बिश्केक में व्लादिमीर पुतिन ने यूके पर सैन्य हमले के सवाल को बताया गुप्त, पश्चिमी देशों को दी सख्त चेतावनी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिटेन और पश्चिमी देशों को कड़ा संदेश दिया है। यूके पर हमले और हाइब्रिड वॉरफेयर की आशंकाओं के बीच क्रेमलिन ने अपना रुख साफ किया है। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 45 मिनट की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों और ब्रिटेन के खिलाफ कड़े और आक्रामक संकेत दिए हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करने के जवाब में मॉस्को ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकता है, तो पुतिन ने बेहद संक्षिप्त उत्तर देते हुए कहा कि यह एक सैन्य रहस्य है। राष्ट्रपति पुतिन का यह बयान न तो हमले की पुष्टि करता है और न ही इससे इनकार करता है, जिससे ब्रिटेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों के बीच एक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्रेमलिन का यह रणनीतिक रुख ब्रिटेन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और यूक्रेन को दी जाने वाली उसकी अटूट सहायता को पुनर्विचार के लिए मजबूर करने का एक प्रयास है। ब्रिटेन पर मनोवैज्ञानिक दबाव और हमले की आशंकाएं पुतिन द्वारा दिए गए दो शब्दों के जवाब ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और रक्षा विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है। यह बयान ब्रिटेन के लिए एक सीधी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में रूसी समाचार पत्र मोस्कोवस्की कोमसोमोलेट्स में छपे एक लेख में कहा गया था कि यूके के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम को रूस सपने में नहीं बल्कि अपने दुःस्वप्न में दिखाई देना चाहिए। हालांकि उस लेख में किसी विशिष्ट कार्रवाई का ब्योरा नहीं दिया गया था, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। हालांकि इन बयानों के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि रूसी मिसाइलें तुरंत ब्रिटेन के ठिकानों पर दागी जाने वाली हैं, लेकिन इसने लंदन में रणनीतिक चिंतकों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। दूसरी तरफ ब्रिटेन ने अपने रुख पर कायम रहने का संदेश दिया है। यूके के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि ब्रिटेन यूक्रेन की जरूरत की इस घड़ी में उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। यूरोप में हाइब्रिड वॉरफेयर और जर्मनी का मामला यूके को दी गई इस चेतावनी के बीच यूरोप के अन्य हिस्सों में भी रूस की संदिग्ध गतिविधियों को लेकर तनाव बढ़ रहा है। हाल ही में जर्मनी ने दावा किया है कि लीपज़िग एयरपोर्ट पर पिछले महीने हुए ड्रोन हमले के लिए रूस ही जिम्मेदार था। जर्मन गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने इस घटना को यूरोप में रूस की हाइब्रिड ऑपरेशन्स की एक सुस्थापित शैली का हिस्सा करार दिया है। दूसरी ओर राष्ट्रपति पुतिन ने जर्मन दावों को खारिज करते हुए जर्मनी पर झूठे सबूत गढ़ने का आरोप लगाया है। यूरोप में जारी इस तरह की गुप्त गतिविधियों के बाद अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या रूस ब्रिटेन के भीतर भी अपने हाइब्रिड ऑपरेशन्स और गुप्त अभियानों को तेज कर सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार बिना सीधे युद्ध की घोषणा किए यूरोपीय देशों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना क्रेमलिन की व्यापक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। पश्चिमी देशों को शार्क्स की उपमा और सख्त चेतावनी बिश्केक की प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल ब्रिटेन ही पुतिन के निशाने पर नहीं था, बल्कि उन्होंने पूरे पश्चिमी जगत को चेतावनी दी। पुतिन ने पश्चिमी देशों की तुलना आक्रामक शार्क्स यानी समुद्री शार्क मछलियों से की। उन्होंने कहा कि यदि कोई रूस को खाद्य श्रृंखला में नीचे खींचने या निगलने की कोशिश करेगा, तो उसके दांत तोड़ दिए जाएंगे। पुतिन ने जोर देकर कहा कि इन पश्चिमी देशों की बढ़ती भूख और तेज होते दांतों के बावजूद रूस हर चुनौती का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह पहली बार नहीं है जब रूसी राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति को समझाने के लिए जानवरों से जुड़े रूपकों का सहारा लिया है। इससे पहले भी उन्होंने यूक्रेन में युद्ध का बचाव करने के लिए किलर व्हेल द्वारा ध्रुवीय भालुओं को फाड़ने का उदाहरण प्रस्तुत किया था। पुतिन का यह अंदाज दर्शाता है कि वे रूस और पश्चिम के बीच जारी संघर्ष को एक अस्तित्व की लड़ाई के रूप में देखते हैं। युद्ध की वास्तविक स्थिति और बिश्केक कॉन्फ्रेंस का माहौल बिश्केक में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए पुतिन बेहद आक्रामक, जीत को लेकर आश्वस्त और ऊर्जावान दिखाई दे रहे थे। 