# विशाल चतुर्वेदी और चंद्रप्रकाश द्विवेदी में 'राम बोला' पर तकरार, संघ ने साफ की शीर्षक की स्थिति

> तुलसीदास के जीवन पर बनने वाले सिनेमाई प्रोजेक्ट 'राम बोला' के शीर्षक को लेकर दो निर्देशकों में छिड़ी जंग पर कलाकार संघ ने आधिकारिक रुख स्पष्ट कर दिया है।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/vishal-chaturvedi-aura-chandraprakash-dwivedi-men-ram-bola-para-takarara-sngha-ne-sapha-ki-shirshaka-ki-sthiti-34896 · **Language:** Hindi
**Tags:** राम बोला, विशाल चतुर्वेदी, चंद्रप्रकाश द्विवेदी, हनुमान अंश, तुलसीदास, बॉलीवुड, सिनेमा

घरेलू बॉक्स ऑफिस पर उनतालीस दिनों के भीतर दो सौ बाईस करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करके चर्चा में आए सिनेमाई प्रोजेक्ट 'हनुमान अंश' के बाद इसके निर्देशक ने नए सफर की शुरुआत की है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने गणेश चतुर्थी के मौके पर महाकवि तुलसीदास की जीवन यात्रा पर केंद्रित एक नई परियोजना की घोषणा की, जिसका नाम उन्होंने 'राम बोला' रखा। इस सार्वजनिक ऐलान के तुरंत बाद मनोरंजन जगत में अप्रत्याशित टकराव की स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि जाने-माने फिल्मकार डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने भी इसी विषय और इसी नाम पर अपनी आगामी कृति तैयार करने की बात कही थी।

## एक ही विषय और एक ही नाम पर दो अलग-अलग दावे
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही दिग्गज सिनेमाई हस्तियां तुलसीदास के जीवन चरित्र को केंद्र में रखकर अपनी-अपनी कहानी पर्दे पर उतारने की तैयारी में जुटी हैं। डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी जिस प्रोजेक्ट की कमान संभाल रहे हैं, उसके निर्माण से मधु मंटेना और मंदिरा द्विवेदी का नाम जुड़ा हुआ है। दोनों निर्माताओं और निर्देशकों के बीच तब गतिरोध खुलकर सामने आया जब एक जैसी विषयवस्तु के साथ-साथ दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए 'राम बोला' नाम का ही चुनाव सामने आया। प्रोडक्शन हाउस महावीर जैन से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, यह शीर्षक पहले ही विशाल चतुर्वेदी के पक्ष में पंजीकृत कराया जा चुका था, क्योंकि वे कुछ समय पूर्व अपनी यह परिकल्पना लेकर निर्माताओं के पास पहुंचे थे।

## अधिकारों को लेकर नाराजगी और संस्था का हस्तक्षेप
विशाल चतुर्वेदी की ओर से शीर्षक की सार्वजनिक घोषणा किए जाने पर चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि इस नाम के वैध अधिकार उनके पास होने चाहिए, क्योंकि उन्होंने कुछ महीने पहले ही महावीर जैन के साथ इस परियोजना को लेकर औपचारिक बातचीत की थी। जब विवाद गहराने लगा, तब सिनेमाई संस्था 'इंडियन मोशन पिक्चर आर्टिस्ट एसोसिएशन' ने इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। संस्था ने अपने आधिकारिक पत्र में यह साफ कर दिया कि 'राम बोला' शीर्षक वैधानिक रूप से विशाल चतुर्वेदी के नाम पर दर्ज है। विशाल चतुर्वेदी ने तेईस जून को आयोजित एसोसिएशन की बैठक में इस शीर्षक के पंजीकरण का आवेदन दिया था, जिसके बाद समिति ने चार सितंबर को उनके नाम पर विधिवत अनुमति पत्र जारी कर दिया।

## अनुभवी बनाम नए दौर के निर्देशक की पृष्ठभूमि
सिनेमा और धारावाहिकों की दुनिया में डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी का योगदान दशकों पुराना और प्रतिष्ठित रहा है। वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित फिल्म 'पिंजर' और बड़े बजट की ऐतिहासिक फिल्म 'सम्राट पृथ्वीराज' जैसी कृतियों का निर्देशन कर चुके हैं। छोटे पर्दे पर वर्ष 1991 के ऐतिहासिक धारावाहिक 'चाणक्य' के निर्देशन और उसमें मुख्य भूमिका निभाने के लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है, जबकि 1996 में प्रसारित धारावाहिक 'मृत्युंजय' का निर्देशन भी उन्हीं के हाथों हुआ था। दूसरी तरफ, विशाल चतुर्वेदी सिनेमा उद्योग में तुलनात्मक रूप से नए दौर के रचनाकार हैं। चिकित्सा क्षेत्र का अपना पेशा छोड़कर मनोरंजन जगत की राह पकड़ने वाले विशाल पूर्व में 'सुनो ना' और 'रब करे तू भी' जैसी फिल्मों से लेखक और निर्देशक के रूप में जुड़े रहे हैं। बॉक्स ऑफिस पर हालिया बड़ी सफलता ने उनके नए प्रोजेक्ट्स के प्रति दर्शकों और फिल्म जगत दोनों की दिलचस्पी काफी बढ़ा दी है।

