# उत्तराखंड मेले में दलेर मेहंदी विवाद पर भड़कीं इला अरुण, कहा- मंच पर हुआ बर्ताव अपमानजनक और निंदनीय

> उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के साथ हुए विवाद पर गायिका इला अरुण ने गहरा रोष जताया है। उन्होंने मंच पर हुए दुर्व्यवहार को शर्मनाक बताते हुए आयोजकों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-10-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/uttarakhand-mele-men-daler-mehndi-vivada-para-bharakin-ila-arun-kaha-mncha-para-hua-bartava-apamanajanaka-aura-nindaniya-50669 · **Language:** Hindi
**Tags:** दलेर मेहंदी, इला अरुण, उत्तराखंड समाचार, कुंजापुरी मेला, सुबोध उनियाल

उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में प्रसिद्ध गायक दलेर मेहंदी के साथ हुई घटना के बाद मनोरंजन जगत में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इस पूरे मामले पर अपनी खुलकर राय रखते हुए मशहूर गायिका इला अरुण ने दलेर मेहंदी का पुरजोर समर्थन किया है। उनका कहना है कि मंच पर एक दिग्गज कलाकार के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। इस वाकये से न केवल संगीत प्रेमियों बल्कि पूरी इंडस्ट्री में भारी नाराजगी है।

एक साक्षात्कार के दौरान बातचीत करते हुए इला अरुण ने बताया कि पूरा संगीत जगत और उनके प्रशंसक इस घटना से बेहद आहत हैं। उन्होंने दलेर मेहंदी को अपना भाई और करीबी दोस्त बताते हुए कहा कि सूफी और पंजाबी संगीत को देश-दुनिया में लोकप्रिय बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है। हालांकि उन्हें पूरी जानकारी नहीं है कि वहां असल में क्या कुछ घटा, लेकिन जिस तरह से मंच पर उनके साथ बदसलूकी की गई और आरोप लगाए गए, वह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

आयोजकों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि प्रायोजकों या प्रबंधन को गायक की सेहत को लेकर किसी तरह की कोई चिंता थी, तो इसे सबके सामने तमाशा बनाने के बजाय उनके सचिव से निजी तौर पर बातचीत करके सुलझाया जा सकता था। उनका मानना है कि इस तरह की संवेदनशील स्थितियों को संभालना आयोजकों की जिम्मेदारी होती है। मंच पर सबके सामने इस तरह की हरकत करना पूरी तरह से गलत था।

दलेर मेहंदी की सेहत को लेकर भी चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि कलाकार स्वभाव से बहुत संवेदनशील होते हैं और इस तरह के अपमानजनक रवैये से उन्हें गहरा सदमा पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि अगर इस तनाव के बीच उन्हें कोई स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या हो जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता? ऐसे महान कलाकारों के साथ इस तरह का बर्ताव किसी भी कीमत पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।

अपने पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने दलेर मेहंदी से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने ही उन्हें सिखाया था कि एक कलाकार के लिए उसका आत्म-सम्मान और दर्शकों का प्यार सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि कभी ऐसी स्थिति बने भी, तो कलाकार को अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए खुद ही परफॉर्मेंस न करने का फैसला लेना चाहिए, लेकिन जिस तरह से सार्वजनिक रूप से उनके साथ व्यवहार किया गया, उससे पूरा कला जगत बेहद नाराज है।

गौरतलब है कि यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर को उत्तराखंड के टिहरी जिले में स्थित कुंजापुरी मेले के दौरान सामने आया था, जब दलेर मेहंदी अपना कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे थे। इस दौरान उनके शो में खलल डाला गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल ने उन्हें परफॉर्मेंस बीच में ही रोकने के लिए कहा था। मंत्री का आरोप था कि माता दुर्गा को समर्पित इस पवित्र आयोजन में दलेर मेहंदी ने कथित तौर पर शराब पीकर मंच पर प्रस्तुति दी थी। इस घटना के बाद से ही विभिन्न कलाकारों और हस्तियों द्वारा इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

## इसका आप पर असर
इस घटना का असर कलाकारों और आयोजकों के बीच मंच प्रबंधन और सुरक्षा के तौर-तरीकों पर पड़ सकता है।

- **उत्तराखंड में:** स्थानीय स्तर पर होने वाले मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आयोजकों और कलाकारों के बीच समन्वय को लेकर नए नियम बन सकते हैं। इस घटना के बाद से सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा और अतिथियों के सत्कार को लेकर आयोजक अधिक सतर्क रहेंगे।
- **मनोरंजन जगत में:** देश भर के कलाकारों और संगीतकारों के बीच सार्वजनिक मंचों पर इस तरह के विवादों से बचने के लिए सख्त गाइडलाइंस की मांग उठ सकती है। यह वाकया आयोजकों को कलाकारों के आत्म-सम्मान का ख्याल रखने की सख्त सीख देता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर को उत्तराखंड के टिहरी जिले में स्थित कुंजापुरी मेले के दौरान उपजी एक असहज स्थिति के कारण सामने आया। कार्यक्रम के दौरान आयोजकों और स्थानीय प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद बात इतनी बढ़ गई कि सार्वजनिक रूप से तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।

- **मंत्री का हस्तक्षेप:** उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल ने कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी को मंच पर ही रोक दिया था।
- **शराब पीने का आरोप:** मंत्री और आयोजकों की ओर से आरोप लगाया गया था कि देवी दुर्गा को समर्पित इस पवित्र मेले में गायक ने शराब पीकर प्रस्तुति दी थी।
- **सार्वजनिक टकराव:** निजी कमरे में बातचीत करने के बजाय इस गंभीर मुद्दे को सीधे मंच पर सबके सामने उठाया गया, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।

## सवाल-जवाब

### 1. दलेर मेहंदी के समर्थन में कौन सी गायिका उतरी हैं?
प्रसिद्ध गायिका इला अरुण ने दलेर मेहंदी का खुलकर समर्थन किया है।

### 2. यह विवाद किस कार्यक्रम के दौरान हुआ था?
यह विवाद उत्तराखंड के टिहरी जिले में आयोजित कुंजापुरी मेले के दौरान हुआ था।

### 3. दलेर मेहंदी को मंच पर किसने रोका था?
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल ने उन्हें परफॉर्म करने से रोका था।

### 4. मंत्री ने दलेर मेहंदी पर क्या आरोप लगाया था?
मंत्री ने आरोप लगाया था कि गायक ने देवी दुर्गा को समर्पित इस कार्यक्रम में शराब पीकर मंच पर प्रस्तुति दी थी।

### 5. यह घटना कब हुई थी?
यह घटना 18 अक्टूबर को हुई थी।

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