45 मिनट के इस सत्र में वे विशेष रूप से तब सबसे अधिक उत्साहित दिखे जब बातचीत रूस और पश्चिम के बीच भू-राजनीतिक गतिरोध और यूक्रेन युद्ध की ओर मुड़ी। हालांकि हकीकत यह है कि युद्ध रूस की शुरुआती योजनाओं के अनुसार नहीं चला है। युद्ध के मैदान में रूस को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और देश की अर्थव्यवस्था पर कड़े पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण भारी दबाव है। इसके बावजूद पुतिन ने दृढ़ता के साथ दावा किया कि उन्हें इसमें कोई संदेह नहीं है कि दुश्मन अंततः बिखर जाएगा। आधिकारिक तौर पर क्रेमलिन अभी भी इस संघर्ष को विशेष सैन्य अभियान कहता है, लेकिन पुतिन ने अब खुलकर युद्ध शब्द का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि युद्ध एक क्रूर और अप्रत्याशित चीज है। चार और आधे साल से अधिक समय से चल रहे इस युद्ध में यूक्रेन अभी भी पूरी ताकत से मुकाबला कर रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के दूतों से बातचीत और शांति वार्ता की शर्तें युद्ध के लंबा खिंचने के बावजूद पुतिन ने दावा किया कि वे संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत के दरवाजे खुले रखे हुए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वे अमेरिकी प्रशासन में किसके साथ बातचीत करना पसंद करेंगे। पुतिन ने संकेत दिए कि वे डोनाल्ड ट्रंप के दूतों से बात करने में अधिक सहज हैं। उन्होंने विशेष रूप से जारेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ का नाम लेते हुए कहा कि वे ऐसे लोगों के साथ काम करने में सहज महसूस करते हैं जिन्हें वे अच्छी तरह जानते हैं और जिन पर भरोसा करते हैं। पुतिन के अनुसार जारेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ का हमेशा स्वागत है और उनके साथ काम करना सुखद अनुभव रहा है। इसके विपरीत सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ की हालिया मॉस्को यात्रा पर क्रेमलिन का रुख ठंडा रहा। जॉन रैटक्लिफ ने पिछले सप्ताह मॉस्को का एक अचानक दौरा किया था, लेकिन क्रेमलिन ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति पुतिन ने इस यात्रा के दौरान सीआईए निदेशक से कोई मुलाकात नहीं की। यद्यपि अभी तक विटकॉफ या कुश्नर के मॉस्को दौरे के लिए कोई औपचारिक कार्यक्रम तय नहीं हुआ है, लेकिन यदि डोनाल्ड ट्रंप के दूत मॉस्को आते हैं, तो उनका सामना एक ऐसे रूसी नेता से होगा जो इस बात पर अड़ा है कि यूक्रेन में कोई भी शांति समझौता केवल और केवल रूस की शर्तों पर ही होगा। इसका आप पर असर यह भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर सीधा असर डालता है। • वैश्विक बाजार पर असर: रूस और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ता तनाव कच्चे तेल और ऊर्जा की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। • यूरोपीय सुरक्षा और यात्रा: यूरोप में हाइब्रिड हमलों और सुरक्षा खतरों के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और प्रमुख बुनियादी ढांचों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जिससे यूरोपीय देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त जांच का सामना करना पड़ सकता है। • ब्रिटेन और नाटो देशों में सतर्कता: ब्रिटेन और उसके सहयोगी देशों में रक्षा बजट और साइबर सुरक्षा उपायों पर खर्च बढ़ाया जा सकता है, जिसका असर अंततः वहां के नागरिकों पर पड़ सकता है। • राजनयिक बातचीत पर अनिश्चितता: रूस की कठोर शर्तों और अमेरिकी दूतों के साथ संभावित भावी बातचीत से यूक्रेन युद्ध के खत्म होने की समयसीमा और लंबी खींच सकती है। सवाल-जवाब 1. क्या व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिटेन पर सैन्य हमले की पुष्टि की है? नहीं, पुतिन ने हमले की पुष्टि नहीं की। उन्होंने केवल यह कहा कि यह एक सैन्य रहस्य है, जिससे हमले की आशंका को न तो स्वीकार किया गया और न ही खारिज किया गया। 2. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने रूस की चेतावनी पर क्या कहा? ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने कहा कि ब्रिटेन यूक्रेन की जरूरत की इस घड़ी में उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। 3. जर्मनी ने रूस पर क्या आरोप लगाए हैं? जर्मनी ने रूस पर लीपज़िग एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया और इसे यूरोप में रूसी हाइब्रिड ऑपरेशन्स का हिस्सा बताया। 4. पुतिन ने अमेरिका के किन दूतों के साथ काम करने में रुचि व्यक्त की? पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप के दूतों जारेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ के साथ काम करने में रुचि जताई और कहा कि वे उनके साथ काम करने में सहज महसूस करते हैं। 5. क्या पुतिन ने सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ से मुलाकात की थी? नहीं, क्रेमलिन के अनुसार पिछले सप्ताह मॉस्को दौरे के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ से कोई मुलाकात नहीं की। https://trendkia.com/europe/bishkeka-men-vladimir-putin-ne-uk-para-die-sainya-hamale-ke-snketa-pashchimi-deshon-ko-di-danta-torane-ki-chetavani-26558 TrendKia — Har trend, sabse pehle.