शुरुआती दौर में सूर्या से तीन गुना अधिक थी ज्योतिका की फीस, साउथ के इस पावर कपल ने साझा किए अपने अनुभव साउथ सिनेमा के लोकप्रिय कपल सूर्या और ज्योतिका ने अपने शुरुआती करियर, फीस के अंतर और आपसी रिश्ते पर खुलकर बात की है। ज्योतिका ने बताया कि करियर की शुरुआत में उनकी फीस सूर्या से तीन गुना ज्यादा हुआ करती थी। दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में सूर्या और ज्योतिका की जोड़ी को सबसे पसंदीदा और सम्मानित कपल्स में गिना जाता है। पर्दे पर अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाले इन दोनों कलाकारों ने अपने निजी और व्यावसायिक जीवन के तालमेल से एक मिसाल कायम की है। आज भले ही सूर्या पैन-इंडिया स्तर पर एक विशाल स्टारडम का आनंद ले रहे हैं, लेकिन उनके करियर के शुरुआती दिनों में स्थिति बिल्कुल विपरीत थी। उस दौर में ज्योतिका का स्टारडम सूर्या से कहीं अधिक था और वे कमाई के मामले में भी काफी आगे थीं। करियर की शुरुआत और फीस का दिलचस्प किस्सा हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू के दौरान इस पावर कपल ने अपने शुरुआती संघर्षों और करियर की यात्रा को याद किया। ज्योतिका ने अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए मुस्कुराकर कहा, "करियर की शुरुआत में मुझे सूर्या की फीस से 3 गुना ज्यादा फीस मिलती थी।" उन्होंने आगे मजाकिया अंदाज में बताया कि समय बदलने के साथ अब यह समीकरण पूरी तरह पलट गया है और अब उनकी फीस सूर्या की तुलना में 30 गुना कम हो चुकी है। ज्योतिका की इस बात को सुनकर सूर्या भी अपनी हंसी नहीं रोक सके। सूर्या के करियर में ज्योतिका का महत्वपूर्ण योगदान भारतीय सिनेमा में कई ऐसी कहानियां हैं जहां एक पार्टनर की सलाह ने दूसरे के करियर को नई दिशा दी। सूर्या के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। साल 2003 में जब निर्देशक वासुदेव मेनन अपनी एक्शन थ्रिलर फिल्म 'काखा काखा' की योजना बना रहे थे, तब ज्योतिका ने ही निर्देशक से सूर्या को मुख्य भूमिका में कास्ट करने की सिफारिश की थी। ज्योतिका के इस भरोसे और सुझाव के बाद सूर्या को यह फिल्म मिली। जब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो यह सूर्या के करियर की पहली सोलो लीड ब्लॉकबस्टर साबित हुई और इसने उन्हें स्टारडम की ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। समानता और आपसी सम्मान पर टिका रिश्ता वैवाहिक जीवन की सफलता पर बात करते हुए ज्योतिका ने अपने और सूर्या के मजबूत रिश्ते के राज का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सूर्या न केवल एक उत्कृष्ट अभिनेता हैं बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी हैं। ज्योतिका के अनुसार, सूर्या हर मोड़ पर समानता के विचार को समझते हैं और यह भावना उनके व्यक्तित्व में गहराई से समाई हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्वस्थ रिश्ते में पारंपरिक लैंगिक भूमिकाओं को थोपने के बजाय एक-दूसरे की इच्छाओं और भावनाओं का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है। जब एक पुरुष के दिल में अपनी जीवनसंगिनी के प्रति सच्चा सम्मान होता है, तभी रिश्ते में वास्तविक बराबरी आती है। पर्दे पर सुपरहिट जोड़ी का सफर सूर्या और ज्योतिका की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों को हमेशा मंत्रमुग्ध किया है। दोनों की जोड़ी पहली बार साल 1999 में रिलीज हुई फिल्म 'पूवेल्लम केट्टुप्पार' में एक साथ नजर आई थी, जिसका निर्देशन वसंत ने किया था। इसके बाद दोनों ने साल 2000 में 'उयिरिले कलंथथु', 2003 में 'काखा काखा', 2004 में 'पेराझगन', 2005 में 'मायावी' और 2006 में 'सिल्लुनु ओरु काधल' जैसी कई यादगार और सफल फिल्मों में साथ काम किया। वर्तमान में ज्योतिका चुनिंदा अभिनय परियोजनाओं के साथ-साथ एक निर्माता के रूप में भी सक्रिय हैं, जबकि सूर्या अपने बड़े बजट की फिल्मों से भारतीय सिनेमा पर छाए हुए हैं। इसका आप पर असर • भारत में: यह कहानी मनोरंजन उद्योग में महिलाओं की शुरुआती वित्तीय सफलता और बदलते सैलरी गैप पर एक महत्वपूर्ण विमर्श प्रस्तुत करती है। • फैंस और जोड़ों के लिए: सूर्या और ज्योतिका का रिश्ता यह सिखाता है कि सफल शादी में पारंपरिक भूमिकाओं के बजाय आपसी सम्मान और समानता सबसे अहम है। सवाल-जवाब 1. करियर की शुरुआत में सूर्या और ज्योतिका की फीस में कितना अंतर था? करियर की शुरुआत में ज्योतिका को सूर्या से तीन गुना अधिक फीस मिलती थी, जो समय के साथ बदलकर सूर्या के स्टारडम के कारण काफी कम हो गई। 2. किस फिल्म से सूर्या को पहला सोलो हिट रोल मिला था? साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म 'काखा काखा' सूर्या की पहली सोलो लीड ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी। 3. सूर्या को फिल्म 'काखा काखा' में कास्ट करवाने में किसने मदद की थी? ज्योतिका ने निर्देशक वासुदेव मेनन से कहकर सूर्या को फिल्म 'काखा काखा' में मुख्य भूमिका के लिए रिकमेंड किया था। 4. सूर्या और ज्योतिका ने पहली बार किस फिल्म में साथ काम किया था? दोनों ने सबसे पहले 1999 में रिलीज हुई फिल्म 'पूवेल्लम केट्टुप्पार' में साथ काम किया था, जिसका निर्देशन वसंत ने किया था। प्रेरणा और सबक • समानता को प्राथमिकता देना: अपने पार्टनर की सफलता से जलने के बजाय उसकी प्रगति का समर्थन करना ही एक मजबूत रिश्ते की नींव है। • शुरुआती दौर में मदद करना: ज्योतिका ने सूर्या की प्रतिभा पर भरोसा जताया और उन्हें 'काखा काखा' के लिए रिकमेंड किया, जो उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट बना। • पारंपरिक भूमिकाओं से परे सोचना: रिश्तों में रूढ़िवादी सोच के बजाय एक-दूसरे की इच्छाओं और भावनाओं का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। https://trendkia.com/entertainment/shuruati-daura-men-suriya-se-tina-guna-adhika-thi-jyothika-ki-phisa-sautha-ke-isa-pavara-kapala-ne-sajha-kie-apane-anubhava-13874 TrendKia — Har trend, sabse pehle.