# गीतू मोहनदास कौन हैं? 'टॉक्सिक' से पहली बार कमर्शियल सिनेमा में कदम रख रहीं यश की डायरेक्टर की पूरी कहानी

> मलयालम सिनेमा की मशहूर निर्देशक गीतू मोहनदास अपनी नई फिल्म 'टॉक्सिक' को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें सुपरस्टार यश मुख्य भूमिका में हैं। आइए जानते हैं उनके फिल्मी सफर, निजी जीवन और अब तक के सफर के बारे में।

**Type:** article · **Category:** मनोरंजन · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/entertainment/who-is-geetu-mohandas-toxic-director-yash-journey-21771 · **Language:** Hindi
**Tags:** गीतू मोहनदास, टॉक्सिक फिल्म, यश, राजीव रवि, लायर्स डाइस, मलयालम सिनेमा, साउथ सिनेमा

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार यश की आने वाली फिल्म **टॉक्सिक** इस समय काफी सुर्खियों में बनी हुई है। इस प्रोजेक्ट के साथ ही इसकी निर्देशक गीतू मोहनदास भी चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। गीतू ने अपने अब तक के करियर में मुख्य तौर पर गंभीर सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर आधारित फिल्में बनाई हैं, जिन्हें देश-विदेश के फिल्म समारोहों में खूब सराहना और कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं। अब एक कमर्शियल, एक्शन और इंटेंस जॉनर की फिल्म से जुड़ने के बाद, दर्शकों के मन में यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या वह अपनी इस शैली से अलग हटकर इस बड़े पैमाने की फिल्म के साथ न्याय कर पाएंगी और इसमें महिलाओं के किरदारों को किस तरह जगह देंगी।

गीतू मोहनदास का असली नाम गायत्री दास है। उन्होंने अपने अभिनय सफर की शुरुआत बहुत कम उम्र में एक बाल कलाकार के रूप में की थी। फिल्मों की दुनिया में कदम रखने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर गीतू रख लिया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम सिनेमा में काम किया। उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म **लायर्स डाइस** ने दो राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए थे। इतना ही नहीं, इस फिल्म को 87वें ऑस्कर अवॉर्ड के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के तौर पर भी चुना गया था, हालांकि यह आगे की रेस में नहीं टिक पाई थी।

**टॉक्सिक** की वजह से अचानक सुर्खियों में आईं गीतू का अभिनय करियर काफी लंबा रहा है। उन्होंने 80 के दशक में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम करना शुरू किया था। इसके बाद साल 2000 में उन्होंने मोहनलाल के साथ फिल्म **लाइफ इज ब्यूटीफुल** से बतौर नायिका अपनी शुरुआत की। इसके बाद वह **Thenkasi Pattanam**, **Valkannadi** और **Nammal Thammil** जैसी फिल्मों में नजर आईं। अभिनय के क्षेत्र में उनकी बेहतरीन अदाकारी को तब बड़ी पहचान मिली जब उन्हें 2004 में फिल्म **Akale** के लिए केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड और फिल्मफेयर अवॉर्ड (मलयालम) में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।

अभिनय में सफलता हासिल करने के बाद गीतू मोहनदास ने साल 2009 में अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस **अनप्लग्ड** शुरू किया। इसके तहत उन्होंने सबसे पहले अपनी ही निर्देशित एक शॉर्ट फिल्म **Kelkkunnundo** का निर्माण किया, जिसका प्रीमियर एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में किया गया था। लेकिन उनके करियर का असली टर्निंग पॉइंट उनकी पहली फीचर फिल्म का निर्देशन था। उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी को लेकर **लायर्स डाइस** बनाई, जिसने गीतंजलि थापा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया और राजीव रवि को सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी का पुरस्कार मिला।

इसके बाद गीतू मोहनदास ने साल 2019 में **Moothon** फिल्म का निर्देशन किया, जिसे बॉक्स ऑफिस पर हिट का दर्जा मिला। इस फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था। अब यश अभिनीत **टॉक्सिक** गीतू के निर्देशन में बनने वाली तीसरी बड़ी फिल्म है। उनकी पिछली फिल्में गंभीर और मजबूत सामाजिक कहानियों पर आधारित रही हैं, जिसके कारण कुछ लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि कलात्मक और सामाजिक विषयों पर फिल्में बनाने वाली निर्देशक अचानक इतनी हिंसक और बोल्ड दृश्यों वाली मसाला फिल्म कैसे बना सकती हैं।

