फ्रांस में 186 साल रहने के बाद दुर्लभ एज्टेक पांडुलिपि मैक्सिको में प्रदर्शित एज्टेक सभ्यता के इतिहास और पतन को पिक्टोग्राम में दर्ज करने वाला ऐतिहासिक कोडेक्स अजकाटिटलान फ्रांस से 186 वर्षों बाद मैक्सिको लाया गया है, जहां इसे नेशनल म्यूजियम ऑफ एंथ्रोपोलॉजी में प्रदर्शित किया जा रहा है। एज्टेक सभ्यता की गाथा और स्पैनिश आक्रमणकारियों के आने के बाद उसके पतन का सजीव चित्रांकन करने वाली सदियों पुरानी पांडुलिपि को 186 साल बाद पहली बार मैक्सिको में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखा गया है। चित्रों और पिक्टोग्राम के जरिए ऐतिहासिक घटनाओं को समेटे इस दुर्लभ दस्तावेज को कोडेक्स अजकाटिटलान के नाम से जाना जाता है। लंबे समय से यह ऐतिहासिक धरोहर यूरोप में संरक्षित थी, जिसे अब एक द्विपक्षीय सांस्कृतिक समझौते के तहत अस्थायी रूप से मैक्सिको लाया गया है। पेरिस के संग्रह से मैक्सिको सिटी के संग्रहालय तक कोडेक्स अजकाटिटलान वर्ष 1898 से फ्रांस की बिब्लियोथेक नेशनल में सुरक्षित रखा गया है। हालांकि, पेरिस के इस राष्ट्रीय पुस्तकालय में पहुंचने से पहले भी यह दस्तावेज कई दशकों तक मैक्सिको की सीमाओं से बाहर विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहा था। विशेषज्ञों और इतिहासकारों का मानना है कि इस अनूठे दस्तावेज को 16वीं शताब्दी में तैयार किया गया था। इसका निर्माण स्पैनिश विजेताओं के उस इलाके में आगमन के कुछ ही वर्षों बाद हुआ था, जिसे आज मैक्सिको के नाम से जाना जाता है। इतिहासकारों के बीच कोडेक्स अजकाटिटलान को एज्टेक समुदाय के जीवन, उनकी संस्कृति और उनके सामाजिक ताने-बाने को समझने के सबसे मूल्यवान और प्रामाणिक स्रोतों में गिना जाता है। इस पांडुलिपि के पन्नों पर अंकित चित्र स्पैनिश विजेता हर्नान कोर्टेस के मैक्सिको आगमन और टेनोच्टिटलान की रक्षा के लिए एज्टेक योद्धाओं द्वारा लड़े गए संघर्ष को विस्तार से दर्शाते हैं। द्विपक्षीय संबंधों के दो सौ साल और सांस्कृतिक विनिमय फ्रांस ने मैक्सिको के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कोडेक्स अजकाटिटलान को उधार दिया है। इस कूटनीतिक और ऐतिहासिक अवसर पर दोनों देशों के बीच दस्तावेजों का परस्पर आदान-प्रदान तय हुआ। इस समझौते के तहत मैक्सिको ने भी अपना एक अमूल्य ऐतिहासिक दस्तावेज, कोडेक्स बोटुरिनी, फ्रांस में प्रदर्शित किए जाने के लिए उधार देने की सहमति दी है। कोडेक्स बोटुरिनी भी पिक्टोग्राम शैली में तैयार किया गया दस्तावेज है। इसमें एज्टेक समुदाय, जिन्हें मेक्सिका भी कहा जाता है, के अपने पुश्तैनी इलाके से टेक्सकोको झील के तटों की ओर हुए प्रवास का पूरा वृत्तांत मिलता है। इसी स्थान पर बाद में उन्होंने अपने ऐतिहासिक शहर टेनोच्टिटलान की स्थापना की थी। दोनों देशों के बीच इन दोनों ऐतिहासिक कोडेक्स की इस अस्थायी अदला-बदली पर मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सहमति जताई थी। यह समझौता पिछले साल इमैनुएल मैक्रों की मैक्सिको यात्रा के दौरान तय हुआ था। ऐतिहासिक धरोहरों की वापसी और सार्वजनिक प्रदर्शन मैक्सिको कई दशकों से उन तमाम ऐतिहासिक कलाकृतियों और पांडुलिपियों को वापस लाने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है, जिन्हें पिछली सदियों के दौरान देश से बाहर ले जाया गया था। सांस्कृतिक संपदा की सुरक्षा और वापसी को लेकर मैक्सिको सरकार लगातार सक्रिय रही है। मैक्सिको के विदेश संबंध मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल ही देश की 2,000 से अधिक ऐतिहासिक वस्तुओं को सफलतापूर्वक स्वदेश वापस लाया गया था। अब इस समझौते के क्रियान्वयन के साथ कोडेक्स अजकाटिटलान को मैक्सिको सिटी स्थित नेशनल म्यूजियम ऑफ एंथ्रोपोलॉजी में गुरुवार से आम जनता के अवलोकन के लिए प्रदर्शित किया जा रहा है। सदियों बाद अपने मूल देश में लौटे इस दस्तावेज को देखने के लिए इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं में खासा उत्साह है। इसका आप पर असर इस ऐतिहासिक दस्तावेज के प्रदर्शन से प्राचीन सभ्यताओं