ट्रंप के टैरिफ से भड़का व्यापार युद्ध: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी यूरोपीय संघ के साथ मजबूत रणनीतिक साझेदारी की तलाश में पहुंचे स्ट्रासबर्ग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा पर टैरिफ लगाने और उसे 51वां अमेरिकी राज्य बनाने संबंधी बयानों के बाद, कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी यूरोप के साथ ऐतिहासिक साझेदारी बनाने स्ट्रासबर्ग पहुंचे हैं। व्यापार वार्ता टूटने के बीच ओटावा अब वाशिंगटन पर अपनी निर्भरता घटाकर यूरोपीय संघ के साथ रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में रिश्ते गहरे कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए भारी व्यापारिक शुल्कों और तीखी बयानबाजी के बीच कनाडा ने अपने वैश्विक व्यापारिक और कूटनीतिक रुख में बड़ा बदलाव शुरू कर दिया है। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी इस हफ्ते यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व के निमंत्रण पर फ्रांस के स्ट्रासबर्ग पहुंचे हैं, जहां वे यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में कार्नी ने स्पष्ट किया था कि कनाडा यूरोपीय संघ के साथ एक असाधारण और अनोखा रणनीतिक गठबंधन कायम करने की तैयारी में है। वाशिंगटन और ओटावा के बीच व्यापारिक बातचीत टूटने के बाद दोनों लोकतांत्रिक साझीदार अब आपसी सहयोग की नई रूपरेखा गढ़ रहे हैं। व्हाइट हाउस का बढ़ता दबाव और ओटावा की जवाबी रणनीति अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठान और कनाडा के बीच लंबे समय से जारी आर्थिक तालमेल हाल के हफ्तों में अभूतपूर्व तनाव के दौर से गुजर रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपने ट्रूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर उत्तरी अमेरिका का एक ऐसा नक्शा पोस्ट किया, जिसमें कनाडा के साथ यूरोपीय संघ के सदस्य डेनमार्क के अधीन आने वाले ग्रीनलैंड को भी अमेरिकी ध्वज से ढका दिखाया गया था। इसके साथ ही ट्रंप कई मौकों पर कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की अपनी महत्वाकांक्षा जाहिर कर चुके हैं, जिससे आम कनाडाई नागरिकों और नीति निर्माताओं में गहरी नाराजगी पनपी है। पिछले महीने के आखिर में दोनों देशों के बीच आधिकारिक व्यापार वार्ता टूट गई, जिसके बाद व्यापारिक खींचतान खुली जंग में तब्दील हो गई। ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ के सामने जहां यूरोपीय आयोग के नेतृत्व में यूरोपीय देशों ने बिना कड़ा पलटवार किए शुल्कों को स्वीकार कर लिया, वहीं कनाडाई प्रधानमंत्री ने तुरंत आक्रामक रुख अपनाया। मार्क कार्नी ने राष्ट्रीय संप्रभुता का हवाला देते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका पर तत्काल जवाबी टैरिफ लगा दिए और खुले तौर पर ऐलान किया कि व्यापार के मोर्चे पर उनका देश अमेरिका से मुकाबला कर रहा है। कनाडाई प्रधानमंत्री का यह निडर कदम यूरोपीय राजधानियों में खासा सराहा गया है, जहां नेता निजी बातचीत में उनके इस कड़े प्रतिरोध की खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं। यूरोपीय संघ के सुरक्षा कोष में शामिल होने वाला पहला गैर-सदस्य देश यूरोपीय संघ से नजदीकी बढ़ाने के मामले में कनाडा अब ब्रिटेन जैसे पारंपरिक पड़ोसियों से भी आगे निकल चुका है। इस साल की शुरुआत में कनाडा ने यूरोपीय संघ के रक्षा कोष सिक्योरिटी एक्शन फॉर यूरोप यानी सेफ (SAFE) में सफलतापूर्वक भागीदारी हासिल की। दूसरी तरफ, वित्तीय लागतों और राजनीतिक असहमतियों के चलते ब्रिटेन इस रक्षा कोष से बाहर खड़ा रह गया। यूरोपीय परिषद के विदेशी संबंधों के प्रबुद्ध थिंक टैंक के निदेशक मार्क लियोनार्ड ने इस घटनाक्रम को ऐतिहासिक करार देते हुए माना कि यूरोपीय संघ का सदस्य न होने के बावजूद कनाडा ब्रुसेल्स के जितना करीब आने की कोशिश कर रहा है, वैसी दिलचस्पी ब्रिटेन में भी नहीं दिखती। स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष के वार्षिक स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में कार्नी को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। बुधवार को अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन के संबोधन के बाद गुरुवार को मार्क कार्नी यूरोपीय संसद को संबोधित करेंगे। राजनयिक हलकों में इसे केवल औपचारिक कूटनीति नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिना औपचारिक सदस्यता के किसी देश द्वारा यूरोपीय संघ के सबसे करीब आने की व्यापक योजना के रूप में देखा जा रहा है। ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और रक्षा क्षेत्र में निर्भरता घटाने की योजना कनाडा और यूरोपीय संघ दोनों ही कई प्रमुख क्षेत्रों में वाशिंगटन पर अत्यधिक निर्भरता खत्म करना चाहते हैं। पहला महत्वपूर्ण क्षेत्र डिजिटल और तकनीकी विकास का है, जहां मौजूदा समय में अमेरिका और चीन का दबदबा बना हुआ है। दूसरा क्षेत्र ऊर्जा सुरक्षा का है, जिसमें रूस से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति घटाने के बाद यूरोपीय संघ को बड़े पैमाने पर एलएनजी की जरूरत है और कनाडा इसमें बेहद समृद्ध है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वच्छ ऊर्जा के लिए अनिवार्य कच्चे माल और महत्वपूर्ण खनिजों के मामले में भी कनाडा प्राकृतिक रूप से संपन्न है। रक्षा खरीद के मामले में कनाडा ने अमेरिकी बाजार को झटका देते हुए हाल के दिनों में यूरोपीय उपकरणों पर जोर दिया है। कुछ क्षेत्रों में अमेरिकी प्रशासन द्वारा 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क थोपे जाने के बाद कनाडा ने सवाल उठाया कि जब अमेरिका टैरिफ लगा रहा है तो उसे भारी रक्षा सौदों से पुरस्कृत क्यों किया जाए। इसी नीति के तहत कनाडा ने जर्मनी से आधुनिक अटैक सबमरीन और स्वीडन की साब कंपनी से एयरबोर्न अर्ली-वार्निंग टोही विमान खरीदने का निर्णय लिया है। व्यापार विविधीकरण का लक्ष्य और आर्थिक हकीकत कनाडा-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश संघ (सीईयूटीआईए) के अध्यक्ष मार्क कैमिलेरी ने कहा है कि कनाडाई सरकार अगले दस वर्षों में गैर-अमेरिकी व्यापार को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है और यूरोपीय संघ के साथ सहयोग बढ़ाना इस लक्ष्य को पाने की मुख्य कुंजी साबित होगा। कनाडा में अप्रैल में हुए नानोस जनमत सर्वेक्षण के अनुसार 80 प्रतिशत से अधिक यानी पांच में से चार से ज्यादा कनाडाई नागरिक यूरोपीय संघ के साथ संबंधों को गहरा करने के पक्ष में हैं। लगभग पांच में से तीन नागरिक कनाडा के यूरोपीय संघ में शामिल होने का समर्थन करते हैं, हालांकि यूरोपीय संघ के संविधान का अनुच्छेद 49 भौगोलिक रूप से गैर-यूरोपीय देश होने के कारण इसकी इजाजत नहीं देता। व्यापारिक धरातल पर कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच लगभग एक दशक पहले हुआ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता यानी सीटा (CETA) पहले से ही अनंतिम रूप से लागू है, जिसने 99 प्रतिशत कनाडाई सामानों पर टैरिफ खत्म कर दिया है। यूरोपीय संघ कनाडा का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लेकिन अमेरिका के मुकाबले यह आंकड़ा काफी छोटा है। पिछले साल अमेरिका और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 900 अरब अमेरिकी डॉलर यानी 668 अरब पाउंड रहा, जो दुनिया का सबसे बड़ा द्विपक्षीय व्यापार संबंध है। इसके विपरीत, इसी अवधि में कनाडा और यूरोपीय संघ का कुल व्यापार केवल 130 अरब डॉलर रहा। कनाडा के कुल निर्यात का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा अकेले अमेरिकी बाजार में खप जाता है, जिससे पूरी तरह अमेरिका से नाता तोड़ना किसी भी पक्ष के लिए व्यावहारिक नहीं है। नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था और यूरोपीय नेताओं की कूटनीतिक हिचकिचाहट यूरोपीय संघ और कनाडा के बीच आगामी महीने के अंत में एक औपचारिक शिखर