendKia — Har trend, 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