ब्रिटेन में सुपारी किलिंग की साजिश रचने वाले नॉर्वेजियन किशोर को 20 साल कैद स्वीडिश संगठित अपराध गिरोह फॉक्सट्रॉट नेटवर्क के इशारे पर हत्या करने इंग्लैंड पहुंचे 19 वर्षीय जोहान्स नैटलैंड को अदालत ने 20 साल हिरासत की सजा सुनाई है। इंग्लैंड में एक अज्ञात शख्स की हत्या करने की साजिश में शामिल 19 साल के नॉर्वेजियन नागरिक जोहान्स नैटलैंड को वूलविच क्राउन कोर्ट ने 20 साल हिरासत की कड़ी सजा सुनाई है। नैटलैंड को वेस्ट यॉर्कशायर के हडर्सफ़ील्ड स्थित एक होटल के कमरे से उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह सुपारी किलिंग को अंजाम देने की तैयारी में जुटा था। अदालत ने उसे हत्या की साजिश रचने का सर्वसम्मति से दोषी पाया, जबकि अवैध आग्नेयास्त्र और कारतूस रखने की बात उसने पहले ही स्वीकार कर ली थी। ईरान समर्थित अपराध गिरोह से जुड़े थे तार पुनर्विचार सुनवाई के दौरान जूरी को बताया गया कि नैटलैंड को फॉक्सट्रॉट नेटवर्क ने अपने साथ जोड़ा था। यह स्वीडन का एक खतरनाक संगठित अपराध नेटवर्क है, जिसे ईरानी शासन का समर्थन हासिल है। इस अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह को उसकी हिंसक गतिविधियों और तेहरान से संबंधों के कारण ब्रिटेन और अमेरिका दोनों ही प्रतिबंधित कर चुके हैं। हालांकि, पूरे मामले में पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा सकी है कि नैटलैंड का असली निशाना कौन था। लंदन की काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग की प्रमुख कमांडर हेलेन फ्लानागन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे सटीक तौर पर यह पता लगाने में असमर्थ रहे हैं कि लक्षित पीड़ित कौन था। यूरोपीय पुलिस एजेंसी यूरोपोल इस खतरनाक प्रवृत्ति को वायलेंस एज अ सर्विस यानी वीएएएस नाम देती है, जिसके तहत आपराधिक गिरोह पैसों के दम पर किशोरों को भाड़े के कातिल के रूप में इस्तेमाल करते हैं। युवाओं को मोहरा बनाकर अपराध कराने का तरीका सजा सुनाते हुए जस्टिस चीमा-ग्रब ने नैटलैंड से कहा कि फॉक्सट्रॉट नेटवर्क एक ऐसा संगठित गिरोह है जिसने हिंसक अपराधों को अंजाम देने के लिए युवाओं को दूर बैठकर भर्ती करने का एक नया तरीका ईजाद किया है। उन्होंने अदालत में कहा कि उसे एक अज्ञात निशाने को मौत के घाट उतारने के लिए इंग्लैंड भेजा गया था। जांच में सामने आया कि नैटलैंड अपने 18वें जन्मदिन के कुछ ही समय बाद 17 मार्च 2025 को एक आपातकालीन पासपोर्ट के जरिए मैनचेस्टर एयरपोर्ट पर उतरा था। इसके बाद उसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप सिग्नल पर मिले वीडियो निर्देशों के जरिए हडर्सफ़ील्ड पहुंचाया गया। वहां उसके लिए दो चालू बंदूकें, 19 जिंदा कारतूस, एक चुराई हुई कार और नकदी की खेप पहले से छिपाकर रखी गई थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से टली वारदात इस खूनी साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब नॉर्वे की पुलिस ने उस किशोर को गिरफ्तार कर लिया, जिसने नैटलैंड को फॉक्सट्रॉट नेटवर्क के लिए तैयार किया था। उस किशोर के फोन की तलाशी लेने पर