सम्मेलन तय है, जिसके बाद तकनीकी कार्यसमूह समझौतों के कानूनी विवरणों को अंतिम रूप देंगे। इस रणनीतिक तालमेल की नींव इस साल की शुरुआत में तब पड़ी थी जब ट्रंप ने नाटो सहयोगी डेनमार्क से जुड़े ग्रीनलैंड पर सैन्य ताकत से कब्जा करने की संभावना से इनकार नहीं किया था। उसी दौरान बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व गवर्नर रह चुके मार्क कार्नी ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर मध्यम आकार के देशों से वैश्विक महाशक्तियों के आर्थिक दबाव के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया था। इटली के पूर्व प्रधानमंत्री और यूरोपीय संघ के पूर्व अर्थव्यवस्था आयुक्त पाओलो जेंटिलोनी ने भी सोशल मीडिया पर कार्नी के साहसी रुख का समर्थन करते हुए लिखा था कि वे यूरोप में भी ऐसा ही भाषण सुनना पसंद करेंगे। सार्वजनिक रूप से यूरोपीय नेता मार्क कार्नी के साथ खुलकर खड़े होने में हिचकिचा रहे हैं। फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर्दे के पीछे कनाडाई प्रधानमंत्री के संपर्क में हैं, लेकिन घरेलू चुनावों के डर से कोई भी नेता सीधे ट्रंप का गुस्सा मोल लेने का जोखिम नहीं उठाना चाहता। आने वाले महीनों में फ्रांस में अप्रैल-मई में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं, जबकि इटली, स्पेन और पोलैंड में संसदीय चुनावों की तारीखें तय होनी बाकी हैं और जर्मनी में अभी हाल ही में चुनाव संपन्न हुए हैं। इसके अतिरिक्त, फ्रांस जैसे देश इस बात पर भी अड़े हैं कि गैर-सदस्य देशों को जरूरत से ज्यादा रियायतें न दी जाएं। यूरोपीय संसद के बाद कार्नी लिवरपूल के लिए रवाना होंगे, जहां वे ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के साथ अपनी पहली द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इसका आप पर असर अमेरिकी शुल्कों के जवाब में कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ता यह रणनीतिक तालमेल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। • भारत में प्रभाव: वैश्विक ऊर्जा और धातु बाजारों में आपूर्ति का पुनर्गठन होने से भारतीय आयातकों के लिए नए स्रोत और अनुबंध विकल्प खुल सकते हैं। यदि पश्चिमी देश आपसी व्यापार को विविधीकृत करते हैं, तो भारत के इंजीनियरिंग निर्यात और विनिर्माण क्षेत्रों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर मिलेगा। • कनाडा और यूरोपीय संघ में नागरिकों पर प्रभाव: अमेरिकी उत्पादों पर कनाडाई जवाबी टैरिफ और अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत तक के आयात शुल्क से उपभोक्ताओं के लिए रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। दोनों क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं और व्यवसायों को अमेरिकी बाजार पर निर्भरता घटाकर द्विपक्षीय सीटा समझौते के तहत मिलने वाली कर छूट का अधिकतम लाभ उठाने के लिए नए व्यावसायिक संपर्क तलाशने होंगे। • वैश्विक ऊर्जा और एलएनजी बाजार: रूस से कटौती के बाद यूरोपीय संघ द्वारा कनाडा से एलएनजी खरीद बढ़ाने से अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक गैस की दरों और जहाजरानी मार्गों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दीर्घकालिक ऊर्जा अनुबंधों के चलते ऊर्जा सुरक्षा की चाह रखने वाले अन्य देशों को भी आपूर्ति सौदों के लिए नए मूल्य समीकरणों का सामना करना पड़ेगा। • रक्षा और विनिर्माण उद्योग: कनाडा द्वारा अमेरिकी कंपनियों के बजाय जर्मनी की पनडुब्बियों और स्वीडन के विमानों की खरीद से यूरोपीय रक्षा विनिर्माताओं को भारी पूंजी और रोजगार का लाभ मिलेगा। नाटो देशों के भीतर रक्षा खरीद का यह ध्रुवीकरण भविष्य के बहुपक्षीय सैन्य समझौतों और प्रौद्योगिकीय मानकों को नया आकार देगा। ऐसा क्यों हुआ कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक कूटनीतिक नजदीकियों की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक संरक्षणवादी व्यापार