## इसका आप पर असर
सिनेमा प्रेमियों और ऐतिहासिक विषयवस्तु देखने वाले दर्शकों के लिए दो बड़े निर्देशकों की इस प्रतिस्पर्धा से पर्दे पर तुलसीदास की जीवनगाथा को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

- **दर्शकों के लिए:** महाकवि तुलसीदास के जीवन पर आधारित कहानी अब आधिकारिक तौर पर बड़े पर्दे के लिए तैयार हो रही है। दर्शक आने वाले महीनों में इस विषय पर एक महत्वाकांक्षी ऐतिहासिक प्रस्तुति की उम्मीद कर सकते हैं।
- **उद्योग के नियमों पर:** शीर्षक पंजीकरण के मामले में संस्थागत नियमों का पालन ही अंतिम निर्णय तय करता है। इससे फिल्म निर्माताओं और स्वतंत्र निर्देशकों को यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि मौखिक चर्चा के बजाय औपचारिक पंजीकरण ही अधिकार सुरक्षित करता है।
- **समानांतर फिल्मों की संभावना:** एक ही विषय पर काम कर रहे दो अलग-अलग फिल्मकारों के चलते भविष्य में शीर्षक बदलकर दो अलग व्याख्याएं देखने को मिल सकती हैं। इससे दर्शकों को एक ही ऐतिहासिक प्रसंग के विविध रचनात्मक दृष्टिकोण देखने का विकल्प मिल सकता है।
- **वितरकों और निवेशकों के लिए:** स्पष्ट आधिकारिक स्थिति सामने आने से प्रोजेक्ट से जुड़े वित्तपोषण और वितरण को लेकर अनिश्चितता समाप्त होती है। पंजीकृत पक्ष अब बिना किसी कानूनी अड़चन के निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब दो अलग-अलग निर्देशकों ने एक ही ऐतिहासिक व्यक्तित्व पर समान नाम से फिल्म बनाने की सार्वजनिक और आंतरिक योजनाएं आगे बढ़ाईं।

- **समान शीर्षक और विषयवस्तु:** दोनों फिल्मकार महाकवि तुलसीदास के जीवन को आधार बनाकर 'राम बोला' नाम से फीचर फिल्म का निर्माण करना चाहते थे। दोनों परियोजनाओं का केंद्रबिंदु एक होने के कारण टकराव स्वाभाविक हो गया।
- **पूर्व चर्चा और औपचारिक पंजीकरण का अंतर:** डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी का दावा पूर्व में निर्माता महावीर जैन से की गई चर्चा पर आधारित था, जबकि विशाल चतुर्वेदी ने औपचारिक रूप से संस्थागत आवेदन जमा कर दिया था। प्रक्रियात्मक अंतर के कारण दोनों पक्षों के दावे आमने-सामने आ गए।
- **संस्थागत प्रक्रिया:** इंडियन मोशन पिक्चर आर्टिस्ट एसोसिएशन की जांच में पाया गया कि विशाल चतुर्वेदी ने 23 जून को पंजीकरण दर्ज कराया था। नियमानुसार 4 सितंबर को औपचारिक पत्र जारी होने से कानूनी प्राथमिकता चतुर्वेदी के पक्ष में स्थापित हो गई।

## सवाल-जवाब

### 1. विशाल चतुर्वेदी और चंद्रप्रकाश द्विवेदी के बीच किस बात को लेकर विवाद था?
दोनों निर्देशक महाकवि तुलसीदास के जीवन पर 'राम बोला' नाम से फिल्म बनाने की घोषणा के बाद शीर्षक के अधिकारों को लेकर आमने-सामने आ गए थे।

### 2. फिल्म संघ ने 'राम बोला' शीर्षक को लेकर क्या निर्णय दिया?
इंडियन मोशन पिक्चर आर्टिस्ट एसोसिएशन ने पुष्टि की कि 'राम बोला' शीर्षक विशाल चतुर्वेदी के नाम पर 23 जून को पंजीकृत हुआ था और 4 सितंबर को उनके नाम पत्र जारी किया गया।

### 3. चंद्रप्रकाश द्विवेदी के प्रोजेक्ट से कौन से निर्माता जुड़े हैं?
डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी के प्रोजेक्ट का निर्माण मधु मंटेना और मंदिरा द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है।

### 4. विशाल चतुर्वेदी की पिछली फिल्म 'हनुमान अंश' ने कितनी कमाई की थी?
'हनुमान अंश' ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 39 दिनों में 222 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._