यूरोपीय सुपरमार्केटों पर संदिग्ध साइबर हमला, फ्रीजरों का तापमान 50 डिग्री कर बर्बाद किया गया खाना बेल्जियम, स्वीडन और आयरलैंड के दर्जनों बड़े सुपरमार्केटों में कूलिंग सिस्टम पर संदिग्ध साइबर अटैक के बाद हजारों यूरो मूल्य का खाना नष्ट हो गया। यूरोप के कई देशों में किराना कारोबार से जुड़ी प्रमुख सुपरमार्केट श्रृंखलाओं को एक संदिग्ध साइबर हमले का सामना करना पड़ा है। इस तकनीकी सेंधमारी ने दुकानों के प्रशीतन संयंत्रों यानी रेफ्रिजरेटर और डीप फ्रीजरों को सीधे तौर पर निशाना बनाया, जिससे भारी मात्रा में रखा खाद्य पदार्थ खराब हो गया। स्टोर संचालकों को नुकसान से बचने और ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हजारों यूरो मूल्य का सामान फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बेल्जियम और स्वीडन के स्टोरों पर व्यापक असर इस तकनीकी घटना का प्रभाव मुख्य रूप से बेल्जियम और स्वीडन में देखा गया है। बेल्जियम की प्रमुख खुदरा विक्रेता श्रृंखला देलहेज (Delhaize) के करीब 40 स्टोर इस हमले की चपेट में आए। कंपनी ने स्पष्ट किया कि 40 दुकानों पर रात के समय एक गंभीर कंप्यूटर गड़बड़ी दर्ज की गई। इसके साथ ही, फ्रांस के स्वामित्व वाली मशहूर सुपरमार्केट चेन कैरेफोर (Carrefour) के बेल्जियम स्थित 15 आउटलेट्स पर भी इसका असर पड़ा, जिसके बाद प्रबंधन ने घटना के कारणों और प्रभावों का आंतरिक विश्लेषण शुरू कर दिया है। स्वीडन में खुदरा बाजार का बड़ा हिस्सा संभालने वाली कंपनियों आईसीए (ICA) और कॉप (Coop) के कई प्रतिष्ठान इस हमले से प्रभावित हुए। आईसीए के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि इस घटना का असर उन कुछ चुनिंदा स्वतंत्र शाखाओं पर पड़ा है जो कंपनी के मुख्य केंद्रीय नेटवर्क से अलग संचालित होती हैं। वर्तमान में मुख्यालय इन प्रभावित दुकानों को स्थिति से निपटने और नुकसान कम करने में तकनीकी सहायता दे रहा है। तापमान को बढ़ाकर 50 डिग्री सेल्सियस पर सेट किया साइबर हमले का सबसे अजीब और गंभीर पहलू कूलिंग यूनिट्स के तापमान में किया गया बदलाव था। दक्षिणी स्वीडन के शोबो (Sjöbo) स्थित आईसीए शाखा के रेफ्रिजरेटर और फ्रीजर रात भर में हैक कर लिए गए। हमलावरों ने डीप फ्रीजरों का तापमान सामान्य शून्य से नीचे रखने के बजाय सीधे 50 डिग्री सेल्सियस (122 डिग्री फारेनहाइट) पर सेट कर दिया। भारी गर्मी के कारण फ्रीजरों में रखा सामान तेजी से पिघलकर नष्ट हो गया। शोबो स्थित यह स्टोर शुरुआत में कामकाज बंद कर चुका था, हालांकि बाद में व्यवस्था बहाल होने पर इसे ग्राहकों के लिए फिर से खोल दिया गया। स्वीडन में कॉप श्रृंखला के कुल 800 स्टोरों में से 7 दुकानें इस गड़बड़ी की चपेट में आईं। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि स्थिति को समय रहते सीमित कर लिया गया है और अब हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। इसके बावजूद कई दुकानों को अपने फ्रीजर पूरी तरह खाली करने पड़े हैं। आयरलैंड तक पहुंची घटना की आंच यह व्यवधान केवल बेल्जियम और स्वीडन तक ही सीमित नहीं रहा। आयरलैंड में भी सुपरवैल्यू (SuperValu) के 13 स्टोरों में इसी प्रकार का प्रभाव देखने को मिला है। विभिन्न खुदरा श्रृंखलाओं में प्रशीतन नेटवर्क को इस तरह एक साथ निशाना बनाए जाने से यूरोप भर के किराना आपूर्ति क्षेत्र में तकनीकी सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। इसका