35 वर्षों तक नॉर्वे की सत्ता संभालने वाले 89 वर्षीय किंग हेराल्ड V का निधन, क्राउन प्रिंस हाकोन संभालेंगे कमान नॉर्वे के लोकप्रिय और आधुनिक विचारों वाले सम्राट किंग हेराल्ड V का 89 वर्ष की आयु में ओस्लो के राष्ट्रीय अस्पताल में निधन हो गया है। दुर्लभ रक्त विकार के इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली, जिसके बाद उनके पुत्र हाकोन नए राजा के रूप में देश की कमान संभालेंगे। नॉर्वे के सिंहासन पर साढ़े तीन दशकों तक विराजमान रहने वाले और राजशाही को आधुनिक रूप देने वाले लोकप्रिय सम्राट किंग हेराल्ड V का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। ओस्लो स्थित शाही पैलेस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राजा ने शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 06:35 बजे (04:35 GMT) ओस्लो के राष्ट्रीय अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले सप्ताह से एक दुर्लभ रक्त विकार के उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती थे। उनके जीवन के अंतिम 24 घंटों के दौरान राजपरिवार के सदस्य अस्पताल में उनके साथ मौजूद रहे, जबकि ओस्लो स्थित रॉयल पैलेस के बाहर देश भर से आए नागरिकों ने फूल चढ़ाकर अपने प्रिय राजा को श्रद्धांजलि अर्पित की। 14वीं शताब्दी के बाद नॉर्वे की धरती पर जन्म लेने वाले वह देश के पहले सम्राट थे। उनकी मृत्यु के साथ ही नॉर्वे में एक ऐतिहासिक युग का अंत हो गया है और उनके पुत्र क्राउन प्रिंस हाकोन अब देश के नए राजा के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। ओस्लो में अंतिम क्षण और सत्ता हस्तांतरण की आधिकारिक प्रक्रिया किंग हेराल्ड V के स्वास्थ्य में गिरावट के बाद उन्हें 17 अगस्त को ओस्लो के राष्ट्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह हीमोलिटिक एनीमिया नामक एक अति दुर्लभ रक्त स्थिति से पीड़ित थे, जिसमें शरीर की लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य से अधिक तेजी से नष्ट होने लगती हैं। इस बीमारी के उपचार के लिए उन्हें विशेषज्ञों की देखरेख में कोर्टिसोन थेरेपी दी जा रही थी। जैसे ही उनके स्वास्थ्य के अधिक बिगड़ने की खबर फैली, क्राउन प्रिंस हाकोन ने तुरंत रीजेंट के रूप में कार्यभार संभालते हुए पिता की सभी प्रशासनिक और शाही जिम्मेदारियों को अपने हाथों में ले लिया था। निधन की आधिकारिक घोषणा के बाद ओस्लो स्थित शाही महल और सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया। नॉर्वे के नागरिकों के बीच 'जनता के राजा' के रूप में प्रसिद्ध हेराल्ड के निधन से संपूर्ण देश में शोक की लहर दौड़ गई है। द्वितीय विश्व युद्ध का निर्वासन और ऑक्सफोर्ड से सैन्य प्रशिक्षण तक का सफर किंग हेराल्ड V का जन्म 21 फरवरी 1937 को ओस्लो के निकट स्थित ऐतिहासिक स्काउगम एस्टेट में हुआ था। जब वह मात्र तीन वर्ष के थे, तब तानाशाह एडोल्फ हिटलर के निर्देश पर नाजी जर्मनी की सेनाओं ने नॉर्वे पर आक्रमण कर दिया। द्वितीय विश्व युद्ध के उस भीषण दौर में उनकी माता राजकुमारी मार्था अपने बच्चों को लेकर सीमा पार करके स्वीडन भाग गईं। इसके बाद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रेंकलिन डी रूजवेल्ट के विशेष निमंत्रण पर हेराल्ड का परिवार अमेरिका चला गया, जहां उन्होंने युद्ध के शुरुआती वर्ष बिताए। युद्ध की समाप्ति के बाद प्रिंस