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  "type": "article",
  "title": "इंग्लिश चैनल में मानव तस्करी गिरोहों ने अपनाई 'मेगा डिंगी' रणनीति, फ्रांस में पुलिस की सख्ती के बाद बढ़ी कीमतें",
  "summary": "फ्रांसीसी तट पर कड़े पुलिस पहरे के कारण नावों की कमी झेल रहे मानव तस्कर अब अधिक प्रवासियों को बड़ी रबड़ नावों पर लाद रहे हैं, जिससे इंग्लिश चैनल पार करने का किराया बढ़कर 2,000 यूरो तक पहुंच गया है।",
  "content": "ब्रिटेन और फ्रांस के बीच स्थित इंग्लिश चैनल में अवैध रूप से प्रवासियों को सीमा पार कराने वाले मानव तस्करी गिरोहों ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। फ्रांसीसी तटों पर पुलिस गश्त और जब्ती की कार्रवाइयों के कारण छोटी नावों की भारी किल्लत हो गई है। इस वजह से आपस में प्रतिस्पर्धा करने वाले आपराधिक सिंडिकेट अब एकजुट होकर काम करने को मजबूर हैं। तस्करों ने अब 'मेगा-डिंगी' जैसी अधिक क्षमता वाली रबड़ नावों का सहारा लेना शुरू कर दिया है, जिनमें क्षमता से अधिक लोगों को भरकर खतरनाक समुद्री मार्ग से ब्रिटेन भेजा जा रहा है।\n\nनावों की कमी और नए खतरनाक तरीके\nउत्तरी फ्रांस के तटीय इलाकों में सक्रिय तस्कर गिरोहों के पास अब नावों का स्टॉक लगातार कम हो रहा है। फ्रांसीसी अधिकारियों का दावा है कि वे तस्करों की लगभग दो-तिहाई नावों को समुद्र तट तक पहुंचने से पहले ही जब्त कर रहे हैं। इस प्रशासनिक कड़ाई के कारण तस्करों को कम नावों में ज्यादा से ज्यादा प्रवासियों को बैठाने की रणनीति अपनानी पड़ रही है। आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों ने चेतावनी दी है कि ओवरलोडेड और बड़ी नावों के उपयोग से समुद्र में हादसों का जोखिम काफी बढ़ गया है। हाल ही में 4 अगस्त को चैनल के बीचों-बीच एक डिंगी में आग लग जाने के बाद 170 लोगों को सुरक्षित बचाना पड़ा था।\n\nबढ़ा किराया और नकद भुगतान की शर्त\nनावों की उपलब्धता घटने और पुलिसिया निगरानी बढ़ने से चैनल पार करने का खर्च भी काफी बढ़ गया है। वर्तमान में तस्कर प्रति व्यक्ति 2,000 यूरो (लगभग 1,700 पाउंड) तक वसूल रहे हैं। ठीक एक साल पहले यह किराया लगभग 1,300 यूरो हुआ करता था। इसके अतिरिक्त, गिरोहों ने अब यात्रा से पहले पूरी राशि नकद में देने की सख्त शर्त रखी है ताकि प्रवासियों की ओर से सौदे की प्रतिबद्धता सुनिश्चित की जा सके।\n\nग्रेवलाइंस बीच पर देखा गया पूरा घटनाक्रम\nउत्तरी फ्रांस के ग्रेवलाइंस बीच पर सुबह के समय तस्करों के काम करने का नया तरीका सामने आया। सुबह 09:30 बजे प्रवासियों का एक समूह रेत के टीलों से बाहर निकला। इन लोगों ने स्थानीय स्पोर्ट्स शॉप से खरीदी गई नारंगी रंग की लाइफ जैकेट पहन रखी थी। भगदड़ के बजाय प्रवासी बेहद व्यवस्थित तरीके से एक-एक निर्देश का पालन करते हुए पानी की तरफ बढ़े।\n\nप्रवासियों को लेने आई 'टैक्सी बोट' किसी नजदीकी तट के बजाय बेल्जियम की ओर से आई थी, क्योंकि कड़े पहरे के कारण तस्करों को अब अधिक दूरी से नावें रवाना करनी पड़ रही हैं। फ्रांसीसी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब प्रवासी पानी में उतर चुके होते हैं, तब वे डूबने के खतरे को देखते हुए हस्तक्षेप नहीं करते। यह प्रक्रिया कई घंटों तक चलती रही। सुबह 09:49 बजे प्रवासियों का दूसरा समूह पानी में उतरा। इसके बाद अगले तीन घंटों में नाव ने तट के अलग-अलग हिस्सों से कुल 5 बार चक्कर लगाकर 82 लोगों को सवार किया। दोपहर 12:11 बजे तक यह छोटी नाव 82 यात्रियों के साथ दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग में रवाना हो गई और सभी सुरक्षित रूप से ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र में पहुंच गए।\n\nआंकड़ों में चैनल पार करने की स्थिति\nसरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 1 सितंबर 2026 के बीच कुल 16,513 लोगों ने छोटी नावों के जरिए इंग्लिश चैनल पार किया। यह संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 43 प्रतिशत कम है। वर्ष 2020 के बाद से अवैध रूप से ब्रिटेन में प्रवेश करने के लिए छोटी नावें सबसे प्रमुख माध्यम बनी हुई हैं। इनमें से अधिकांश लोग पहुंचने के बाद शरण (आश्रय) की मांग करते हैं।\n\nजुलाई 2025 से जून 2026 के बीच ब्रिटेन में दायर कुल शरण आवेदनों में से 40 प्रतिशत आवेदन छोटी नावों से आए प्रवासियों के थे। 