इन तमाम सवालों के स्पष्ट जवाब तो फिल्म के सिनेमाघरों में आने के बाद ही मिलेंगे, लेकिन गीतू जैसी स्वतंत्र और गंभीर विषयों वाली निर्देशक को अपनी शैली से बाहर निकलकर पैन इंडिया स्तर की फिल्म बनाने के लिए यश जैसे बड़े सुपरस्टार की आवश्यकता थी, और इतने बड़े पैमाने के कंटेंट के लिए कई प्रमुख अभिनेत्रियों की जरूरत पड़ी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह इस एक्शन से भरपूर और तीव्र भावना वाली फिल्म के साथ कितनी सफल हो पाती हैं। फिलहाल फिल्म की एडवांस बुकिंग के आंकड़े एक शानदार ओपनिंग की तरफ इशारा कर रहे हैं। यदि फिल्म की कहानी में दम निकला, तो यह बॉक्स ऑफिस पर लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकती है और गीतू के करियर की सबसे बड़ी कमर्शियल फिल्म बन जाएगी। ऐसे में सारे पुराने सवाल और बहस पीछे छूट जाएंगे और केवल बॉक्स ऑफिस के नंबर ही याद रखे जाएंगे।

बात अगर उनके निजी जीवन की करें तो गीतू मोहनदास का जन्म कोच्चि में 8 जून 1981 को हुआ था। उन्होंने भारत के अलावा मलेशिया और कनाडा में अपनी शिक्षा पूरी की। उनके परिवार में उनके माता-पिता के अलावा एक भाई भी हैं जो अमेरिका में रहते हैं। साल 2009 में उन्होंने जाने-माने सिनेमैटोग्राफर राजीव रवि के साथ विवाह किया। दोनों की एक बेटी भी है। उनके पति राजीव रवि भी फिल्म जगत का एक बहुत बड़ा नाम हैं, जिन्होंने हिंदी और मलयालम दोनों इंडस्ट्री में बेहतरीन काम किया है। सिनेमैटोग्राफी के अलावा वह निर्देशन और निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं।

राजीव रवि ने मधुर भंडारकर की चर्चित फिल्म **चांदनी बार** के जरिए बॉलीवुड में बतौर सिनेमैटोग्राफर अपनी पारी शुरू की थी। वह अपनी पत्नी गीतू के साथ फिल्म **लायर्स डाइस** के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीत चुके हैं। उनकी हिंदी फिल्मों की फेहरिस्त में **देव डी**, **गुलाल**, **99**, **गंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 1 और 2**, **बॉम्बे टॉकीज**, **मुक्केबाज**, **बेल बॉटम**, **सेल्फी** और **महाराज** जैसी कई प्रसिद्ध फिल्में शामिल हैं।

## इसका आप पर असर
**मनोरंजन जगत पर असर:** यह फिल्म साबित करेगी कि गंभीर और कलात्मक सिनेमा बनाने वाले निर्देशक कैसे बड़े बजट के कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को संभाल सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. गीतू मोहनदास कौन हैं?
गीतू मोहनदास एक प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और पूर्व अभिनेत्री हैं, जो मुख्य रूप से मलयालम और स्वतंत्र सिनेमा में अपने काम के लिए जानी जाती हैं।

### 2. गीतू मोहनदास की आने वाली फिल्म कौन सी है?
वह सुपरस्टार यश के साथ अपनी आगामी बड़ी कमर्शियल फिल्म 'टॉक्सिक' का निर्देशन कर रही हैं।

### 3. गीतू मोहनदास के पति का क्या नाम है?
उनके पति का नाम राजीव रवि है, जो एक प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर, निर्देशक और निर्माता हैं।

### 4. उनकी किस फिल्म को ऑस्कर के लिए भेजा गया था?
उनकी राजनीतिक फिल्म 'लायर्स डाइस' को 87वें ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया था।

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