फिल्म 'दूसरा' की रिलीज के खिलाफ कोर्ट पहुंचे सौरव गांगुली, जानिए क्या है क्रिकेट और इस कहानी का कनेक्शन पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में फिल्म 'दूसरा' की रिलीज रोकने की याचिका पर सुनवाई होनी है, जिसमें उनकी पहचान के इस्तेमाल का दावा किया गया है। यह फिल्म एक लड़की तारा की कहानी है जो समाज की बंदिशों के खिलाफ खड़ी होती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और दिग्गज खिलाड़ी सौरव गांगुली ने फिल्म 'दूसरा' के सिनेमाघरों में आने से पहले कानूनी रास्ता अपनाया है। उन्होंने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, हालांकि अदालत ने फिलहाल इस पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद अदालत इस मामले पर शुक्रवार 23 अक्टूबर को सौरव गांगुली की याचिका पर आगे की सुनवाई करेगी। याचिका में यह मुख्य रूप से आरोप लगाया गया है कि यह फिल्म उनकी व्यक्तिगत पहचान और उनके शानदार क्रिकेट करियर से जुड़ी विभिन्न चीजों का इस्तेमाल करती है, जिससे उनके निजी और कमर्शियल अधिकारों का हनन होता है। यह फिल्म तय कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। तारा की संघर्ष भरी और प्रेरणादायक कहानी इस पूरी फिल्म के केंद्र में तारा नाम की एक युवा लड़की का किरदार है, जो समाज के स्थापित नियमों और परंपराओं को चुनौती देते हुए अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने के सफर पर निकलती है। फिल्म की पटकथा में उसे एक ऐसे इंसान के रूप में दिखाया गया है जो दिग्गज क्रिकेटर सौरव गांगुली की बहुत बड़ी प्रशंसक है। उसके अपने क्रिकेटिंग सफर में आई तमाम बाधाएं और चुनौतियां कहीं न कहीं तारा के जीवन में चल रहे संघर्षों का आईना बनती हैं। जिस प्रकार सौरव गांगुली ने मैदान पर हर मुश्किल परिस्थिति का सामना करते हुए जीत हासिल की, उसी प्रकार तारा भी अपनी जिंदगी के हर मोड़ पर आने वाली कठिनाइयों को पार करती जाती है। वह अपने अंदर के तमाम डरों और समाज द्वारा लगाई गई पाबंदियों की दीवारों को तोड़कर खुद को पूरी तरह से मुक्त करने का प्रयास करती है। सौरव गांगुली के जश्न और प्रेरणा का अनूठा मेल फिल्म के भीतर साल 2002 की ऐतिहासिक नेटवेस्ट सीरीज के दौरान सौरव गांगुली द्वारा लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी जर्सी उतारकर जश्न मनाने के उस यादगार पल को भी बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है। फिल्म में उनका यह जश्न सिर्फ एक खेल का हिस्सा नहीं रहता, बल्कि यह किरदार की भावनाओं को गहराई देने के लिए एक भावनात्मक विस्तार के रूप में सामने आता है। यह उन लोगों की हिम्मत को बयां करता है जो अपनी निजी अभिव्यक्ति और स्वतंत्रता के लिए समाज के विरोध और भारी उम्मीदों का डटकर मुकाबला करते हैं। तारा एक बेहद रूढ़िवादी और पारंपरिक परिवार के माहौल में बड़ी हुई है, जहाँ उसके जीवन पर कई तरह की पाबंदियां थोपी गई हैं। टेलीविजन पर नेटवेस्ट सीरीज में सौरव गांगुली के उस आक्रामक और ऊर्जावान जश्न को देखने के बाद वह उनसे भीतर तक प्रेरित हो जाती है। इसके बाद वह समाज के तय किए गए नियमों को आँख मूँदकर मानने से साफ इनकार कर देती है और अपनी जिंदगी की दिशा तय करने वाले बंधनों को खुली चुनौती देने की हिम्मत जुटा लेती है। फिल्म का क्लाइमैक्स दर्शकों को गहरे तक सोचने पर मजबूर कर देता है और मन में कई गंभीर सवाल छोड़ जाता है। यह कहानी एक ऐसा रास्ता दिखाती है जो व्यक्ति के अपने वजूद को बचाने के लिए बेहद कठिन हो सकता है, लेकिन अंततः वही सही होता है। कलाकार, निर्देशक और पर्दे के पीछे की टीम यह फिल्म क्रिकेट