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  "type": "article",
  "title": "जेनोआ पुल हादसे में पूर्व अधिकारी जियोवानी कास्टेलुची को 12 साल की जेल, अदालत ने 57 आरोपियों पर सुनाया फैसला",
  "summary": "जेनोआ की एक अदालत ने अगस्त 2018 में मोरांडी पुल गिरने से 43 लोगों की मौत के मामले में मोटरवे कंपनी एस्पी के पूर्व प्रमुख जियोवानी कास्टेलुची को 12 साल जेल की सजा सुनाई है। इस मामले में कुल 57 आरोपियों पर मुकदमा चल रहा था, जिनमें से कुछ को सजा मिली तो कुछ बरी कर दिए गए।",
  "content": "इटली के जेनोआ शहर की एक अदालत ने मोरांडी पुल हादसे से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। इस हादसे में अगस्त 2018 में 43 लोगों की जान गई थी। अदालत ने मोटरवे कंपनी एस्पी, यानी ऑटोस्ट्राडे पेर ल'इटालिया, के पूर्व चीफ एग्जीक्यूटिव जियोवानी कास्टेलुची को 12 साल जेल की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष ने इससे कहीं ज़्यादा सख्त सजा की मांग की थी, लेकिन 12 साल की यह सजा भी उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो पिछले सात साल से इंसाफ का इंतज़ार कर रहे थे। यह मुकदमा दर्जनों इंजीनियरों, अधिकारियों और कंपनी के पूर्व अफसरों से जुड़े सबूतों से गुजरते हुए आखिरकार इस हफ्ते फैसले तक पहुंचा है।\n\nबारिश में गिरा था पूरा पुल\nमोरांडी पुल जेनोआ शहर से गुजरने वाला एक बड़ा मोटरवे पुल था। अगस्त 2018 में छुट्टियों के सीज़न के दौरान भारी बारिश के बीच इसका एक बड़ा हिस्सा बिना किसी चेतावनी के अचानक ढह गया था। पुल पर मौजूद कारें और ट्रक सीधे नीचे जा गिरे थे, मानो पैरों तले से सड़क ही गायब हो गई हो। इस हादसे में 43 लोगों की मौत हो गई थी, जिसे इटली के इतिहास के सबसे भयानक इंफ्रास्ट्रक्चर हादसों में गिना जाता है। यह पुल इंजीनियर रिकार्डो मोरांडी ने 1967 में डिज़ाइन किया था, यानी हादसे से करीब पांच दशक पहले, और तब से यह शहर के सबसे व्यस्त मोटरवे रास्तों में से एक था।\n\nकिसे मिली कितनी सजा\nजियोवानी कास्टेलुची जेनोआ में चल रहे इस मुकदमे के कुल 57 आरोपियों में से एक थे। उन पर हत्या जैसे गंभीर आरोप और पुल के रखरखाव में लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। फैसला न्यायाधीश पाओलो लेप्री ने सुनाया, हालांकि कास्टेलुची खुद अदालत में मौजूद नहीं थे। वह पहले से ही 2013 के एक सड़क हादसे के मामले में छह साल की सजा काट रहे हैं, यानी मोरांडी मामले की यह सजा उनकी पहले से चल रही सजा के ऊपर जुड़ेगी।\n\nएक और वरिष्ठ मोटरवे अधिकारी मिकेले डोनफेर्री मितेल्ली को 11 साल जेल की सजा सुनाई गई। मोटरवे कंपनी में पहले नंबर दो अधिकारी रहे पाओलो बर्ती को साढ़े पांच साल की सजा मिली, जो अभियोजन पक्ष की मांग से सात साल कम है। कई और अधिकारियों को करीब दो साल से कुछ कम की सजा सुनाई गई। वहीं 57 में से 25 आरोपियों को या तो बरी कर दिया गया या फिर उनका मामला तय समय-सीमा खत्म होने की वजह से खारिज कर दिया गया, यानी उन पर मुकदमा चलाने की कानूनी समय-सीमा ही पार हो चुकी थी।