हेराल्ड अपने परिवार के साथ स्वदेश लौटे और अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके पश्चात उन्होंने अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी की और 1957 में वह नॉर्वे के क्राउन प्रिंस बने। उच्च शिक्षा के लिए वह ब्रिटेन गए, जहां उन्होंने 1960 से 1962 तक ऑक्सफोर्ड के प्रसिद्ध बेलिओल कॉलेज से समाजशास्त्र, इतिहास और अर्थशास्त्र का गहन अध्ययन किया। नौ वर्षों का धैर्यपूर्ण इंतजार और आम नागरिक सोनिया से ऐतिहासिक विवाह शाही परंपराओं को तोड़ने और आधुनिकता का समावेश करने के मामले में किंग हेराल्ड V का जीवन अद्वितीय रहा। युवावस्था में एक पार्टी के दौरान उनकी मुलाकात एक कपड़ा व्यापारी की पुत्री सोनिया हेराल्डसन से हुई। दोनों एक-दूसरे से प्रेम करने लगे, लेकिन उस दौर में नॉर्वे के शाही नियमों के अनुसार राजकुमार केवल किसी यूरोपीय राजघराने की राजकुमारी से ही विवाह कर सकता था। हेराल्ड के पिता किंग ओलाव V भी यही चाहते थे कि उनका पुत्र किसी शाही परिवार की कन्या से विवाह करे। हालांकि, प्रिंस हेराल्ड अपने निर्णय पर अडिग रहे और स्पष्ट कर दिया कि यदि उनका विवाह सोनिया से नहीं हुआ तो वह जीवन भर अविवाहित रहेंगे, जिससे नॉर्वे की राजशाही का उत्तराधिकार संकट में पड़ जाता। नौ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अंततः किंग ओलाव V ने अपनी सहमति दी और 29 अगस्त 1968 को ओस्लो कैथेड्रल में हेराल्ड और सोनिया का भव्य विवाह हुआ। इस ऐतिहासिक निर्णय ने न केवल उनके प्रेम को विजय दिलाई, बल्कि भविष्य में उनके बच्चों के लिए भी आम नागरिकों से विवाह करने का मार्ग प्रशस्त किया। राजशाही का आधुनिकीकरण और 2011 के आतंकवादी हमले में देश को नेतृत्व अपने पिता किंग ओलाव V के 17 जनवरी 1991 को हुए निधन के बाद हेराल्ड V ने नॉर्वे के राजा के रूप में सिंहासन संभाला, हालांकि 1990 से ही पिता के अस्वस्थ होने के कारण वह रीजेंट के रूप में कार्य कर रहे थे। अपने 35 वर्षों के शासनकाल में उन्होंने राजशाही को अत्यधिक पारदर्शी, वित्तीय रूप से जवाबदेह और आम जनता के करीब लाया। इतिहासकार ट्रोंड नोरेन इसाकसेन के अनुसार, वर्ष 2000 के आसपास किंग हेराल्ड ने अपने संकोची और गंभीर स्वभाव को पीछे छोड़कर एक अत्यंत खुले, संवेदनशील और दयालु सम्राट की छवि बनाई। जुलाई 2011 में जब नव-नाजी आतंकवादी एंडर्स ब्रेविक ने ओस्लो में कार बम विस्फोट करके 8 लोगों की हत्या की और उटोया द्वीप पर युवा शिविर में अंधाधुंध गोलीबारी करके 69 मासूमों (जिनमें अधिकतर किशोर थे) की जान ले ली, तब किंग हेराल्ड देश के लिए सबसे बड़ा संबल बनकर उभरे। टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए और बाद में स्मारक सेवा में बोलते हुए, एक राजा, पिता और दादा के रूप में उनकी आंखें भर आईं। रोते हुए और कांपती आवाज में उन्होंने पीड़ित परिवारों से कहा था कि वह उनके अथाह दुख की केवल कल्पना ही कर सकते हैं और एक सम्राट के रूप में वह हर एक नागरिक के दर्द को महसूस करते हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की थी कि वे इस कठिन घड़ी में डर को अपने ऊपर हावी न होने दें। खेलों के प्रति दीवानगी, ओलंपिक भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण में योगदान किंग हेराल्ड V न केवल एक कुशल प्रशासक थे, बल्कि वह एक विश्व स्तरीय एथलीट और पर्यावरण संरक्षक भी थे। नौकायन (सेलिंग) के प्रति उनका जुनून ऐसा था कि उन्होंने तीन बार - 1964, 1968 और 1972 में - ओलंपिक खेलों में नॉर्वे का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2022 में 85 वर्ष की आयु में जाकर उन्होंने प्रतिस्पर्धी सेलिंग से संन्यास की घोषणा की थी। इसके अतिरिक्त वह और रानी सोनिया शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में नॉर्वेजियन टीमों का उत्साहवर्धन करने के लिए नियमित रूप से स्टेडियमों में उपस्थित रहते थे। जब नॉर्वे की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने अमेरिका में आयोजित वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहली बार जगह बनाई थी, तब राजा ने स्वयं महल में पूरी टीम का स्वागत किया था। प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति उनका गहरा लगाव था। वह वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (WWF) की नॉर्वेजियन शाखा के संस्थापकों में से एक थे और 20 वर्षों तक इसके अध्यक्ष पद पर रहे। पारिवारिक विवाद, कानूनी मामले और गिरती लोकप्रियता की चुनौतियां अपने जीवन के अंतिम वर्षों में किंग हेराल्ड V को कई पारिवारिक विवादों और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। वर्ष 2001 में जब उनके पुत्र क्राउन प्रिंस हाकोन ने मेटे-मारिट से विवाह किया, तो राजपरिवार ने उनके चार वर्षीय पुत्र मारियस बोर्ग होईबी को परिवार में स्वीकार किया, यद्यपि महल ने बाद में स्पष्ट किया कि वह आधिकारिक तौर पर शाही परिवार का हिस्सा नहीं थे। मारियस बोर्ग होईबी पर बलात्कार और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगे और जून में ओस्लो की अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया। उन्होंने चार साल की जेल की सजा के खिलाफ अपील की है और राजा के निधन से ठीक पहले अस्पताल में उनके बिस्तर के पास भी देखे गए थे। मुकदमा शुरू होने से कुछ दिन पहले सार्वजनिक हुए दस्तावेजों में सामने आया कि उनकी मां मेटे-मारिट के संबंध दिवंगत अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन से थे, जिसके लिए उन्होंने बाद में राष्ट्रीय टीवी पर किंग हेराल्ड और देशवासियों से माफी मांगी थी। इसके अलावा, राजा की पुत्री प्रिंसेस मार्था लुईस ने 2024 में एक अमेरिकी ओझा (शामैन) से विवाह किया और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण उन्हें अपने शाही कर्तव्यों से अलग होना पड़ा। इन विवादों के कारण नॉर्वे में राजशाही की लोकप्रियता 2024 के 72% से घटकर 54% पर आ गई, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जनता की नाराजगी कभी भी स्वयं किंग हेराल्ड के प्रति नहीं रही। नए राजा हाकोन के सामने चुनौतियां और भावी दिशा किंग हेराल्ड V अपने पीछे 58 वर्षों की जीवनसंगिनी रानी सोनिया, अपनी पुत्री प्रिंसेस मार्था लुईस, नए सम्राट राजा हाकोन और छह पोते-पोतियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। अब 51 वर्षीय नए राजा हाकोन के कंधों पर नॉर्वे की राजशाही को आगे ले जाने और हालिया विवादों से धूमिल हुई साख को पुनर्जीवित करने का गुरुतर दायित्व है। रानी मेटे-मारिट का दुर्लभ फेफड़ों की बीमारी (पुलमोनरी फाइब्रोसिस) के बाद हाल ही में लंग ट्रांसप्लांट हुआ है, जिससे नए राजा को अपने पारिवारिक और राष्ट्रीय दायित्वों के बीच संतुलन बनाना होगा। नॉर्वे के नागरिक अब अपने प्रिय 