के अध्ययन और सांस्कृतिक कूटनीति पर सीधा असर पड़ेगा। • इतिहास प्रेमियों के लिए: मैक्सिको में लोग 186 साल बाद इस दुर्लभ पांडुलिपि को अपने देश में देख सकेंगे। यह प्रदर्शनी नेशनल म्यूजियम ऑफ एंथ्रोपोलॉजी में गुरुवार से आम जनता के लिए उपलब्ध हो रही है। • सांस्कृतिक कूटनीति पर: फ्रांस और मैक्सिको के 200 साल के राजनयिक संबंधों में यह एक बड़ा सांस्कृतिक सहयोग है। दोनों देशों ने स्थायी विवाद के बजाय पांडुलिपियों के परस्पर आदान-प्रदान का रास्ता चुना है। • कलाकृतियों की वापसी पर: यह घटना उन वैश्विक प्रयासों को बल देती है जिनके तहत ऐतिहासिक धरोहरों को उनके मूल देशों में प्रदर्शित किया जाता है। पिछले साल मैक्सिको ने 2,000 से ज्यादा पुरानी वस्तुएं वापस हासिल की थीं। • शोधकर्ताओं के लिए: एज्टेक और स्पैनिश काल के संधिकाल को समझने के लिए नए अकादमिक अवसर मिलेंगे। शोधकर्ता 16वीं सदी के वास्तविक पिक्टोग्राम का प्रत्यक्ष अध्ययन कर सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ यह सांस्कृतिक विनिमय दोनों देशों के कूटनीतिक इतिहास और ऐतिहासिक धरोहरों को साझा करने की पहल के कारण संभव हुआ है। फ्रांस और मैक्सिको ने अपने दो सौ साल पुराने संबंधों को रेखांकित करने के लिए इस परस्पर प्रदर्शनी पर सहमति बनाई। • द्विपक्षीय संबंधों का ऐतिहासिक अवसर: फ्रांस और मैक्सिको के बीच राजनयिक संबंधों के 200 साल पूरे हुए हैं। इसी उपलक्ष्य में फ्रांस ने कोडेक्स अजकाटिटलान को मेक्सिको को अस्थायी रूप से सौंपने का फैसला किया। • शीर्ष नेतृत्व का समझौता: मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस आदान-प्रदान को औपचारिक रूप दिया। यह सहमति मैक्रों की पिछले साल हुई मैक्सिको यात्रा के दौरान बनी थी। • परस्पर सांस्कृतिक लेन-देन: फ्रांस के इस कदम के बदले में मैक्सिको ने अपनी अमूल्य धरोहर कोडेक्स बोटुरिनी को फ्रांस में प्रदर्शित करने की अनुमति दी। इस तरह दोनों देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के यहां संरक्षित इतिहास देखने का अवसर मिला। • मैक्सिको का निरंतर कूटनीतिक प्रयास: मैक्सिको लंबे समय से विदेशों में मौजूद अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को वापस लाने या प्रदर्शित करने की मांग करता रहा है। देश के विदेश मंत्रालय ने पिछले साल ही 2,000 से अधिक कलाकृतियों की वापसी सुनिश्चित की थी। सवाल-जवाब 1. कोडेक्स अजकाटिटलान क्या है? यह 16वीं शताब्दी की एक ऐतिहासिक पांडुलिपि है, जो पिक्टोग्राम के जरिए एज्टेक सभ्यता के इतिहास और स्पैनिश आक्रमणकारियों से उनके संघर्ष को दर्शाती है। 2. यह पांडुलिपि कितने समय बाद मैक्सिको लौटी है? कोडेक्स अजकाटिटलान 186 वर्षों बाद पहली बार मैक्सिको में प्रदर्शित की जा रही है। 3. यह दस्तावेज अब तक कहां रखा हुआ था? यह दस्तावेज वर्ष 1898 से फ्रांस की बिब्लियोथेक नेशनल में संरक्षित था। 4. फ्रांस ने यह दस्तावेज मैक्सिको को क्यों दिया है? फ्रांस और मैक्सिको के बीच राजनयिक संबंधों के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसे अस्थायी रूप से प्रदर्शित करने के लिए उधार दिया गया है। 5. इसके बदले मैक्सिको फ्रांस को कौन सा दस्तावेज दे रहा है? मैक्सिको ने फ्रांस को कोडेक्स बोटुरिनी नामक पांडुलिपि उधार देने पर सहमति दी है। 6. कोडेक्स बोटुरिनी किस बारे में है? कोडेक्स बोटुरिनी एज्टेक लोगों के अपने पुश्तैनी स्थान से टेक्सकोको झील तक के प्रवास और टेनोच्टिटलान बसाने की कहानी बयां करता है। 7. यह प्रदर्शनी मैक्सिको में कहां आयोजित की जा रही है? यह प्रदर्शनी मैक्सिको सिटी स्थित नेशनल म्यूजियम ऑफ एंथ्रोपोलॉजी में गुरुवार से शुरू हो रही है। 8. पिछले साल मैक्सिको ने कितनी कलाकृतियां वापस हासिल की थीं? मैक्सिको के विदेश संबंध मंत्रालय के अनुसार, पिछले साल 2,000 से अधिक कलाकृतियां सफलतापूर्वक वापस लाई गई थीं। https://trendkia.com/europe/france-men-186-sala-rahane-ke-bada-durlabha-aztec-pandulipi-mexico-men-pradarshita-33836 TrendKia — Har trend, sabse pehle.