फ्लाईदुबई विमान में 180 जानें बचाने वाले भारतीय पायलट को बेंजामिन नेतन्याहू ने सराहा, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में को-पायलट के जानलेवा हमले के बाद भी सुरक्षित लैंडिंग कराने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन पर बात कर उन्हें वैश्विक हीरो बताया। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुए जानलेवा हमले के बावजूद 180 यात्रियों की जिंदगी सुरक्षित बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के अदम्य साहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान मिला है। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घायल भारतीय पायलट से फोन पर सीधा संपर्क साधा और कॉकपिट संकट के दौरान दिखाए गए उनके असाधारण धैर्य, बहादुरी और त्वरित निर्णय क्षमता की खुलकर सराहना की। बातचीत के दौरान इज़रायली प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित मच्छार को न केवल भारत और इज़रायल, बल्कि पूरी मानवता का नायक करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने कैप्टन मच्छार और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इज़रायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में औपचारिक उत्सव की मुख्य मशाल प्रज्वलित करने का विशेष निमंत्रण भी दिया। नेतन्याहू ने फोन पर की चर्चा, बताया पूरे विश्व का नायक प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट के साथ टेलीफोनिक संवाद में उनकी कुशलक्षेम पूछी और उनके जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की दिली कामना व्यक्त की। बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कहा, "मैं आपको और मेरे प्रिय मित्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हमारे अगले स्वतंत्रता दिवस पर जश्न की मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहता हूं। मैं आपके जल्द और पूरी तरह से ठीक होने की कामना करता हूँ।" इज़रायली नेतृत्व की ओर से दिया गया यह आमंत्रण उस भीषण हवाई संकट के बाद आया है, जिसमें भारतीय पायलट ने गंभीर रूप से लहूलुहान होने के बाद भी अपने पेशेवर दायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और एक बड़े अंतरराष्ट्रीय विमान हादसे को टाल दिया। कॉकपिट में अचानक हुए जानलेवा हमले की खौफनाक दास्तान विमान में 30 सितंबर को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दुबई से तेल अवीव की नियमित यात्रा के दौरान कॉकपिट के भीतर ही अप्रत्याशित हिंसा भड़क उठी। कैप्टन स्मित मच्छार के अनुसार, उड़ान अपने तय मानकों के अनुरूप बेहद सामान्य ढंग से आगे बढ़ रही थी। उसी दौरान विमान का ओमानी को-पायलट नमाज पढ़ने की तैयारी करने लगा, जो किसी भी उड़ान में कोई असामान्य या संदेहास्पद बात नहीं थी। साथी क्रू सदस्य की धार्मिक गतिविधि का पूरा सम्मान करते हुए कैप्टन मच्छार सामने के कंसोल और नेविगेशन पैनल की तरफ देख रहे थे ताकि उनका ध्यान न भटके। तभी अचानक बिना किसी चेतावनी या विवाद के कैप्टन मच्छार के सिर के पिछले हिस्से पर पीछे से बेहद जोरदार और घातक वार किया गया। कैप्टन मच्छार ने उस भयावह पल को याद करते हुए बताया कि पहले तेज प्रहार पर उन्हें लगा कि शायद किसी बाहरी वस्तु या तकनीकी खराबी के चलते विमान को कोई भीषण भौतिक नुकसान पहुंचा है। लेकिन सिर पर एक के बाद एक लगातार कई हमले होने पर उन्हें तुरंत स्पष्ट हो गया कि यह कोई यांत्रिक समस्या नहीं, बल्कि कॉकपिट में मौजूद उनका दूसरा साथी ही उन पर प्राणघातक हमला कर रहा है। हमले के दौरान नियंत्रण खोने से विमान आसमान में अनियंत्रित होकर बेहद खतरनाक गति से गोते खाने लगा था। दो मिनट में 16,000 फीट नीचे गिरा विमान और चमत्कारिक बचाव कॉकपिट के भीतर मचे इस संघर्ष के चलते विमान केवल दो मिनट की बेहद छोटी समयावधि में लगभग 16,000 फीट नीचे गिर गया, जिससे ऑनबोर्ड सिस्टम में आपातकालीन स्थिति पैदा हो गई। गंभीर रूप से घायल कैप्टन ने बताया कि लगातार वार होने के कारण उनकी आंखों के आगे अंधेरा छाने लगा था और दृष्टि पूरी तरह धुंधली पड़ गई थी। दृष्टि बाधित होने और भारी शारीरिक चोटों के बावजूद उन्होंने हमलावर को रोकने का हरसंभव प्रयास किया और यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करते रहे कि विमान जमीन या समुद्र से टकरा न जाए। संकट की गंभीरता को देखते हुए विमान से हाईजैकिंग का डिस्ट्रेस सिग्नल प्रसारित किया गया। चरम शारीरिक पीड़ा और धुंधली नजर के बीच कैप्टन स्मित मच्छार ने असाधारण सूझबूझ का परिचय देते हुए इमरजेंसी लैंडिंग कराई और फ्लाइट में सवार सभी 180 यात्रियों एवं चालक दल के सदस्यों को नया जीवन दिया। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कॉकपिट सुरक्षा प्रोटोकॉल और भारतीय विमानन पेशेवरों के वैश्विक सम्मान पर इस घटना का सीधा असर देखने को मिलेगा। • हवाई यात्रियों के लिए: मध्य पूर्व और खाड़ी देशों के बीच उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए एयरलाइंस सुरक्षा और कॉकपिट एक्सेस नियमों को और सख्त कर सकती हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बोर्डिंग और सुरक्षा जांच प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लग सकता है। • भारतीय पायलटों के लिए: वैश्विक स्तर पर भारतीय वाणिज्यिक पायलटों के उच्च प्रशिक्षण और संकट प्रबंधन कौशल की साख और मजबूत हुई है। अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में भारतीय कमांडरों के नेतृत्व और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर भरोसा बढ़ेगा। • कूटनीतिक संबंधों पर: इस साहसिक घटना के बाद भारत और इज़रायल के बीच नागरिक और कूटनीतिक सद्भाव को नई मजबूती मिलेगी। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद और साझा समारोहों से रणनीतिक रिश्ते गहरे होंगे। • उड्डयन नियमों पर: एकल-पायलट नियंत्रण और उड़ान के दौरान इन-फ्लाइट व्यक्तिगत गतिविधियों की निगरानी को लेकर वैश्विक विमानन नियामक नए दिशा-निर्देश तैयार कर सकते हैं। आपातकालीन स्थितियों में दो-व्यक्ति कॉकपिट नियम के अनुपालन की समीक्षा अनिवार्य हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह अंतरराष्ट्रीय संकट 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में ओमानी को-पायलट द्वारा किए गए अचानक और अकारण हमले के बाद पैदा हुआ। • अचानक हुआ शारीरिक हमला: उड़ान के दौरान को-पायलट ने नमाज पढ़ने के बहाने मुख्य पायलट का ध्यान भटकते ही कैप्टन स्मित मच्छार के सिर के पिछले हिस्से पर लगातार जानलेवा वार किए। इस अप्रत्याशित हमले ने विमान के सामान्य संचालन को अचानक बाधित कर दिया। • विमान का अनियंत्रित होना: पायलट पर हुए प्रहारों और कॉकपिट में मचे संघर्ष के कारण विमान नियंत्रण से बाहर हो गया और केवल दो मिनट के भीतर लगभग 16,000 फीट नीचे गिर गया। इसके बाद विमान से तत्काल हाईजैकिंग का आपातकालीन संकेत भेजा गया। • नेतन्याहू की प्रतिक्रिया का कारण: उड़ान तेल अवीव की तरफ जा रही थी और विमान में सवार सभी 180 लोगों की जान एक भारतीय पायलट की सूझबूझ से बची। इसी असाधारण बहादुरी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए इज़रायली प्रधानमंत्री ने पायलट को सम्मानित करने और स्वतंत्रता दिवस पर आमंत्रित करने का निर्णय लिया। सवाल-जवाब 1. बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार को क्यों फोन किया? नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई फ्लाइट में कॉकपिट हमले के बाद 180 यात्रियों की जान बचाने में कैप्टन मच्छार के अदम्य साहस की सराहना करने और उनका हालचाल जानने के लिए फोन किया था। 2. नेतन्याहू ने भारतीय पायलट और पीएम मोदी को क्या न्योता दिया? उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इज़रायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह पर औपचारिक जश्न की मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। 3. फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर क्या हुआ था? 30 सितंबर को उड़ान के दौरान नमाज पढ़ रहे ओमानी को-पायलट ने अचानक कैप्टन मच्छार के सिर के पिछले हिस्से पर कई घातक वार कर उन पर हमला कर दिया था। 4. हमले के दौरान विमान कितनी ऊंचाई से नीचे गिरा था? कॉकपिट में मचे संघर्ष के बीच विमान मात्र दो मिनट के भीतर लगभग 16,000 फीट नीचे गिर गया था। 5. गंभीर रूप से घायल होने के बाद कैप्टन मच्छार की हालत कैसी थी? शुरुआती हमलों के बाद उनकी आंखों की रोशनी बेहद धुंधली हो गई थी, फिर भी उन्होंने हमलावर को रोकने का प्रयास किया और आपातकालीन लैंडिंग कराकर सभी 180 लोगों की जान बचाई। प्रेरणा और सबक कैप्टन स्मित मच्छार का यह साहसिक कदम साबित करता है कि चरम संकट और शारीरिक आघात के बीच भी कर्तव्यनिष्ठा और मानसिक दृढ़ता से असंभव को संभव बनाया जा सकता है। • चरम दबाव में अटूट संयम: सिर पर गंभीर चोटें लगने और आंखों के सामने अंधेरा छाने के बावजूद कैप्टन ने घबराने के बजाय नियंत्रण वापस पाने पर ध्यान केंद्रित किया। जीवन के सबसे बड़े संकट में भी मानसिक संतुलन बनाए रखना ही विजय दिलाता है। • पेशेवर जिम्मेदारी की प्राथमिकता: व्यक्तिगत पीड़ा और जानलेवा हमले का सामना करते हुए भी उन्होंने 180 यात्रियों की सुरक्षा को अपने दर्द से ऊपर रखा। अपने दायित्व के प्रति पूर्ण समर्पण ही एक सच्चे पेशेवर की असली पहचान है। • विपरीत परिस्थितियों में त्वरित निर्णय: विमान के 16,000 फीट नीचे गिरने के दौरान धुंधली नजर के बावजूद आपातकालीन लैंडिंग कराना त्वरित प्रतिक्रिया की मिसाल है। हालात कितने भी प्रतिकूल हों, सही समय पर उठाया गया सही कदम जिंदगियां बचा सकता है। https://trendkia.com/europe/flydubai-vimana-men-180-janen-bachane-vale-bharatiya-payalata-ko-benjamin-netanyahu-ne-saraha-svatntrata-divasa-para-mashala-jalan-42537 TrendKia — Har trend, sabse pehle.