'जनता के राजा' को अंतिम विदाई देने की तैयारियों में जुट गए हैं, जिन्होंने अपने जीवन के हर क्षण को देश और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। इसका आप पर असर किंग हेराल्ड V के निधन के बाद नॉर्वे में आधिकारिक शोक और संवैधानिक सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसका प्रभाव देश की राजशाही व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर पड़ेगा। • नॉर्वे के नागरिकों के लिए: क्राउन प्रिंस हाकोन ने तुरंत नए राजा के रूप में पदभार संभाल लिया है, जिससे प्रशासनिक निरंतरता बनी रहेगी। ओस्लो में शाही महल और सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया है और राजकीय अंतिम संस्कार तक सार्वजनिक कार्यक्रम सीमित रहेंगे। • वैश्विक मंच पर: यूरोपीय राजघरानों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संबंधों में नॉर्वे का प्रतिनिधित्व अब नए राजा हाकोन करेंगे। जलवायु संरक्षण और ओलंपिक खेलों में नॉर्वे की भागीदारी का नेतृत्व भी नए शाही प्रशासन द्वारा किया जाएगा। • राजशाही की प्रतिष्ठा पर: हालिया पारिवारिक विवादों और कानूनी मुकदमों के बीच नए राजा हाकोन को राजशाही की गिरती लोकप्रियता (72% से घटकर 54%) को फिर से बहाल करने की बड़ी चुनौती का सामना करना होगा। सवाल-जवाब 1. किंग हेराल्ड V का निधन कब और कहां हुआ? किंग हेराल्ड V का निधन शुक्रवार सुबह स्थानीय समयानुसार 06:35 बजे (04:35 GMT) ओस्लो के राष्ट्रीय अस्पताल में शांतिपूर्वक हुआ। 2. किंग हेराल्ड V के बाद नॉर्वे के सिंहासन पर कौन विराजमान होगा? उनके पुत्र, क्राउन प्रिंस हाकोन, नॉर्वे के नए राजा के रूप में उनकी जगह लेंगे। 3. निधन से पहले किंग हेराल्ड V किस बीमारी का इलाज करा रहे थे? वह हीमोलिटिक एनीमिया नामक दुर्लभ रक्त स्थिति का इलाज करा रहे थे, जिससे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है। 4. किंग हेराल्ड V ने नॉर्वे पर कितने वर्षों तक शासन किया? उन्होंने 35 वर्षों तक शासन किया। 17 जनवरी 1991 को अपने पिता किंग ओलाव V के निधन के बाद उन्होंने सिंहासन संभाला था। 5. रानी सोनिया के साथ उनके विवाह की क्या ऐतिहासिक विशेषता थी? उन्होंने एक आम नागरिक सोनिया हेराल्डसन से विवाह करने के लिए अपने पिता की सहमति का नौ वर्षों तक इंतजार किया और शाही परंपरा को तोड़ा। प्रेरणा और सबक किंग हेराल्ड V के 35 वर्षों के शासनकाल और जीवन यात्रा से नेतृत्व और मानवीयता के महत्वपूर्ण पाठ सीखे जा सकते हैं। • सहानुभूतिपूर्ण नेतृत्व: 2011 के राष्ट्रीय आतंकी संकट के समय उन्होंने अपनी भावनाओं को छिपाने के बजाय जनता के सामने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं, जिससे यह साबित हुआ कि सच्चा नेता दुख में जनता के साथ खड़ा होता है। • सिद्धांतों के लिए दृढ़ता: आम नागरिक सोनिया हेराल्डसन से विवाह के लिए 9 वर्षों तक धैर्यपूर्वक इंतजार करके उन्होंने यह दिखाया कि सच्चे प्रेम और व्यक्तिगत मूल्यों से समझौता नहीं किया जाता। • समावेशिता और आधुनिकता: उन्होंने विविधता, मानवाधिकारों और समाज के हर वर्ग को स्वीकार करने वाली आधुनिक राजशाही की मजबूत नींव रखी। https://trendkia.com/europe/35-varshon-taka-norway-ki-satta-snbhalane-vale-89-varshiya-king-harald-v-ka-nidhana-krauna-prinsa-haakon-snbhalenge-kamana-23585 TrendKia — Har trend, sabse pehle.