शादी के बाद भी परदे पर छाया माधुरी दीक्षित का जादू, ओटीटी पर मौजूद ये 7 यादगार फिल्में डॉक्टर श्रीराम नेने से विवाह के बाद भी माधुरी दीक्षित ने सिनेमा में अपनी अदाकारी का परचम लहराया, जिनकी पुकार से लेकर मां बहन तक की 7 चर्चित फिल्में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर देखी जा सकती हैं। बॉलीवुड में अपनी दिलकश मुस्कान और बेमिसाल नृत्य से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली अदाकारा माधुरी दीक्षित ने साल 1999 में डॉक्टर श्रीराम नेने के साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की थी। विवाह के बंधन में बंधने के बावजूद उन्होंने बड़े परदे पर अपनी अदाकारी का जादू लगातार बरकरार रखा और यह साबित किया कि सच्चा स्टारडम कभी फीका नहीं पड़ता। क्लासिक ड्रामा से लेकर ब्लैक कॉमेडी और क्राइम थ्रिलर तक, उन्होंने हर तरह के जॉनर में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। डिजिटल स्ट्रीमिंग के इस दौर में दर्शक घर बैठे उनकी शादी के बाद की सात सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली फिल्मों का आनंद ले सकते हैं। पुकार (2000): देशभक्ति और प्रेम त्रिकोण का रोमांच राजकुमार संतोषी के निर्देशन में तैयार हुई यह एक्शन ड्रामा फिल्म एक देशभक्त सैन्य अफसर और उसकी बचपन की साथी अंजलि की कहानी पेश करती है। इस फिल्म में अंजलि का केंद्रीय किरदार माधुरी दीक्षित ने निभाया था, जो अपने एकतरफा लगाव और जलन की भावना के चलते अनजाने में देश के खिलाफ रची गई एक खतरनाक साजिश का जरिया बन जाती हैं। जब उन्हें अपनी इस भयानक भूल का अहसास होता है, तब वह अपने प्यार के सम्मान और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाल देती हैं। अनिल कपूर, नम्रता शिरोडकर और डैनी डेन्जोंगपा जैसे मंझे हुए कलाकारों से सजी यह फिल्म इस समय एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। लज्जा (2001): रूढ़ियों पर प्रहार करती जानकी की आवाज भारतीय समाज के भीतर महिलाओं के अधिकारों, उनके दैनिक संघर्षों और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने वाली इस फिल्म में माधुरी दीक्षित का एक बेहद सशक्त रूप देखने को मिला था। फिल्म में उन्होंने जानकी नाम की एक स्वाभिमानी, साहसी और स्वतंत्र विचार वाली थिएटर आर्टिस्ट की भूमिका निभाई थी, जो पुरुषों की दोगली मानसिकता और सामाजिक कुरीतियों का डटकर मुकाबला करती है। इस बहुचर्चित सामाजिक ड्रामा में मनीषा कोइराला, रेखा, अजय देवगन और अनिल कपूर ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं। सामाजिक संदेश देने वाली यह फिल्म एमएक्स पर देखी जा सकती है। देवदास (2002): चंद्रमुखी के रूप में अमर अभिनय संजय लीला भंसाली के भव्य निर्देशन में बनी इस कालजयी फिल्म में माधुरी दीक्षित ने कोठेवाली चंद्रमुखी के किरदार में जान फूंक दी थी। शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित इस दास्तान में चंद्रमुखी का देवदास के प्रति निःस्वार्थ और अटूट प्रेम दर्शकों के दिलों को छू गया था। इस फिल्म में शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय भी मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के गीतों में माधुरी का नृत्य विशेष रूप से यादगार रहा, जहां मार डाला और डोला रे डोला जैसे गानों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। यह भव्य सिनेमाई रचना वर्तमान में एयरटेल एक्स्ट्रीम पर देखने के लिए उपलब्ध है। आजा नचले (2007): कला और संस्कृति को बचाने की जंग एक लंबे अंतराल के बाद बॉलीवुड के रूपहले परदे पर वापसी करते हुए माधुरी दीक्षित ने इस संगीतमय फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म की केंद्रीय कहानी दीया नाम की एक प्रतिभाशाली डांस