# वाइब रिव्यू (2026): कुणाल खेमू और प्रीति जिंटा की स्पाई कॉमेडी में हंसी का तड़का

> मडगांव एक्सप्रेस के बाद कुणाल खेमू अपनी दूसरी निर्देशित फिल्म वाइब लेकर आए हैं, जिसमें प्रीति जिंटा और स्पर्श श्रीवास्तव के साथ जासूसी और हास्य का संगम पेश किया गया है।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/vibe-rivyu-2026-kunal-khemu-aura-preity-zinta-ki-spai-komedi-men-hnsi-ka-taraka-34468 · **Language:** Hindi
**Tags:** वाइब मूवी रिव्यू, कुणाल खेमू, प्रीति जिंटा, स्पर्श श्रीवास्तव, मडगांव एक्सप्रेस, बॉलीवुड कॉमेडी

फिल्म वाइब रिव्यू के केंद्र में अभिनेता और निर्देशक कुणाल खेमू की कॉमिक टाइमिंग और एक अनोखी जासूसी कहानी है। अपनी पिछली सफल डायरेक्टोरियल फिल्म मडगांव एक्सप्रेस के बाद कुणाल खेमू ने एक बार फिर सिनेमाई पर्दे पर निर्देशन की कमान संभाली है। इस नई पेशकश में जासूसी थ्रिलर, एक्शन, हंसी, देशभक्ति और दोस्ती के ताने बाने को एक साथ पिरोने की कोशिश की गई है।

## कहानी का ताना बाना और मुख्य किरदार
कहानी की शुरुआत हार्दिक नाम के एक साधारण युवक से होती है, जिसका किरदार खुद कुणाल खेमू ने निभाया है। हार्दिक को उसके करीबी दोस्त बग्स की मदद से एक आईटी कंपनी में नौकरी मिलती है। बग्स की भूमिका में स्पर्श श्रीवास्तव नजर आते हैं। दोनों दोस्तों की जिंदगी सामान्य रफ्तार से चल रही होती है, तभी देश पर एक बड़े आतंकी हमले का खतरा मंडराने लगता है।

परिस्थितियां कुछ ऐसी करवट लेती हैं कि दोनों दोस्त अनजाने में मैडम एच के एक सीक्रेट मिशन के जाल में उलझ जाते हैं। मैडम एच के अहम किरदार में प्रीति जिंटा नजर आती हैं। इसके बाद शुरू होता है जासूसी दांव पेंच और हास्य से भरा सफर, जिसमें निरहुआ और यशपाल शर्मा भी अहम भूमिकाओं में शामिल होकर घटनाक्रम को आगे बढ़ाते हैं।

## निर्देशन, हास्य और दूसरे हाफ की रफ्तार
फिल्म का पहला हिस्सा चुटीले संवादों और स्वाभाविक कॉमिक पलों के दम पर दर्शकों को खूब हंसाता है। कुणाल खेमू और स्पर्श श्रीवास्तव की ऑन स्क्रीन जुगलबंदी शुरुआती दृश्यों को बेहद मनोरंजक बनाती है। हालांकि, मध्यांतर के बाद जब कहानी गंभीर जासूसी मिशन और हाई स्टेक्स एक्शन की ओर बढ़ती है, तब पटकथा में कुछ उलझनें देखने को मिलती हैं। थ्रिलर और कॉमेडी के संतुलन को साधने के चक्कर में दूसरे हिस्से की रफ्तार थोड़ी डगमगाती है, लेकिन मुख्य कलाकारों का अभिनय माहौल को बांधे रखता है।

