{
  "type": "article",
  "title": "फिल्म द पैराडाइज को मिला ए सर्टिफिकेट, अभिनेता नानी बोले बच्चों और परिवार को खोने का नहीं है मलाल",
  "summary": "तेलुगू स्टार नानी ने अपनी आगामी फिल्म द पैराडाइज को मिले ए सर्टिफिकेट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह हर जॉनर तलाशना चाहते हैं, भले ही इसके चलते बच्चों और पारिवारिक दर्शकों से दूरी बने।",
  "content": "तेलुगू सिनेमा में नेचुरल स्टार के नाम से पहचाने जाने वाले अभिनेता नानी की बहुचर्चित फिल्म द पैराडाइज इन दिनों खूब सुर्खियों में है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सीबीएफसी ने फिल्म के तीव्र दृश्यों और अत्यधिक हिंसा को देखते हुए इसे 'ए' यानी केवल वयस्कों के लिए उपयुक्त प्रमाण पत्र जारी किया है। सेंसर बोर्ड के इस आधिकारिक फैसले का सीधा अर्थ यह है कि सिनेमाघरों में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के दर्शक ही इस फिल्म को देख सकेंगे।\n\nसेंसर रेटिंग और बॉक्स ऑफिस कमाई पर नानी का पक्ष\nचेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म की रिलीज से पहले नानी से इस सख्त रेटिंग को लेकर सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया था कि क्या 'ए' सर्टिफिकेट मिलने की वजह से फिल्म के दर्शक वर्ग और इसके बॉक्स ऑफिस कारोबार पर किसी तरह का नकारात्मक असर देखने को मिलेगा। अभिनेता ने इस स्थिति को पूरी तरह स्वीकार करते हुए बेहद बेबाकी से अपनी बात रखी।\n\nनानी ने स्वीकार किया कि इस रेटिंग की वजह से फिल्म स्वाभाविक रूप से बच्चों और पूरे पारिवारिक दर्शक वर्ग को खो देगी। हालांकि, उनका मानना है कि सिनेमा का हर जॉनर हर किसी दर्शक वर्ग की पसंद के अनुरूप नहीं बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में दर्शकों के लिए कई पारिवारिक फिल्में आने वाली हैं और वह खुद भी भविष्य में जल्द ही इस तरह के सिनेमा के साथ दर्शकों के सामने हाजिर होंगे।\n\nएक्टर के तौर पर जोखिम और जॉनर का चुनाव\nवयस्क प्रमाण पत्र वाली फिल्म चुनने के अपने फैसले पर रोशनी डालते हुए नानी ने कहा कि एक कलाकार के रूप में वह खुद को किसी एक दायरे में सीमित नहीं रखना चाहते हैं। वह अलग-अलग जॉनर में काम करने और नई चुनौतियों का सामना करने के पक्षधर हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में बताया कि इस तरह की तीव्रता, अभिनय और जॉनर को पर्दे पर उतारने का एक तय तरीका होता है, और उनकी पूरी टीम ने उसी अंदाज में काम किया है।\n\nफिल्म के एक्शन और हिंसक दृश्यों को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक मुख्यधारा की मनोरंजक फिल्म है। अभिनेता के अनुसार, पर्दे पर दिखाई गई हिंसा कोई पहली बार नहीं देखी जा रही है, बल्कि अन्य मुख्यधारा की फिल्मों में भी ऐसी हिंसा देखने को मिलती रही है। लेकिन इस फिल्म की असली खासियत इसकी असाधारण तीव्रता और गहरा आक्रामक मिजाज है, जो इसे बाकी सामान्य फिल्मों से अलग खड़ा करता है।\n\nवयस्क दर्शकों के लिए शानदार अनुभव का दावा\nफिल्म में मौजूद एक्शन दृश्यों की चर्चा करते हुए नानी ने जोर देकर कहा कि इसका कंटेंट वयस्कों के लिए पूरी तरह अनुकूल और न्यायसंगत है। उनका दावा है कि सिनेमाघरों में दर्शकों को एक बेहद मनोरंजक और भव्य सिनेमाई अनुभव मिलने वाला है। बड़े उम्र के दर्शकों को यह इंटेंस कहानी बेहद पसंद आएगी, लेकिन बच्चों को अपने पसंदीदा स्टार की यह खास फिल्म देखने के लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना होगा।\n\nद पैराडाइज अपने अलग तेवर, अनोखे जॉनर और जबरदस्त इंटेंसिटी के साथ टिकट खिड़की पर क्या कमाल दिखाएगी, यह फिल्म के रिलीज होने के बाद ही साबित होगा। फिर भी नानी के इस बेबाक रुख ने साफ कर दिया है कि वह सुरक्षित विकल्पों के बजाय नए सिनेमाई प्रयोग करने और कलात्मक जोखिम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।