कोरियोग्राफर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अमेरिका से भारत में स्थित अपने पैतृक कस्बे में लौटती है। उसका मुख्य उद्देश्य अपने दिवंगत गुरु के ऐतिहासिक डांस थिएटर को जमींदोज होने से बचाना और स्थानीय लोगों को नृत्य के माध्यम से जोड़ना होता है। कोंकणा सेन शर्मा, कुणाल कपूर और अक्षय खन्ना के सशक्त अभिनय से सजी यह संगीतमय फिल्म नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है। डेढ़ इश्किया (2014): शायरी, रहस्य और फरेब का खेल अभिषेक चौबे द्वारा निर्देशित यह ब्लैक कॉमेडी थ्रिलर फिल्म अपनी अनूठी कहानी और चुटीले संवादों के लिए जानी जाती है। फिल्म में माधुरी दीक्षित ने बेगम पारा का एक रहस्यमयी और नफासत भरा किरदार निभाया था, जो अपने दिवंगत शौहर के बाद नए नवाब की तलाश में एक भव्य मुशायरा आयोजित करती हैं। शायरी के लच्छेदार माहौल, चोरी, चालबाजी और अप्रत्याशित मोड़ों से भरी इस कहानी में बेगम पारा का अंदाज सभी को चौंका देता है। नसीरुद्दीन शाह, अरशद वारसी और हुमा कुरैशी जैसे बेहतरीन कलाकारों से सजी यह दिलचस्प फिल्म अमेजन एमएक्स प्लेयर पर मौजूद है। टोटल धमाल (2019): खजाने की तलाश में कॉमेडी का तड़का इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी इस मल्टी-स्टारर कॉमेडी फिल्म में माधुरी दीक्षित और अनिल कपूर की सदाबहार जोड़ी ने एक गुजराती दंपति का किरदार निभाकर दर्शकों को खूब हंसाया था। कहानी छिपे हुए 50 करोड़ रुपये के गुप्त खजाने तक सबसे पहले पहुंचने की एक मजेदार और अफरा-तफरी भरी दौड़ पर केंद्रित है। इस फिल्म में दोनों कलाकारों के बीच की खट्टी-मीठी नोक-झोंक और कॉमिक टाइमिंग ने परदे पर अलग ही समां बांध दिया था। अजय देवगन, रितेश देशमुख और अरशद वारसी के अभिनय से सजी यह मनोरंजक फिल्म जियो हॉटस्टार पर देखी जा सकती है। मां बहन: डार्क कॉमेडी और अपराध का अनोखा संगम सुरेश त्रिवेणी के निर्देशन में बनी यह डार्क क्राइम कॉमेडी फिल्म पारिवारिक उलझनों और सामाजिक तानों के बीच बुनी गई है। कहानी एक सिंगल मदर रेखा के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार माधुरी दीक्षित ने निभाया है। रेखा और उनकी दो बेटियां अचानक घटी एक अप्रत्याशित घटना और सामने आई एक लाश के अपराध को छुपाने के लिए तरह-तरह के प्रपंच और ड्रामे रचती हैं। महिला सशक्तिकरण और व्यंग्य का अनूठा मेल पेश करने वाली इस फिल्म में तृप्ति डिमरी और रवि किशन भी अहम भूमिकाओं में मौजूद हैं, जिसे दर्शक नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं। इसका आप पर असर सिनेमा प्रेमियों और वीकेंड पर ओटीटी पर फिल्में तलाशने वाले दर्शकों के लिए यह सूची बेहतरीन और विविध जॉनर के विकल्प प्रदान करती है। • दर्शकों के लिए: दर्शकों को अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद माधुरी दीक्षित की चर्चित फिल्मों की सीधी जानकारी मिलती है। इससे मनपसंद कंटेंट खोजने में समय बचता है और वे ड्रामा से लेकर कॉमेडी तक का आनंद ले सकते हैं। • मनोरंजन के विकल्प: सप्ताहांत पर क्लासिक और थ्रिलर फिल्में देखने के शौकीनों को सात अलग-अलग जॉनर की फिल्में एक साथ मिल जाती हैं। दर्शक अपनी पसंद के अनुसार एमएक्स प्लेयर, नेटफ्लिक्स, जियो हॉटस्टार या एयरटेल एक्स्ट्रीम पर इन्हें चुन सकते हैं। • पारिवारिक सिनेमा: इस सूची में टोटल धमाल जैसी फैमिली कॉमेडी से लेकर लज्जा और देवदास जैसे गंभीर सामाजिक और पीरियड ड्रामा शामिल हैं। परिवार के साथ बैठकर देखने के लिए विविध प्रकार की फिल्मों का चयन आसान हो जाता है। • डिजिटल सब्सक्रिप्शन: यह जानकारी उन लोगों के लिए उपयोगी है जो यह तय करना चाहते हैं कि उनके मौजूदा ओटीटी सब्सक्रिप्शन पर कौन सी क्लासिक फिल्में बिना अतिरिक्त शुल्क उपलब्ध हैं। दर्शक उपलब्ध ऐप्स के आधार पर अपनी वॉचलिस्ट तैयार कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ माधुरी दीक्षित ने 1999 में विवाह के बाद भी सिनेमा जगत से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई और चुनिंदा, विविधतापूर्ण भूमिकाओं के जरिए अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराई। