सिंटा चुनाव में कलाकारों की भागीदारी, पारदर्शी कामकाज की मांग उठी आंतरिक विवाद और सामूहिक इस्तीफों के बाद सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स असोसिएशन के चुनाव 12 सितंबर को हुए, जिसमें मुकेश ऋषि, कुनिका सदानंद और बिंदु दारा सिंह समेत कई कलाकारों ने मतदान किया और नई कमेटी से पारदर्शिता व कलाकारों के हितों की रक्षा की अपील की। नई दिल्ली में सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स असोसिएशन (सिंटा) के चुनाव शनिवार 12 सितंबर को संपन्न हुए। यह मतदान संगठन के भीतर लंबे समय से चल रहे आंतरिक मतभेदों और बड़ी संख्या में सदस्यों के इस्तीफे के बाद कराया गया। चुनाव में फिल्म और टेलीविजन जगत के अनेक जाने-माने कलाकारों ने हिस्सा लिया और मतदान के बाद अपनी राय रखी। मुकेश ऋषि ने कहा — चुनाव जरूरी था, नई टीम बेहतर काम करे वरिष्ठ अभिनेता मुकेश ऋषि ने मतदान के बाद बताया कि चुनाव इसलिए आवश्यक हो गया था क्योंकि अधिकतर पदाधिकारियों ने अपने पद छोड़ दिए थे। उन्होंने कहा कि जिन्हें चुनाव लड़ना था, उन्हें दूसरा अवसर मिला और वे इसी मतदान में भाग लेने आए थे। मुकेश ऋषि ने अपने सभी साथियों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि शाम तक नतीजे स्पष्ट हो जाएंगे। उन्होंने विजेता को बधाई देते हुए कहा कि नई टीम सिंटा के लिए बेहतर कार्य करे। अभिनेता ने यह भी कहा कि जहां मन न लगे, वह जगह छोड़ देनी चाहिए और वे स्वयं भी ऐसा कर चुके हैं। पद्मिनी और पूनम के बारे में उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वे ही जानें कि उनके मन में क्या है। कुनिका सदानंद की अपेक्षा — कलाकारों की सुरक्षा और समानता हो सुनिश्चित अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने चुनाव प्रक्रिया फिर से शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने आशा जताई कि नवनिर्वाचित कमेटी प्रभावी ढंग से काम करेगी। कुनिका ने तीन प्रमुख मांगें रखीं: कलाकारों के कार्य और भुगतान की सुरक्षा, महिला कलाकारों की सुरक्षा, और सभी कलाकारों के लिए समान अवसर। उनका कहना था कि ये बुनियादी मुद्दे नई कमेटी की प्राथमिकता में होने चाहिए। बिंदु दारा सिंह ने की पारदर्शिता की मांग बिंदु दारा सिंह ने बताया कि सिंटा का कार्यकाल पहले दो वर्ष का था, जिसे बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया गया था। उनके अनुसार उस अवधि में कमेटी ने अच्छा कार्य किया, लेकिन आपसी झगड़े बहुत बढ़ गए थे। गुटबाजी के कारण विवाद इतने गहरा गए कि सदस्यों का मन संगठन की गतिविधियों से उचट गया। बिंदु दारा सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से अनुरोध किया कि सिंटा का कामकाज पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, ताकि हर सदस्य को पता चले कि संगठन में क्या चल रहा है। इसका आप पर असर सिंटा के नए चुनाव से कलाकारों के हितों की रक्षा और संगठन में पारदर्शिता की उम्मीद जगी है। • भारत में: नई कमेटी अगर भुगतान सुरक्षा और महिला सुरक्षा पर ठोस नीति बनाती है, तो देशभर के लाखों टीवी और फिल्म कलाकारों को आर्थिक शोषण से राहत मिलेगी। • मुंबई में: मनोरंजन उद्योग का केंद्र होने के नाते मुंबई के कलाकारों को सीधा लाभ होगा — पारदर्शी कामकाज से विवाद कम होंगे और संगठन की विश्वसनीयता बढ़ेगी। ऐसा क्यों हुआ सिंटा में चुनाव की नौबत आंतरिक कलह और सामूहिक इस्तीफों के कारण आई। लंबे समय से पदाधिकारियों के बीच मतभेद इतने गहरा गए कि संगठन का कामकाज प्रभावित होने लगा। • सीधा कारण: अधिकतर पदाधिकारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया, जिससे संवैधानिक आवश्यकता के तहत नए चुनाव अनिवार्य हो गए। • पृष्ठभूमि: कार्यकाल दो से तीन वर्ष बढ़ाए जाने के बावजूद गुटबाजी और आपसी झगड़े बढ़ते गए, जिससे सदस्यों का मोहभंग हुआ। • पहले भी हुआ: पूर्व में भी आंतरिक विवादों के चलते चुनाव कराने पड़े थे, मगर समाधान स्थायी नहीं रहा। • आगे क्या: नई कमेटी के सामने पारदर्शिता लाने और विश्वास बहाली की चुनौती होगी; सफलता इस पर निर्भर करेगी कि वे कलाकारों की मांगों को कितनी गंभीरता से लेते हैं। सवाल-जवाब 1. सिंटा के चुनाव कब हुए? चुनाव शनिवार 12 सितंबर को नई दिल्ली में संपन्न हुए। 2. चुनाव क्यों कराने पड़े? अधिकतर पदाधिकारियों के सामूहिक इस्तीफे और आंतरिक कलह के कारण संवैधानिक आवश्यकतानुसार चुनाव अनिवार्य हो गए थे। 3. किन प्रमुख कलाकारों ने मतदान किया? मुकेश ऋषि, कुनिका सदानंद और बिंदु दारा सिंह समेत कई फिल्म व टीवी कलाकारों ने वोट डाला। 4. नई कमेटी से कलाकारों की मुख्य मांगें क्या हैं? भुगतान सुरक्षा, महिला सुरक्षा, समान अवसर और संगठन के कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता। 5. बिंदु दारा सिंह ने क्या अपील की? उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से सिंटा का कामकाज पूरी तरह पारदर्शी बनाने का अनुरोध किया ताकि हर सदस्य को जानकारी रहे। https://trendkia.com/entertainment/sinta-chunava-men-kalakaron-ki-bhagidari-paradarshi-kamakaja-ki-manga-uthi-31587 TrendKia — Har trend, sabse pehle.