आप पर असर इस घटना से प्रभावित देशों में उपभोक्ताओं को अस्थायी रूप से कुछ खाद्य उत्पादों की अनुपलब्धता का सामना करना पड़ सकता है। • सामान की उपलब्धता: बेल्जियम, स्वीडन और आयरलैंड में प्रभावित आउटलेट्स से फ्रोजन और डेयरी उत्पाद अस्थायी तौर पर नदारद रह सकते हैं। ग्राहकों को अन्य शाखाओं या स्थानीय खुदरा विक्रेताओं से खरीदारी करनी पड़ सकती है। • खाद्य सुरक्षा जांच: सुपरमार्केट संचालकों ने सुरक्षा नियमों के तहत प्रभावित तापमान वाले सभी उत्पादों को फेंक दिया है। इससे दूषित अथवा खराब खाना बाजार में बिकने का जोखिम टल गया है। • स्टोर संचालन समय: कुछ प्रभावित दुकानों को निरीक्षण और सफाई के लिए अस्थाई रूप से बंद रखा गया था। सामान्य संचालन बहाल होने तक उपभोक्ताओं को खुलने के समय की पुष्टि करके ही जाना चाहिए। • इंटरनेट आधारित उपकरणों की सुरक्षा: खुदरा व्यापारियों को अपने वाणिज्यिक कोल्ड स्टोरेज और इंटरनेट से जुड़े तापमान नियंत्रकों की सुरक्षा की समीक्षा करनी होगी। तकनीकी सुरक्षा ऑडिट न कराने पर भविष्य में अन्य कारोबारियों को भी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना सुपरमार्केट श्रृंखलाओं में इंटरनेट से जुड़े वाणिज्यिक प्रशीतन प्रणालियों में अनाधिकृत डिजिटल दखल के कारण हुई। • रिमोट एक्सेस सिस्टम में सेंध: आधुनिक किराना भंडारों में रेफ्रिजरेटर और फ्रीजर तापमान नियंत्रण के लिए केंद्रीय नेटवर्क से जुड़े होते हैं। साइबर हमलावरों ने इन्हीं डिजिटल प्रणालियों में खामियों का फायदा उठाकर तापमान सेटिंग्स में हेरफेर किया। • केंद्रीकृत नेटवर्क से बाहर संचालन: प्रभावित स्वीडिश स्टोर केंद्रीय मुख्य नेटवर्क से अलग संचालित हो रहे थे। स्वतंत्र नेटवर्क विन्यास अक्सर केंद्रीय प्रणालियों की तुलना में सुरक्षा पैचिंग में अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। • जांच अभी जारी: कारवां और देलहेज जैसी प्रमुख कंपनियों ने पुष्टि की है कि तकनीकी घटना की गहन जांच चल रही है। साइबर हमले के वास्तविक स्रोत और अपराधियों की पहचान के संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। सवाल-जवाब 1. किन-किन देशों के सुपरमार्केट इस हमले की चपेट में आए? इस घटना का असर बेल्जियम, स्वीडन और आयरलैंड के सुपरमार्केटों पर पड़ा है। 2. हमलावरों ने फ्रीजरों के तापमान में क्या बदलाव किया? स्वीडन के एक स्टोर में फ्रीजरों का तापमान बदलकर 50 डिग्री सेल्सियस (122 डिग्री फारेनहाइट) कर दिया गया था। 3. बेल्जियम में कौन से प्रमुख स्टोर प्रभावित हुए? बेल्जियम में देलहेज के लगभग 40 स्टोर और कैरेफोर के 15 स्टोर इस घटना से प्रभावित हुए। 4. स्वीडन में कितनी दुकानों पर इसका असर देखा गया? स्वीडन में स्वतंत्र रूप से संचालित कुछ आईसीए स्टोरों के साथ-साथ कॉप के कुल 800 में से 7 स्टोर प्रभावित हुए। 5. आयरलैंड में कौन सी खुदरा श्रृंखला प्रभावित हुई? आयरलैंड में सुपरवैल्यू श्रृंखला की 13 दुकानों पर इसका प्रभाव देखा गया। 6. इस हमले के कारण कंपनियों को क्या नुकसान उठाना पड़ा? फ्रीजरों के गर्म हो जाने की वजह से हजारों यूरो मूल्य का खाना खराब हो गया और उसे फेंकना पड़ा। https://trendkia.com/europe/european-supermarkets-para-sndigdha-saibara-hamala-phrijaron-ka-tapamana-50-digri-kara-barbada-kiya-gaya-khana-55077 TrendKia — Har trend, sabse pehle.