नीतियां और सहयोगियों की संप्रभुता को चुनौती देने वाले बयान हैं। • अमेरिकी टैरिफ और वार्ता की विफलता: पिछले महीने अमेरिका और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार वार्ता पूरी तरह टूट गई, जिसके बाद वाशिंगटन ने कई क्षेत्रों में 50 प्रतिशत तक दंडात्मक आयात शुल्क लागू कर दिए। ओटावा ने संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाबी टैरिफ लगाए, जिससे दशकों पुराना उत्तरी अमेरिकी व्यापारिक ढांचा संकट में आ गया। • संप्रभुता पर प्रत्यक्ष खतरे और ग्रीनलैंड विवाद: राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बार-बार सार्वजनिक घोषणा करने और डेनमार्क के अधीन ग्रीनलैंड को बलपूर्वक लेने से इनकार न करने से दोनों पक्षों में गहरा अविश्वास पैदा हुआ। सोशल मीडिया पर पूरे उत्तरी अमेरिका पर अमेरिकी ध्वज प्रदर्शित करने वाली पोस्ट ने कनाडाई और यूरोपीय सुरक्षा चिंताओं को चरम पर पहुंचा दिया। • आर्थिक विविधीकरण की साझा जरूरत: दूसरे विश्व युद्ध के बाद से अमेरिका को अपना सबसे भरोसेमंद सहयोगी मानने वाले यूरोपीय देशों और कनाडा को अब वाशिंगटन की नीतिगत अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। कनाडा अपने कुल निर्यात के 70 प्रतिशत के लिए अमेरिकी बाजार पर निर्भर रहा है, जिसे अगले 10 वर्षों में गैर-अमेरिकी व्यापार दोगुना करने की नीति के तहत घटाना आवश्यक हो गया है। • यूरोपीय नेताओं की घरेलू राजनीतिक विवशता: हालांकि यूरोपीय नेता निजी तौर पर कनाडाई प्रतिरोध का समर्थन करते हैं, लेकिन फ्रांस, इटली, स्पेन और पोलैंड में होने वाले आगामी चुनावों के चलते वे सार्वजनिक रूप से सीधे ट्रंप को नाराज करने से बच रहे हैं। यूरोपीय आयोग जैसी साझा संस्थाओं के माध्यम से कनाडा के साथ रणनीतिक रक्षा कोष और ऊर्जा समझौते आगे बढ़ाना उनके लिए कूटनीतिक रूप से सुरक्षित मार्ग बन गया है। सवाल-जवाब 1. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी इस हफ्ते फ्रांस के स्ट्रासबर्ग क्यों पहुंचे हैं? वे यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के निमंत्रण पर यूरोपीय संघ के साथ ऊर्जा, रक्षा और व्यापार में एक अनोखा और मजबूत रणनीतिक गठबंधन बनाने पहुंचे हैं। 2. कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक विवाद की मुख्य वजह क्या है? पिछले महीने दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता टूटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 50 प्रतिशत तक के भारी टैरिफ लगाए, जिसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी सामानों पर जवाबी टैरिफ थोप दिए। 3. क्या कनाडा यूरोपीय संघ का आधिकारिक सदस्य बन सकता है? नहीं, हालांकि जनमत सर्वेक्षण में लगभग तीन-पांचवां कनाडाई समर्थन दिखा है, लेकिन यूरोपीय संघ के संविधान का अनुच्छेद 49 केवल यूरोपीय देशों को ही सदस्यता की अनुमति देता है। 4. कनाडा ने हाल ही में अमेरिका के बजाय यूरोप से कौन से प्रमुख रक्षा उपकरण खरीदे हैं? कनाडा ने अमेरिकी टैरिफ के विरोध में जर्मनी से आधुनिक अटैक सबमरीन और स्वीडन की साब कंपनी से एयरबोर्न अर्ली-वार्निंग टोही विमान खरीदे हैं। 5. कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच वर्तमान व्यापार का आकार क्या है? दोनों पक्षों के बीच पिछले साल कुल द्विपक्षीय व्यापार 130 अरब डॉलर रहा, जो अमेरिका-कनाडा के करीब 900 अरब डॉलर के वार्षिक व्यापार की तुलना में काफी कम है। 6. स्ट्रासबर्ग के बाद कनाडाई प्रधानमंत्री का अगला कूटनीतिक दौरा कहां होगा? यूरोपीय संसद को संबोधित करने के बाद वे ब्रिटेन के लिवरपूल जाएंगे, जहां वे नए ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के साथ अपनी पहली आमने-सामने बैठक करेंगे। https://trendkia.com/europe/donald-trump-ke-tairipha-se-bharaka-vyapara-yuddha-canada-ke-pradhanamntri-mark-carney-european-union-ke-satha-majabuta-rananitika-34165 TrendKia — Har trend, sabse pehle.