\n\nइसका आप पर असर\nफिल्म द पैराडाइज को ए सर्टिफिकेट मिलने से दर्शकों, परिवारों और सिनेमा प्रेमियों के लिए देखने के नियम बदल गए हैं।\n\n• सिनेमाघरों में प्रवेश: टिकट खिड़की पर आयु सीमा के कड़े नियम लागू रहेंगे। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और किशोरों को किसी भी स्थिति में हॉल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।\n• पारिवारिक योजना: पूरे परिवार के साथ वीकेंड पर फिल्म देखने की योजना बनाने वालों को विकल्प बदलना होगा। नानी की यह फिल्म केवल वयस्कों और मैच्योर दर्शकों के लिए तैयार की गई है।\n• पहचान पत्र की अनिवार्यता: टिकट जांच के दौरान सुरक्षा कर्मी आयु प्रमाण मांग सकते हैं। सिनेमाघर जाने वाले युवा दर्शकों को अपने साथ वैध पहचान पत्र जरूर रखना चाहिए।\n• मनोरंजन का चयन: जो दर्शक केवल हल्की-फुल्की और साफ-सुथरी पारिवारिक फिल्में पसंद करते हैं, उन्हें इस फिल्म के गहरे और हिंसक मिजाज के प्रति सतर्क रहना होगा। यह कहानी आक्रामक और तीव्र एक्शन से भरी हुई है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nफिल्म द पैराडाइज को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा 'ए' सर्टिफिकेट दिए जाने के पीछे इसके दृश्य और कहानी का मिजाज मुख्य कारण रहा है।\n\n• अत्यधिक हिंसा: सेंसर बोर्ड ने फिल्म में मौजूद मारधाड़ और हिंसक दृश्यों को काफी तीव्र माना है। बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे दृश्य अवयस्क दर्शकों के लिए अनुपयुक्त होते हैं।\n• कहानी की गहनता: फिल्म के कथानक में गहरा आक्रामक मिजाज और उच्च स्तर की भावुक तीव्रता दिखाई गई है। निर्देशक और अभिनेता ने इस शैली की मांग के अनुसार दृश्यों में कोई समझौता नहीं किया।\n• कलात्मक स्वतंत्रता: अभिनेता नानी ने सुरक्षित रास्ते की बजाय कहानी की जरूरत के मुताबिक हर जॉनर में काम करने का फैसला लिया। उन्होंने दृश्यों की स्वाभाविक मांग को ध्यान में रखते हुए इस वयस्क रेटिंग को खुशी से स्वीकार किया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. फिल्म द पैराडाइज को सेंसर बोर्ड से कौन सा प्रमाण पत्र मिला है?\nकेंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने फिल्म को 'ए' यानी केवल वयस्कों के लिए उपयुक्त प्रमाण पत्र दिया है।\n\n2. क्या 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे इस फिल्म को सिनेमाघरों में देख सकते हैं?\nनहीं, 'ए' सर्टिफिकेट मिलने के कारण केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के दर्शक ही इसे देख सकेंगे।\n\n3. फिल्म को ए रेटिंग मिलने की मुख्य वजह क्या है?\nफिल्म में मौजूद तीव्र दृश्यों, आक्रामक एक्शन और अत्यधिक हिंसा की वजह से इसे यह रेटिंग दी गई है।\n\n4. पारिवारिक दर्शकों के छूटने पर नानी ने क्या प्रतिक्रिया दी?\nनानी ने माना कि परिवार और बच्चे यह फिल्म नहीं देख पाएंगे, लेकिन हर जॉनर सभी के लिए नहीं बनाया जा सकता।\n\n5. नानी ने भविष्य की फिल्मों को लेकर क्या आश्वासन दिया?\nउन्होंने बताया कि वह आगे भी हर तरह के जॉनर में काम करेंगे और जल्द ही उनके नए पारिवारिक प्रोजेक्ट्स भी आएंगे।",
  "url": "https://trendkia.com/entertainment/the-paradise-ko-mila-a-sartiphiketa-abhineta-nani-bole-bachchon-aura-parivara-ko-khone-ka-nahin-hai-malala-34157",
  "category": "मनोरंजन",
  "publishedAt": "2026-09-19",
  "tags": [
    "नानी",
    "द पैराडाइज",
    "तेलुगू सिनेमा",
    "सीबीएफसी",
    "ए सर्टिफिकेट",
    "बॉक्स ऑफिस"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}