जगत के एक खास ऐतिहासिक पल को एक सटीक मेटाफर के रूप में इस्तेमाल करती है, जो यह दर्शाती है कि जब कोई व्यक्ति अपनी निजी अभिव्यक्ति के खातिर समाज के खिलाफ बगावत करता है, तो उसे जीवन में किस तरह के गंभीर परिणामों से गुजरना पड़ता है। फिल्म में तारा की पूरी यात्रा और कहानी को एक डॉक्युमेंट्री शैली के अनूठे अंदाज में परोसा गया है, जो पेशे से एक पत्रकार भी है। फिल्म 'दूसरा' में मुख्य किरदार यानी तारा की भूमिका प्लाबिता बोरठाकुर ने निभाई है, जिन्होंने अपने अभिनय से इसे जीवंत किया है। उनके अलावा इस फिल्म में अंकुर विकल, समिधा गुरु, त्विशा सीमा और कृष्णा गोकानी जैसे मंझे हुए कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म के निर्देशन की कमान अभिनय देव ने संभाली है, जबकि इसे माशा सजदेह और रोहन सजदेह ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। इसके अलावा नीता शाह इस प्रोजेक्ट की को-प्रोड्यूसर के रूप में जुड़ी हुई हैं। फिल्म की मूल कहानी और पटकथा यानी स्क्रिप्ट एग्नेलो ओस्विन डायस ने लिखी है, और फिल्म का शानदार ओरिजिनल स्कोर प्रसिद्ध संगीतकार राम संपत ने तैयार किया है। इसका आप पर असर फिल्म 'दूसरा' की रिलीज और कानूनी विवाद का असर खेल हस्तियों के कमर्शियल राइट्स और उनके जीवन पर आधारित रचनात्मक कार्यों से जुड़े नियमों पर पड़ सकता है। • कानूनी मानक: इस मामले के जरिए खेल दिग्गजों के व्यक्तित्व अधिकारों और कमर्शियल राइट्स की सुरक्षा को लेकर नए कानूनी पहलू सामने आ सकते हैं। यह फैसला भविष्य में किसी भी खिलाड़ी के जीवन या उसकी पहचान पर बनने वाली फिल्मों के नियमों तय कर सकता है। • दर्शकों की पसंद: सिनेमाप्रेमियों और क्रिकेट फैंस के लिए यह फिल्म एक अलग सामाजिक और भावनात्मक नजरिया पेश करती है। यह दर्शकों को समाज की स्थापित मान्यताओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच की बहस पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित करती है। ऐसा क्यों हुआ यह कानूनी विवाद इस बात को लेकर उत्पन्न हुआ कि एक सार्वजनिक हस्ती की पहचान और उनके करियर के ऐतिहासिक पलों का इस्तेमाल कमर्शियल और रचनात्मक कार्यों में किस सीमा तक किया जा सकता है। • पहचान और अधिकार: सौरव गांगुली ने अदालत में यह दावा किया कि फिल्म में उनकी पहचान और क्रिकेट करियर से जुड़े पहलुओं का इस्तेमाल उनके निजी और कमर्शियल अधिकारों का सीधा उल्लंघन करता है। • फिल्म की विषयवस्तु: फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है जो गांगुली से प्रेरणा लेती है और उनके 2002 के नेटवेस्ट सीरीज के जश्न को अपने संघर्षों के प्रतीक के रूप में उपयोग करती है। • अदालती हस्तक्षेप: याचिका दाखिल होने के बावजूद दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई तय की। सवाल-जवाब 1. फिल्म 'दूसरा' कब रिलीज हो रही है? फिल्म 'दूसरा' सिनेमाघरों में 23 अक्टूबर को रिलीज हो रही है। 2. सौरव गांगुली ने कोर्ट में क्या याचिका दायर की है? सौरव गांगुली ने फिल्म 'दूसरा' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है क्योंकि उनका आरोप है कि यह फिल्म उनकी पहचान और करियर का इस्तेमाल करके उनके अधिकारों का उल्लंघन करती है। 3. फिल्म 'दूसरा' में मुख्य भूमिका किसने निभाई है? फिल्म में तारा का मुख्य किरदार प्लाबिता बोरठाकुर ने निभाया है। 4. फिल्म 'दूसरा' के निर्देशक कौन हैं? फिल्म 'दूसरा' का निर्देशन अभिनय देव ने किया है। https://trendkia.com/entertainment/sourav-ganguly-brings-legal-challenge-against-movie-doosra-ahead-of-release-50878 TrendKia — Har trend, sabse pehle.