# साल 1997 की वो हाई-टेक स्पाई फिल्म जो कभी पूरी नहीं हो पाई: संजय दत्त और सलमान खान के साथ हुआ था ये बड़ा हादसा

> बॉलीवुड की पहली बड़े बजट वाली हाई-टेक जासूसी फिल्म 'दस' का निर्माण 1997 में शुरू हुआ था, लेकिन डायरेक्टर मुकुल एस. आनंद के आकस्मिक निधन के बाद यह प्रोजेक्ट हमेशा के लिए बंद हो गया। आज इस फिल्म का केवल एक देशभक्ति गीत ही दर्शकों के बीच जीवित है।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-07-08 · **Source:** TrendKia
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**Tags:** बॉलीवुड, संजय दत्त, सलमान खान, मुकुल एस. आनंद, दस फिल्म, बॉलीवुड इतिहास

आज के दौर में जब दर्शक शाहरुख खान की पठान, सलमान खान की टाइगर और ऋतिक रोशन की वॉर जैसी फिल्मों में हाई-टेक गैजेट्स और जासूसी मिशन देखते हैं, तो ऐसा लगता है कि यह ट्रेंड हाल के वर्षों में शुरू हुआ है। लेकिन सच्चाई यह है कि आज से 29 साल पहले, 1997 में भारतीय सिनेमा के एक दूरदर्शी फिल्मकार ने बॉलीवुड के इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी स्पाई थ्रिलर का ताना-बाना बुना था। संजय दत्त, सलमान खान, रवीना टंडन और शिल्पा शेट्टी जैसे सितारों से सजी इस फिल्म का नाम 'दस' था। इसे बॉलीवुड की पहली सच्ची हाई-टेक जासूसी फिल्म माना गया था। फिल्म की शूटिंग विदेशों में बड़े पैमाने पर चल रही थी, लेकिन एक दुखद घटना ने इसे कभी सिनेमाघरों तक नहीं पहुंचने दिया।

## स्टार-कास्ट और फिल्म की कहानी
अग्निपथ, हम और खुदा गवाह जैसी शानदार फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले निर्देशक मुकुल एस. आनंद इस प्रोजेक्ट पर बहुत मेहनत कर रहे थे। फिल्म की पटकथा भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) के जासूसों के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। उस दौर के हिसाब से इस फिल्म का बजट काफी अधिक रखा गया था। फिल्म की कास्टिंग के मामले में मुकुल आनंद ने उस समय के दो बड़े सितारों को चुना था। संजय दत्त उस वक्त अपनी वापसी के लिए एक बड़ी फिल्म तलाश रहे थे, जबकि सलमान खान का करियर तेजी से ऊपर जा रहा था। मुकुल आनंद ने उन्हें कैप्टन सुधीर (संजय दत्त) और कैप्टन जीत (सलमान खान) के किरदारों में उतारा था। कहानी एक ऐसे मिशन के बारे में थी जहाँ उन्हें सिर्फ दस दिनों के भीतर एक आतंकवादी साजिश को नाकाम करना था। फिल्म में रवीना टंडन को एक खतरनाक महिला खलनायक की भूमिका में दिखाया जाना था, जो उस समय के बॉलीवुड के लिए एक बहुत बड़ा प्रयोग था।

## विदेशों में बड़े पैमाने पर शूटिंग
फिल्म का निर्माण हॉलीवुड स्तर पर करने की योजना थी। मुकुल आनंद अपनी फिल्मों के दृश्यों को बेहद भव्य बनाने के लिए मशहूर थे। ‘दस’ को एक प्रामाणिक अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने के लिए इसकी शूटिंग भारत के बजाय अमेरिका के यूटा की बर्फीली और खूबसूरत पहाड़ियों में की गई थी। एक्शन दृश्यों को यथार्थवादी बनाने के लिए हॉलीवुड के स्टंट निर्देशकों की टीम को काम पर रखा गया था और अत्याधुनिक कैमरों का उपयोग किया गया था। संजय दत्त का लेदर जैकेट में नया लुक और कटी हुई दाढ़ी, तथा सलमान खान का रफ एंड टफ अंदाज उस समय के प्रशंसकों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया था। यह फिल्म उस दौर की पत्र-पत्रिकाओं में सुर्खियों में रहती थी।

## अचानक आई दुखांतिका
फिल्म की लगभग 40 प्रतिशत शूटिंग पूरी हो चुकी थी और ट्रेड पंडितों का मानना था कि 1997 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर यही फिल्म होगी। सब कुछ बेहतरीन चल रहा था कि तभी नियति ने एक भयानक मोड़ लिया। फिल्म का एक बड़ा शेड्यूल पूरा करने के बाद जब निर्देशक मुकुल एस. आनंद लौटे, तो 7 सितंबर 1997 को 51 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। इस खबर ने न केवल फिल्म की स्टार कास्ट बल्कि पूरी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को अंदर तक झकझोर कर रख दिया।

## फिल्म का अंत और विरासत
निर्देशक के जाने के बाद प्रोड्यूसर और कलाकारों के सामने एक बड़ा संकट पैदा हो गया। मुकुल आनंद एक विशिष्ट दृष्टि वाले फिल्मकार थे और फिल्म के हर फ्रेम को अपने दिमाग में तैयार कर चुके थे। किसी अन्य निर्देशक के लिए उनके अधूरे काम को उसी भव्यता के साथ पूरा करना लगभग असंभव था। संजय दत्त और सलमान खान ने अंततः भारी मन से यह स्वीकार कर लिया कि मुकुल के बिना 'दस' का निर्माण मुमकिन नहीं है, और इस मेगा प्रोजेक्ट को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। हालांकि, यह फिल्म भले ही कभी रिलीज नहीं हो सकी, लेकिन इसने संगीत की दुनिया को एक ऐतिहासिक धरोहर दी। प्रसिद्ध संगीतकार तिकड़ी शंकर-एहसान-लॉय ने इस फिल्म के जरिए बॉलीवुड में बतौर म्यूजिक डायरेक्टर डेब्यू किया था। इस फिल्म के लिए उन्होंने एक शानदार देशभक्ति गीत 'सुनो गौर से दुनिया वालों, बुरी नजर ना हम पर डालो...' तैयार किया था। जब फिल्म बंद हुई, तो इस गाने के ऑडियो और शूटिंग के दौरान शूट किए गए कुछ फुटेज को जोड़कर इसे रिलीज किया गया। यह गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि 29 साल बीत जाने के बाद भी हर गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर यह गीत पूरे भारत में देशभक्ति के जश्न का पर्याय बन गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या 'दस' फिल्म देखने लायक है?
नहीं, यह फिल्म कभी पूरी नहीं हुई और सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो पाई, इसलिए इसे देखा नहीं जा सकता।

### 2. संजय दत्त और सलमान खान की फिल्म 'दस' क्यों बंद हो गई?
इस फिल्म के निर्देशक मुकुल एस. आनंद का 7 सितंबर 1997 को अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, जिसके बाद प्रोजेक्ट रोक दिया गया।

### 3. फिल्म 'दस' का कौन सा गाना आज भी लोकप्रिय है?
फिल्म का देशभक्ति गीत 'सुनो गौर से दुनिया वालों' आज भी बेहद लोकप्रिय है और स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर बजाया जाता है।

### 4. फिल्म 'दस' के म्यूजिक डायरेक्टर कौन थे?
फिल्म 'दस' के माध्यम से शंकर-एहसान-लॉय ने पहली बार बॉलीवुड में संगीत निर्देशक के रूप में अपना डेब्यू किया था।

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