\n\nअभियोजन पक्ष ने शुरुआत में सभी 57 आरोपियों के लिए मिलाकर कुल 400 साल की सजा मांगी थी। अदालत ने लगभग हर मामले में इससे कहीं कम सजा सुनाई, जिसकी वजह से कुछ पीड़ित परिवार फैसले से संतुष्ट नज़र आए तो कुछ को लगा कि सजा नाकाफी रही।\n\nकिसी को राहत, किसी को गुस्सा\nएमानुएल डियाज़ के भाई हेनरी की मौत इसी हादसे में हुई थी। उन्होंने इतालवी टीवी से कहा कि वह फैसले से \"बेहद संतुष्ट\" हैं। वहीं एग्ले पोसेत्ती, जिनकी बहन और बहन का पूरा परिवार इस हादसे में मारा गया था, ने कहा कि कास्टेलुची को मिली 12 साल की सजा उन्हें \"स्वीकार्य\" लगती है। ज़्यादातर पीड़ित परिवारों की प्रतिक्रिया कुछ इसी तरह की रही, यानी उन्होंने इस फैसले को अधूरा ही सही मगर इंसाफ की दिशा में एक जरूरी कदम माना।\n\nलेकिन हर किसी को यह फैसला संतोषजनक नहीं लगा। 18 साल के चेज़ारे के पिता आंद्रेया चेरुल्ली भी उन 43 मृतकों में शामिल थे। चेज़ारे ने कहा कि उन्हें एस्पी की माफी सिर्फ \"घड़ियाली आंसू\" लगती है। उन्होंने आगे कहा, \"दुर्भाग्य से इन लोगों में न तो तमीज़ है और न ही इंसानियत।\"\n\nअभियोजन और बचाव पक्ष की अलग-अलग दलीलें\nसभी 57 आरोपियों ने मुकदमे के दौरान किसी भी तरह की गलती से इनकार किया। अभियोजन पक्ष का कहना था कि इस पुराने ढांचे का रखरखाव बार-बार टाला जाता रहा और चेतावनी के साफ संकेत मिलने के बावजूद जिम्मेदार लोगों ने उन्हें नज़रअंदाज़ किया। बचाव पक्ष के वकीलों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए हादसे की असली वजह 1967 के मूल डिज़ाइन की खामी और एक खास केबल को कंक्रीट में दबाए जाने को बताया, जिसकी वजह से आने वाले दशकों में उस केबल की सही जांच और रखरखाव संभव ही नहीं हो पाया।\n\nआरोपियों की सूची सिर्फ एस्पी के अधिकारियों तक सीमित नहीं थी। इसमें पुल के रखरखाव और निरीक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनी स्पेआ के इंजीनियर, इटली के परिवहन मंत्रालय के पूर्व अधिकारी और हादसे के समय एस्पी की मूल कंपनी रही एटलांटिया के पूर्व अधिकारी भी शामिल थे। स्पेआ के पूर्व चीफ एग्जीक्यूटिव अंतोनिनो गलाता को साढ़े पांच साल की सजा मिली, जबकि परिवहन मंत्रालय के मोटरवे विभाग के पूर्व प्रमुख मौरो कोलेत्ता को पांच साल की सजा सुनाई गई।\n\nएस्पी की माफी, चेज़ारे को नहीं आया रास\nफैसला आने से एक दिन पहले एस्पी के मौजूदा प्रमुख अरिगो जियाना ने पुल हादसे को लेकर कंपनी की तरफ से पहली बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि \"कुछ लोगों के फैसलों और कामों ने ऐसे जख्म दिए हैं जो कभी नहीं भरेंगे।\" लेकिन अपने पिता को खो चुके चेज़ारे के लिए यह माफी बहुत देर से आई और उन्हें इसमें कोई ईमानदारी नज़र नहीं आई।\n\nमेयर बोलीं, यह राज्य पर बकाया एक जिम्मेदारी थी\nफैसला सुनाए जाने के दिन जेनोआ की मेयर सिल्विया सालिस भी अदालत में मौजूद रहीं। उन्होंने इस दिन को शहर के लिए बेहद ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप से भारी बताया। उनका कहना था कि मोरांडी पुल हादसे की जिम्मेदारी तय करने की दिशा में आखिरकार पहला कदम उठ चुका है और यह वह पल है जो राज्य पर पीड़ित परिवारों का बकाया था, क्योंकि वे 14 अगस्त 2018 की उस मनहूस तारीख से ही इसका इंतज़ार कर रहे थे।