# थप्पड़ को प्यार और छेड़छाड़ को रोमांस बताया, इन 8 फिल्मों के सीन्स पर भड़का था गुस्सा

> बाहुबली से लेकर पुष्पा तक, साउथ और बॉलीवुड की कई फिल्मों के ऐसे रोमांटिक सीन्स जिनमें जबरदस्ती और छेड़छाड़ को प्यार के नाम पर पेश किया गया और जिन पर जमकर विवाद हुआ.

**Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-06-11 · **Source:** TrendKia
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नई दिल्ली: सुपरहिट फिल्म ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ में प्रभास और तमन्ना भाटिया पर फिल्माए गए एक रोमांटिक गाने को लेकर खूब बहस छिड़ी थी. इस गाने में हीरो जबरन हीरोइन के कपड़े और उसका पूरा लुक बदल डालता है. कई दर्शकों ने इसे प्यार मानने से इनकार कर दिया और इसे खुलेआम की गई छेड़छाड़ तथा उत्पीड़न करार दिया.

साल 2016 में रिलीज हुई ममूटी की ड्रामा फिल्म ‘कसाबा’ भी विवादों में घिर गई थी. इसके एक दृश्य में मुख्य किरदार अपनी ही महिला सीनियर अधिकारी का बेहद घटिया अंदाज में अपमान करता है. वह उस महिला को अपनी ओर खींचते हुए उसकी बेल्ट पकड़ लेता है, और समाज में इस सीन की जमकर निंदा हुई थी.

‘टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी’ की सबसे चर्चित मिसाल बनी 2017 की कल्ट हिट फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’. इसमें हीरो का अपनी गर्लफ्रेंड को थप्पड़ जड़ना, उसे अपनी निजी संपत्ति की तरह समझना और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक हो उठना सच्चे प्यार के रूप में दिखाया गया, जिससे समाज में एक बेहद गलत संदेश गया.

साल 2017 की एडल्ट कॉमेडी फिल्म ‘चंक्ज’ पूरी तरह घटिया और महिला विरोधी चुटकुलों के सहारे खड़ी थी. इसमें महिला किरदारों को सिर्फ पुरुषों की नजर से एक वस्तु की तरह पेश किया गया, और दोहरे अर्थ वाले संवादों के साथ-साथ स्लट-शेमिंग का खुलकर सहारा लिया गया.

साल 2018 में आई ‘गीता गोविंदम’ की कहानी भी एक अटपटी घटना से शुरू होती है, जहां हीरो बस में सो रही एक लड़की के साथ सेल्फी लेने की कोशिश में गलती से उसे चूम लेता है. इसके बाद पूरी फिल्म में हीरो इसी हरकत को जायज ठहराने में जुटा रहता है और आखिर में लड़की भी उसे यूं ही स्वीकार कर लेती है, जिसे लोगों ने गलत बताया.

तेलुगु फिल्म ‘आरएक्स 100’ में महिला किरदार को हद से ज्यादा क्रूर, चालाक और धोखेबाज विलेन के रूप में गढ़ा गया. फिल्म के इस नजरिए की इसलिए आलोचना हुई क्योंकि यह समाज में महिलाओं को लेकर पहले से मौजूद नकारात्मक और रूढ़िवादी सोच को और हवा देती है.

साउथ की एक और बड़ी फिल्म ‘आईस्मार्ट शंकर’ में भी हीरो को बिना मर्जी के लड़की को छूने जैसे सीन्स में दिखाया गया. इन दृश्यों को फिल्म में बेहद मजेदार और रोमांटिक अंदाज में परोसा गया, जिस पर दर्शकों ने गहरी नाराजगी जताई.

‘पुष्पा: द राइज’ की भी उसके आपत्तिजनक रोमांटिक प्लॉट की वजह से कड़ी आलोचना हुई. इसमें हीरो, हीरोइन को पैसे के बदले किस करने के लिए मजबूर करता है. इससे लड़की की अपनी मर्जी की अहमियत खत्म हो जाती है और जबरदस्ती भरे बर्ताव को रोमांटिक बनाकर दिखाया जाता है.

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