ब्रिटेन में रची जा रही हत्या की इस पूरी योजना के संदेश मिल गए। इसके बाद नॉर्वे की पुलिस से मिली गोपनीय सूचना पर ब्रिटिश जांच एजेंसियों ने बिना वक्त गंवाए एक व्यापक अभियान शुरू किया ताकि नैटलैंड अपने निशाने तक पहुंच पाए, उससे पहले ही उसे पकड़ा जा सके। कमांडर हेलेन फ्लानागन ने इस अभियान की गंभीरता का जिक्र करते हुए कहा कि उन पर भारी दबाव था क्योंकि वह शख्स देश में घुस चुका था और जांच एजेंसियों को भनक थी कि उसका मकसद ब्रिटेन की जमीन पर हत्या करना था। उन्होंने बताया कि पुलिस को बेहद तेजी से कदम उठाना पड़ा और इससे पहले कि वह हत्या की वारदात की दिशा में बढ़ता, सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप कर दिया। गिरफ्तारी के वक्त पुलिस पर हाथ से गोली चलाने का नाटक जांच अधिकारियों ने नैटलैंड को हडर्सफ़ील्ड के ब्रायर कोर्ट होटल में जा घेरा। जब पुलिस टीम उसके कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी, तो दोनों हैंडगन उसके बिस्तर के नीचे छिपी मिलीं। दरवाजा खुलते ही नैटलैंड ने सामने खड़े पुलिसकर्मियों पर अपने हाथों से पिस्तौल की नकल करते हुए गोली चलाने का नाटक किया। इसके तुरंत बाद जवानों ने उसे दीवार से सटाकर काबू में किया और हथकड़ी पहना दी। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, नैटलैंड दक्षिण-पश्चिम नॉर्वे के तेल उद्योग के प्रमुख केंद्र स्टावेंगर शहर में पला-बढ़ा था। बचपन में वह एक होनहार फुटबॉल खिलाड़ी था और खेल में उसका भविष्य उज्ज्वल माना जा रहा था। हालांकि, 13 साल की उम्र में वह नशीली दवाओं की लत का शिकार हो गया और धीरे-धीरे उसने स्कूल छोड़ दिया। नशे की दलदल और अपराध की दुनिया में प्रवेश ओल्ड बेली की पूर्व सुनवाई में नैटलैंड ने खुद स्वीकार किया था कि पिछले साल तक वह लगभग हर दिन भारी मात्रा में नशा करने लगा था। लगातार नशीले पदार्थों के सेवन से उसकी मानसिक हालत बिगड़ गई और उसे यह वहम होने लगा कि उसके अपने माता-पिता ही उसकी जान लेना चाहते हैं। इसके चलते उसे ड्रग जनित मनोविकृति के इलाज के लिए मनोरोग इकाई में भर्ती कराना पड़ा था। नैटलैंड के वकील पॉल हाइन्स केसी ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल की मानसिक बीमारी नशे के अनियंत्रित सेवन से पैदा हुई थी या फिर उसने स्थिति को और अधिक बिगाड़ दिया था। वकील का कहना था कि इस लत ने उसके सोचने-समझने और सही फैसले लेने की क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। नैटलैंड ने यह भी बताया कि उसने कुछ समय समस्याग्रस्त बच्चों के एक आश्रय गृह में बिताया था, जहां उसकी मुलाकात उस किशोर से हुई थी जिसने बाद में उसे फॉक्सट्रॉट नेटवर्क में शामिल कराया था। उस किशोर की ऑनलाइन पहचान अननोनहसलर के रूप में दर्ज थी। इसका आप पर असर इस अदालती फैसले और खुलासे से यूरोपीय देशों में संगठित अपराध गिरोहों द्वारा किशोरों के अंतरराष्ट्रीय शोषण और सुरक्षा खतरों पर कड़ा संदेश गया है। • सीमा पार सुरक्षा जांच: ब्रिटेन और यूरोपीय सीमाओं पर युवाओं के आपातकालीन यात्रा दस्तावेजों की निगरानी और कड़ी की जा सकती है। 