जर्मनी में बिजली ग्रिड पर रॉकेट हमले का संदिग्ध गिरफ्तार, वाइजवाइलर पावर प्लांट के पास पकड़ा गया डैनियल वी जर्मनी के तीन राज्यों में बिजली ग्रिड को निशाना बनाकर रॉकेट और विस्फोटकों से हमले करने वाले 48 वर्षीय संदिग्ध डैनियल वी को पुलिस ने वाइज़वाइलर पावर प्लांट के पास गिरफ्तार कर लिया है। पश्चिमी जर्मनी में राष्ट्रीय बिजली ग्रिड पर सिलसिलेवार तोड़फोड़ अभियानों के बाद कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने 48 वर्षीय संदिग्ध को कई दिनों की खोजबीन के बाद गिरफ्तार कर लिया है। कोलोन पुलिस ने मंगलवार को संदिग्ध को एक प्रमुख बिजली संयंत्र के निकट उस समय हिरासत में लिया जब वह अपने साथ विस्फोटक सामग्री ले जा रहा था। तलाशी के दौरान पास की झाड़ियों में बने एक तंबू से और भी विस्फोटक उपकरण बरामद हुए, जिन्हें खतरनाक तरीके से सेट किया गया था। पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी के तीन राज्यों में हाई-वोल्टेज बिजली लाइनों को रॉकेट और विस्फोटकों से निशाना बनाए जाने के बाद यह गिरफ्तारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वाइज़वाइलर पावर प्लांट के पास नाटकीय गिरफ्तारी मंगलवार को पुलिस द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान 48 वर्षीय संदिग्ध को पश्चिमी जर्मनी में स्थित वाइज़वाइलर पावर प्लांट के पास दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के समय आरोपी विस्फोटक सामग्री अपने साथ ले जा रहा था, जिससे तुरंत सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। इसके बाद जब पुलिस टीमों ने पावर प्लांट के आसपास के इलाके की गहन तलाशी ली, तो घनी झाड़ियों में छिपा हुआ एक तंबू मिला जिसमें अतिरिक्त विस्फोटक उपकरण लगाए गए थे। संदिग्ध की गिरफ्तारी के तुरंत बाद बम निरोधक विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया गया ताकि जब्त किए गए विस्फोटकों की जांच की जा सके और उन्हें सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया जा सके। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों ने आसपास के इलाकों में यह जांचने के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया कि कहीं बिजली संयंत्र या ट्रांसमिशन लाइनों के पास कोई अन्य उपकरण तो नहीं छिपाया गया है। कोलोन लोक अभियोजक कार्यालय और कोलोन पुलिस द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में संदिग्ध को हिरासत में लेने की पुष्टि की गई, हालांकि जांच एजेंसियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी की पृष्ठभूमि या मामलों की कुल संख्या पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। रॉकेट और शॉर्ट सर्किट से तोड़फोड़ की रणनीति जांच अधिकारियों ने पाया कि पिछले एक हफ्ते के दौरान जर्मनी के पावर ग्रिड पर हुए हमलों में एक खास और असामान्य तरीका अपनाया गया था। संदिग्ध ने बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचाने के लिए रॉकेट और विशेष लॉन्च उपकरणों का इस्तेमाल किया। इन रॉकेटों के जरिए हाई-वोल्टेज बिजली के तारों पर चालित तार दागे जाते थे, जिससे तार आपस में जुड़ते ही भीषण शॉर्ट सर्किट हो जाता था। मंगलवार को हुई गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले, सोमवार दोपहर को पुलिस ने वाइज़वाइलर पावर प्लांट के पास हाई-वोल्टेज लाइनों के करीब कई रॉकेट लॉन्च उपकरण और एक कबूलनामा पत्र बरामद किया था। इन रॉकेट हमलों के कारण ट्रांसमिशन नेटवर्क में अत्यधिक वोल्टेज उतार-चढ़ाव उत्पन्न हुआ, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से कई पावर प्लांटों की बिजली उत्पादन इकाइयों को अस्थायी रूप से ग्रिड से हटाना पड़ा ताकि बड़ा नुकसान न हो। कबूलनामे के पत्र और गेवेल्सबर्ग का कनेक्शन मैनहंट के दौरान कोलोन पुलिस ने संदिग्ध की तस्वीरें जर्मन