सोनू निगम का नया सपना, अब चीनी और जापानी गानों में जादू बिखेरेंगे प्रसिद्ध गायक प्रसिद्ध गायक सोनू निगम ने हिंदी के अलावा चीनी, जापानी और स्पेनिश जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में अपनी गायकी का हुनर दिखाने की इच्छा जताई है। भारतीय संगीत जगत के दिग्गज कलाकारों में शुमार सोनू निगम ने हाल ही में अपने आगामी कलात्मक लक्ष्यों को लेकर खुलकर चर्चा की। उन्होंने साझा किया कि उनकी योजना भविष्य में स्पेनिश, जापानी और चीनी जैसी वैश्विक भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरने की है। उनके अनुसार, यह केवल विदेशी भाषाओं में गाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूसरे देशों की संस्कृति और संगीत की गहराइयों को करीब से अनुभव करने का एक शानदार अवसर है। विदेशी भाषाओं में अनुभव और पुराना सफर सोनू निगम ने यह भी याद दिलाया कि वह इससे पहले लैटिन और अंग्रेजी में अपनी आवाज दे चुके हैं। इसके अलावा, मंच पर प्रस्तुति देते हुए उन्होंने डच भाषा में भी गीत गाए हैं। अब उनका अगला कदम एशियाई और यूरोपीय संगीत बाजारों की ओर बढ़ने का है, जिसमें चीनी और जापानी भाषाएं मुख्य रूप से शामिल हैं। यदि सही अवसर मिला, तो वह स्पेनिश गानों के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। उनका मानना है कि एक कलाकार के रूप में खुद को किसी एक भाषा या शैली तक बांधकर नहीं रखना चाहिए, बल्कि निरंतर नए प्रयोग करते रहना चाहिए। जिंगल्स से हुई थी शुरुआत इस महान गायक का सफर बहुत छोटी उम्र से ही आरंभ हो गया था। मुंबई का रुख करने से पहले वह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ही विज्ञापन के लिए जिंगल्स रिकॉर्ड करने का काम करते थे। उस शुरुआती दौर में उनकी व्यस्तता इतनी अधिक थी कि वह एक ही दिन में करीब सोलह से सत्रह जिंगल्स तक रिकॉर्ड कर लेते थे। इन छोटे विज्ञापनों ने उन्हें विभिन्न प्रकार की आवाजों और गायन शैलियों के साथ प्रयोग करने की अद्भुत छूट दी। उस दौरान उन्होंने असमिया, मणिपुरी, तेलुगु, तमिल, मराठी, राजस्थानी, हरियाणवी और कश्मीरी जैसी तमाम भाषाओं में अपनी आवाज का हुनर दिखाया। इस बहुभाषी अनुभव ने उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों की बोलियों और संगीत की अनूठी परंपराओं को बहुत बारीकी से समझने में मदद की। मुंबई आने के बाद मिला बड़ा मुकाम जब वह दिल्ली छोड़कर मायानगरी मुंबई पहुंचे, तो उनके सामने सफलता के नए और विशाल रास्ते खुल गए। अपने दशकों लंबे शानदार करियर के दौरान उन्होंने कुमाऊंनी, गढ़वाली, कोंकणी, मणिपुरी, खासी, हरियाणवी, मराठी, गुजराती, राजस्थानी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बंगाली, ओड़िया, डोगरी और कश्मीरी जैसी अनगिनत भारतीय भाषाओं में अपनी मधुर आवाज के जरिए गीत गाए। अब जब उन्होंने भारतीय संगीत की लगभग हर प्रमुख बोली को छू लिया है, तो उनकी निगाहें विदेशी सीमाओं के पार पहुंच चुकी हैं। उनका मानना है कि चीनी और जापानी जैसी जटिल भाषाओं में संगीत रचना और उनका गायन सीखना उनके कलात्मक जीवन का एक बेहद रोमांचक पड़ाव होगा। इस बात से यह बिल्कुल साफ हो जाता है कि इतनी शोहरत और सफलता हासिल करने के बावजूद यह लोकप्रिय गायक आज भी एक विद्यार्थी की तरह कुछ नया सीखने के लिए पूरी तरह उत्सुक और तैयार है। इसका आप पर असर मनोरंजन जगत पर असर: यह खबर दिखाती है कि भारतीय कलाकार अब वैश्विक संगीत बाजारों और विदेशी भाषाओं में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए कितने उत्सुक हैं। सवाल-जवाब 1. सोनू निगम किन नई अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में गाना चाहते हैं? सोनू निगम चीनी, जापानी और स्पेनिश जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में गाना चाहते हैं। 2. सोनू निगम ने मुंबई आने से पहले दिल्ली में क्या काम किया था? मुंबई आने से पहले सोनू निगम दिल्ली में विज्ञापन के लिए जिंगल्स रिकॉर्ड किया करते थे। 3. सोनू निगम पहले किन विदेशी भाषाओं में गा चुके हैं? वह पहले अंग्रेजी और लैटिन भाषा में गा चुके हैं तथा मंच पर डच में भी प्रस्तुति दे चुके हैं। 4. सोनू निगम एक दिन में कितने जिंगल्स रिकॉर्ड करते थे? वह अपने शुरुआती दौर में एक दिन में करीब 16 से 17 जिंगल्स तक रिकॉर्ड कर लेते थे। प्रेरणा और सबक सोनू निगम के सफर से सीख: • कभी सीखना बंद न करें: इतने लंबे करियर के बाद भी नया सीखने की ललक बनाए रखें। • दायरे से बाहर निकलें: खुद को किसी एक भाषा या शैली तक सीमित न रखें। • शुरुआती मेहनत: छोटे कामों और जिंगल्स से भी अनुभव और कला को निखारा जा सकता है। • प्रयोगशीलता: अपने काम में लगातार नए बदलाव और प्रयोग करते रहना सफलता की कुंजी है। https://trendkia.com/entertainment/sonu-nigam-dreams-of-singing-in-chinese-and-japanese-after-hindi-21954 TrendKia — Har trend, sabse pehle.