2 सितंबर 2025 से 1 सितंबर 2026 तक ब्रिटेन पहुंची नावों में औसतन प्रति नाव 68 लोग सवार थे, जो 2021 के औसत से दोगुने से भी अधिक है। हालांकि, जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के दौरान ब्रिटेन में कुल आव्रजन की तुलना में इन छोटी नावों के प्रवासियों की हिस्सेदारी मात्र 5 प्रतिशत रही है। जुलाई 2025 से जून 2026 तक आने वालों में 18 प्रतिशत लोग इरिट्रिया के नागरिक थे। इसके अलावा गृह कार्यालय के अनुसार, 2,335 प्रवासियों के मानव तस्करी और आधुनिक गुलामी का शिकार होने की संभावना जताई गई है। वाहन, फेरी और हवाई अड्डों के जरिए बिना अनुमति घुसपैठ करने वाले 4,712 लोग पकड़े गए, जो पिछले साल से 17 प्रतिशत कम है।\n\nतस्करों की बदलती रणनीति और शिविरों का माहौल\nपुलिस गश्त के डर से तस्करों ने अब रात के बजाय दिन के उजाले में नावें उतारना शुरू कर दिया है, जिससे टैक्सी बोट्स को बेहतर समन्वय के साथ संचालित किया जा सके। इसके अलावा, समुद्र पार करने के लिए अनुकूल मौसम की आवश्यकता होती है, जिसमें हवा की गति 5 नॉट से कम और लहरें 0.8 मीटर से नीचे होनी चाहिए। ऐसे मौसम का इंतजार अब दिनों के बजाय हफ्तों और महीनों तक करना पड़ता है।\n\nडंकर्क के पास स्थित लून-प्लाज शिविर और हार्देलो जंगल के आसपास रहने वाले मिस्र, सूडान और अफगानिस्तान के प्रवासियों ने बताया कि पुलिस द्वारा नावें नष्ट किए जाने के कारण वे महीनों से वहां फंसे हुए हैं। फ्रांसीसी दंगा पुलिस ने हाल ही में कई अस्थायी टेंटों को हटा दिया है, जिससे प्रवासियों और तस्करों के बीच हताशा बढ़ गई है। लून-प्लाज में कवरेज के दौरान एक तस्कर ने आक्रामक होकर कैमरामैन पोल पर पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे उनके चेहरे पर चोट आई और टांके लगाने पड़े।\n\nद्विपक्षीय प्रयास और कूटनीतिक बैठक\nब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऐंडी बर्नहैम डाउनिंग स्ट्रीट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अगवानी करने जा रहे हैं। दोनों देश फ्रांसीसी तटों पर पुलिस अधिकारियों की तैनाती बढ़ाने और मानव तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियानों को तेज करने पर सहमत हुए हैं। हालांकि पुलिसिया कार्रवाइयों से आंकड़ों में गिरावट आई है, लेकिन तस्कर गिरोहों के पास अब भी भारी वित्तीय संसाधन हैं और वे लगातार नई तकनीकों के साथ अवैध घुसपैठ कराने में लगे हुए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nइंग्लिश चैनल में मानव तस्करी की इस बदलती रणनीति और अंतरराष्ट्रीय सीमा सुरक्षा कार्रवाई का सीधा असर आव्रजन नीतियों और सुरक्षा इंतजामों पर पड़ रहा है।\n\n• ब्रिटेन में: अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए तटीय सुरक्षा और पुलिस बल पर खर्च बढ़ाया जा रहा है, जिससे यूके की शरण नीति और आव्रजन नियमों में और कड़ाई आएगी।\n• उत्तरी फ्रांस में: तटीय क्षेत्रों में पुलिस गश्त और तलाशी अभियानों में तेजी आई है, जिससे तस्करों के ठिकानों पर सख्ती बढ़ गई है।\n• मानव तस्करी के शिकार प्रवासियों पर: जोखिम भरी यात्राओं के लिए किराए में वृद्धि हुई है और ओवरलोडेड नावों के कारण समुद्री दुर्घटनाओं का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है।\n• यूरोप में कानून व्यवस्था पर: सीमा पार सक्रिय आपराधिक सिंडिकेट्स के खिलाफ ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा साझा सुरक्षा और खुफिया तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. तस्करों ने 'मेगा डिंगी' का इस्तेमाल क्यों शुरू किया है?\nफ्रांसीसी पुलिस द्वारा दो-तिहाई नावों की जब्ती के कारण नावों की कमी हो गई है, जिससे गिरोहों को कम नावों में अधिक प्रवासियों को बैठाना पड़ रहा है।\n\n2. इंग्लिश चैनल पार करने का किराया कितना हो गया है?\nतस्कर अब प्रति व्यक्ति 2,000 यूरो (लगभग 1,700 पाउंड) तक नकद राशि वसूल रहे हैं, जो एक साल पहले 1,300 यूरो थी।\n\n3. 1 जनवरी से 1 सितंबर 2026 तक कितने लोगों ने नावों से चैनल पार किया?\nइस अवधि के दौरान कुल 16,513 लोगों ने नावों से चैनल पार किया, जो पिछले साल की तुलना में 43 प्रतिशत कम है।\n\n4. ब्रिटेन और फ्रांस इस समस्या से निपटने के लिए क्या कर रहे हैं?\nप्रधानमंत्री ऐंडी बर्नहैम और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की बैठक के साथ दोनों देश फ्रांसीसी तटों पर पुलिस अधिकारियों की संख्या बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।",
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  "category": "यूरोप",
  "publishedAt": "2026-09-03",
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    "इंग्लिश चैनल",
    "मानव तस्करी",
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