# सुधीर मिश्रा की महात्मा गांधी पर बन रही फिल्म से वहीदा रहमान का अभिनय में वापसी, निभाएंगी पुतलीबाई का रोल

> पांच वर्ष के लंबे अंतराल के बाद दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित आगामी फिल्म से पर्दे पर वापसी करने जा रही हैं, जिसमें वह पुतलीबाई का किरदार निभाएंगी।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/sudhir-mishra-ki-mahatma-gandhi-para-bana-rahi-philma-se-waheeda-rehman-ka-abhinaya-men-vapasi-nibhaengi-putlibai-ka-rola-34905 · **Language:** Hindi
**Tags:** वहीदा रहमान, मनोज बाजपेयी, सुधीर मिश्रा, महात्मा गांधी, अनुभव सिन्हा, सौरभ शुक्ला, बॉलीवुड समाचार

सिनेमा जगत की दिग्गज अदाकारा वहीदा रहमान पांच वर्षों के अंतराल के पश्चात एक बार फिर अभिनय की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं। निर्देशक सुधीर मिश्रा की महात्मा गांधी के जीवन पर केंद्रित आगामी फिल्म में उनकी आधिकारिक एंट्री हो चुकी है। इस ऐतिहासिक ड्रामा में वह महात्मा गांधी की माता पुतलीबाई की बेहद अहम भूमिका निभाती हुई दिखाई देंगी। पांच साल तक बड़े पर्दे से दूरी बनाए रखने के बाद उनका इस तरह के ऐतिहासिक किरदार के साथ लौटना सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बड़ा आकर्षण बन गया है।

## मनोज बाजपेयी निभाएंगे महात्मा गांधी का किरदार
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक इसका केंद्रीय अभिनय दल है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता मनोज बाजपेयी फिल्म में महात्मा गांधी के मुख्य किरदार को रूपहले पर्दे पर जीवंत करेंगे। पूरी कहानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े 21 दिनों की बेहद संवेदनशील घटनाओं पर बुनी गई है। यह पटकथा मुख्य रूप से उस दौर में देश के इस महान नेता के शांत स्वभाव और उनके द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की आंतरिक यात्रा को गहराई से रेखांकित करती है। फिल्म के निर्माण दल में वहीदा रहमान और मनोज बाजपेयी के साथ साथ बेहतरीन अभिनेता सौरभ शुक्ला भी एक मुख्य किरदार में नजर आएंगे।

## फिल्म के निर्देशक ने व्यक्त किया सम्मान
प्रोजेक्ट के साथ दिग्गज अदाकारा के जुड़ने पर निर्देशक सुधीर मिश्रा ने अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि वहीदा जी का इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना उनके लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है। निर्देशक ने उनकी कालजयी फिल्मों का स्मरण करते हुए बताया कि प्यासा, साहिब बीबी और गुलाम, कागज के फूल तथा गाइड जैसी कृतियों से उनका गहरा व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है। बड़े पर्दे पर उनकी इन कलाकृतियों को देखकर बड़े होने के कारण इन फिल्मों ने उनकी सोच पर गहरी छाप छोड़ी है, जिस वजह से उनके साथ काम करना किसी सपने के सच होने जैसा प्रतीत होता है।

## स्वतंत्रता आंदोलन के अनछुए पहलुओं पर आधारित निर्माण
यह ऐतिहासिक फिल्म भारत की आजादी के दौर के इतिहास से जुड़े एक बेहद गंभीर और विचारणीय अध्याय से पर्दा उठाएगी। फिल्म के निर्देशन की बागडोर जहां सुधीर मिश्रा के हाथों में है, वहीं अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हिरावत ने ए बनारस मीडियावर्क्स के बैनर तले इसका निर्माण किया है। इस भव्य प्रोजेक्ट को NH स्टूडियोज़ द्वारा दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। अनुभवी कलाकारों की यह जुगलबंदी आजादी के संघर्ष के दौरान व्यक्तिगत और राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए फैसलों को एक नए नजरिए से पेश करने की तैयारी में है।

## इसका आप पर असर
इस फिल्म के जरिए भारतीय सिनेमा के दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन का एक नया ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य देखने को मिलेगा।