मीडिया में जारी की थीं, जहां उसकी पहचान डैनियल वी के रूप में की गई है। जर्मनी के कड़े निजता कानूनों के कारण आपराधिक मामलों में आरोपियों का पूरा उपनाम सार्वजनिक नहीं किया जाता है। गिरफ्तारी से पहले, जर्मन मीडिया संस्थानों को हमलों की जिम्मेदारी लेने वाले कुछ हस्तलिखित पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें प्रसिद्ध समाचार पत्र फ्रैंकफर्टर ऑलगेमाइन जाइटुंग भी शामिल था। मीडिया और जांचकर्ताओं द्वारा पत्रों के विश्लेषण से पता चला कि इन पत्रों में पावर ग्रिड पर हुए हमलों से जुड़ी ऐसी गोपनीय जानकारी मौजूद थी जो पुलिस ने अभी तक सार्वजनिक नहीं की थी। पत्रों पर केवल पहला नाम डैनियल लिखा हुआ था और उसमें गेवेल्सबर्ग शहर का एक रिहायशी पता दर्ज था। इस सुराग के आधार पर कोलोन पुलिस ने गेवेल्सबर्ग निवासी 48 वर्षीय व्यक्ति की तलाश तेज की और उसके अपार्टमेंट पर छापेमारी कर अतिरिक्त विस्फोटक सामग्री जब्त की थी। तीन राज्यों में नेटवर्क और ब्लैकआउट की चेतावनी जर्मनी के बिजली बुनियादी ढांचे पर हुए ये हमले तीन अलग-अलग राज्यों में फैले हुए थे। इनमें पूर्वी जर्मनी के ब्रांडेनबर्ग और सेक्सनी राज्य के साथ-साथ पश्चिमी जर्मनी का नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया राज्य शामिल है। इतनी बड़ी भौगोलिक दूरी पर हमलों को अंजाम देना यह दर्शाता है कि संदिग्ध ने अत्यंत सतर्कता और योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न ट्रांसमिशन टावरों को निशाना बनाया था। इस तोड़फोड़ के दायरे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले सेक्सनी राज्य में पिछले शुक्रवार और शनिवार को हाई-वोल्टेज पावर लाइनों के पास 21 उपकरण बरामद किए गए थे। इस गंभीर स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री अर्मिन शूस्टर ने स्वीकार किया कि इन हमलों की वजह से क्षेत्र में बड़ा बिजली ब्लैकआउट हो सकता था, जिससे लाखों नागरिक प्रभावित हो सकते थे। हालांकि, गृह मंत्री ने मामले में किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दी। इस घटना के असामान्य तरीके पर बोलते हुए गृह मंत्री अर्मिन शूस्टर ने कहा, "जिस तरह से इस वारदात को अंजाम दिया गया, वह इस मामले को असामान्य बनाता है, साथ ही कबूलनामे का तरीका भी बेहद अलग है।" फॉरेंसिक जांच और बिजली ग्रिड की सुरक्षा गिरफ्तारी के बाद फॉरेंसिक विशेषज्ञ और संघीय पुलिस दल बरामद किए गए रॉकेट लॉन्च सिस्टम, विस्फोटक रसायनों और हस्तलिखित पत्रों की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ी जा सके। जर्मनी भर में ग्रिड ऑपरेटरों ने बिजली सबस्टेशनों और मुख्य ट्रांसमिशन कॉरिडोर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है ताकि किसी भी अन्य अप्रत्याशित खतरे से निपटा जा सके। लोक अभियोजक कार्यालय के अनुसार 48 वर्षीय आरोपी के खिलाफ औपचारिक अदालती कार्यवाही शुरू की जा रही है। नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया, सेक्सनी और ब्रांडेनबर्ग के पुलिस विभाग आपस में समन्वय बनाकर ट्रांसमिशन लाइनों की भौतिक जांच पूरी कर रहे हैं ताकि बिजली आपूर्ति पूरी तरह सुचारू और सुरक्षित बनी रहे। इसका आप पर असर पावर ग्रिड पर हमला करने वाले संदिग्ध की गिरफ्तारी से बिजली आपूर्ति को लेकर बना खतरा टल गया है, लेकिन जर्मनी भर में हाई-वोल्टेज लाइनों की जांच के कारण सुरक्षा बढ़ा दी गई है। • जर्मनी में: पूरे देश में क्षेत्रीय बिजली ग्रिड को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अन्य अप्रत्याशित उपकरण की जांच की जा सके। इससे संभावित ब्लैकआउट का खतरा टल गया है और आम नागरिकों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहेगी। • नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया में: वाइज़वाइलर पावर प्लांट के आसपास सुरक्षा अभियानों के कारण