जनसेवा के 25 वर्ष: वैश्विक नेताओं ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना संवैधानिक पद और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर 25 साल पूरे होने पर विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक प्रभाव और विकास कार्यों की प्रशंसा की है। सार्वजनिक जीवन में एक निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में 25 वर्ष पूरे करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया भर के प्रमुख नेताओं से शुभकामनाएं मिल रही हैं। विभिन्न राष्ट्रों के वर्तमान और पूर्व शीर्ष प्रतिनिधियों ने उनके लंबे कार्यकाल, प्रशासनिक दृष्टिकोण और भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देने के प्रयासों को रेखांकित किया है। कई देशों के नेताओं ने इस ऐतिहासिक पड़ाव पर संदेश जारी कर द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने की भी बात कही है। सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति ने बताया वैश्विक कद का विस्तार सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री के नेतृत्व की खुलकर प्रशंसा की। वुसिक ने कहा कि उन्होंने भारत को स्वर्ग की ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय पटल पर यदि भारत का प्रभाव और महत्ता इतनी अधिक बढ़ी है, तो उसका सीधा श्रेय नरेंद्र मोदी को जाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इतने व्यापक कार्यों के बावजूद घरेलू स्तर पर विपक्षी खेमा उन्हें नीचे गिराने की कोशिशों में लगा रहता है। जापान और भूटान के शीर्ष नेतृत्व से मिले विशेष संदेश जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए उनके राजनीतिक दृष्टिकोण और देश की प्रगति में निभाई गई भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। तकाइची ने ध्यान दिलाया कि वर्ष 2001 से सरकार के मुखिया के रूप में उन्होंने अत्यंत प्रभावी ढंग से शासन संभाला है और दुनिया भर में भारत की साख को मजबूत किया है। उन्होंने दोनों देशों के बीच जारी विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को भविष्य में और गहरा करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। वहीं, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने अपने विशेष संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को भगवान विष्णु का अवतार बताया। टोबगे ने वर्ष 2019 में नई दिल्ली में एक आम नागरिक के रूप में उनके साथ हुई अपनी निजी मुलाकात का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के कार्यकाल ने आम भारतीयों के भीतर अपने देश को लेकर गौरव, आत्मविश्वास और नई महत्वाकांक्षा का संचार किया है। एशियाई और यूरोपीय देशों के नेताओं की प्रतिक्रिया फिलिपीन के राष्ट्रपति बोंगबोंग मार्कोस ने प्रधानमंत्री मोदी के आगामी सफर के लिए निरंतर सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री पद से लेकर विश्व के सबसे विशाल लोकतंत्र की बागडोर संभालने तक का उनका सफर बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सुशासन को समर्पित रहा है। यूरोप से बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवेर ने 25 वर्षों की निरंतर लोकसेवा की सराहना करते हुए दोनों मुल्कों के आपसी संबंधों को नई दिशा देने की इच्छा व्यक्त की। दूसरी ओर, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने भी इस अवसर पर बधाई प्रेषित की और भारतीय नेतृत्व के लिए आने वाले समय में समृद्धि तथा निरंतर सफलता की कामना की। अफ्रीकी देशों ने सराहा लोकतांत्रिक नेतृत्व नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में लगातार ढाई दशक तक शीर्ष नेतृत्व बनाए रखने को एक दुर्लभ और असाधारण उपलब्धि करार दिया। टीनुबू ने विकास के प्रति प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच की प्रशंसा करते हुए दोनों देशों के रिश्तों में और मजबूती आने की उम्मीद जताई। बोत्सवाना के राष्ट्रपति डुमा गिदोन बोको ने भी अपने शुभकामना संदेश में नागरिकों के प्रति प्रधानमंत्री के समर्पण और सेवा भाव की सराहना की। बोको ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही स्थायी मित्रता को और प्रगाढ़ करने की आशा व्यक्त करते हुए उनके सफल भविष्य की कामना की। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर द्विपक्षीय संबंधों और कूटनीतिक समझौतों के विस्तार से भारतीय नागरिकों और प्रवासियों के लिए वैश्विक अवसर मजबूत होते हैं। • भारत में: विदेशी साझेदारियों के विस्तार से घरेलू ढांचागत विकास और आधुनिक प्रौद्योगिकी निवेश में तेजी आती है। इसका सीधा असर विनिर्माण, रोजगार और व्यापारिक तंत्र पर सकारात्मक रूप से पड़ता है। • वैश्विक मंच पर: कई महाद्वीपों के प्रमुख देशों से मिल रहे समर्थन से भारतीय प्रवासियों और छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता मजबूत होती है। विदेश यात्राओं, वीज़ा प्रक्रियाओं और कूटनीतिक सहयोग में भारतीय नागरिकों को बेहतर सम्मान मिलता है। • आर्थिक मोर्चे पर: द्विपक्षीय समझौतों के सुदृढ़ होने से अंतरराष्ट्रीय कारोबारियों के बीच विश्वास बढ़ता है। इससे आने वाले समय में बहुपक्षीय व्यापार नियमों और विदेशी पूंजी प्रवाह को गति मिलती है। • कूटनीतिक साख: वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते महत्व से क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक फैसलों में देश की राय को प्राथमिकता मिलती है। इसका लाभ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय हितों के संरक्षण में दिखता है। ऐसा क्यों हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचित जनसेवा में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कई देशों के नेताओं ने बधाई संदेश जारी किए हैं, जिसमें उनके प्रशासनिक सफर और भारत के वैश्विक प्रभाव की चर्चा की गई है। • ऐतिहासिक पड़ाव: वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ उनका संवैधानिक कार्यकाल बिना किसी अंतराल के केंद्र सरकार के नेतृत्व तक जारी रहा है। किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लगातार ढाई दशक तक शीर्ष पद पर बने रहना एक असाधारण उपलब्धि मानी जाती है। • वैश्विक मंच पर प्रभाव: विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक, आर्थिक और प्रौद्योगिकी समझौतों के जरिए भारत की कूटनीतिक भागीदारी का दायरा बढ़ा है। इसी कारण एशिया, यूरोप और अफ्रीका के नेताओं ने अपने औपचारिक बयानों में इन संबंधों का विशेष उल्लेख किया। • द्विपक्षीय संबंधों की निरंतरता: वैश्विक नेतृत्व अक्सर ऐसे ऐतिहासिक अवसरों का उपयोग आपसी राजनयिक संबंधों को नवीनीकृत करने और भावी सहयोग की रूपरेखा दोहराने के लिए करता है। सवाल-जवाब 1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किस उपलब्धि के 25 साल पूरे किए हैं? उन्होंने वर्ष 2001 से एक निर्वाचित प्रतिनिधि और सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष की समर्पित जनसेवा पूरी की है। 2. सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने पीएम मोदी के बारे में क्या कहा? उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है और वैश्विक मंच पर भारत के वर्तमान महत्व का श्रेय उन्हीं को जाता है। 3. जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने अपने संदेश में क्या रेखांकित किया? उन्होंने वर्ष 2001 से उनके प्रभावी शासन की प्रशंसा की और भारत-जापान विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की बात कही। 4. भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने क्या बयान दिया? उन्होंने पीएम मोदी को भगवान विष्णु का अवतार बताया और वर्ष 2019 में नई दिल्ली में हुई अपनी सामान्य नागरिक वाली मुलाकात को याद किया। 5. नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू ने उनकी किस बात की सराहना की? उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में लगातार 25 वर्षों तक शासन का नेतृत्व करना एक दुर्लभ उपलब्धि है। https://trendkia.com/europe/janaseva-ke-25-varsha-vaishvika-netaon-ne-ki-prime-minister-narendra-modi-ke-netritva-ki-sarahana-44654 TrendKia — Har trend, sabse pehle.