- **सिनेमा प्रेमियों के लिए:** दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान को पांच साल बाद फिर से अभिनय करते देखना क्लासिक सिनेमा के प्रशंसकों के लिए एक दुर्लभ अवसर होगा। उनकी मौजूदगी इस ऐतिहासिक भूमिका को एक स्वाभाविक गरिमा और संवेदनशीलता प्रदान करेगी।
- **इतिहास के विद्यार्थियों के लिए:** यह फिल्म महात्मा गांधी के जीवन के विशिष्ट 21 दिनों और उनके निर्णयों की आंतरिक प्रक्रिया को उजागर करेगी। इससे दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन के अनछुए पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।
- **कलाकारों के प्रशंसकों के लिए:** मनोज बाजपेयी और सौरभ शुक्ला जैसे मंझे हुए अभिनेताओं के साथ वहीदा रहमान की साझेदारी बेहतरीन अभिनय का प्रदर्शन प्रस्तुत करेगी। यह परियोजना व्यावसायिक तामझाम से हटकर गंभीर सिनेमाई अनुभव की मांग करने वाले दर्शकों को आकर्षित करेगी।
- **मनोरंजन उद्योग के लिए:** वरिष्ठ कलाकारों को केंद्र में रखकर ऐतिहासिक प्रोजेक्ट्स का निर्माण करने का रुझान नए फिल्ममेकर्स को प्रेरित करेगा। इससे समृद्ध ऐतिहासिक कहानियों पर उच्च गुणवत्ता वाले कंटेंट निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह फिल्म महात्मा गांधी के जीवन की एक अनकही घटना और उनके व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण प्रभावों को पर्दे पर लाने के प्रयास के तहत बनाई जा रही है।

- **ऐतिहासिक दृष्टिकोण:** फिल्म का मुख्य ध्यान महात्मा गांधी के जीवन के 21 दिनों की उन घटनाओं पर केंद्रित है जहां उन्होंने राष्ट्र के भविष्य से जुड़े कठिन निर्णय लिए थे। कहानी उनके शांत व्यक्तित्व और आंतरिक मंथन को सामने लाने के उद्देश्य से लिखी गई है।
- **पुतलीबाई का प्रभाव:** गांधी के विचारों और मूल्यों के निर्माण में उनकी मां पुतलीबाई की अहम भूमिका रही है। इसी ऐतिहासिक प्रभाव को गरिमा के साथ चित्रित करने के लिए निर्माताओं ने वहीदा रहमान को इस विशेष भूमिका के लिए चुना।
- **समान विचारधारा वाले फिल्ममेकर्स का साथ:** निर्देशक सुधीर मिश्रा और निर्माता अनुभव सिन्हा पूर्व में भी गंभीर सामाजिक और ऐतिहासिक मुद्दों पर काम करते रहे हैं। दोनों फिल्मकारों ने इस दौर के इतिहास को गहराई से खंगालने के लिए हाथ मिलाया है।

## सवाल-जवाब

### 1. वहीदा रहमान कितने वर्षों बाद अभिनय में वापसी कर रही हैं?
वहीदा रहमान लगभग पांच साल के अंतराल के बाद अभिनय की दुनिया में लौट रही हैं।

### 2. आगामी फिल्म में वहीदा रहमान कौन सा किरदार निभा रही हैं?
वह सुधीर मिश्रा द्वारा निर्देशित फिल्म में महात्मा गांधी की मां पुतलीबाई का रोल निभाएंगी।

### 3. फिल्म में महात्मा गांधी की मुख्य भूमिका कौन निभा रहा है?
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता मनोज बाजपेयी फिल्म में महात्मा गांधी की भूमिका निभा रहे हैं।

### 4. फिल्म की कहानी किस समयावधि पर आधारित है?
यह फिल्म महात्मा गांधी के जीवन के महत्वपूर्ण 21 दिनों की कहानी और उनके फैसलों पर आधारित है।

### 5. फिल्म का निर्देशन और निर्माण कौन कर रहा है?
फिल्म का निर्देशन सुधीर मिश्रा कर रहे हैं, जबकि इसका निर्माण अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हिरावत ने ए बनारस मीडियावर्क्स के तहत किया है।

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