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के विस्तार के साथ ही दर्शकों की पुरानी और सदाबहार फिल्मों को दोबारा देखने की मांग लगातार बढ़ रही है। • कलात्मक विविधता: शादी के बाद अभिनेत्री ने पारंपरिक मुख्यधारा की भूमिकाओं के साथ-साथ गंभीर, सामाजिक और प्रयोगात्मक किरदारों को चुनना शुरू किया। इसके चलते लज्जा में जानकी और देवदास में चंद्रमुखी जैसे यादगार किरदार दर्शकों के सामने आए। • डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की उपलब्धता: समय के साथ फिल्मों के वितरण का स्वरूप बदला और कई प्रमुख क्लासिक फिल्में विभिन्न स्ट्रीमिंग सेवाओं पर आ गईं। इसके कारण नई पीढ़ी के दर्शक भी इन बेहतरीन कृतियों को अपनी सुविधा के अनुसार देख पा रहे हैं। • सदाबहार लोकप्रियता: बड़े परदे पर नृत्य और अभिनय का विशिष्ट मुकाम हासिल करने के कारण माधुरी दीक्षित की फिल्मों की मांग हमेशा बनी रहती है। यही वजह है कि उनकी शादी के बाद के काम को भी दर्शक आज तक दिलचस्पी से देखते हैं। सवाल-जवाब 1. माधुरी दीक्षित ने डॉक्टर श्रीराम नेने से शादी कब की थी? माधुरी दीक्षित ने साल 1999 में डॉक्टर श्रीराम नेने के साथ शादी की थी। 2. फिल्म देवदास किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देखने के लिए उपलब्ध है? संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म देवदास इस समय एयरटेल एक्स्ट्रीम पर उपलब्ध है। 3. फिल्म आजा नचले में माधुरी दीक्षित ने क्या किरदार निभाया था? उन्होंने दीया नाम की एक डांस कोरियोग्राफर का किरदार निभाया था, जो अपने दिवंगत गुरु के डांस थिएटर को बचाने भारत लौटती है। 4. फिल्म पुकार कहां स्ट्रीम की जा सकती है और इसमें कौन से कलाकार हैं? यह फिल्म एमएक्स प्लेयर पर उपलब्ध है और इसमें अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित, नम्रता शिरोडकर और डैनी डेन्जोंगपा ने अभिनय किया है। 5. डार्क कॉमेडी फिल्म मां बहन किस ओटीटी पर देखी जा सकती है? सुरेश त्रिवेणी के निर्देशन में बनी फिल्म मां बहन नेटफ्लिक्स पर देखने के लिए उपलब्ध है। 6. टोटल धमाल में माधुरी दीक्षित और अनिल कपूर का क्या रोल था? फिल्म में दोनों ने एक झगड़ालू गुजराती दंपति की भूमिका निभाई थी जो 50 करोड़ रुपये के गुप्त खजाने की तलाश में निकलते हैं। प्रेरणा और सबक माधुरी दीक्षित का करियर यह साबित करता है कि व्यक्तिगत जीवन में बड़े बदलावों के बाद भी समर्पण और प्रतिभा के दम पर अपने कार्यक्षेत्र में शीर्ष मुकाम बनाए रखा जा सकता है। • निरंतरता का महत्व: शादी के बाद भी अपने हुनर और काम के प्रति लगन बनाए रखना यह दिखाता है कि जीवन के नए पड़ाव करियर की रुकावट नहीं बनते। निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास से अपनी पहचान हमेशा कायम रखी जा सकती है। • बदलाव को स्वीकारना: उन्होंने समय के साथ नए जॉनर, ब्लैक कॉमेडी और प्रयोगात्मक किरदारों में हाथ आजमाया। कार्यक्षेत्र में दीर्घकालिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए नए प्रयोगों से डरना नहीं चाहिए। • काम के प्रति निष्ठा: देवदास से लेकर आजा नचले तक, हर भूमिका में उनकी मेहनत और तैयारी साफ नजर आती है। जब काम पूरी ईमानदारी से किया जाता है, तो उसकी चमक दशकों तक बनी रहती है। https://trendkia.com/entertainment/shadi-ke-bada-bhi-parade-para-chhaya-madhuri-dixit-ka-jadu-otiti-para-maujuda-ye-7-yadagara-philmen-43503 TrendKia — Har trend, sabse pehle.