## इसका आप पर असर
सिनेमा प्रेमियों और दर्शकों के लिए इस फिल्म से जुड़े मुख्य व्यावहारिक पहलू निम्नलिखित हैं:

- **दर्शकों की पसंद:** यदि आप सिचुएशनल कॉमेडी और हल्की फुल्की जासूसी फिल्में पसंद करते हैं, तो यह सिनेमाघरों में देखने का एक विकल्प बन सकती है। हालांकि गंभीर और तार्किक जासूसी थ्रिलर की उम्मीद रखने वाले दर्शकों को दूसरे हाफ में निराशा हो सकती है।
- **पारिवारिक मनोरंजन:** फिल्म में दोस्ती और हास्य के साथ एक्शन का तालमेल रखा गया है। इसे दोस्तों के समूह और सामान्य दर्शकों के साथ सप्ताहांत पर देखा जा सकता है।
- **कलाकारों का प्रदर्शन:** प्रीति जिंटा को लंबे समय बाद एक अलग अंदाज में देखने के इच्छुक प्रशंसकों के लिए यह मनोरंजक साबित हो सकती है। कुणाल और स्पर्श की कॉमिक जोड़ी स्क्रीन पर ताजगी लाती है।
- **टिकट बुकिंग फैसला:** थ्रिलर और कॉमेडी के मिश्रण में पहले हाफ की गति अधिक प्रभावी है। टिकट बुक करने से पहले यह ध्यान रखें कि कहानी मध्यांतर के बाद थोड़ी उलझती है।

## ऐसा क्यों हुआ
कुणाल खेमू ने अपनी पिछली सफल कॉमेडी के बाद निर्देशन क्षेत्र में अपनी दूसरी पारी के लिए एक नए जॉनर का चुनाव किया। कॉमेडी और एक्शन थ्रिलर का यह मेल दर्शकों को एक नया अनुभव देने के प्रयास के तहत तैयार किया गया है।

- **जॉनर का विस्तार:** मडगांव एक्सप्रेस की सफलता के बाद निर्देशक ने केवल कॉमेडी तक सीमित न रहकर जासूसी और एक्शन का व्यावसायिक मिश्रण पेश करने का फैसला किया। इसके जरिए उन्होंने कहानी के फलक को बड़ा रूप देने की कोशिश की।
- **स्टार कास्ट का चयन:** जासूसी मिशन की प्रमुख मैडम एच के लिए प्रीति जिंटा जैसे वरिष्ठ चेहरे को शामिल किया गया, ताकि कहानी में गंभीरता और आकर्षण दोनों बने रहें। साथ ही नए दौर के प्रतिभाशाली कलाकार स्पर्श श्रीवास्तव को कॉमिक टाइमिंग के लिए जोड़ा गया।
- **कहानी की दिशा:** साधारण किरदारों को अचानक किसी राष्ट्रीय संकट या सीक्रेट मिशन में धकेल देने का फॉर्मूला सिनेमा में लोकप्रिय रहा है। इसी विचार को आधार बनाकर आईटी कर्मचारियों के अनजाने में मिशन में शामिल होने का ताना बाना बुना गया।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या वाइब देखने लायक है?
यदि आप कुणाल खेमू की कॉमिक टाइमिंग और हल्की फुल्की स्पाई कॉमेडी पसंद करते हैं, तो पहले हाफ के दमदार हास्य के लिए इसे देखा जा सकता है।

### 2. वाइब जैसी कौन सी अन्य फिल्में हैं?
यह फिल्म कुणाल खेमू की पिछली निर्देशित फिल्म मडगांव एक्सप्रेस और जासूसी पर आधारित अन्य हल्की फुल्की कॉमेडी फिल्मों से मिलती जुलती शैली पेश करती है।

### 3. फिल्म में मुख्य भूमिकाएं किसने निभाई हैं?
फिल्म में कुणाल खेमू, प्रीति जिंटा, स्पर्श श्रीवास्तव, दिनेश लाल यादव निरहुआ और यशपाल शर्मा ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।

### 4. फिल्म वाइब की मूल कहानी क्या है?
कहानी हार्दिक और उसके दोस्त बग्स की है, जो एक आईटी कंपनी में नौकरी के दौरान अनजाने में एक बड़े आतंकी खतरे को रोकने के सीक्रेट मिशन में उलझ जाते हैं।

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