\n\nपुराने पुल की जगह अब सान जियोर्जियो पुल\nपुराने मोरांडी पुल के बचे हुए हिस्से को 2019 की शुरुआत में नियंत्रित विस्फोट से गिरा दिया गया था, जिससे नए निर्माण का रास्ता साफ हुआ। इसके अगले ही साल, यानी हादसे के ठीक दो साल बाद, उसी जगह नया सान जियोर्जियो पुल बनकर तैयार हो गया और उसका उद्घाटन कर दिया गया, जो इतने बड़े ढांचे के लिहाज से असामान्य रूप से तेज़ निर्माण था। इस नए पुल को जेनोआ में जन्मे मशहूर आर्किटेक्ट रेंज़ो पियानो ने डिज़ाइन किया है, जिसके खंभे जहाज़ के पाल जैसे दिखते हैं और यह इस बंदरगाह शहर के पुराने समुद्री इतिहास की याद दिलाते हैं। नया पुल जितनी तेज़ी से बनकर तैयार हुआ, उसके मुकाबले पुराने हादसे को लेकर चल रहे इस आपराधिक मुकदमे को फैसले तक पहुंचने में सात साल का वक्त लग गया, और इनमें से कई सजाओं के खिलाफ आगे अपील होने की भी संभावना है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मोरांडी पुल के साथ क्या हुआ था?\nअगस्त 2018 में भारी बारिश के दौरान जेनोआ के मोरांडी पुल का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया था, जिसमें 43 लोगों की मौत हो गई थी।\n\n2. जियोवानी कास्टेलुची को कितनी सजा मिली?\nएस्पी के पूर्व चीफ एग्जीक्यूटिव जियोवानी कास्टेलुची को 12 साल जेल की सजा सुनाई गई है।\n\n3. कुल कितने लोगों पर मुकदमा चल रहा था?\nइस मामले में कुल 57 लोगों पर मुकदमा चल रहा था।\n\n4. बाकी आरोपियों का क्या हुआ?\nमिकेले डोनफेर्री मितेल्ली को 11 साल, पाओलो बर्ती को साढ़े पांच साल, अंतोनिनो गलाता को साढ़े पांच साल और मौरो कोलेत्ता को पांच साल की सजा मिली, जबकि 25 आरोपी या तो बरी हो गए या मामला समय-सीमा खत्म होने से खारिज हो गया।\n\n5. अभियोजन पक्ष ने शुरुआत में कितनी सजा मांगी थी?\nअभियोजन पक्ष ने सभी 57 आरोपियों के लिए मिलाकर कुल 400 साल की सजा मांगी थी।\n\n6. हादसे की वजह को लेकर अभियोजन और बचाव पक्ष में क्या मतभेद था?\nअभियोजन पक्ष ने रखरखाव में लापरवाही और चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया, जबकि बचाव पक्ष ने 1967 के डिज़ाइन की खामी और कंक्रीट में दबी एक केबल को वजह बताया।\n\n7. क्या एस्पी ने माफी मांगी?\nहां, एस्पी के मौजूदा प्रमुख अरिगो जियाना ने फैसले से एक दिन पहले पहली बार सार्वजनिक माफी मांगी, हालांकि पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने इसे \"घड़ियाली आंसू\" बताया।\n\n8. पुराने मोरांडी पुल की जगह अब क्या बना है?\nउसकी जगह सान जियोर्जियो पुल बनाया गया है, जिसे आर्किटेक्ट रेंज़ो पियानो ने डिज़ाइन किया और जो हादसे के दो साल बाद ही तैयार हो गया था।\n\n9. क्या कास्टेलुची पहले से किसी और मामले में सजा काट रहे हैं?\nहां, वह 2013 के एक सड़क हादसे के मामले में पहले से छह साल की सजा काट रहे हैं।",
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  "category": "यूरोप",
  "publishedAt": "2026-07-16",
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    "मोरांडी पुल हादसा",
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