स्थानीय मार्गों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। आसपास के निवासियों को फॉरेंसिक जांच जारी रहने तक कुछ प्रशासनिक पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है। • सेक्सनी और ब्रांडेनबर्ग में: ट्रांसमिशन लाइनों के पास 21 उपकरण मिलने के बाद हाई-वोल्टेज टावरों की भौतिक जांच की जा रही है। ग्रिड ऑपरेटरों ने वैकल्पिक लाइनों को चालू रखा है ताकि घरों में बिजली की कटौती न हो। • यूरोपीय ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए: बिजली संयंत्रों ने सुरक्षात्मक उपाय के रूप में कुछ उत्पादन इकाइयों को जांच पूरी होने तक अस्थायी रूप से बंद रखा है। मुख्य ग्रिड ऑपरेटरों का कहना है कि पर्याप्त बैकअप क्षमता मौजूद होने से आम उपभोक्ताओं पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। ऐसा क्यों हुआ जर्मनी के पावर ग्रिड में हुई गड़बड़ी का मुख्य कारण एक 48 वर्षीय व्यक्ति द्वारा हाई-वोल्टेज बिजली लाइनों को निशाना बनाकर किया गया सुनियोजित तोड़फोड़ अभियान था। हालांकि संदिग्ध ने हस्तलिखित पत्रों में हमलों की जिम्मेदारी ली है, लेकिन उसके इस कृत्य के पीछे का मुख्य उद्देश्य अभी जांच के अधीन है। • रॉकेट के जरिए शॉर्ट सर्किट करना: संदिग्ध ने बिजली लाइनों पर चालित तार दागने के लिए विशेष रॉकेट लॉन्च उपकरणों का इस्तेमाल किया। इन तारों के हाई-वोल्टेज केबलों के संपर्क में आते ही भारी शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे पावर प्लांट की इकाइयां बंद हो गईं। • जांच से बचने का तरीका: आरोपी ने नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया, सेक्सनी और ब्रांडेनबर्ग जैसे दूर-दराज के राज्यों में हमले कर पुलिस को चकमा देने की कोशिश की। उसने जंगलों में विस्फोटकों से लैस गुप्त तंबू भी बनाए ताकि पकड़े जाने से बच सके। • हस्तलिखित कबूलनामे और सुराग: आरोपी ने जर्मन समाचार पत्रों को हस्तलिखित पत्र भेजे जिनमें घटनाओं की गोपनीय जानकारी शामिल थी। पत्रों में अपना पहला नाम और गेवेल्सबर्ग शहर का पता लिखने से पुलिस को उसकी पहचान करने में मदद मिली। • अपुष्ट उद्देश्य: जर्मन अभियोजकों और गृह मंत्री अर्मिन शूस्टर ने आरोपी के राजनीतिक या विचारधारात्मक इरादों पर बिना पुष्टि के दावों से बचने की चेतावनी दी है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ आरोपी के अपार्टमेंट से मिले विस्फोटकों की जांच कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. पावर ग्रिड में तोड़फोड़ करने वाले संदिग्ध को कहां गिरफ्तार किया गया? 48 वर्षीय संदिग्ध को कोलोन पुलिस ने पश्चिमी जर्मनी स्थित वाइज़वाइलर पावर प्लांट के पास विस्फोटक सामग्री ले जाते समय गिरफ्तार किया। 2. संदिग्ध ने पावर ग्रिड में शॉर्ट सर्किट कैसे पैदा किया? संदिग्ध ने लॉन्च उपकरणों और रॉकेटों के जरिए हाई-वोल्टेज केबलों पर चालित तार दागे, जिससे बिजली लाइनों में भीषण शॉर्ट सर्किट हुआ। 3. इस तोड़फोड़ अभियान से जर्मनी के कौन से राज्य प्रभावित हुए? इन हमलों से जर्मनी के तीन राज्य प्रभावित हुए: ब्रांडेनबर्ग, सेक्सनी और नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया। 4. पुलिस ने संदिग्ध की पहचान डैनियल वी के रूप में कैसे की? जर्मन समाचार पत्रों को भेजे गए हस्तलिखित कबूलनामा पत्रों में गोपनीय जानकारियों के साथ गेवेल्सबर्ग शहर का रिहायशी पता दर्ज था। 5. क्या इस तोड़फोड़ से बड़े पैमाने पर बिजली ब्लैकआउट हुआ? गृह मंत्री अर्मिन शूस्टर ने क्षेत्रीय ब्लैकआउट की चेतावनी दी थी, लेकिन ग्रिड सुरक्षा प्रणालियों के ट्रिप होने से बड़ा बिजली संकट टल गया। https://trendkia.com/europe/germany-men-bijali-grida-para-roketa-hamale-ka-sndigdha-giraphtara-weisweiler-pavara-planta-ke-pasa-pakara-gaya-daniel-v-29722 TrendKia — Har trend, sabse pehle.