17 मार्च 2025 को आपातकालीन पासपोर्ट पर पहुंचे इस किशोर की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय खुफिया साझाकरण को तेज कर दिया है। • सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप: अपराधियों द्वारा सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करके युवाओं को अपराध में धकेलने पर रोक लगाने की मांग बढ़ रही है। अभिभावकों और तकनीकी कंपनियों को ऑनलाइन संदिग्ध भर्ती गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। • किशोर सुधार और नशा मुक्ति: किशोरों में नशे की लत और मानसिक विकारों के समय पर इलाज की जरूरत रेखांकित हुई है। नैटलैंड का मामला दिखाता है कि 13 साल की उम्र से शुरू हुआ नशा कैसे युवाओं को गंभीर अपराध के जाल में फंसा देता है। • कानूनी परिणाम: विदेशी धरती पर सुपारी किलिंग की साजिश में शामिल होने पर सख्त सजा का मानक तय हुआ है। अदालत ने साफ कर दिया है कि मानसिक अस्थिरता या युवा उम्र के बावजूद हत्या की साजिश में 20 साल जैसी लंबी हिरासत भुगतनी होगी। ऐसा क्यों हुआ यह अंतरराष्ट्रीय अपराध साजिश स्वीडिश आपराधिक नेटवर्क द्वारा युवाओं का डिजिटल शोषण करने और नॉर्वे में त्वरित पुलिस जांच के कारण सामने आई। • वायलेंस एज अ सर्विस मॉडल: फॉक्सट्रॉट नेटवर्क जैसे अपराध गिरोह कानूनी पचड़ों से बचने के लिए दूर बैठे किशोरों को पैसों के लालच में हथियार सौंपते हैं। इस गिरोह ने ब्रिटेन में अपनी मौजूदगी स्थापित करने के लिए एक विदेशी युवा का इस्तेमाल किया। • नशे की लत और मानसिक असुरक्षा: जोहान्स नैटलैंड 13 साल की उम्र से नशे का शिकार था और सुधार गृह में रहने के दौरान आपराधिक तत्वों के संपर्क में आया था। उसकी मानसिक दुर्बलता और पारिवारिक अलगाव का फायदा उठाकर गिरोह ने उसे हथियार थमा दिए। • नॉर्वे में फोन डेटा की बरामदगी: नॉर्वेजियन पुलिस द्वारा नैटलैंड के भर्तीकर्ता को पकड़ने के बाद उसके फोन से ब्रिटेन की साजिश का खुलासा हुआ। इस सुराग ने ब्रिटिश सुरक्षा बलों को समय रहते हडर्सफ़ील्ड के होटल में छापेमारी करने का मौका दिया। सवाल-जवाब 1. जोहान्स नैटलैंड को अदालत ने क्या सजा सुनाई है? वूलविच क्राउन कोर्ट ने 19 वर्षीय जोहान्स नैटलैंड को हत्या की साजिश के मामले में 20 साल हिरासत की सजा सुनाई है। 2. नैटलैंड को किस आपराधिक गिरोह ने भर्ती किया था? उसे स्वीडन के संगठित अपराध गिरोह फॉक्सट्रॉट नेटवर्क ने अपने साथ जोड़ा था, जिसे ईरानी शासन का समर्थन प्राप्त है। 3. ब्रिटेन पुलिस ने नैटलैंड को कहां से और किन हथियारों के साथ पकड़ा? पुलिस ने उसे हडर्सफ़ील्ड के ब्रायर कोर्ट होटल से गिरफ्तार किया, जहां उसके बिस्तर के नीचे दो चालू बंदूकें और 19 जिंदा कारतूस मिले थे। 4. इस हत्या की साजिश का भंडाफोड़ कैसे हुआ? नॉर्वे पुलिस ने नैटलैंड को भर्ती करने वाले एक किशोर को पकड़ा था, जिसके फोन से ब्रिटेन में होने वाली हत्या की साजिश के संदेश मिले थे। https://trendkia.com/europe/britain-men-supari-kilinga-ki-sajisha-rachane-vale-norwegian-kishora-ko-20-sala-kaida-48906 TrendKia — Har trend, sabse pehle.